NCERT Solutions for Class 11 Hindi Aroh Chapter 12 Poem Meera ke pad

Class 11 Hindi NCERT Solutions for Aroh Chapter 12 Poem Meera ke pad

CBSE provides a window of opportunity for the students to choose their subject from a list of optional subjects such as Hindi, Computer Science and Biotechnology. Most of the students do not analyze their choices wisely and end up taking Computer Science or Biotechnology, which is comparatively more challenging than studying Hindi. If you have opted to study Hindi for your Class 11th, NCERT solution of Class 11 Hindi Aroh Chapter 12 is here to make the study easier for you. Aroh is the Hindi poetry book prescribed by CBSE board, and one can easily learn and study Hindi and score high grades in exams.

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Access NCERT Solutions For Hindi Class-12 Chapter 12-मीरा के पद part-1

Access NCERT Solutions For Hindi Class-12 Chapter 12-मीरा के पद

PAGE 138, प्रश्न- अभ्यास- पद के साथ

11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पद के साथ:1

1. मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है? 

उत्तर: मीरा कृष्ण की उपासना पति रूप में करती हैं| वे स्वयं को पत्नी व अपने आराध्य श्रीकृष्ण को पति मानती हैं| उनके श्रीकृष्ण मोर- मुकुट को धारण किए हुए हैं, पर्वत को धारण किए हुए गिरिधर गोपाल हैं| वे श्रीकृष्ण को ही अपना सब कुछ मानती हैं और कहती हैं कि उनके सिवा मेरा कोई नहीं है|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पाठ के साथ:2

2. भाव व शिल्प- सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-

(क) अंसुवन जल सींचि- सींचि, प्रेम- बेलि बोयी

अब तो बेलि फैलि गयी, आणंद- फल होयी

उत्तर: भाव सौंदर्य: मीराबाई अपने आराध्य श्रीकृष्ण के प्रति भक्तिरस में डुबी हुई एवं भक्ति की पराकाष्ठा तक पहुँच कर कहती हैं कि उन्होंने श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम रूपी बेल बोया है, जो तमाम सामाजिक, शारीरिक, मानसिक यातना, कष्ट और पीड़ा से अर्थात् उनके आंसू रूपी जल से और अधिक पल्लवित होती गयी अर्थात् विभिन्न बाधाएं कृष्ण के प्रति उनके प्रेम को और गहराती गयीं| इस प्रकार वह प्रेम रूपी बेल अब तो बिना किसी की परवाह किए बस फैलता ही जा रहा है| वे मानतीं हैं कि इस प्रेम रूपी बेल का फल आनंद रूपी होगा, जो उन्हें असीम आनंद से भर देगा|

शिल्प सौंदर्य: प्रस्तुत पद में कवयित्री मीराबाई ने राजस्थानी हिंदी का प्रयोग किया है| उन्होंने जनभाषा में अपने आस- पास से उदाहरण लेते हुए सहज रूप में भावनाएँ व्यक्त की हैं| उन्होंने प्रकृति से उपमान लेते हुए कृष्ण के प्रति प्रेम को बेल के माध्यम से प्रस्तुत किया है| पद्यांश में रूपक अलंकार का प्रचुर प्रयोग हुआ है| जैसे- प्रेम- बेलि, आणंद- फल, अंसुवन- जल| पद्यांश में पुनरुक्ति- प्रकाश अलंकार का भी प्रयोग हुआ है; जैसे- सींचि- सींचि| इस प्रकार यह पद्यांश शिल्प की दृष्टि से उत्कृष्ट है|

(ख) दूध की मथनियाॅं बड़े प्रेम से बिलोयी

दधि मथि घृत काढ़ि लियो, डारि दही छोयी

उत्तर: भाव सौंदर्य: प्रस्तुत पद्यांश में मीराबाई भक्ति व प्रेम को जीवन का सार- तत्व बताते हुए उसे घी या मक्खन के समान बताती हैं| वे कहती हैं कि उसे प्राप्त करने के लिए ख़ुद को दूध रूपी भक्ति में बड़े प्रेम से ख़ुद को डुबाना पड़ता है, ख़ुद को ईष्ट के प्रति समर्पित करना पड़ता है| इस समर्पण में बहुत- सी सांसारिक बाधाएं आती हैं, जिन्हें दूध के अनुपयोगी तत्व  छाछ के समान त्यागकर, सिर्फ़ प्रेम के अमृत और सार- तत्व को मक्खन के समान ग्रहण करना चाहिए| इस प्रकार, प्रस्तुत पद्यांश में कवयित्री भक्ति में ख़ुद को बिलोकर, जीवन के सार को ग्रहण करने की बात कहती हैं|

शिल्प सौंदर्य: प्रस्तुत पद्यांश में कवयित्री मीराबाई सहज, सरल  भाषा में सामान्य जनजीवन से उदाहरण लेकर भक्ति व जीवन के सार- तत्व को समझाया है| वे दूध, छाछ, घी आदि को उपमान के रूप में प्रयोग करके भक्ति को स्पष्ट करतीं हैं| यह पद व्यंजना शब्द- शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है| इस पद में ब्रज, राजस्थानी व हिंदी शब्दों का प्रयोग हुआ है| 'घृत' जैसे तत्सम शब्द का भी प्रयोग किया गया है| इस प्रकार, शिल्प की दृष्टि से यह बहुत उत्तम पद है|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पद के साथ:3

3. लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं? 

उत्तर: लोग मीरा को इसलिए बावरी कहते हैं क्योंकि मीरा कृष्ण के प्रेम में जैसे पागलों की भांति हो गई हैं| वे लोक लाज त्याग कर, घर-बार ,पति ,परिवार सब कुछ छोड़कर कृष्ण के प्रेम में मदमस्त होकर उनकी आराधना कर रही हैं|वे राजसी ठाट- बाट, धन, ऐश्वर्य को छोड़ कर भक्ति में बावरी बनकर फिर रही हैं| वे एक स्त्री होने के बावज़ूद सज्जनों के बीच बैठकर सत्संग करती हैं| राजसी खानदान की होने की बावजूद पैरों में घुंघरू बांधकर कृष्ण के प्रेम में नाच रही हैं| इसलिए लोग, समाज उन्हें तरह- तरह की उलाहनाएं दे रहा है, उन्हें बावरी कह रहा है|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पद के साथ:4

4. विस का प्याला राणां भेज्या, पीवत मीरा हाॅंसी- इसमें क्या व्यंग्य छिपा है? 

उत्तर: ' विस का प्याला राणां भेज्या, पीवत मीरा हाॅंसी' पंक्ति में यह व्यंग्य छिपा है कि जब राणा मीरा को मारने के लिए विष का प्याला भेजता है तो मीरा उसे हंसते हुए ग्रहण कर लेती हैं क्योंकि उन्हें अपने इष्ट श्री कृष्ण पर पूर्ण विश्वास रहता है कि वे हमेशा उनकी रक्षा करेंगे |उन्हें यह भरोसा रहता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि श्री कृष्ण उनके साथ हैं | इसलिए मीरा राणा द्वारा किए गए व्यर्थ प्रयास पर व्यंग्यात्मक हंसी हंसती हैं कि इस मूर्ख को इतना नहीं मालूम कि जब कोई साक्षात् श्री कृष्ण के संरक्षण में है तो उसे कोई क्या नुकसान पहुंचा सकेगा! इस प्रकार इस पंक्ति में मुख्यतः एक भक्त का अपने इष्ट के प्रति विश्वास द्वारा सांसारिक बंधनों में पड़े व्यक्तियों पर किया गया व्यंग्य है कि जो अविनाशी श्रीकृष्ण की भक्ति में ख़ुद को न्यौछावर कर चुका है, भला उसका कोई क्या बिगाड़ सकता है|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पद के साथ:5

5. मीरा जगत को देखकर रोती क्यों हैं? 

उत्तर: मीरा जगत को देखकर इसलिए रोती हैं क्योंकि वे देखती हैं कि किस प्रकार लोग सांसारिक मायाजाल में फंसकर अपने जीवन को व्यर्थ गंवा रहे हैं| वे मानती हैं कि जीवन की सार्थकता सिर्फ़ श्रीकृष्ण की भक्ति में है| स्वयं को तारणहारी श्रीकृष्ण के प्रति समर्पित करके, उनके प्रेम में डूबकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है| इसलिए जब वे लोगों को सांसारिक सुख- दुख, मोह- माया, लोभ, ईर्ष्या, बैर आदि में लिप्त होकर, जीवन व्यर्थ गंवाता देखती हैं तो बहुत आहत होती हैं|


PAGE 138, प्रश्न- अभ्यास- पाठ के आसपास

11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पाठ के आसपास:1

6. कल्पना करें, प्रेम- प्राप्ति के लिए मीरा को किन- किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा? 

उत्तर: मीरा को कृष्ण का प्रेम प्राप्त करने के लिए अनेक स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा| एक तो वे एक मध्य- युग की स्त्री थीं| उस समय महिलाओं को घर से बाहर जाने तक की अनुमति नहीं थी |पर मीरा घर से बाहर घूम- घूमकर कृष्ण के प्रति प्रेम में डूबी थीं| मध्ययुग में जब महिलाओं को बिना उनकी मर्ज़ी के शादी कर दी जाती थी और पति व घर-बार संभालना जीवन का लक्ष्य तय कर दिया जाता है, तब उस समय में मीरा अपने पति को छोड़कर, घर-बार त्याग कर एक अन्य पुरुष श्री कृष्ण से प्रेम करती हैं| इसलिए समाज द्वारा उन्हें बावरी व परिवार द्वारा कुलनासी भी कहा गया| इस तरह, उन्हें परिवार, समाज, पति सबके द्वारा प्रताड़ना सहना पड़ा होगा| एक राजसी परिवार की बहू और एक स्त्री होने के नाते उन्हें दोगुना उत्पीड़ित किया गया होगा|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पाठ के आसपास:2

7. लोक- लाज खोने का क्या अभिप्राय है? 

उत्तर: लोक- लाज खोने का अभिप्राय है कि लोक यानि समाज द्वारा बनाए कायदों को भूलना| प्रत्येक समाज को संगठित करने के लिए, उसी के द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं| जैसे- विवाह- संस्था, परिवार- संकल्पना आदि| इन सामाजिक- नियमों में कुछ तो तार्किक लगते हैं परंतु कुछ पितृसत्तात्मक- ब्राह्मणवादी मानसिकता की उपज प्रतीत होते हैं| इसी क्रम में,जब हम भारत के परिप्रेक्ष्य में इन नियमों की नींव में झाँकते हैं तो पाते हैं कि स्त्री को हमेशा से दोयम दर्ज़ा दिया गया है| उसे घर की चारदीवारी में रहने व घर-बार परिवार को संभालने को उसके जीवन का परम लक्ष्य बना दिया गया है| ऐसे में, जब कोई स्त्री अपने अधिकार के लिए उसे चुनौती देती है तो भी उसे कह दिया जाता है कि वह लोक- लाज खो बैठी है| ऐसा ही मीरा के साथ भी हुआ| परंतु सामान्य अर्थ में, लोकलाज खोने का मतलब है कि समाज द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन करना|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पाठ के आसपास:3

8. मीरा ने ' सहज मिले अविनासी' क्यों कहा है? 

उत्तर: मीरा ने कृष्ण को ' सहज मिले अविनासी' कहा है क्योंकि श्रीकृष्ण अविनाशी, चिरंजीवी व शाश्वत हैं| वे सदैव अमर हैं एवं उन्हें कोई नहीं मार सकता| वे मानती हैं कि ऐसे अविनाशी, अमर ईश्वर को सहज भक्ति द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है| उन्हें प्राप्त करने के लिए बहुत तप, हठ व पाखंड की आवश्यकता नहीं है| वे तो सिर्फ़ भक्त के प्रेम, समर्पण व लगाव से सहज ही मिल जाते हैं| इसलिए मीरा श्रीकृष्ण को 'सहज मिले अविनासी' कहती हैं|


11:1:12: प्रश्न- अभ्यास- पाठ के आसपास:4

9. लोग कहै, मीरां भइ बावरी, न्यात कहै कुल- नासी- मीरा के बारे में लोग ( समाज) और न्यात ( कुटुंब) की ऐसी धारणाएँ क्यों हैं? 

उत्तर: मीरा के बारे में लोग और परिवार की ग़लत धारणाएँ हैं| इसके पीछे कई कारण हैं| समाज उन्हें बावरी कहता है क्योंकि वे सांसारिक मोहमाया, धन, लाभ राजसी ठाट- बाट आदि त्याग कर आध्यात्मिक प्रेम को अपने जीवन का लक्ष्य बना ली हैं एवं उसी में जीवन की सार्थकता समझती हैं| जबकि समाज भौतिक लाभ प्राप्त करने की होड़ में लगा है| इसीलिए वह मीरा को बावरी कहता है| परिवार या कुटुंब मीरा को कुलनासी कहता है क्योंकि मीरा एक राजसी परिवार में ब्याही गई थीं और राजसी परिवार की और अधिक इज़्ज़त,ठाट- बाट, और मर्यादा होती है| परंतु, मीरा इन सबको छोड़ कर, अपने कुल की बिना परवाह किए जगह- जगह कृष्ण की भक्ति में रमने लगीं| इसलिए कुटुंब ने उन्हें कुलनासी कहा|


NCERT Solutions for Class 11 Hindi Aroh – Free PDF Download

Hindi is a subject which is easy to learn once you understand what the poet and writer are trying to convey. If you have been inattentive during your lectures, you cannot understand much by yourself, especially Class 11th Hindi Chapter 12 poem. This means you have to spend hours looking for meanings on the internet.

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Glimpses of Class 11 Hindi Aroh Chapter 12 - Meera Ke Pad

Aroh Class 11 Chapter 12 is Meera Ke Pad by 16th-century Bhakti Saint Mirabai. She is a well-known devotee who wrote many poems in love and devotion of Lord Krishna. Mirabai was a mystic poet who was in a quest to meet the Almighty. She considered Lord Krishna as her husband and beloved, and in most of her poems, we find her complaining over the frustration that her husband isn't physically present with her.

Meera Ke Pad by Mirabai prescribed for Class 11 has two parts wherein one Mirabai is seen talking to her husband, Lord Krishna. She has left all the worldly affairs and does not care about what people say about her relationship with Krishna, she considers herself as a Daasi of Krishna and yearns for Moksha from Krishna. In the second part, she admits that she is madly in love with her husband and does not care what people think of her. It entails the use of Shringar Rasa where Mirabai says that she wants to connect to God leaving all worldly ties behind.


Benefits of NCERT Solutions for Class 11 Hindi Aroh

Since we all know that Hindi is an easy subject as compared to others, students end up taking the subject for granted. But always remember, if you take an easy subject casually and do not study, you lose up to more marks than usual. Regular studies are the only way by which you can level up your grades in the final exams. It happens that you cannot retain your attention throughout the long school hours and eventually end up missing out on your notes and studies. Well, NCERT Solutions is your buddy in such situations. It helps you cover every topic you might have missed or need a better explanation for. It guides you thoroughly in understanding the poems and stories prescribed in your syllabus. You can even look for Class 11 Hindi Aroh Ch 12 NCERT solutions.


How Would Vedantu Study Material Helps Students?

Mirabai did not just talk about her love for Krishna but also focused on the common people and how they can attain salvation. Although the language used in the poem is somewhat easy to understand by just reading it, there are a few Hindi words that may cause you difficulty in understanding the complete essence of what Mirabai has tried to convey. Vedantu has got it done for you, you need to download the pdf and there it is, everything well explained without leaving over the allegory of the poem and the message Mirabai tried to bring out. So, go ahead and study for free.

FAQs (Frequently Asked Questions)

1. What Weightage of Marks Does Hindi add on to our Total Percentile?

Ans. If you study well for your exams you can easily score 90+ in your final exams. Hindi does not require the time and efforts you put into your core subjects like Science or Commerce; a little would also do well. But it would help if you assured that you thoroughly read all the content that NCERT Solutions provide you with, and practice the questions given as they are for your knowledge and benefit. Always remember that if Hindi can instantly increase your percentile graph, it can go vice versa too. If you do not study and give time to the subject and take it for granted. So, divide your time wisely and focus on the subjects that can get you easy scores.

2. What are the Advantages of Using Vedantu NCERT Solutions While Studying?

Ans. If you use Vedantu NCERT Solutions, especially Class 11 Aroh Chapter 12 solution, as your study material, you don't have to refer to other books or online sites. Vedantu provides you with sufficient study material necessary to pass your exams with flying colours and strictly adheres to CBSE pattern while compiling the pdfs. You need to download it, and you get all the much-needed material at one place.

3. What is the Essence of Class 11 Chapter 12 Meera Ke Pad?

Ans. Class 11 Hindi poem Chapter 12 Meera ke Pad is a poem written in rhyming couplets by mystic poet Mirabai where she talks about her love for Lord Krishna. She has considered Krishna as her husband from her childhood and has given up on all the worldly ties and materialistic things and yearns to meet Krishna someday. Her motive in life is to dive deep into the prayers of Krishna and ultimately achieve salvation. She instructs her readers to follow the path of truth, eternal love, and beauty to meet the Almighty and get rid of all the worldly desires that deviate you from the path of salvation.

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