NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 15 Charlie Chaplin Yani Hum Sab

VSAT 2022

Class 12 Hindi NCERT Solutions for Aroh Chapter 15 Charlie Chaplin Yani Hum Sab

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Access NCERT Solution for Class 12 Hindi Aroh Chapter 15 चार्ली चैप्लिन यानि हम सब

अभ्यास – पाठ का साथ

1. लेखक ने ऐसा क्यों कहा है कि अभी चैप्लिन पर करीब 50 वर्षों तक काफी कुछ कहा जाएगा?

उत्तर: लेखक कहता है कि अभी चैप्लिन पर करीब 50 वर्षों तक काफ़ी कुछ और कहा जा सकता है क्योंकि जिस प्रकार विकासशील देशों में जनसंचार साधनों का प्रसार हो रहा (जैसे- टेलीविजन, वीडियों आदि) है। इन माध्यमों के फलस्वरूप चार्ली चैप्लिन की फिल्में देखने वाला एक नया दर्शक वर्ग का उदय हो रहा है। इसी प्रकार चैप्लिन  की कुछ ऐसी रीलें या फिल्में हैं, जिनके सम्बन्ध में किसी को कुछ ज्ञात नहीं है। उन्हें भी देखने योग्य बनाया जा सकता है। वहीं पश्चिमी देशों में चार्ली चैप्लिन को बार-बार पुनर्जीवित किया जाता है। हमेशा उन्हें किसी अन्य आयाम से देखकर और उन पर विचार किया जाता है।


2. चैप्लिन ने न सिर्फ़ फ़िल्म कला को लोकतांत्रिक बनाया बल्कि दर्शकों के वर्ग तथा वर्ण व्यवस्था को तोड़ा। इस पंक्ति में लोकतांत्रिक बनाने का और वर्ण व्यवस्था तोड़ने का क्या अभिप्राय है? क्या आप इससे सहमत हैं?

उत्तर: चैप्लिन ने न सिर्फ फ़िल्म-कला को लोकतांत्रिक बनाया बल्कि दर्शकों के वर्ग तथा वर्ण-व्यवस्था को तोड़ा। इस पंक्ति में लोकतांत्रिक बनाने और वर्ण-व्यवस्था तोड़ने का अभिप्राय यह है, कि चार्ली की फ़िल्म एक आम इंसान के जीवन को चित्रांकित करती है। जो कभी त्रासदी, तो कभी करुणा और कभी हास्य की परिस्थितियों से गुजरता है। उनकी फ़िल्मों से हर आयु, जाति, लिंग, धर्म और देश का व्यक्ति उनसे निकटता स्थापित करने में सक्षम है। परिणामस्वरूप उनके सामाजिक भेदों को कला के माध्यम से तोड़ते हैं। वे फ़िल्म कला में पहले व्यक्ति हैं, जो स्वयं पर हँसने और अन्य लोगों को हंसाने की क्षमता रखते हैं। यह फ़िल्म जगत के लोकतांत्रिक व्यवहार को चित्रित करता है।


3. लेखक ने चार्ली का भारतीयकरण किसे कहा और क्यों? गांधी और नेहरू ने भी उनका सान्निध्य क्यों चाहा?

उत्तर: लेखक ने चार्ली चैप्लिन का भारतीयकरण राज कपूर को कहा है क्योंकि जिस प्रकार चार्ली आवारा प्रवृति और स्वयं पर हँसना जानते थे। इसी प्रकार राज कपूर ने भारतीय फिल्मी जगत में नायक के रूप में, स्वयं पर हँसे और दर्शकों को खूब हंसाया भी है। चार्ली की स्वयं पर हँसने की प्रवृति से ही गाँधी और नेहरू अत्यंत प्रभावित हुए। इसीलिए वे उनका सान्निध्य चाहते थे।


4. लेखक ने कलाकृति और रस के संदर्भ में किसे श्रेयस्कर माना है और क्यों? क्या आप कुछ ऐसे उदाहरण दे सकते हैं जहाँ कई साथ-साथ आए हों?

उत्तर: लेखक विष्णु खरे कलाकृति और रस के संदर्भ में रस को श्रेयस्कर मानते हैं। उनका मानना है, कि कोई भी कलाकृति बिना रस के निर्जीव प्राणी के समान होती है। रस कलाकृति में जीवन का संचयन करता है। जिससे कोई कलाकृति समृद्ध होती है। उदाहरण स्वरूप अगर एक नृत्यांगना अपने नृत्य में रसों को अंतर्भूत नहीं करेगी, तो वह नृत्य नहीं कर पाएगी। अंत में कलाकृति का प्रसारण रस के प्रयोग से ही सफल होता है।


5. जीवन की जद्दोजहद ने चार्ली के व्यक्तित्व को कैसे सम्पन्न बनाया? 

उत्तर: चार्ली का बचपन कष्टों से भरा था। वे अपने पिता के साथ नहीं रहते थे। उनकी माता और पिता अलग हो गए थे। उनकी माता एक दूसरे दर्जे की अभिनेत्री थी। उनका बचपन बहुत गरीबी में बीता। वे एक सहज हृदय के बालक थे। वे अपने आस-पास घट रही घटनाओं से अत्यंत प्रभावित थे। उन्होंने अनेक तिरस्कारों को आत्मसात किया। वे सामाजिक पीड़ाओं से हटकर एक दृढ़ इच्छाशक्ति रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में उभरे।


6. चार्ली चैप्लिन की फ़िल्मों में निहित त्रासदी/करुणा/हास्य का सामंजस्य भारतीय कला और सौंदर्यशास्त्र की परिधि में क्यों नहीं आता?

उत्तर: चार्ली चैप्लिन की फिल्मों में निहित त्रासदी/करुणा/हास्य का सामंजस्य भारतीय कला और सौंदर्यशास्त्र की परिधि में नहीं आता है। लेखक विष्णु खरे बताते हैं, कि भारतीय कला और सौंदर्यशास्त्र में रस अनेक अनिवार्य तत्व है। किसी भी कला का प्राणतत्व रस होता है। किंतु चैप्लिन फिल्मों में व्याप्त सामंजस्य भारतीय कला की रूपरेखा से बाहर है। भारतीय कला के रस तत्व में करुणा और हास्य है। किंतु भारतीय फिल्मों में ये दोनों रस एक ही समय पर उद्वेलित नहीं होते हैं।


7. चार्ली सबसे ज़्यादा स्वयं पर कब हँसता है?

उत्तर: चार्ली सबसे ज़्यादा स्वयं पर तब हँसता है, जब वह स्वयं पर गौरवांवित, आत्मविश्वास से परिपूर्ण, शांत, खुश, दृढ़ निश्चय, सफल, सभ्य, दूसरे से अधिक शक्तिशाली, और जब वह स्वयं को ‘वज्रदापिकठोरणि’ व ‘मृदुनिकुसुमादपि’ क्षण में देखता है।


8. आपके विचार से मूक और सवाक् फ़िल्मों में से किसमें ज़्यादा परिश्रम करने की आवश्यकता है और क्यों? 

उत्तर: किसी भी कला को उसके योजनाबद्ध तरीके के साथ पूर्णता तक पहुँचाना अत्यंत कठिन होता है। इसीलिए कला का प्रस्तुतिकरण बिना परिश्रम के सम्भव नहीं है। मेरे अनुसार मूक और सवाक् फ़िल्मों में से मूक फ़िल्मों का अत्यधिक परिश्रम की आवश्यकता होती है। इसका कारण यह है, कि अपने भावों को शब्दों द्वारा संप्रेषित करना सरल होता है। किंतु बिना किसी शब्द के मूक भाषा में सम्प्रेषण की पुष्टि करना अत्यंत कठिन है।


9. चार्ली हमारी वास्तविकता है, जबकि सुपरमैन स्वप्न आप इन दोनों में खुद को कहाँ पाते हैं?

उत्तर: मैं स्वयं को चार्ली के निकटतम पाती हूँ। चार्ली एक आम व्यक्ति है, जिसकी मानसिक बाधा और सामाजिक बाधाओं से हम अछूते नहीं है। सुपरमैन केवल एक काल्पनिक पात्र है, जो कल्पना के दायरों से कभी बाहर नहीं निकलता है। किंतु चार्ली हमारी वास्तविकता को उभारता है।


10. आजकल विवाह आदि उत्सव, समारोहों एवं रेस्तराँ में आज भी चार्ली चैप्लिन का रूप धरे किसी व्यक्ति से आप अवश्य टकराए होंगे। सोचकर बताइए कि बाज़ार ने चार्ली चैप्लिन का कैसा उपयोग किया है?

उत्तर: बाज़ार ने चार्ली चैप्लिन के सहज और खुशनुमा व्यक्तित्व को, बाजार के एक मनोरंजक तत्व के रूप में प्रयोग किया है। क्योंकि आम जनता स्वयं को चैप्लिन के अधिक निकट पाती है।


11. तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है। वाक्य में चार्ली शब्द की पुनरुक्ति से किस प्रकार की अर्थ-छटा प्रकट होती है? इसी प्रकार के पुनरुक्त शब्दों का प्रयोग करते हुए कोई तीन वाक्य बनाइए। यह भी बताइए कि संज्ञा किन स्थितियों में विशेषण के रूप में प्रयुक्त होने लगती है?

उत्तर: ‘तो चेहरा चार्ली-चार्ली हो जाता है।‘ इस वाक्य में चार्ली शब्द की पुनरुक्ति से अभिप्राय एक सामान्य व्यक्तित्व के वास्तविक स्वरूप के बोध से है।

पुनरुक्ति शब्द वाले वाक्य निम्नलिखित हैं।

-आज हुई दुर्घटना में सब “बाल-बाल” बचे।

-आज मैंने “बार-बार” खाना खाया। 

-टॉमी तो हमेशा “बैठे-बैठे” ही सो जाता है।


12. नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

(1) सीमाओं से खिलवाड़ करना

उत्तर: चार्ली की फ़िल्में समय, भूगोल और संस्कृति की सीमा को पारकर, सार्वभौमिक पटल पर लोकप्रिय हैं।


(2) समाज से दुरदुराया जाना

उत्तर: चार्ली का बचपन गरीबी में बीता। उन्हें गरीबी के कारण समाज में तिरस्कृत किया गया। उन्हें स्वीकार नहीं किया गया।


(3) सुदूर रूमानी संभावना 

उत्तर: चार्ली की दादी एक खानाबदोश समुदाय से थी, जिसके आधार पर लेखक विष्णु खरे कल्पना करते हैं, कि चार्ली के पास उसी के कारण कुछ भारतीयता व्याप्त थी।


(4) सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।

उत्तर: उपर्युक्त प्रस्तुत पंक्ति में चार्ली के गरिमापूर्ण जीवन को मख़ौल का रूप दिया गया है।


(5) जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं। 

उत्तर: चार्ली रोमांस को एक हास्यपद घटना के रूप में बदल देते हैं।


NCERT Hindi Class 12 Solutions

Class 12 Hindi consists of Part 1 and Part 2 with a total of 22 chapters. Part 1 Aroh includes Harivansh Rai Bachchan, Alok Dhanwa, Kunwar Narayan, Raghuvir Sahay, Gajanan Madhav Muktibodh, Shamser Bahadur Singh, Suryakant Tripathi Nirala, Tulsidas, Firaq Gorakhpuri, Umashankar Joshi, Mahadevi Varma, Jainendra Kumar, Dharamvir Bharati, Phanishwar Nath Renu, Vishnu Khare, Razia Sajjad Zaheer, Hazari Prasad Dwivedi and Bhimrao Ramji Ambedkar. Part 2 Vitan includes Silver Wedding, Joojh, Ateet Mein Dabe Paavan and Dairy Ke Panne. 

Apart from Hindi solutions, Vedantu offers a subject-wise and chapter-wise solution for all cases as per the syllabus. The solutions can be accessed through online/offline mode. Students can download the free PDF solutions offered by Vedantu in their mobile device as well and study from anywhere. Vedantu’s NCERT Hindi Class 12 Solutions are compiled by expert teachers to help students maximize their retention of these chapters. These solutions can aid you to score high marks and ease your understanding of each topic. Such solutions have also been prepared to cover all vital points under each chapter. 

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FAQs on NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 15 Charlie Chaplin Yani Hum Sab

Q1. Who is the author of the prose Charlie Chaplin Yani Hum Sab of Chapter 15 in Class 12 HIndi textbook Aroh?

Vishnu Khare is the author of the prose Charlie Chaplin Yani Hum Sab in Class 12 HIndi textbook Aroh. Vishnu Khare has described the significance of Charlie Chaplin, the renowned film performer, in this essay. This article, written to commemorate Charlie Chaplin's 100th birthday, discusses his contributions to the world of art as well as parts of his life. The NCERT Solutions might help you get good grades and understand each topic of this chapter better. These types of solutions have also been developed to cover all of the important elements in each chapter.

Q2. How many conceptual questions are there in the prose Charlie Chaplin Yani Hum Sab, Aroh Chapter 15?

In the prose of Chapter 15 ‘Charlie Chaplin Yani Hum Sab’ of textbook Aroh, there are eight conceptual questions that are given at the end of the prose. These questions are all very important from the board exam point of view and must be practised very thoroughly to make sure that one scores maximum marks. They have a high chance of coming directly or in a slightly reformed form. Students may now learn from anywhere by downloading Vedantu's free PDF solutions on their mobile devices. Expert professors created Vedantu's NCERT Hindi Class 12 Solutions to assist students to optimise their memory of these topics.

Q3. What are the benefits of NCERT Solutions of Chapter 15 of Class 12 Hindi textbook Aroh provided by Vedantu?

For the board examinations, Vedantu provides Hindi NCERT Class 12 Solutions. These solutions are designed to help applicants achieve academic success. The NCERT Hindi Class 12 Solutions are written chapter by chapter and may be thought of as a collection of essential questions for the test. These solutions might assist students who are having difficulty answering the exercise problems. These answers are written in accordance with NCERT norms. These solutions for Hindi Class 12 NCERT Solutions have been written by Vedantu professionals in a simple way that any student can comprehend and memorise.

Q4. Is Chapter 15 of Class 12 Hindi textbook Aroh easy?

Chapter 15 of Class 12 Hindi textbook Aroh is quite difficult to comprehend but with the right guidance and sheer hard work, you can easily get the hang of it. You must make sure that you read the chapter thoroughly and then proceed to attempt the NCERT questions. To get the ideal answers, refer to NCERT Solutions of Vedantu where a detailed analysis of each question is given. These solutions are written from the exam point of view and are quite apt for it.

Q5. Are the NCERT Solutions of Chapter 15 of Class 12 Hindi textbook Aroh free?

Yes, NCERT Solutions of Chapter 15 of Class 12 Hindi textbook Aroh are free. The solutions are available in both online and offline modes. Students may now learn from anywhere by downloading Vedantu's free PDF solutions on their mobile devices. Expert professors created Vedantu's NCERT Hindi Class 12 Solutions to assist students to optimise their memory of these topics. These types of solutions have also been developed to cover all of the important elements in each chapter. They are also available as a free PDF for NCERT Solutions for all topics in Class 12 to make them more accessible.

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