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NCERT Solutions For Class 12 Hindi Aroh Chapter 7: Badal Rag

VSAT 2022

NCERT Solutions For Class 12 Hindi Chapter 7: Badal Rag|Free PDF Download

Last updated date: 26th Jan 2023
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NCERT Solutions For Class 12 Hindi Aroh Chapter 7: Badal Rag PDF is provided here on Vedantu. Students of Class 12 can download these solutions and start practising the questions for their exam preparation. The NCERT Solutions are created according to the latest CBSE guidelines by our subject experts. One of the major benefits of using NCERT Solutions for Class 12 Hindi exam preparation is that it can help students to frame better answers and create a deeper understanding of the chapter.


Here, we have also provided the summary of the Hindi Aroh Chapter 7: Badal Rag. Let us discuss the chapter overview and some other important points, before solving the NCERT questions given in the PDF.

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Access NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 7 - बादल राग

1. “अस्थिर सुख पर दुख की छाया”, पंक्ति में, दुख की छाया किसे कहा गया है?

उत्तर: “अस्थिर सुख पर दुख की छाया”, पंक्ति में कवि ने दुख की छाया, पूंजीपतियों द्वारा समाज में किए गए अत्याचार और शोषण को कहा है। कवि का मानना है कि दुनिया में खुशी कभी भी स्थायी नहीं होती। इसके साथ दुख का प्रभाव भी है। पूंजीपति, कमजोर वर्गों के लोगों का शोषण करके अपार धन जमा करते हैं। वे लोग कमजोर को और कमजोर करते हैं परंतु हमेशा उनके खिलाफ क्रांति के डर से घिरे रहते हैं। वे सब कुछ छीन जाने के भय से त्रस्त है।


2. अशनी पात से शापित उन्नत शत-शत वीर पंक्ति में किसकी और संकेत किया गया है? 

उत्तर: इस पंक्ति द्वारा कवि ने दो लोगों की ओर संकेत किया है। सबसे पहले, कवि ने पूंजीपति वर्गों को संबोधित किया है जो श्रमिकों और किसानों का शोषण करते हैं और इस आड़ में रहते हैं कि उनका कोई कुछ बिगड़ नहीं सकता। कवि का दूसरा संबोधन, बादलों के लिए है। कवि के अनुसार, बादल हि क्रांति का आगाज करते हैं और इसलिए समाज मे व्याप्त  अत्याचारों को मार सकते हैं।


3. विप्लव रव से छोटे ही हैं शोभा पाते, पंक्ति में विप्लव रव से क्या तात्पर्य हैं? छोटे ही हैं, शोभा पाते, ऐसा क्यों कहा गया है? 

उत्तर: विप्लव रव से कवि का तात्पर्य “क्रांति गर्जना” है। यहां “छोटे” का अर्थ है, आम आदमी। कवि कहते हैं कि जब भी कोई क्रांति होती है, तो शोषक वर्ग के सिंहासन डोल जाते हैं। उनकी संपत्ति और संप्रभुता सब खत्म हो जाती है। कवि का मानना है कि क्रांति से केवल एक छोटे व्यक्ति को ही गौरव प्राप्त होता है। यानी, केवल आम आदमी को ही क्रांति का थोड़ा सा लाभ मिलता है क्योंकि वह शोषण का शिकार रहता है। उसको कुछ भी चिंता नहीं क्योंकि उसके पास कुछ बचा ही नहीं रहता है। लेकिन क्रांति के बाद उसे कुछ अधिकार मिलते हैं। उसका शोषण समाप्त हो जाता है।


4. बादलों के आगमन से प्रकृति में होने वाले किन-किन परिवर्तनों को कविता रेखांकित करती है? 

उत्तर: बादलों के आने के कारण से प्रकृति में कई बदलाव होते हैं। बादलों के आगमन से आकाश बादलों से भर जाते हैं। आसमान बरसने लगता है और बिजली चमकने लगती है। धरती का दिल बिजली की गर्जना से थरथराता है। चारों ओर गंभीर तूफान आते हैं और उसी समय मूसलाधार बारिश शुरू हो जाती है। वर्षा जल प्राप्त करने के बाद, पृथ्वी के अंदर निष्क्रिय बीज में अंकुरित होते हैं। छोटे पौधे फिर से उठते हैं और हवा के साथ, वे हिलने और झूलने लगते हैं। वर्षा जल के प्राप्ति के बाद किसानों के भी चेहरे खिल जाते हैं।


5. तरती है समीर-सागर पर 

अस्थिर सुख पर  दुख की छाया- 

जग के दग्ध हृदय पर 

निर्देश विप्लव की प्लावित माया- 

उत्तर: व्याख्या: इन पंक्तियों में कवि ने बादलों को संबोधित किया है। बादलों को संबोधित करते हुए कवि कहते हैं की बादल उसी रूप के समुद्र में तैरते हैं। यानी उनकी नाव लोगों की मर्जी से हवा के समुद्र में तैरती है। व्यक्ति के साथ सुख हमेशा मौजूद नहीं रहता है। इसी कारण से उन्हें अस्थिर कहा गया है। उन पर सदैव दुख की छाया रहती हैं। कवि यहां मेघ को आने का आग्रह कर रहे हैं। कवि चाहते हैं कि मैं आकर अपने क्रांति द्वारा इस दुखी दिलवाले दुनिया को खुशी दे सकूँ। इसका मतलब है कि गर्मी से बेहाल लोग, बादलों के गर्जन को सुनकर खुश होते हैं। इसी तरह शोषण और उत्पीड़न से परेशान लोग, क्रांति से खुश होंगे।


6.अट्टालिका नहीं है रे

आतंक-भवन 

सदा पंक पर  ही होता 

जल- विलप्व-प्लावन 

उत्तर: व्याख्या:- महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने पूंजीपतियों के विलासी जीवन पर कटाक्ष करते हुए बादलों को क्रांति का प्रतीक बताया है। उन्होंने पूंजीपतियों की ऊंची-ऊंची इमारतों को सिर्फ इमारत ही नहीं बल्कि ऐसी इमारत कहा है जो गरीबों को आतंकित करता है। वे लोग गरीबों का शोषण करते हैं। लेकिन वह यह भी याद दिलाते हैं कि क्रांति का बिगुल हमेशा गरीबों ने ही बजाया है। कवि ने पूंजी पतियों को कीचड़ और गरीबों को जल प्लावन कहा है।


7. पूरी कविता में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। आपको कविता का कौन सा मानवीय रूप पसंद आया और क्यों? 

उत्तर: महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने पूरी कविता में प्रकृति का अद्भुत और अप्रतिम मानवीय कर्ण किया है। विशेष रुप से:

हंसते हैं छोटे पौधे लघु भार शष्य अपार, 

हिल हिल, खिल खिल, हाथ हिलाते, तुझे बुलाते, तुझे बुलाते, 

विप्लव रव से छोटी ही है शोभा पाते

इन पंक्तियों में छोटे पौधे को बच्चों के रूप में दिखाया गया है। कवि ने जिस तरह से बच्चों के बात करने और खुशी मनाने, हँसने, हिलने, हाथ मिलाने और अपने माता-पिता को बुलाने के लिए सभी लुभावना भावनाओं और प्रलाप ओ को व्यक्त किया है, यह सब बड़ी खूबसूरती से पौधों में दिखाया गया है। पौधों का यह मानवीकरण दिल को छूता है। सबसे बड़ी बात यह है कि मानवीय करण बहुत ही सरल शब्दों में किया गया है।


8. कविता में रूपक अलंकार का प्रयोग कहाँ-कहाँ हुआ है? संबंधित वाक्यांश को छाँट कर लिखिए।

उत्तर: 

1. तिरती है समीर-सागर पर।

2. अस्थिर सुख पर दुःख की छाया।

3. यह तेरी रण-तरी।

4. भेरी-गजर्न से सजग सुप्त अंकुर।

5. ऐ विप्लव के बादल।

6. ऐ जीवन के पारावार 


9. इस कविता में बादल के लिए ऐ विप्लव के वीर!, ऐ जीवन के पारावार! जैसे संबोधनों का इस्तेमाल किया गया है। बादल राग कविता के शेष पाँच खंडो में भी कई संबोधनों का इस्तेमाल किया गया है। जैसे- अरे वषर् के हषर्!, मेरे पागल बादल!, ऐ निर्बाध!, ऐ स्वच्छंद!, ऐ उद्दाम!, ऐ सम्राट!, ऐ विप्लव के प्लावन!, ऐ अनंत के चंचल शिशु सुकुमार!, उपयुर्क्त संबोधनों की व्याख्या करें तथा बताएँ कि बादल के लिए इन संबोधनों का क्या औचित्य है? 

उत्तर: उपरोक्त संबोधनों का प्रयोग करके कवि ने न केवल कविता की सार्थकता को बढ़ाया है, बल्कि प्रकृति के सर्वाधिक महत्वपूर्ण  उपादान का सुंदर चित्रण भी किया है। बादलों के लिए किए गए संबोधनों की व्याख्या निम्न है:

अरे वर्ष के हर्ष! - ख़ुशी का प्रतीक  

मेरे पागल बादल! - मदमस्ती का प्रतीक  

ऐ निर्बध! - बंधनहनन

ऐ उद्दाम! - स्वतंत्र  घूमने वाले

ऐ सम्राट! - भयहिन

ऐ विप्लव के प्लावन! - सवर् शिक्तशाली

ऐ अनंत के चंचल  शिशु सुकुमार! - बच्चों के समान चंचल   


10. कवि बादलों को किस रूप में देखता हैं? कालिदास ने मेघदूत काव्य में मेघा को दूत के रूप में देखा। आप अपना कोई काल्पनिक बिंब दीजिए।

उत्तर: कवि अनैतिक बादलों को क्रांति के रूप के प्रतीक में देखते हैं। अपने आवान के द्वारा वे समाज में पहले शोषण को समाप्त करना चाहते हैं ताकि शोषित वर्ग को उनका अधिकार मिल सके। काल्पनिक बिंब है:- आशा के रूपक! हमें अपनी उजली और छोटी-छोटी बूंदों से जल्दी सिक्त कर दो, जिनमें जीवन का राग छुपा है। हे आशा के संचालित बादल! 


11. कविता को प्रभावित बनाने के लिए, कवि विशेषण  का सायास प्रयोग करता हैं,  जैसे- अस्थिर, सुख। सुख के साथ अस्थिर विशेषण के प्रयोग ने सुख के अर्थ में विशेष प्रभाव पैदा कर दिया है। ऐसे अन्य विशेषणों से छांटकर लिखे तथा बताएं की ऐसे- पदों के प्रयोग से कविता के अर्थ मैं क्या विशेष प्रभाव पैदा हुआ है? 

उत्तर: प्रस्तुत कविता में कवि ने अनेक विशेषणों का प्रयोग किया है, जो निम्नलिखित है। 

1. निर्दय विप्लव : विनाश को अधिक  निमर्म और विनाशक बताने हेतु।

2. दग्ध ह्रदय : दःख की अधिकता हेतु।

3. वज्र हुंकार : हुंकार की भीषणता बताने हेतु ।

4. सजग-सुप्त-अंकर : धरती के भीतर सोये किन्तु सजग अंकर के लिए। 

5. गगन- स्पर्श : बादलो की अत्यधिक ऊँचाई बताने हेतु ।

6. आतंक-भवन : वह भयावह भवन जो आतंकित कर दे ।


Chapter 7 Badal Raag Summary 

'Badal Raag' poem written by Sri Suryakant Tripathi Nirala is derived from 'Anamika' poetry. The rainy season attracts Nirala because of the power of creation and destruction contained within the cloud. He considers clouds to be revolutionaries. The poet considered clouds to be a symbol of revolution.


The poet, seeing the clouds, imagines that the clouds are the shadow of sorrow over the transient pleasures floating in the sea, which have come to provide peace to him by the shadow cast upon the burning chest of the world or earth. The world roars with a fierce roar of clouds. The clouds floating in the sky look as if hundreds of heroes have fallen into thunderclap and their bodies are mutilated.


The poet says that ordinary people are happy in every situation. The rich remain dissatisfied even after accumulating excessive wealth and shiver with fear of revolution. The weak farmers call the clouds impatient because the capitalist class has exploited them excessively. Clouds can revolutionize and end exploitation.


List of NCERT Books for Class 12 Hindi Core and Elective

For Class 12 Hindi, there are four books prescribed by CBSE board. These all books with their NCERT solutions are available in PDF, the detail for these books are as below:

1. Antra 2 contains four chapters.

2. Aroh 2 comprises eighteen chapters.

3. Vitan 2 consists of four chapters.

4. Antral two consists of four chapters.


NCERT Hindi Aroh-2 Syllabus

Chapters included in NCERT CBSE Class 12 Aroh part two consists of poems and proses. This book consists of 18 chapters as given below:

Poem Section:

  • Chapter 1 - Aatmaparichay - Ek Geet, written by Dr Haribansh Rai Bacchan.

  • Chapter 2 - Patang, written by Shri Alok Dhanva.

  • Chapter 3 - Kavita ke Bahane - Baat Seedhi Thi Par, written by Sri Kunwar Narayan.

  • Chapter 4 - Camere me band apahij, written by Shri Raghuveer Sahaya,

  • Chapter 5 - Saharsh swikara hai, written by Shri Gajanan Madhav Muktibodh.

  • Chapter 6 - Usha, written by Shri Samsher Bahadur Singh.

  • Chapter 7 - Badal Raag, written by Shri Suryakant Tripathi Nirala.

  • Chapter 8 - Kavitawali (Uttar kand se) – Laxman murcha aur Ram ka bilap, written by Sri Goswami Tulsidas.

  • Chapter 9 - Ruwaiya – Gazal, written by Shri Firak Gorakhpuri.

  • Chapter 10 - Chota mera khet – Bangulo ke pankh, written by Shri Umashanker Joshi.


Prose Section:

  • Chapter 11 - Bhaktin, written by Smt. Mahadevi Verma,

  • Chapter 12 - Bazar Darshan, written by Sri Jainendra Kumar.

  • Chapter 13 - Kaale megha paani de, written by Sri Dharamveer Bharti.

  • Chapter 14 - Pahelwan ki dholak, written by Sri Faniswar Nath Renu.

  • Chapter 15 - Charlie Chaplin yani hum sab, written by Shri Vishnu Khare.

  • Chapter 16 - Namak, written by Smt. Raziya Sajjad Zahir.

  • Chapter 17 - Shirish ke phool, written by Shri Hajari Prasad Dwivedi.

  • Chapter 18 - Shram Vibhajan aur jati pratha – Meri kalpana ka adarsh samaj, written by Dr Bawasaheb Bhimrao Ambedkar.


Benefits of Referring NCERT Solutions From Vedantu:

Students prefer to have all the materials like chapter-wise latest CBSE syllabus, sample papers, revision notes, previous year NCERT solved papers, chapter-wise significant questions, etc. at one place, accessible in PDF format. Vedantu also offers one-on-one sessions with subject expert teachers for doubts clarifications.


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Vedantu also helps students by offering regular mock tests, which is one of the most effective ways to practice and test a student’s progress before the CBSE board examination. Students must practise completing the whole paper within the stipulated time. Performing better in the mock tests will boost their confidence and may reduce nervousness.


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This was the complete discussion on the NCERT Solutions For Class 12 Hindi Chapter 7: Badal Rag. We have learnt the short summary along with the complete syllabus that is covered in the Aroh textbook. It is highly recommended for you solve the NCERT solutions once you have completed the chapter. These solutions would help you to score well in the exams while also helping you understand the chapter deeply! Be exam ready with Vedantu!

FAQs on NCERT Solutions For Class 12 Hindi Aroh Chapter 7: Badal Rag

1. Is NCERT Solutions for Class XII Hindi Aroh Part 2 Chapter 7 - Badal Raag Adequate for CBSE Board Exams Preparation?

Yes, Aroh part 2 Chapter 7 - Badal Raag is enough for the CBSE board exams preparation and to gain in-depth knowledge. 

2. How can the NCERT Solutions for all the Chapters be Downloaded from Vedantu?

Students may download NCERT Solutions as per CBSE board for all chapters of Class 12 Hindi Aroh Part 2 in non-editable PDF format by the links available on the site.

3. Can Vedantu provide a simplified explanation of Chapter 7 Badal Rang of Class 12 Hindi Aroh Part 2?

Yes, Vedantu provides a simplified abstract of Chapter 7 Badal Rang of Class 12 Hindi Aroh Part 2. You can find these simplified explanations right below the solutions. Our immensely experienced teachers understand that students of today will find the beautiful classical language of the Class 12 Hindi textbooks difficult. Hence, we try to provide explanations of these chapters in simplified English language. This ensures that students grasp the message of the poem well and can appreciate the beauty of the Hindi language. 

4. Who is the poet of Chapter 7 Badal Rang of Class 12 Hindi Aroh Part 2?

The mesmerizing poem "Badal Raag" has been penned by the famous poet Suryakant Tripathi Nirala. This poem has been published in "Anamika" in six sections. Chapter 7 mentions the sixth section of the poem.  Suryakant Tripathi Nirala was not just a poet, but also a brilliant novelist and immensely talented storyteller. He has published several poems, essays, novels, short story collections, prose, and translations in his time. “Saroj Smriti” and “Raam Ki Shaktipuja” are some of his notable works.

5. What message has the poet tried to convey using the example of clouds in Chapter 7 Badal Rang of Class 12 Hindi Aroh Part 2?

"Badal Raag" is a powerful poem with an impactful message. Using the wondrous and vivid example of clouds, the poet Suryakant Tripathi Nirala talks about revolutions. The poet likens the roar of the clouds to the coming of revolutions. Nirala Ji, through this poem, spread an important message that only the people who are of lower socio-economic class are often the ones who contribute to important revolutions in society. The rich on the other hand are terrified of such revolutions.

6. What happens to the small seeds or plants when clouds roar loudly according to Chapter 7 Badal Rang of Class 12 Hindi Aroh Part 2?

The poet says that when revolutionary clouds arrive thundering loudly, the small seed and plants get happy and sprout promptly. With the help of this example, the poet is trying to convey the message that when any significant revolutions happen in the world, people from the smaller strata of society willingly participate in them. It is the poor who bring revolutions and change the world. Contrarily, the rich only know how to exploit the poor people and are scared of such life-changing revolutions.

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