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NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 13 - Kaale Megha Paani De

VSAT 2022

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Chapter 13 - Kaale Megha Paani De - Free PDF Download

Last updated date: 05th Feb 2023
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NCERT Solutions for Class 12 Hindi Chapter 13: Kaale Megha Paani De PDF available here on Vedantu. NCERT Solutions for Class 12 are quite sufficient for the preparation of the CBSE Board exams as it is prescribed as per the CBSE pattern. These solutions include all the important topics. Each concept of the chapter is thoroughly explained in these solutions so that it becomes simple to understand and learn. Class 12 students can download the PDF for free from Vedantu and practice all the questions given in the NCERT Solutions for Class 12 Hindi Chapter 13: Kaale Megha Paani De PDF. Here, we have also provided a short summary of the chapter to help students better understand the solutions.

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Chapter 13 - Kaale Megha Paani De

1.लोगों ने लड़कों की टोली को मेंढक - मंडली नाम किस आधार पर दिया ? यह टोली अपने आपको इंद्र सेना कहकर क्यों बुलाती थी? 

उत्तर: गाँव के कुछ लोग किशोर लड़कों के नग्न शरीर, उछल - कूद, शोर और उनकी वजह से होने वाले सड़क के कीचड़ से चिड़ते थे। गाँव के लोग इन सभी बातों को अन्धविश्वास मानते थे इसीलिए उन्होंने इस समूह को मेंढक - मंडली नाम दे दिया था। परंतु यह समूह अपने आप को इंद्र सेना कहता था। ये सभी बच्चें भगवान इंद्र से वर्षा करने की विनती के इक्कट्ठा होते थे। बच्चों का मानना था कि वे इंद्र की सेना के सैनिक थे और वे मिट्टी से पानी माँगते है । इसलिए उन्हें लगता था कि इंद्र सारा पानी उन्हें  देंगे।


2.जीजी ने इंद्र सेना पर पानी फैंके जाने को किस तरह सही ठहराया ?

उत्तर: जीजी ने इंद्र सेना पर पानी फेंके जाने के निम्नलिखित तर्क दिए: 

(क) जीजी ने कहा की कुछ पाने के लिए पहले कुछ चढ़ावा देना पड़ता है। उन्होंने कहा इंद्र देव को पानी का अर्ध्य चढ़ाने से जब वे प्रसन्न होंगे तभी वे वर्षा के माध्यम से पानी देंगे।

(ख) केवल उसी दान का फल प्राप्त होता है जो त्याग भावना से दिया गया हो। जिस वस्तु की सबसे ज़्यादा आवश्यकता होती है उसी को दान में देने से फल की प्राप्ति होती है।

(ग) जिस प्रकार किसान फ़सल उगाने के लिए धरती में सबसे अच्छे बीजों का दान देकर बुआई करता है उसी प्रकार पानी वाले बादलों से पानी पाने के लिए इंद्र सेना पर पानी डालकर पानी की बुआई की जाती है।


3.पानी दे, गुड़धानी दे मेघों से पानी के साथ - साथ गुड़धानी की माँग क्यों की जा रही है?

उत्तर: गुड़धानी एक खाद्य पदार्थ है। जिसको गुड और अनाज के मिश्रण से बनाया जाता है। गली के बच्चें बादलों के साथ-साथ गुड़धानी से भी पानी माँगते हैं। यहाँ  ‘गुड़धानी’ का मतलब गन्ना और अनाज है। पानी प्यास बुझाता है व अच्छी बारिश से ईख और धान पैदा होता है। गाँव की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित होती है, जो वर्षा पर निर्भर है। जब अच्छी बारिश होगी तभी अच्छी फ़सल होगी और फिर लोग झूमेंगे इसलिए बच्चें पानी के साथ साथ गुड़धानी भी माँग रहे है।


4.गगरी फूटी बैल पियासा इंदर सेना के इस खेलगीत में बैलों के प्यासा रहने की बात क्यों मुखरित हुई है?

उत्तर: ‘गगरी फूटी बैल पियासा’ इंद्र सेना के खेलगीत में ख़ासकर इस पंक्ति में बैल को प्रमुखता दी गयी है। बैल हमारी कृषि संस्कृति का प्रमुख हिस्सा है। बैल भारतीय कृषि प्रणाली और संस्कृति की रीड़ हैं। बैल खेतों की जुताई कर के उपज को फलदायी बनाता है। यदि वे प्यासे रहेंगे तो कृषि नहीं हो सकती।


5.इंद्र सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय क्यों बोलती है? नदियों का भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक परिवेश में क्या महत्व है?

उत्तर: भारतीय समाज में गंगा को माँ की तरह पूजा जाता है। भारत के इतिहास में गंगा का धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व है। गंगा के अंदर पानी नहीं अमृत जल बहता है और गंगा ने तो ना जाने कितनी सभ्यताओं और संस्कृतियो को अपने आगे गिरते और उभरते देखा है। सभी जलों में गंगा के जल को सपसे पवित्र व सर्वोतम माना जाता है। इसीलिए इंद्र सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय बोलती है।


6.रिश्तों में हमारी भावना-शक्ति का बँट जाना विश्वासों के जंगल में सत्य की राह खोजती हमारी बुद्धि की शक्ति को कमज़ोर करती है।पाठ में जीजी के प्रति लेखक की भावना के संदर्भ में इस कथन के औचित्य की समीक्षा कीजिए।

उत्तर: जीवन की कई सच्चाइयाँ आत्मा में छिपी है। यह जीजी और लेखक के बीच संबंधो का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था। इस ग्रंथ के अनुसार, लेखक धर्मवीर भारती से बहुत प्यार करता है और वह कई धार्मिक कृतियों का आयोजन करता है, जिन्हें लेखक अंधविश्वास मानते है। लेखक उन तर्कों में कटौती नहीं करता है। यह कथन बिलकुल सत्य है कि रिश्ते में हमारी इन्द्रिय शक्ति विभाजित हो जाती है और इस तरह से बुद्धि की शक्ति कमज़ोर हो जाती है।बुद्धि तर्क माँगती है,लेकिन भावना में तर्क का कोई स्थान नहीं होता पर विश्वास प्रमुख है।


7.क्या इंद्र सेना आज के युवा वर्ग का प्रेरणाश्रोत हो सकती है? क्या आपके स्मृति कोश में ऐसा कोई अनुभव है जब यूवाओ ने संगठित होकर समाजोपयोगी रचनात्मक कार्य किया हो उल्लेख करें। 

उत्तर: सेना सामूहिक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है क्योंकि यह सामूहिक प्रयास है जो किसी भी समस्या को हल करने की क्षमता रखता है। अंदर की सेना निसंदेह आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का श्रोत हो सकती है। स्वतंत्रता संग्राम,जे पी आंदोलन, बड़े आंदोलनो में सभी युवाओं की सामूहिक शक्ति के बल पर ही सफल हुए हैं। आज भी अगर युवाओं का निर्माण एक ऐसी "सेना के अंदर” के साथ होता है यदि युवा ठीक से काम करे तो अशिक्षा, आतंकवाद, महिला अत्याचार जैसी समयाओं को जल्द ही समाप्त किया जा सकता है।


8.तकनीकी विकास के दौर में भी भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है। कृषि समाज में चैत्र, वैशाख सभी माह बहुत महत्वपूर्ण है पर आषाढ़ का चढ़ना उनमें उल्लास क्यों भर देता है?

उत्तर: भारत की अर्थव्यवस्था हमेशा कृषि पर निर्भर रही है और आगे भी रहेगी क्योंकि तकनीकी विकास के बावजूद हम कृषि से मज़बूत हैं, तो इसे कैसे भूल सकते हैं? हाँ, ये अलग बात है की अगर उन तकनिकों में कृषि का प्रयोग जाए तो, भारत अनाज की दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक रहेगा।

कृषि प्रधान समाज में सभी महीने महत्वपूर्ण हैं लेकिन आषाढ़ की चढाई उन्हें भर देती है क्योंकि इस महीने को वर्षा ऋतु का प्रतीक माना जाता है। यह महीना किसानो को अच्छी फ़सल की उम्मीद देता है। इस महीने में अधिकतम वर्षा भी होती है। अच्छी बारिश ही अच्छी फ़सल दे सकती है। यही कारण है की जैसे ही आषाढ़ की शुरुआत होती है किसानो में बारिश, अच्छी फ़सल की उम्मीद जग जाती है।


9.पाठ के संदर्भ में इसी पुस्तक में दी गयी निराला की कविता बदल राग पर विचार कीजिए और बताइए की आपके जीवन में बादलों की क्या भूमिका है?

उत्तर: कवि निराला की कविता “बादल-राग” क्रांति के प्रतीक के रूप में बादलों को दर्शाती है। बादल शोषकों द्वारा शोषित वर्गों को मुक्त करते हैं और उन्हें उनका अधिकार देते हैं। उसी तरह बादल हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बादल भी एक नयी क्रांति की तरह आते हैं। पृथ्वी की प्यास बुझाते हैं व पृथ्वी पर नए निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रकृति और मानव दोनो ही बादलों पर निर्भर हैं।


10.त्याग तो वह होता...... उसी का फल मिलता है। अपने जीवन के किसी प्रसंग से इस सूक्ति की सार्थकता समझाइए।

उत्तर: त्याग का भाव सर्वोपरि होता है। त्याग कहता है कि दुसरो कि भलाई के लिए अपना स्वार्थ छोड़कर किसी और कि मदद करो। हमारे पड़ोस में रह रहे शर्मा दामपत्य इस चीज का बेमिसाल उदाहरण है। मिस्टर शर्मा एक रिटायर्ड जनरल हैं। वो अपने रिटायरमेंट के पैसो से आराम से जिंदगी व्यतीत कर सकते हैं। परन्तु उन्होंने उस पैसों से भूखे गरीबो का मदद करने कि सोची और अभी वह अपने बीवी के साथ मिलकर रोज़ाना गरीबो व अनाथों को भोजन करवाते हैं।


Chapter 13 - Kaale Megha Paani De Summary

Pratipada - 'Kale Megha Pani De' written by Shri Dharamveer Bharti depicts the prevalence of popular belief in science. If science is not able to solve these challenges, then Indian society finds some way, creates a conspiracy and seeks remedies.


Summary: The writer states that the condition of the people worsens while waiting for the rain. In the villages, teenagers roam in the streets, making noise and rolling in mud. They are 10-12 years of age and wear only pants or langoti and walk in the streets by saying 'Ganga Maiya ki Jai'. This troupe is called Inder Sena or Frog-Circle.


There was a time when people roamed in the heat everywhere and started to cry out. The wells used to dry up; due to heatstroke, people began to faint. Animals used to die of water scarcity, but there was no sign of rain. When all prayers failed, the Indian army used to come out as a last resort and demand water from Indra, the god of rains.


If we will not give water, then how will Lord Indra provide us with water? It is not a waste of water, this is the act of water. You get the desired item only by donating. Today, selfishness remains the only goal. We talk about corruption but do not investigate ourselves. Bulls remain thirsty. Nobody knows when this situation will change.


There are six conceptual questions based on the story at the end of the chapter.


NCERT Syllabus Books for Class 12 Hindi Core and Elective

CBSE syllabus for Class 12 Hindi includes four Hindi course books. These are Antra 2 (includes four chapters), Aroh 2 (includes eighteen chapters), Vitan 2 (includes four chapters) and Antral 2 (includes four chapters).


NCERT Hindi Aroh-2 Syllabus for Class 12

Hindi Aroh-2 NCERT Class 12 book consists of poems and proses. 18 chapters from Aroh 2 book as prescribed by CBSE board are mentioned below:

Poem Section:

  • Chapter 1 - Aatmaparichay- Ek Geet, a poem written by Dr Haribansh Rai Bacchan Ji

  • Chapter 2 - Patang, a poem written by Sri Alok Dhanva Ji

  • Chapter 3 - Kavita ke bahane-Baat seedhi thi par, a poem written by Shri Kunwar Narayan

  • Chapter 4 - Camere me band apahij, a poem written by Shri Raghuveer Sahaya Ji,

  • Chapter 5 - Saharsh swikara hai, poem written by Sri Gajanan Madhav Muktibodh Ji

  • Chapter 6 - Usha, poem written by Shri Samsher Bahadur Singh Ji

  • Chapter 7 - Badal Raag, a poem written by Shri Suryakant Tripathi Nirala Ji

  • Chapter 8 - Kavitavali (Uttar-kand se) – Laxman murcha aur Ram ka bilap, a poem written by Sri Goswami Tulsidas Ji

  • Chapter 9 - Ruwaiya- Gazal, poem written by Sri Firak Gorakhpuri Ji

  • Chapter 10 - Chota mera khet- Bangulo ke pankh, a poem written by Sri Umashankar Joshi Ji


Prose Section:

  • Chapter 11 - Bhaktin, Prose written by Smt. Mahadevi Verma Ji

  • Chapter 12 - Bazar Darshan, Prose written by Sri Jainendra Kumar Ji

  • Chapter 13 - Kaale megha paani de, Prose written by Sri Dharamveer Bharti Ji

  • Chapter 14 - Pahelwan ki dholak, Prose written by Shri Faniswar Nath Renu Ji

  • Chapter 15 - Charlie Chaplin yani hum sab, Prose written by Shri Vishnu Khare

  • Chapter 16 - Namak, Prose written by Smt. Raziya Sajjad Zahir Ji

  • Chapter 17 - Shirish ke phool, Prose written by Shri Hajari Prasad Dwivedi Ji

  • Chapter 18 - Shram Vibhajan aur jati pratha - Meri kalpana ka adarsh samaj, written by Dr Bawasaheb Bhimrao Ambedkar Ji


Benefits of Referring to the NCERT Solutions from Vedantu:

Following are a few points to explain how NCERT Solutions support exam preparation.

  1. These solutions help students practise an ample number of questions from every chapter that helps in making their concepts stronger.

  2. NCERT Solutions are the best resource materials to know your strengths and weak points. For scoring high in the exam, it is of utmost essential to work on your weak points.

  3. Class 12 NCERT Solutions are the key to success in board exams; therefore, students need to have a thorough knowledge of these solutions.

  4. These NCERT solutions will help students to frame better answers. 

  5. These are one of the best resources available for the quick revision of the entire chapter.

  6. The NCERT solutions help students summarise the entire chapter in a succinct and precise manner.


Conclusion

This was the complete discussion on the NCERT Solutions For Class 12 Hindi Chapter 13: Kaale Megha Paani De. We hope to have helped you with your queries. Download the free pdf to ace your Hindi examinations.

FAQs on NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Chapter 13 - Kaale Megha Paani De

1. Is NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh Part 2  Chapter 13 - Kaale Megha Paani de Sufficient for Board Exams Preparation?

NCERT Solutions for Class 12 Hindi Aroh part 2 Chapter 13- Kaale megha paani de on Vedantu is quite enough for the CBSE board exams preparation and as it has been provided in simple language by the subject experts.

2. Suggest the Best Source to Download the Latest Syllabus for Class 12 NCERT Hindi Core and Elective as per CBSE Pattern 2020-21 in PDF Format.

The latest syllabus for Class 12 NCERT Hindi Core and Elective as per CBSE pattern 2020-21 in PDF format is available on Vedantu.com which is the best and most reliable resource. Students can download a softcopy with links given on the site.

3. How to Download NCERT Books Prescribed for Class 12 Hindi From the Best and Most Downloaded Website?

NCERT books prescribed for Class 12 Hindi (core and Elective both), are Aroh Part 2, Vitan 2, Antara 2 and Antara 2 and for other subjects may be downloaded from Vedantu. Anyone can download Class 12 NCERT books along with complete solutions in PDF format by using direct links.

4. Who is the writer of Kale Megha Paani De?

Kale Megha Pani De' written by Shri Dharamveer Bharti. The story depicts the resilience and the prevalence of faith in god in Indian society. The story depicts the measures taken by villagers to pray for the rain. The story encapsulates the essence of helplessness and finding faith in the most adverse conditions.

5. Is it possible to download chapter summaries of the NCERT Hindi Core Book in PDF format?

Yes, students can access and download free chapter summaries of the NCERT Hindi Core book in PDF format provided on the official website of Vedantu. These summaries are one of the best ways to quickly revise the complete chapter before the examinations!

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