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Dakiye Ki Kahani Kawar Singh Ki Jubani Class 5 Notes CBSE Hindi Chapter 7 (Free PDF Download)

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Last updated date: 27th Feb 2024
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Learn Faster with Class 5 Hindi Chapter 7 Revision Notes

Class 5 introduces more detailed Hindi chapters in the syllabus for students. There are poems and prose chapters that can help students learn the language easily. Not only will they learn the use of new phrases and words but they will also develop foundational knowledge of the language. This article talks about the 7th chapter of the Class 5 Hindi syllabus which is named Dakiye Ki Kahani Kawar Singh ki Jubani. The concept and summary have been explained in the revision notes that students can download and read.


With some assistance from the notes, students can easily understand what the chapter is all about. Not to mention that they can solve the questions at the end of the chapter and prepare for their exams properly. Download Dakiye Ki Kahani Kawar Singh ki Jubani revision notes right now and include these in your study routine to get proper preparation.


Class 5 Hindi Revision Notes - Chapter-wise List

Chapter-wise Class 5th revision notes curated by the experts through the pdf links below.

Access Class 5 Hindi Chapter 7 – डाकिए की कहानी कँवरसिंह की जुबानी Notes

कहानी का सारांशः

  • प्रस्तुत कहानी में लेखिका 'प्रतिमा शर्मा' ने डाकिये कँवरसिंह के साथ बातचीत का वर्णन किया है | 

  • लेखिका ने लिखा हैं कि शिमला की माल रोड पर जनरल पोस्ट ऑफिस है |सुबह के 11:30 बज रहे है । उसी पोस्ट ऑफिस के एक कमरे में डाक छाँटने का काम चल रहा है । जहाँ दो पैकर और तीन महिला डाकिया फटाफट डाक छांटने का काम कर रहे हैं । 

  • वहीं पर सरकार से पुरस्कार प्राप्त करने वाले डाकिया कँवरसिंह जी से लेखिका की बातचीत होती है ।

  • बातचीत में कँवरसिंह जी लेखिका से अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक परिचय का अनुभव साझा कर रहे होते है।

  • कँवरसिंह बताते है कि वह हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा गाँव के निवासी हैं। उनकी उम्र पैंतालीस साल है | उनके चार बच्चे हैं । जिनमें तीन लड़कियाँ और एक लड़का शामिल है। 

  • उनकी दो लड़कियों की शादी हो चुकी है | पहाड़ी और बर्फीला इलाका होने के कारण उनके गाँव में अभी तक बस नहीं पहुँच पाती वहाँ पैदल चलकर ही पहुँचा जा सकता है | 

  • कँवरसिंह के बच्चे गाँव से पाँच किलोमीटर दूर के स्कूल में पढ़ने जाते हैं । 

  • कँवरसिंह बताते है कि वह पहले भारतीय डाक सेवा में ग्रामीण डाक सेवक थे लेकिन अब वे पैकर के पद पर काम कर रहे हैं। 

  • इसके बाद कँवरसिंह बताते है कि वे चिट्ठियाँ, रजिस्टरी पत्र, पार्सल, बिल, बूढ़े लोगों की पेंशन आदि छोड़ने गाँव-गाँव जाते हैं । 

  • वह कहते है कि संदेश पहुँचाने का सबसे बड़ा साधन डाक ही है ।

  • इसके बाद लेखिका कहती हैं कि हमारे देश की डाक सेवा आज भी दुनिया में सबसे बड़ी और सस्ती डाक सेवा है। 

  • कँवरसिंह बताते है कि उन्हें लोगों तक मनीआर्डर पहुँचाने, नियुक्ति पत्र का रजिस्टरी पत्र पहुँचाने और पेंशन पहुंचाने पर लोगों का खुशी भरा चेहरा देखने को मिलता है।

  • कँवरसिंह ने सबसे पहले लाहौल स्पीति जिले के किब्बर गाँव में तीन साल नौकरी की और इसके बाद पाँच साल तक काज़ा में और पाँच साल तक किन्नौर जिले में नौकरी की थी । 

  • कँवरसिंह कहते हैं कि किन्नौर और लाहौल स्पीति हिमाचल प्रदेश के बहुत ठंडे तथा ऊँचे जिले हैं जहाँ डाक पहुँचाने के लिए लगभग 26 किलोमीटर रोजाना चलना पड़ता था । 

  • कँवरसिंह बताते है कि पैकर को काम के हिसाब से वेतन बहुत कम दिया जाता है ।

  • अंत मे लेखिका ने कँवरसिंह से काम के दौरान हुई किसी घटना का जिक्र करने को कहा ।

  • कँवरसिंह ने एक घटना का जिक्र किया करते हुए बताया कि जब उनका तबादला शिमला के जनरल पोस्ट ऑफिस में हुआ था | तब उन्हें रात के समय रेस्ट हाउस और पोस्ट ऑफिस की चौकीदारी का काम दिया गया था ।

  • कँवरसिंह ने 29 जनवरी 1998 की घटना बताते हुए कहा कि रात के लगभग साढ़े दस बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया | दरवाजा खोलने पर पाँच-छह लोग अंदर घुस आए और उन्हें पीटने लगे | इसमे उनका सिर फट गया और वह बेहोश हो गए । 

  • उनके चिल्लाने की आवाज़ सुनकर उनका 17 साल का बेटा और आफिस के दूसरे लोगो ने दरवाजे का शीशा तोड़कर उन्हें शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया । और तब से उनकी एक आँख से उन्हें दिखाई नहीं देता है ।

  • इस बात के लिए  कँवरसिंह को सरकार ने 2004 में डाक की चीजें बचाने के लिए 'बेस्ट पोस्टमैन' का इनाम दिया । इस इनाम में 500 रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया गया ।

  • अंत में कँवरसिंह बेहद गर्व से कहते है कि मैं बेस्ट पोस्ट मैन हूँ ।

नैतिक शिक्षा:

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने सभी काम ईमानदारी के साथ करना चाहिए l


शब्द - अर्थ:

शब्द

अर्थ

वाक्य में प्रयोग

पैकर

सामान पैक करने वाला

पैकेट ने सामान पैक कर दिया है है |

फटाफट

जल्दी से

राम ने अपना सारा काम फटाफट खत्म कर लिया है ।

ज़रिया

  साधन

सुनील  इस वस्तु के जरिए गंतव्य तक पहुंचने वाला है | 

भयंकर

डरावना

यह मौसम तो बहुत भयंकर लग रहा है |

इम्तिहान

परीक्षा 

आज सीता इम्तिहान देने जा रही है ।

प्रशस्ति पत्र

प्रशंसा पत्र

कँवरसिंह को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया ।


प्रश्न - उत्तर:

प्रश्न 1. कँवरसिंह किस जिले के निवासी हैं ?

(क) शिमला

(ख) लाहौल स्पीति

(ग) किन्नौर

उत्तर: शिमला


प्रश्न 2. कँवरसिंह की उम्र कितनी वर्ष है ?

(क) 45

(ख) 46

(ग) 47

उत्तर: 45


प्रश्न 3. कँवरसिंह को सरकार से इनाम किस वर्ष मिला ?

(क) 2005

(ख) 2007

(ग) 2004

उत्तर: 2004


प्रश्न 4. कहानी में कँवरसिंह ने कौन सी घटना के बारे में बताया है ? लिखिए l

उत्तर: कँवरसिंह ने 29 जनवरी 1998 की घटना बताते हुए कहा कि रात के लगभग साढ़े दस बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया | दरवाजा खोलने पर पाँच-छह लोग अंदर घुस आए और उन्हें पीटने लगे | इसमे उनका सिर फट गया और वह बेहोश हो गए । 


अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. मिलान करो l

ज़रिया

डरावना

भयंकर

साधन

इम्तिहान

प्रशंसा पत्र

प्रशस्ति पत्र

परीक्षा


उत्तर:  उचित मिलान-

ज़रिया

साधन

भयंकर

डरावना

इम्तिहान

परीक्षा

प्रशस्ति पत्र

प्रशंसा पत्र


प्रश्न 2. नीचे लिखे गए वाक्यों के लिए एक शब्द लिखो l

(क) सामान पैक करने वाला

उत्तर: पैकर

(ख) पत्र पहुंचाने वाला

उत्तर: डाकिया

Importance of Class 5 Hindi Chapter 7 Summary

The Class 5 Hindi Chapter 7 Daakie kee Kahaanee is a story depicted by Kawar Singh who was a postman working in Shimla, Himachal Pradesh. In the story, he recounts some of the tales from the old days when he used to work in the Kibbar village in Lahaul-Spiti district. Then he also worked in Kaza in the Kinnaur district. He tells the story of when he was posted to Shimla’s General Post Office. There, he was assaulted by a few men. But he didn’t leave his post and kept on performing his duties. 


Further in the story, Kunwar Singh reveals that he was awarded the Best Postman title due to saving the official letters without caring for his own life. This story is very crucial for the students to understand the importance of performing one’s duties. They can get a detailed description of the chapter from the summary and use it to their advantage when it comes to exam preparation. 


Benefits of NCERT Class 5 Chapter 7 Hindi Notes from Vedantu

By revising the chapter and reading the summary and revision notes for Dakiya Ki Kahani, students can easily comprehend the concept and learn what the chapter entails. 

  • The revision notes for the chapter of Dakiya class 5 Hindi have all the details mentioned in a simple language that is easy to understand. 

  • Students can take the help of the revision notes to gather more information about the chapter and solve the Class 5 Hindi Chapter 7 question answer exercises at the end of the chapter.

  • The revision notes are extremely helpful for boosting the confidence of students who are appearing for their exams as they can have a clear understanding of the chapter. 


Download Revision Notes for Class 5 Hindi Chapter 7 

Download the PDF files of NCERT Class 5 Chapter 7 Hindi revision notes for free and learn the contents of the chapter easily. Anyone visiting the official website of Vedantu can have access to these files which will make it easier for them to develop a good understanding of the topic.

FAQs on Dakiye Ki Kahani Kawar Singh Ki Jubani Class 5 Notes CBSE Hindi Chapter 7 (Free PDF Download)

1. Where did Kawar Singh work before Shimla? 

Kawar Singh worked for three years in Kibbar village in Lahaul-Spiti district, followed by five years in Kaza in the same district and five years in Kinnaur district. 

2. Where was Kawar Singh working when the assault took place on him in the chapter?

Kawar Singh was working in the General Post Office located in Shimla when the assault took place on him. He was the watchman of the post office as well as the rest house during that time. 

3. Why did the government award Kawar Singh the Best Postman award? 

Kawar Singh was awarded the title of Best Postman because he saved the letters in the post office even risking his own life in the process. It was his bravery that all the letters were saved even though he was assaulted badly by some men.