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Ek Din Ki Badshahat Class 5 Notes CBSE Hindi Chapter 10 (Free PDF Download)

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Last updated date: 21st Apr 2024
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Ek Din Ki Badshahat Free PDF Revision Notes for Class 5 Hindi Preparation

Class 5 Hindi Chapter 10 is about a story where two children of a family were given the power to behave like adults. The story spins around these two children named Arif and Salim. Their parents and family members always interrupted them when they did something. Ek Din Ki Badshahat will explain how Arif and Salim teach everyone a lesson one day about adulthood.


To understand the context of this chapter, use Ek Din Ki Badshahat revision notes prepared by the subject experts of Vedantu. These notes will help you understand the context well and answer all the questions easily.


Class 5 Hindi Revision Notes - Chapter-wise List

Chapter-wise Class 5th revision notes curated by the experts through the pdf links below.

Access Class 5 Hindi Chapter 10 – एक दिन की बादशाहत Notes

लेखक परिचय:

  • इस कहानी के लेखिका 'जीलानी बानो' है I

  • इनका जन्म 14 जुलाई 1936 में हुआ था l

  • इनकी पुस्तकों का भाषा अनुवाद भी किया जाता है l

  • इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है l


कहानी का सारांशः

  • प्रस्तुत कहानी में  दो बच्चे आरिफ़ और सलीम की एक दिन की बादशाहत का ख़ूबसूरत चित्रण किया गया है ।

  • दो बच्चे आरिफ़ और सलीम अपने माता पिता द्वारा हर बात पर टोके जाने से परेशान थे ।  कभी अम्मी और कभी दादी द्वारा टोका जाता था । उन्हें हर वक़्त पाबंदी में रहने को मजबूर रहना पड़ता था | बच्चों की अपनी मर्जी कभी नहीं चलती थी ।

  • एक दिन बच्चों को एक तरक़ीब सूझी और दोनों ने अब्बा के पास जाकर कहा कि एक दिन के लिए उन्हें बड़ों के सारे अधिकार दे दिए जाएं और सब बड़े छोटे बन जाएँ ।

  • अब्बा उनकी बात मान लेते है और एक दिन के लिए सारे अधिकार देने की बात कह देते है ।

  • अगले दिन सुबह सबसे पहले आरिफ़ ने अम्मी को जल्दी उठकर खाना बनाने को कहा । इसके बाद उसने दादी को हरीरा पीने से टोक दिया । 

  • बाद मे खानसामे को आदेश देकर उसने अपने सामने अंडे और मक्खन रखवाया और घर के बाकी सदस्यों को दलिया और दूध बिस्कुट देने को कहा | 

  • इसके बाद आरिफ़ और सलीम ने खाने खाते हुए अम्मी को टोका और सलीम ने जबरदस्ती उन्हें गुसलखाने में भेज दिया | 

  • इसके बाद सलीम ने अब्बा को कपड़ें मैले होने पर टोका और जल्दी ऑफिस जाने को कहा। 

  • बाद मे खानसामा रज़िया को उन्होंने आदेश दिया कि आज आलू, गोश्त, कबाब, मिर्चों का सालन बनेगा | सलीम तुरंत आगे बढ़ा और अम्मी को कहा कि आज गुलाब जामुन, गाजर का हलवा और मीठे चावल बनाओ ।

  • जब दादी बात कर रही थी तो आरिफ ने दादी को भी टोक दिया ।

  • भाईजान ने शाम को दोस्तों के साथ फिल्म देखकर देर से आने की बात कही तो आरिफ ने आँखें निकालकर उन्हें धमकाया  और जाने से मना कर दिया ।

  • इसके बाद सलीम ने आपा को भी टोका और सफेद वॉयल की साड़ी पहनने को कहा और उनकी नकल भी करने लगा ।

  • इस तरह आदेश देते-देते एक दिन की बादशाहत ख़त्म हो गई  थी । अगली सुबह सलीम की आँख खुली तो उसने देखा कि आपा नाश्ते की मेज सजाए उन दोनों के उठने का इंतज़ार कर रही थी । अम्मी खानसामे को हर खाने के साथ एक मीठी चीज़ बनाने का आदेश दे रही थी और सभी का बर्ताव बदल सा गया था । सभी को समझ आ गया था कि हुक्म देना आसान होता  है मगर उसका मार कर पालन करना उतना ही मुश्किल होता है ।


शब्द - अर्थ:

शब्द

अर्थ

वाक्य में प्रयोग

तकरार

झगड़ा

आज सोनू का मोनू से तकरार हो गया है |

तरकीब

उपाय

मुझे एक तरकीब सूझी है ।

खिदमत

सेवा

सुनील मैं अपनी खिदमत में रोटी मंगाई | 

दरख्वास्त

विनती

सभी ने सलीम से दरख्वास्त की |

इकरार

मान लेना

सीता ने इकरार कर लिया है ।

बेबस

लाचार

वह बच्चा भी बस पड़ा है ।

गुसलखाना

नहाने का स्थान

सलीम ने मां को गुसलखाना भेजा l

फौरन

तुरंत

रमेश तुम फॉरेन अंदर जाओ l

तुनककर

गुस्सा करते हुए

अम्मी ने तुनककर उत्तर दिया l

निहायत

बिल्कुल

अमन निहायती शैतान है l

हर्ज

घाटा

इसमें हमें कोई हर्ज नहीं है l


प्रश्न - उत्तर:

प्रश्न 1. आरिफ और सलीम परेशान क्यों थी ?

(क) सभी के टोके जाने से

(ख) सभी के बात करने से

(ग) सभी के खाने से

उत्तर: सभी के टोके जाने से


प्रश्न 2. दोनों को कितने दिन की बादशाहत मिली ?

(क) दो

(ख) एक

(ग) तीन

उत्तर: दो


प्रश्न 3. भाई जान शाम को देर से क्यों आने वाले थे ?

उत्तर: भाई जान अपने दोस्तों के साथ मिलकर फिल्म देखने जाने वाले थे इस कारण वह शाम को देर से आने वाले थे l

 

अभ्यास प्रश्न:

प्रश्न 1. मिलान करो l

तकरार

उपाय

तरकीब

झगड़ा

हर्ज

लाचार

बेबस

घाटा

उत्तर:  उचित मिलान-

तकरार

झगड़ा

तरकीब

उपाय

हर्ज

घाटा

बेबस

लाचार


प्रश्न 2. आरिफ और सलीम के घर में कौन-कौन रहता था ?

उत्तर: आरिफ और सलीम की घर में उसकी अम्मी, अब्बा, आपा, भाईजान और दादी रहते थे l


प्रश्न 3.   निम्लिखित शब्दो  का शब्दार्थ लिखो ?

(क) वक़्त

उत्तर: वक़्त - समय

(ख) तरकीब 

उत्तर:तरकीब - उपाए

(ग) तकरार

उत्तर: तकरार - झगड़ा

(घ) गुसलखाना 

उत्तर: गुसलखाना - स्नानघर

(ड़) हरीरा 

उत्तर:हरीरा - शर्बत

(च) दालान 

उत्तर:दालान - बरामदा

(छ) गारत

उत्तर: गारत - खराब


प्रश्न4 . कहानी में किन-किन चीज़ों को तर माल कहा गया है?

उत्तर:कहानी में अंडे और मक्खन जैसी चीजों को तर माल कहा गया है।


प्रश्न5 . इन चीज़ों के अलावा और किन-किन चीज़ों को 'तर माल' कहा जा सकता है?

उत्तर: इन चीज़ों के अलावा हलवा-पूरी, खीर, मिठाइयाँ, पकवान आदि चीज़ों को तर माल कहा जा सकता है।


प्रश्न6 . कुछ ऐसी चीज़ों के नाम भी बताओ, जो तुम्हें 'तर माल' नहीं लगतीं।

उत्तर: चावल, दाल कुछ सब्जियाँ, दलिया , दूध, रोटी हमें तर माल नहीं लगता।


प्रश्न7 . इन चीज़ों को तुम क्या नाम देना चाहोगी? सुझाओ।

उत्तर: इन चीजों को हम 'खाद्य पदार्थ' नाम देना चाहुंगे।


Importance of Class 5 Hindi Chapter 10 Ek Din Ki Badshahat

Children witness how elders interrupt them all the time. They see how they are scolded when they do something that does not match the expectation of the elders. It creates anger in the children. The chapter Ek Din Ki Badshahat is about two children named Arif and Salim. They are not happy how their family members interrupt and govern them all the time.


They ask for the power of adulthood and governance for a day from their father. Using this opportunity, they speak and command the same way they are commanded by the elders. Everyone in the family gets to taste his or her own medicine. Nobody was allowed to say anything to the kids for a day.


The day ended with such innocent governance. The next day, there was a huge change in the behaviour of all family members. Everyone realised how they behaved intentionally or unintentionally. The two boys were capable of realising their parents and family members' importance in the family.


Class 5 Hindi Chapter 10 is of utmost importance. The boys taught the adults a valuable lesson by pretending to be them for a day.


Benefits of Ek Din Ki Badshahat Revision Notes

  • The revision notes will offer a concise version of the entire chapter. It will offer an easier interpretation of every line of this chapter so that you can prepare it without any difficulty.

  • The notes will ensure that you can revise the chapter faster and recall the entire story easily. It will help you to answer the prose-related questions without any hassle.

  • The context of the chapter will become much clearer when you refer to the Ek Din Ki Badshahat notes. You will be able to answer the conceptual questions of this chapter in your own language.

  • Resolve doubts on your own by using these notes and reduce your preparation time for this chapter.


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FAQs on Ek Din Ki Badshahat Class 5 Notes CBSE Hindi Chapter 10 (Free PDF Download)

1. Why did Arif’s father not scold him?

Arif and Salim were given the power of governance for a day. That is why his father did not scold him even if he interrupted him. 

2. What was Salim’s mother’s name?

Salim’s mother's name was Raziya. She is a homemaker in this story.

3. Who was listening to gazal that day?

According to 5th Class Hindi Ek din Kee Badshahat, Salim’s father was listening to gazal, a type of Hindi song, with his friends in the house.