NCERT Solutions for Class 12 Hindi Antra Chapter 2 Poem Geet gaane do mujhe - Saroj-smriti

Class 12 Hindi NCERT Solutions for Antra Chapter 2 Poem Geet gaane do mujhe - Saroj-smriti

For the complete preparation of board examinations of Class 12 Hindi NCERT newly revised syllabus prescribed by CBSE for 2020-21, students should have the complete solution at one place. Vedantu is the one-stop-shop for everything including chapter-wise Class 12 Hindi NCERT solutions, pattern papers, preceding year's Class 12 Hindi NCERT query papers with answers, important questions, reference books answer, and the revision notes.

According to the modern and revised CBSE pattern, Class 12 Hindi syllabus for 2020-2021 has been divided into two parts which are - Hindi Core and Hindi Elective, while the syllabus for each is same. As the educational session of 2020-21 has been delayed due to the pandemic, the syllabus has also been decreased by 30% with the core ideas retained.

The crucial points for the revised syllabus are accessible on Vedantu's website for free download for the preparation of 2020-21 NCERT Class 12 Hindi, primarily based on CBSE pattern.

NCERT textbooks exercises are proven to be most useful as it consists of questions of almost every level i.e. easy, moderate, and difficult. Hence practising these questions will help you revise the entire textbook efficiently. But after solving the questions from exercises, you have to look at a ready-made solution for self-assessment purposes.


Do you need help with your Homework? Are you preparing for Exams?
Study without Internet (Offline)
Access NCERT solutions for Hindi अंतरा-Chapter 2 गीत गाने दो मुझे, सरोज स्मृति part-1

Access NCERT solutions for Hindi अंतरा-Chapter 2: गीत गाने दो मुझे, सरोज स्मृति

गीत गाने दो मुझे 

1. कंठ रुक रहा है, काल आ रहा है- यह भावना कवि के मन में क्यों आई? 

उत्तर :यह भावना कवि के मन में इसलिए आई क्योंकि उनके अंदर की वेदना उनपर भारी हो रही है, वह तड़प रहे हैं। इस पंक्ति से कवि अपने मन की कठिनाई दर्शाना चाह रहे हैं। उनके जीवन में संघर्ष तथा दुख पीड़ा कभी खत्म नहीं हुए, इस सबके बावजूद उन्होंने उन हालातों का सामना किया परंतु तब भी उन्हें पीछे खिंचा गया जिसके कारण उनके हृदय में जीने की इच्छा समाप्त हो गयी है।

2. 'ठग - ठाकुरों' से कवि का संकेत किसकी ओर है? 

उत्तर : 'ठग - ठाकुरों' से कवि का संकेत उन लोगों की ओर है जिनपर उनको भरोसा था तथा उनसे यह उम्मीद थी कि वह उन्हें कठिन समय में सहारा देंगे तथा संभालेंगे। परंतु उन्हीं लोगों ने उनकी कठिनाईयों को और बढ़ा दिया तथा उनका जीवन अंधकार में डाल दिया। कवि इससे समाज के उन सब लोगों की ओर इशारा कर रहे हैं जो कमज़ोर वर्ग को और ज्य़ादा तोड़ते हैं और उनका जीवन पीड़ा तथा परेशानियों से भर देते हैं। 


3.'जल उठो फिर सींचने को' इस पंक्ति का भाव - सौंदर्य स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर : यह पंक्ति हमे दुख पीड़ा को हराकर उससे बाहर निकलने की सीख तथा प्रेरणा देती है। यह पंक्ति हमे सिखाती है कि दुख दर्द को पीछे छोडकर हमें अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और इसके लिए इंसान को कभी कोशिश करनी नहीं छोड़नी चाहिए। जीवन में ऐसा कुछ नहीं जिसे व्यक्ति पाना चाहे और उसे मेहनत करके ना मिले, इसलिए हमें अपना दृढ़ निश्चय करना चाहिए तथा कभी हार नहीं माननी चाहिए।

4. प्रस्तुत कविता दुख और निराशा से लड़ने की शक्ति देती है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : कवि कविता में संघर्ष से लड़कर आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। कविता के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि आज का समाज दुख, पीड़ा तथा ऐसे लोगों से भरा हुआ है जो आपको पीछे खिंचने की हर सम्भव कोशिश करेंगे परंतु आपको हार नहीं माननी है और हर कठिनाई से लड़कर बाहर निकलना है और अपनी मंज़िल तक पहुँचना है।

सरोज स्मृति 

1. सरोज के नव - वधु रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

उत्तर : सरोज विवाह के समय अति सुन्दर लाग रही थी, उसमें उसकी माँ की छवि साफ़ दिखाई दे रही थी। सरोज उस समय अपने जीवन के नए पहलु को देख पा रही थी जिसमें उसके साथ उसके पति थे जिसकी वजह से जो उसके होठों और मन में खुशी थी वह फ़ूट फ़ूट कर बाहर आना चाह रही थी। परंतु नव वधु होने के कारण वह उस खुशी की दबा रही थी। लज्जा के कारण अपनी खुशी दबाने से उसके होठों पर कंपन प्रदर्शित हो रही थी। एक नव वधु के समान ही सरोज की झुकी हुई आँखों में भी चमक दिखाई दे रही थी जो उसे और खूबसूरत बना रही थी।

2. कवि को अपनी स्वर्गीय पत्नी की याद क्यों आई?

उत्तर : कवि को अपनी स्वर्गीय पत्नी की याद अपनी बेटी को दुल्हन के रूप में देखकर आई क्योंकि नव वधु के रूप में सरोज में उसकी माँ की छवि बहुत उभरकर आ रही थी । वे अपनी पत्नी को हर उस पल याद कर रहे थे जहां एक माँ की भूमिका होती है, पने बच्चों के लिए। अपनी पत्नी के साथ शुरू किया गया सफर उन्हें अब मंज़िल तक पहुंचता हुआ दिख रहा था जिसके कारण उन्हें अपनी पत्नी का स्मरण हो आया।

3. 'आकाश बदलकर बना मही' में 'आकाश' और 'मही' शब्द किसकी ओर संकेत करते हैं?

उत्तर : यह दोनों शब्द कवि की पुत्री सरोज की ओर संकेत करते हैं। इनसे कवि कहना चाह रहे हैं कि उनकी स्वर्गीय पत्नी का स्वरूप उनकी बेटी में पूर्ण रूप से दिखाई दे रहा था। वह जो कवितायें लिखते थे, उनमे जो कल्पना होती थी, आज वो उनकी बेटी के रूप में सच होती दिखाई दे रही थी।

4. सरोज का विवाह अन्य विवाह से किस प्रकार भिन्न था?

उत्तर : सरोज का विवाह बहुत ही आडंबरहीन था। उसमे न कोई शोर शराबा था, न ही कोई अन्य व्यक्ति को बुलाया गया था, न ही मेहंदी और हल्दी का समारोह किया गया और ना ही जागरण या विवाह राग गाये गए थे। सरोज की माँ न होने के कारण माँ की सारी रस्मे तथा जिम्मेदारियाँ उसके पिता यानी कवि ने निभाई थीं।

5. 'वह लता वहीं की, जहां कली तू खिली' पंक्ति के द्वारा किस प्रसंग को उद्घाटित किया गया है?

उत्तर : इस पंक्ति के द्वारा कवि सरोज के पालन की ओर संकेत करते हैं। यहां लता का माध्यम सरोज की माँ यानी मनोहारी जी हैं जो सरोज को जन्म देते ही चल बसी थी। इस पंक्ति से कवि यह बताना चाह रहे हैं कि जहां लता बड़ी हुई वहीं उसकी कली भी खिली अर्थात जहां मनोहारी जी बड़ी हुई वहीं सरोज का भी लालन पालन हुआ जो कि उसका ननिहाल और मनोहारी जी का मायका था।

6. 'मुझ भाग्यहीन की तु संबल 'निराला जी की य़ह पंक्ति क्या 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे कार्यक्रम की मांग करती है?

उत्तर : निराला जी की यह पंक्ति बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रम की मांग करती है क्योंकि पत्नी के गुजर जाने के बाद कवि का इकलौता सहारा उनकी पुत्री ही थी और जब वह भी गुजर गयी तब उनका जीवन केवल दुख से भरा हुआ रह गया था।

7. निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

(क) नत नयनों से लोक उतर

उत्तर : इसका अर्थ यह है कि नव वधु की आंखों में जो लज्जा है वह उतरकर उसके होठों पर कंपन के रूप में  आ गयी है।

(ख) श्रृंगार रहा जो निराकार 

उत्तर : इससे कवि यह कहना चाह रहे हैं कि वह जो कवितायें लिखते थे उनमे जो श्रृंगार रस था उसका कोई अकार या रूप नहीं था। उसकी कोई वास्तविकता नहीं थी, वह केवल कल्पनाओं में था। परंतु जब उन्होंने सरोज को नव वधु के रूप में देखा तो उस काल्पनिक श्रृंगार को उन्होंने साकार होता हुआ देखा।

(ग) पर पाठ अन्य यह, अन्य कला 

उत्तर : इस पंक्ति में कवि यह बताना चाह रहे हैं कि शकुंतला और सरोज की कहानी भले ही कुछ हद तक समान हो परंतु अनेक विषयों में यह दो काफी भिन्न पाठ हैं।

(घ) यदि धर्म, रहे नत सदा माथ 

उत्तर :(घ) इस पंक्ति में कवि कहना चाहते हैं कि वह अपना पिता धर्म का पालन  हर समय माथा झुकाकर करना चाहते हैं और हमेशा करते रहेंगे।

NCERT Hindi Class 12 Solutions

Your Exam Guide: Vedantu

Vedantu provides the students not just the total arrangement liberated from cost but also free online classes, notes, earlier year's explained question papers, essential questions with their answer, and the correction notes including NCERT books for the preparation of NCERT Class 12 Hindi solutions as indicated by the most recent and updated schedule for 2020-2021.

This study material is arranged and accumulated by our subject matter experts who are experienced and have detailed information regarding the matter. For the explanations of any questions, Vedantu additionally offers the facility of one-on-one meetings with teachers as well.

NCERT Solutions for Class 12 Hindi (Core and Elective)

The revised and latest syllabus for Class 12 Hindi Core is split into two sections which are, Section A comprising of the questions from two books, i.e. Aroh 2 (include eighteen chapters) and Vitan 2 (have four chapters), whereas section B comprises the questions from the book Aroh 2. 

The revised syllabus for Class 12 Hindi Elective is split into two sections. Section A having the questions from two books, i.e. Antra 2 (include twenty-one chapters) and Antral 2 (include four chapters), whereas section B has the problems from the book Antra part 2.

Books with their chapter-wise NCERT solutions in PDF format are available on our website at free of cost. Vedantu offers NCERT Solutions Class 12 Hindi Antral part 2 that includes all the chapter wise questions with answers for all four chapters.

An Overview of Class 12 Hindi Antra Part 2 Syllabus

NCERT Solutions Class 12 Hindi Antra part 2 comprises 11 chapters of poems, and 10 chapters of proses. Vedantu provides all the chapter wise questions with answers for all the following chapters:

  • Chapter 1 Poem - Devsena ka geet-Kaneliya ka geet

  • Chapter 2 Poem - Geet gaane do mujhe-Saroj-smriti

  • Chapter 3 Poem - Yeh deep akela - Maine dekha ek boond

  • Chapter 4 Poem - Banaras – Disha

  • Chapter 5 Poem - Satya - Ek kam

  • Chapter 6 Poem - Toro - Basant aya

  • Chapter 7 Poem - Bharat-Ram ka prem-Pad

  • Chapter 8 Poem – Barahmasa

  • Chapter 9 Poem – Pad

  • Chapter 10 Poem - Ramchandra Chandrika

  • Chapter 11 Poem - Kabita/Sabeya

  • Chapter 12 Premdhan ki Chayya Smriti

  • Chapter 13 Sumirini ke man ke

  • Chapter 14 Kaccha chitta

  • Chapter 15 Samvadiya

  • Chapter 16 Gandhi, Neheru aur Yasser Arafat

  • Chapter 17 Sher, Pehchan, Chaar haath, Sajha

  • Chapter 18 Jaha koi wapsi nahi

  • Chapter 19 Yathasmay rochate Vishvam

  • Chapter 20 Dusra Devdas

  • Chapter 21 Kutaj

NCERT Solutions Class 12 Hindi Antra 2 Chapter 2 Poem 

Geet gaane do mujhe and Saroj-smriti, written by Shri Suryakant Tripathi' Nirala', is available for reading or downloading from this website.

In this poetry Geet gaane do mujhe, the poet has pointed out the time in which life is not so easy and the whole humanity is crying and there is no desire for life in humans. By this Poem, the poet is talking for an awakening of this desire to live the life. Poet wants to sing a song to hide this pain of life. Poet intends to communicate the ray of hope in despair for the betterment of the situation. 

The Saroj Smriti poem is centred on the memory of the late daughter of Nirala. This Poem is the father's mourning over the daughter's death. Sometimes the poet misses Shakuntala and sometimes his late wife. Poet sees the face of his daughter in place of his wife and expresses his feelings in this Poem. Poet explained his life is full of struggles.

At the end of Class 12-Hindi Antra 2 Chapter 2, Poem Geet gaane do mujhe and Saroj-smriti, there are four practice questions asked from Geet gaane do mujhe and seven from Saroj-smriti.

All are answered in an easily understandable language, that will help students to clear the concept and get higher ranks in coming CBSE Board Hindi examinations 2020-21.


FAQs (Frequently Asked Questions)

1. Can I get chapter-wise Class 12 NCERT Solutions for Hindi Antra part 2 in PDF format?

Yes, you can get chapter-wise NCERT Solutions for CBSE Class 12 Hindi Antra part-2 on the Vedantu web page in PDF format.

2. Is the material on Vedantu sufficient for preparation of board exams?

Of course, NCERT solutions Class 12 Hindi all the chapters, available on Vedantu app is sufficient enough to prepare all the chapters in-detail without referring any other book.

3. Is it possible to download all the chapters from Vedantu's web page?

Yes, one can download NCERT notes for Class 12 Hindi by the quick links available on our page for free of cost which is in the form of PDF.

4. Are NCERT Solutions for Class 12 Hindi Antra 2 Chapter 2 poem Geet gaane do mujhe and Saroj-smriti enough to prepare for the board exams?

Of course, NCERT solutions Class 12 Hindi Antra 2 Chapter 2 poem, available on Vedantu app is enough to prepare all the concepts in-detail and for scoring higher positions in the CBSE board examinations.

Share this with your friends
SHARE
TWEET
SHARE
SUBSCRIBE