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CBSE Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta Notes 2025-26

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CBSE Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta Notes FREE PDF Download

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CBSE Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta Notes FREE PDF Download

यह पाठ ‘चाँद का कुरता’ कक्षा 3 हिंदी की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा’ के तृतीय पाठ के रूप में प्रस्तुत है, जिसके लेखक प्रसिद्ध हिंदी कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हैं। कविता का मुख्य पात्र चाँद है, जो अपनी माँ से ठंडी रातों में ऊन का मोटा गोल (गोला) या कुरते की मांग करता है ताकि वह जाड़े से बच सके। यह कविता एक सरलता भरे अंदाज़ में बच्चों की कल्पना, जिज्ञासा और प्राकृतिक परिवर्तनों की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

कविता की मुख्य बातें

कविता में चाँद अपनी माता से आग्रह करता है कि उसे ठंड लगती है, वह यात्रा करते-करते ठिठुर जाता है, इसलिए उसे ऊन का मोटा गोला या भाड़े का कुरता दिलवा दें। माता चाँद से कहती है कि उसका आकार रोज़ बदलता है जिससे नाप निश्चित करना असंभव है। कभी वह अंगुल भर चौड़ा, कभी एक फुट मोटा, कभी बड़ा तो कभी छोटा दिखता है। कई बार तो बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता, ऐसे में उसके लिए एक ही नाप का कुरता बनवाना संभव नहीं है।

कविता के संदेश

इस कविता के माध्यम से बच्चों को चाँद के घटते-बढ़ते आकार (चंद्र कलाएँ), ठंड के मौसम की विशेषताएँ—जैसे सन-सन चलती हवा, ठिठुर-ठिठुर कर यात्रा, ऊन का मोटा गोल आदि—का वर्णन मिलता है। माँ-बेटे के संवाद में ममता, बाल-मन की जिद और प्रकृति का वैज्ञानिक आधार भी छिपा है।

महत्वपूर्ण शब्दार्थ एवं कथन

  • ठिठुर-ठिठुर कर – कांपते हुए, कांप-कांप कर।
  • भाड़े का – किराए पर लिया हुआ।
  • ऊन का मोटा गोल – ऊन की बनी हुई गेंद या गेंदनुमा वस्तु जिससे कपड़ा या गर्म वस्त्र बुना जाता है।

परीक्षा हेतु मुख्य प्रश्नोत्तर एवं बिंदु

  • कविता में चाँद जाड़े से बचने के लिए माँ से क्या मांगता है? — ऊन का मोटा गोल या कुरता।
  • माँ चाँद के लिए कुरता क्यों नहीं सिलवा सकती? — चाँद का आकार प्रतिदिन बदलता रहता है; कभी बड़ा, कभी छोटा, कभी बिल्कुल अदृश्य।
  • कविता में ठंड के लिए कौन से शब्द प्रयोग हुए? — ठिठुर-ठिठुर कर, ऊन का मोटा गोल, सन-सन चलती हवा आदि।
  • चाँद की यात्रा से क्या तात्पर्य है? — आकाश में चाँद का रोज़ घूमना अथवा अपनी कक्षा में गति करना।

भाषा की सूझ एवं संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया

  • ‘भर’ शब्द से उदाहरण—
    • पानी गिलास भर पी लो।
    • वह दिन भर पढ़ाई करता है।
    • रात भर ठंड रहती है।
    • खाना प्लेट भर रखा है।
    • मेज़ पर फूलदान मिट्टी भर है।
  • शब्दों का दोहराव से बल—जैसे जल्दी-जल्दी आओ, तेज-तेज बोलो आदि।

पंक्ति संज्ञा सर्वनाम विशेषण क्रिया
हठ कर बैठा चाँद एक दिन,
माता से यह बोला।
हठ, चाँद, दिन, माता यह एक कर बैठा, बोला
चाँद के बदलते आकार – वैज्ञानिक दृष्टिकोण

चाँद पृथ्वी का उपग्रह है जो सूर्य का प्रकाश परावर्तित करता है। चाँद की कलाएँ—अमावस्या, पूर्णिमा, अष्टमी आदि—उसकी स्थिति के अनुसार घटती-बढ़ती दिखती हैं। चाँद का आकार प्रतिदिन बदलते दिखने के पीछे उसका पृथ्वी के चारों ओर घूमना प्रमुख कारण है। कभी वह पूरा गोल, कभी अर्धगोल, कभी बिल्कुल भी नहीं दिखता (अमावस्या)।

रचनात्मकता

चाँद के लिए छात्रों को उच्च स्तर की रचनात्मक गतिविधियाँ करने के लिए प्रेरित किया गया है, जैसे—चाँद का चित्र बनाना, रंगीन कागज से कुरता तैयार करना तथा सितारों, ग्लिटर आदि से सजाना। यह गतिविधि बच्चों की कल्पनाशक्ति एवं कलात्मकता को बढ़ाती है।

संवाद और कल्पना

कविता के अंतर्गत विद्यार्थियों से कल्पनाशील संवाद लिखवाएँ जाते हैं—चाँद का अपनी माँ, दुकानदार और दर्ज़ी से संवाद। यह भाषा-विकास में सहायक है। बच्चे संवाद काल्पनिक परिस्थिति बनाकर लिखते हैं—जैसे चाँद की माँ से ठंड की शिकायत करना, दुकानदार से सही कपड़े के मीटर की मांग, दर्ज़ी से रोज़ नए नाप का कुरता सिलवाना।

कक्षा और परिवार में व्यवहार संबंधी गतिविधियाँ

इस कविता में विद्यार्थियों को दैनिक जीवन की घटनाएँ जोड़ते हुए प्रश्न पूछे जाते हैं—ठंडी रात में कम्बल हटाने पर, देर तक सोने या बिन दूध-पिये जिद करने पर क्या होता है आदि। यह बच्चों के सोच-विचार, संवाद, तथा अनुभवों की साझेदारी में मदद करता है।

पुस्तकालय और विज्ञान-अधिगम

पाठ में विद्यार्थी को पुस्तकालय में चाँद, सूरज, तारे आदि पर आधारित ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन एवं चर्चा की सलाह दी गई है। साथ ही चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, चाँद और सूरज के बदलते रूपों पर अतिरिक्त जानकारी प्राप्त कर अपनी समझ बढ़ाने को प्रोत्साहित किया गया है।

सृजनात्मक विज्ञापन एवं अभिनय

पाठ में एक रोचक विज्ञापन भी शामिल है, जिसमें चाँद की माँ अपने बेटे के लिए बदलते आकार वाला कुरता सिलवाने हेतु विज्ञापन देती है। साथ ही विद्यार्थियों को ऐसे संवादों पर कक्षा में अभिनय कराने की सलाह दी जाती है ताकि उनकी प्रस्तुति और बोलने की क्षमता का विकास हो सके।

प्रमुख परीक्षा-संबंधी बिंदु

  • कविता की वह पंक्ति जहाँ चाँद बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता—“नहीं किसी की भी आँखों को दिखाई पड़ता है।”
  • ठंड में चाँद माँ से ऊन के गोले के अलावा टोपी, मोजे, दस्ताने इत्यादि भी मांग सकता है।
  • कविता का उद्देश्य – बाल-मन की जिज्ञासा, प्राकृतिक परिवर्तनों को सहज रूप में प्रस्तुत करना।
  • चाँद की माँ कुरता सिलवाने में क्यों असमर्थ है? — बदलते आकार के कारण नाप लेना संभव नहीं।
  • कविता की भाषा – सरल, संवादपरक, बालोपयोगी।

कवि परिचय – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिंदी कविता जगत के प्रतिष्ठित राष्ट्रकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। इनकी रचनाएँ बच्चों के मन को गहराई से छूती हैं और शिक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

संक्षिप्त सारांश

‘चाँद का कुरता’ कविता के माध्यम से छात्र चाँद के परिवर्तनशील रूप, मौसम के बदलाव, दैनिक जीवन के अनुभवों एवं संवादों को सरलता से समझ पाते हैं। यह कविता परीक्षा की दृष्टि से महत्वूपर्ण है, क्योंकि इससे ‘कविता से’, ‘सोचिए और लिखिए’, ‘भाषा की बात’, ‘अनुमान और कल्पना’ जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं। कक्षा 3 के विद्यार्थियों के लिए यह पाठ उनकी रचनात्मकता, भाषा कौशल एवं कल्पना को विकसित करने के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Class 3 Hindi Chapter 3 Notes – Chaand Ka Kurta: Key Concepts & Revision Blueprint

Vedantu offers concise and exam-focused Class 3 Hindi Chapter 3 Notes, covering all main points from “Chaand Ka Kurta.” These revision notes are ideal for a quick recap of poetic concepts, important questions, and vocabulary. Students will easily understand key ideas, learn new words, and get a strong grasp of the poet’s intention in this chapter.


Referencing well-structured Hindi NCERT revision notes ensures you remember the major chapter points and answer formats for “Chaand Ka Kurta.” With comprehensive coverage, these notes help students revise before exams and boost their confidence for all classroom and test activities.


FAQs on CBSE Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta Notes 2025-26

1. चाँद का कुर्ता कविता का सारांश क्या है?

चाँद का कुर्ता कविता में चाँद के लिए नए कुर्ते की बात की गई है।

  • कविता में कल्पना के माध्यम से चाँद को नया वस्त्र दिलाने की कोशिश दिखती है।
  • माँ द्वारा चाँद का कुर्ता सिलवाना कठिन बताया गया है।
  • हर बार कपड़ा कम पड़ जाता है।
  • यह बालकों की जिज्ञासा और कल्पना शक्ति दर्शाता है।

2. Class 5 Hindi Chapter 3 के सबसे जरूरी प्रश्न कौन से हैं?

Chapter 3 से कई बार काव्य-आधारित और कल्पना से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

  • कविता का सारांश लिखें
  • अगर माँ कुर्ता सिलवा देती तो क्या होता?
  • माँ को कौनसी कठिनाई हुई?
  • कविता की मुख्य शिक्षा लिखें

3. What is the best way to revise CBSE Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta?

Candidates should focus on stepwise question-answers and key definitions.

  • Read chapter explanations and summaries
  • Practice intext and exercise-wise solutions
  • Prepare important words and meanings
  • Revise with printable PDF notes

4. Yadi maan ne chand ka kurta silwa diya hota to kya hota?

अगर माँ ने चाँद का कुर्ता सिलवा दिया होता, तो कविता की कल्पना पूरी हो जाती।

  • चाँद को खुशी मिलती
  • माँ बहुत समझदार और निपुण मानी जाती
  • कविता में कल्पना को यथार्थ मिलता

5. Where can I download Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta question answer PDF?

You can download the PDF for Class 5 Hindi Chapter 3 Chaand Ka Kurta questions and answers directly from the page’s download section for easy offline revision.

6. How to structure long answers for CBSE Hindi Chapter 3 to score full marks?

Start with an introduction, explain key points, and conclude clearly.

  1. Begin with a brief summary of the theme
  2. Add stepwise explanations using chapter examples
  3. Highlight definitions and diagram (if any)
  4. End with a concise conclusion

7. Is it mandatory to add diagrams or definitions in Class 5 Hindi answers?

No. Diagrams are not usually needed for this chapter, but clear definitions help in scoring better, especially for keyword-based questions.

8. चाँद की माँ को उसका झिंगोला सिलवाने में क्या परेशानी है?

माँ को सबसे बड़ी परेशानी कपड़े की कमी होना है।

  • हर बार जब कपड़ा लिया जाता है, चाँद को नापते-नापते कपड़ा कम पड़ जाता है।
  • झिंगोला (कुर्ता) कभी पूरा नहीं होता।

9. Are NCERT Solutions enough for Class 5 Hindi exams?

Yes. Practicing all solved questions and summaries from the official notes covers CBSE exam requirements for Class 5 Hindi.

10. What are the important topics covered in CBSE Class 5 Hindi Chapter 3?

This chapter focuses on imagination, poetry appreciation, and comprehension.

  • Saaransh (summary)
  • Main learning outcomes
  • Word meanings
  • Key poetic devices
  • Short and long question answers

11. How can I revise Class 5 Hindi Chapter 3 in one day?

Follow a one-day revision plan for quick coverage.

  • Read the full poem twice
  • Write down 5 key points or summary
  • Revise all important questions and answers
  • Practice definitions and word meanings
  • Attempt a short mock test

12. Do CBSE examiners award step marks even if the final answer is incomplete?

Yes. Marking scheme gives partial marks for correct steps, key points, or relevant definitions even if the conclusion is incomplete or minor mistakes exist.