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CBSE Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi Notes 2025-26

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CBSE Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi Question Answer - FREE PDF Download

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CBSE Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi Question Answer - FREE PDF Download

गंगा की कहानी अध्याय हमारी सबसे महत्त्वपूर्ण और पूज्य भारतीय नदी गंगा के संपूर्ण यात्रा और सांस्कृतिक महत्व का परिचय देता है। यह पाठ गंगा नदी के गोमुख से बंगाल की खाड़ी तक के सफर, उसकी पवित्रता, जीवनदायिनी भूमिका और उसके जल के प्रदूषण जैसी समसामयिक चुनौतियों का सुगम अन्वेषण करता है। गंगोत्री हिमनद से निकली गंगा, अपने उद्गम स्थल से लेकर विभिन्न नगरों, तीर्थ-स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों तक सजीव तरीके से प्रस्तुत की गई है।

गंगा का उद्गम एवं मार्ग

गंगा का जन्म उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री हिमनद के गोमुख से होता है। आरंभ में यह एक छोटी सी जलधारा होती है। गंगोत्री में इसका प्रसिद्ध मंदिर है और यही क्षेत्र राजा भगीरथ की तपस्थली भी माना जाता है; अतः गंगा को "भागीरथी" भी कहा जाता है। यहाँ से गंगा पहाड़ों से निकलती है, चट्टानों को चीरती और नदियों को समेटती हुई दक्षिणी मैदानों की ओर बढ़ती है।

देवप्रयाग में गंगा की धारा अलकनंदा नदी से मिलती है। इस संगम के बाद नदी का नाम "गंगा" हो जाता है। इसके बाद ऋषिकेश व हरिद्वार नामक तीर्थ-स्थलों से होते हुए गंगा मैदान में प्रवेश करती है। लगभग सभी प्रमुख नगर और तीर्थस्थल इसके किनारे बसे हैं।

महानगर, संगम और कुम्भ का महत्व

गंगा नदी की यात्रा में कानपुर एक प्रमुख औद्योगिक नगर है जहाँ कपड़ा, चमड़ा और लोहा उद्योग है और इन सबमें गंगा का जल उपयोग होता है। प्रयागराज (इलाहाबाद) गंगा और यमुना के संगम के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ प्रत्येक बारह वर्ष पर विशाल कुम्भ मेला लगता है। इसी प्रकार हरिद्वार में भी कुंभ का आयोजन होता है।

वाराणसी (काशी) गंगा का सबसे मशहूर तीर्थ एवं ऐतिहासिक नगर है। बिहार के पटना, भागलपुर आदि से बहती हुई, गंगा आगे पश्चिम बंगाल पहुँचती है, जहाँ यह दो धाराओं में बंट जाती है: एक बांग्लादेश हो जाती है (जहाँ इसे "पद्मा" कहा जाता है), दूसरी हुगली के रूप में कोलकाता की ओर जाती है और अंत में बंगाल की खाड़ी में मिलती है।

गंगा की पवित्रता और प्रदूषण संबंधी चिंता

भारतीय संस्कृति में गंगा को अत्यंत पवित्र और आदरणीय माना जाता है। किंतु आधुनिक काल में नगरों, जनसंख्या बढ़ोतरी, और विशेषकर औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित जल गिरने से गंगा का पानी दूषित हो गया है। गंगोत्री से निकलते समय गंगा का जल चाँदी जैसा चमकीला होता है, परंतु वाराणसी पहुँचते-पहुँचते वह मटमैला दिखता है—इससे उसके जलीय पर्यावरण को बड़ी हानि होती है। प्रसन्नता की बात है कि अब गंगा की सफाई हेतु अनेक योजनाएँ आरंभ की गई हैं और लोगों का जागरूकता भी बढ़ा है।

गंगा नदी से संबंधित प्रमुख नगर एवं स्थल

  • उद्गम स्थल: गोमुख, गंगोत्री (उत्तराखंड)
  • प्रमुख संगम: देवप्रयाग (अलकनंदा), प्रयागराज (यमुना)
  • महानगर: कानपुर (औद्योगिक), वाराणसी (तीर्थ), पटना, भागलपुर, कोलकाता
  • तीर्थ स्थल: ऋषिकेश, हरिद्वार, वाराणसी
  • विशेष आयोजन: हरिद्वार और प्रयागराज में कुंभ मेला

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

अभ्यास में पंक्तिबद्ध प्रश्न दिए गए हैं जिनसे विद्यार्थियों की समझ विकसित होती है। जैसे – गंगा के किनारे बसे नगर कौन-कौन से हैं (वाराणसी, पटना, कानपुर आदि), औद्योगिक नगरों का गंगा पर क्या प्रभाव है (प्रदूषण, मलजल), कुंभ मेला कहाँ-कहाँ लगता है (हरिद्वार, प्रयागराज) और चाँदी जैसा चमकीला जल क्यों मटमैला हो जाता है (शुद्धता का ह्रास, प्रदूषित जल आदि)।

मिलान कार्य

इस अध्याय में स्तंभ मिलान जैसे अभ्यास भी हैं—for example:

स्तंभ ‘क’ स्तंभ ‘ख’
गंगा का उद्भव गोमुख
देवप्रयाग अलकनंदा
औद्योगिक नगर कानपुर
बांगलादेश पद्मा नदी
तीर्थ-स्थल वाराणसी
भाषिक अभ्यास

पाठ में भाषा संबंधी रोचक अभ्यास भी सम्मिलित हैं। इसमें ‘होना’ क्रिया के भिन्न रूपों को समझने के लिए रिक्त स्थानों की पूर्ति, शब्द-योजन (जैसे- भोजनालय, मेघालय), अनेक अर्थों वाले शब्द (जैसे – “कर” अर्थ में हाथ, टैक्स, या क्रिया), और नदी-दृश्य से जुड़े शब्दों का रचनात्मक प्रयोग शामिल है।

नदी संरक्षण और सामाजिक पहल

अध्याय बच्चों को केवल पाठ के तथ्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी समझाता है। नदियों को प्रदूषण से कैसे बचाया जाए, जल संरक्षण के उपाय, और गंगा की सफाई के लिए सरकारी व सामाजिक योजनाओं का पता लगाने जैसे गतिविधि-आधारित प्रश्न दिए गए हैं। विद्यार्थियों को अपनी भूमिका, विचार और अनुभव साझा करने के लिए उकसाया गया है।

संवाद एवं संवेदी अनुभूतियाँ

पाठ में एक छोटा संवादांश (कक्षा-दृश्य) दिया गया है जिसमें विद्यार्थियों व अध्यापिका के बीच ज्ञानवर्धक वार्तालाप है। साथ ही, बच्चों को गंगा से बात करने और उसकी ‘पीड़ा’ के प्रति संवेदनशील होने के लिए प्रेरित किया गया है।

अन्य विचार और नवाचार

अध्याय में आधुनिक विज्ञान से जुड़ा विषय—कृत्रिम मेधा (artificial intelligence) का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है। बच्चों को पुस्तकालय, शिक्षक और अभिभावकों से मदद लेकर नई तकनीक, समाजहित और प्रकृति-संरक्षण पर जानकारी इकट्ठा करने की सलाह दी गई है।

रचनात्मक लेखन

चित्र आधारित अनुच्छेद, कहानी या कविता की गतिविधि भी दी गई है जिससे बच्चों की कल्पना-शक्ति और भाषा-प्रयोग कुशलता को प्रोत्साहन मिले।

अंत में, "गंगा की कहानी" अध्याय केवल एक नदी के बारे में भूगोलिक जानकारी ही नहीं देता, बल्कि मानवीय, सांस्कृतिक तथा पर्यावरणीय भावनाओं के साथ विद्यार्थियों को जोड़ता है। इसमें प्रश्नोत्तर, मिलान, गतिविधि, संवाद और भाषा संबंधी अभ्यास सभी शामिल हैं, जो कि इसे समग्र और बाल-मन को समझने योग्य बनाते हैं।


Class 5 Hindi Chapter 2 "गंगा की कहानी" Notes – Key Points, Exercises & Facts

These Class 5 Hindi Chapter 2 notes cover "गंगा की कहानी" with a complete summary, important facts, and all exercises in a simple format. Make your revision easy with key events from the river’s journey, meanings, and practice questions. All NCERT points are included for quick recall before exams.


Focused revision using these CBSE class 5 “गंगा की कहानी” notes ensures better understanding of main events, locations, and concepts. With clear language and thoughtful bullet points, students can strengthen their Hindi and exam readiness effectively.


FAQs on CBSE Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi Notes 2025-26

1. सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पा रहे थे लेकिन राजा नहीं बैठ पाया ऐसा क्यों?

कक्षा 5 हिंदी अध्याय 2 ‘न्याय की कुर्सी’ में सभी लड़के उस कुर्सी पर बैठ सके क्योंकि उनका मन साफ और सादा था, जबकि राजा अपनी गलत आदतों और अन्याय के कारण बैठ नहीं सका। यह कहानी ईमानदारी व न्याय का महत्व समझाती है।

2. Class 5 Hindi Chapter 2 Nyay Ki Kursi के revision notes से क्या पढ़ना जरूरी है?

Revision notes में महत्वपूर्ण प्रशन-उत्तर, सारांश, प्रमुख शब्दार्थ, और प्रश्नावली के हल जरूर पढ़ें। इससे CBSE परीक्षा में पूरे अंक लाने में आसानी होती है।

3. Class 5 Hindi Chapter 2 के लिए stepwise NCERT answer कैसे लिखें?

Stepwise उत्तर लिखने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:

  • प्रश्न समझें और दो-तीन भागों में बाँटे।
  • हर भाग की संक्षिप्त, सही भाषा में उत्तर लिखें।
  • मूल्यवान शब्दों और कहानी के उदाहरण दें।

4. Class 5 Hindi Chapter 2 का question answer PDF कहाँ मिलेगा?

आप chapter 2 के revision notes, question answer PDF और worksheet Vedantu के पेज पर मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। ये PDFs परीक्षा के पहले जल्दी revision करने में मददगार हैं।

5. परीक्षा में Nyay Ki Kursi के महत्वपूर्ण प्रश्न कौन-से होते हैं?

महत्वपूर्ण प्रश्नों में शामिल हैं: कहानी का मुख्य संदेश, राजा कुर्सी पर क्यों नहीं बैठ पाया, शब्दार्थ, और long answer questions जैसे — ‘कहानी से क्या सीख मिलती है?’ ऐसे सवाल अकसर पूछे जाते हैं।

6. Nyay Ki Kursi की त्वरित revision के लिए क्या tips हैं?

Quick revision के लिए:

  • प्रमुख नोट्स एक बार पढ़ें।
  • महत्वपूर्ण प्रशन-उत्तर दोहराएँ।
  • Revision worksheet हल करें।
  • Short summary बनाएँ और keywords रेखांकित करें।

7. कक्षा 5 के लिए हिंदी का सिलेबस क्या है?

CBSE कक्षा 5 हिंदी के सिलेबस में ‘वीणा’ पुस्तक के सभी अध्याय, जैसे ‘न्याय की कुर्सी’ शामिल हैं। इसमें कहानी, कविता, प्रयोगात्मक लेखन और शब्दार्थ/प्रश्नावली आती है। पूर्ण सिलेबस बोर्ड के अनुसार अपडेटेड रहता है।