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# NCERT Solutions for Class 12 Physics Chapter 8 - In Hindi

Last updated date: 09th Aug 2024
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## NCERT Solutions for Class 12 Physics Chapter 8 Electromagnetic Waves In Hindi Mediem

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 Class: NCERT Solutions for Class 12 Subject: Class 12 Physics Chapter Name: Chapter 8 - Electromagnetic Waves Content-Type: Text, Videos, Images and PDF Format Academic Year: 2024-25 Medium: English and Hindi Available Materials: Chapter WiseExercise Wise Other Materials Important QuestionsRevision Notes

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Competitive Exams after 12th Science

## Access NCERT Solutions for Science (Physics) Class 12 Chapter 8 – Electromagnetic Waves

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

1. चित्र में एक संधारित्र दर्शाया गया है जो $12{\text{ cm}}$ त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों को $5.0{\text{ cm}}$ की दूरी पर रखकर बनाया गया है। संधारित्र को एक बाह्य स्रोत (जो चित्र में नहीं दर्शाया गया है) द्वारा आवेशित किया जा रहा है। आवेशकारी धारा नियत है और इसका मान $0.15{\text{ A}}$ है।
(a) धारिता एवं प्लेटों के बीच विभवान्तर परिवर्तन की दर का परिकलन कीजिए।
(b) प्लेटों के बीच विस्थापन धारा ज्ञात कीजिए।
(c) क्या किरचॉफ का प्रथम नियम संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर लागू होता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:
दिया है, प्लेट की त्रिज्या $r = 0.12{\text{ m}}$, बीच की दूरी $d = 0.05{\text{ m}}$
आवेशन धारा $i = 0.15{\text{ A}}$
(a) संधारित्र की धारिता $C = \dfrac{{{\varepsilon _0}A}}{d}\left[ {\because A = \pi {r^2} = 3.14 \times {{(0 \cdot 12)}^2}} \right]$

$= \dfrac{{8.854 \times {{10}^{ - 12}} \times 3.14 \times {{(0.12)}^2}}}{{0.05}} = 8.01 \times {10^{ - 12}}F = 8.01pF$

किसी क्षण संधारित्र पर आवेश $q = CV \Rightarrow V = \dfrac{q}{C}$

$\therefore \dfrac{{dV}}{{dt}} = \dfrac{1}{C}\dfrac{{dq}}{{dt}} = \dfrac{1}{C}i$

$\left( {\because \dfrac{{dq}}{{dt}} = i} \right)$

विभवान्तर परिवर्तन की दर $\dfrac{{dV}}{{dt}} = \dfrac{{0.15}}{{8.01 \times {{10}^{ - 12}}}} = 1.87 \times {10^{10}}V{s^{ - 1}}$
(b) प्लेटों पर विस्थापन धारा

${i_D} = {\varepsilon _0}\dfrac{{d{\phi _E}}}{{dt}}$

जहाँ ${\phi _E}$ प्लेटों के बीच स्थित किसी बन्द लूप से गुजरने वाला विधुत  फ्लक्स है।
प्लेटों के बीच विधुत  क्षेत्र $E = \dfrac{q}{{{\varepsilon _0}A}}$
यदि लूप का क्षेत्रफल $A$ है तो

$\begin{gathered} {\phi _E} = \oint {\vec E} \cdot d\vec A = \oint {\operatorname{EdA} } [\because \vec E \bot d\vec A] \hfill \\ \Rightarrow {\phi _E} = EA = \dfrac{q}{{{\varepsilon _0}}} \hfill \\ \Rightarrow \dfrac{{d{\phi _E}}}{{dt}} = \dfrac{1}{{{\varepsilon _0}}} \cdot \dfrac{{dq}}{{dt}} \hfill \\ \end{gathered}$

$\therefore {i_D} = {\varepsilon _0}\dfrac{1}{{{\varepsilon _0}}}\dfrac{{dq}}{{dt}} = i$ ⇒  विस्थापन धारा ${i_D} = 0.15A\mid$

(c) हाँ, किरचॉफ का प्रथम नियम संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर भी लागू होता है, क्योंकि
प्लेट तक आने वाली चालन धारा = प्लेट से आगे जाने वाली विस्थापन धारा

2. एक समान्तर प्लेट संधारित्र (चित्र ), $R = 6.0{\text{ cm}}$ त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों से बना है। और इसकी धारिता $C{\text{ }} = {\text{ }}100{\text{ pF}}$ है। संधारित्र को $230\;{\text{V}},{\text{ }}300{\text{ rad}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}\;$ की (कोणीय) आवृत्ति के किसी स्रोत से जोड़ा गया है।
(a) चालन धारा का r.m.s. मान क्या है?
(b) क्या चालन धारा विस्थापन धारा के बराबर है?
(c) प्लेटों के बीच, अक्ष से $3.0{\text{ cm}}$ की दूरी पर स्थित बिन्दु पर B का आयाम ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

यहाँ $R = 6.0 \times {10^{ - 2}}$ मी, $C = 100 \times {10^{ - 12}}{\text{F = }}{10^{ - 10}}\;{\text{F}}$,
${V_{rms}} = 230$ वोल्ट, $w = 300$ $rad s^{-1}$
(a) संधारित्र का धारितीय प्रतिघात
${X_C} = \dfrac{1}{{\omega C}} = \left( {\dfrac{1}{{300 \times {{10}^{ - 10}}}}} \right) = \dfrac{1}{3} \times {10^8}$ ओम

चालन धारा का ${\text{rms}}$ मान

${i_{rms}} = \dfrac{{{V_{rms}}}}{{{X_C}}} = \dfrac{{230V}}{{(1/3) \times {{10}^{ - 8}}\Omega {\text{ }}}} = 6.9 \times {10^{ - 6}} = 6.9\mu {\text{A}}$

(b) विस्थापन धारा

$\begin{gathered} {i_d} = {\varepsilon _0}\dfrac{{d{\Phi _E}}}{{dt}} \hfill \\ = \dfrac{{{\varepsilon _0}d}}{{dt}}(EA) \hfill \\ = {\varepsilon _0}A\dfrac{{dE}}{{dt}} \hfill \\ = {\varepsilon _0}A\dfrac{d}{{dt}}\left( {\dfrac{V}{d}} \right) \hfill \\ = \left( {\dfrac{{{\varepsilon _0}A}}{d}} \right) \cdot \dfrac{{dV}}{{dt}} \hfill \\ = C \times \dfrac{d}{{dt}}\left( {\dfrac{Q}{C}} \right) \hfill \\ \end{gathered}$

$= C \times \dfrac{1}{C} \cdot \dfrac{{dQ}}{{dt}} = {i_C}$( चालन धारा )

अत: चालन धारा तथा विस्थापन धारा बराबर हैं।

(c) प्लेटों के बीच अक्ष से $r = 3.0 \times {10^{ - 2}}$ मी पर $\overrightarrow B$ का आयाम ज्ञात करना है। अत: अक्ष के परित: इस त्रिज्या का बन्द वृत्ताकार लूप लेकर उस पर ऐम्पियर का परिपथीय नियम लगाने पर,

$\begin{gathered} \int {\overrightarrow B } \cdot \vec dl = {\varepsilon _0}{\mu _0}\int {\dfrac{{d\vec E}}{{dt}}} \cdot \vec dS \hfill \\ \Rightarrow B \times 2\pi r = {\mu _0}{\varepsilon _0}\dfrac{{dE}}{{dt}}\pi {r^2} \hfill \\ = {\mu _0}{\varepsilon _0}\pi {r^2}\left( {\dfrac{{dE}}{{dt}}} \right){\text{ }} \hfill \\ \Rightarrow B = \dfrac{{{\mu _0}{\varepsilon _0}r}}{2}\left( {\dfrac{{dE}}{{dt}}} \right) = \dfrac{{{\mu _0}{\varepsilon _0}r}}{2}\left[ {\dfrac{d}{{dt}}\left( {\dfrac{q}{{{\varepsilon _0}A}}} \right)} \right] \hfill \\ = \dfrac{{{\mu _0}r}}{{2A}}\left( {\dfrac{{dq}}{{dt}}} \right) = \dfrac{{{\mu _0} \cdot rI}}{{2A}}{\text{ (}}\because {\text{ }}A = \pi {R^2},B = \dfrac{{{\mu _0}rI}}{{2\pi {R^2}}}) \hfill \\ \end{gathered}$

अत: $\overrightarrow B$ का आयाम
अथवा

$\begin{gathered} {B_0} = \left( {\dfrac{{{\mu _0}}}{{2\pi {R^2}}}} \right){i_0} = \left( {\dfrac{{{\mu _0}r}}{{2\pi {R^2}}}} \right)\left( {{i_{rms}}\sqrt 2 } \right) \hfill \\ {B_0} = \left[ {\dfrac{{\left( {4\pi \times {{10}^{ - 7}}} \right)r}}{{2\pi {R^2}}}} \right]{i_{rms}}\sqrt 2 = \dfrac{{2\sqrt 2 \times {i_{rms}} \times r}}{{{R^2}}} \times \sqrt {{{10}^{ - 7}}} \hfill \\ {B_0} = \left[ {2 \times 1.414 \times \left( {6.9 \times {{10}^{ - 6}}} \right)\dfrac{{ \times 3.0 \times {{10}^{ - 2}}}}{{{{\left( {6.0 \times {{10}^{ - 2}}} \right)}^2}}} \times {{10}^{ - 7}}} \right] \hfill \\ 1.626 \times {10^{ - 11}}\;{\text{Tesla}} \hfill \\ \end{gathered}$

3. ${10^{ - 10}}\;m$ तरंगदैर्घ्य की $X -$ किरणों, $\mathbf{6800 \ \overset{o}{A}}$ तरंगदैर्घ्य के प्रकाश तथा $500{\text{ m}}$ की रेडियो तरंगों के लिए किस भौतिक राशि का मान समान है?
उत्तर:
$X -$ किरणें, लाल प्रकाश तथा रेडियो तरंगें सभी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें हैं। अत: इन सभी की निर्वात् में चाल समान होगी जिसका मान $c = 3 \times {10^8}\;{\text{m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}$ होता है।

4. एक समतल विधुत चुम्बकीय तरंग निर्वात में z-अक्ष के अनुदिश चल रही है। इसके विधुत  तथा चुम्बकीय-क्षेत्रों के सदिश की दिशा के बारे में आप क्या कहेंगे? यदि तरंग की आवृत्ति 30 MHz हो तो उसकी तरंगदैर्घ्य कितनी होगी?
उत्तर:
वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों में संचरण नियतांक सदिश $\vec K$  वैद्युत क्षेत्र सदिश $\vec E\dfrac{\pi }{4}$ तथा चुम्बकीय क्षेत्र सदिश $\vec E$ दायें हाथ की निकाय बनाते हैं। चूँकि संचरण सदिश $\vec K,Z -$ दिशा में हैं, वैद्युत क्षेत्र सदिश $\vec E,X -$ दिशा में तथा चुम्बकीय क्षेत्र सदिश $\vec B,Y -$ दिशा में होगा।
दिया है आवृत्ति, $v = 30MHz = 30 \times 10^6Hz$
प्रकाश की चाल $c = 3 \times {10^8}\;{\text{m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}$

दिया है, $C = 60\mu {\text{F}} = 60 \times {10^{ - 6}}\;{\text{F}},{V_{rms}} = 110\;{\text{V}},f = 60\;{\text{Hz}}$

धारितीय प्रतिघात, ${x_C} = \dfrac{1}{{\omega C}} = \dfrac{1}{{2\pi fC}}$

5. एक रेडियो $7.5\;{\text{ MHz}}$ से $12{\text{ MHz}}$ बैंड के किसी स्टेशन से समस्वरित हो सकता है। संगत तरंगदैर्घ्य बैंड क्या होगा?
उत्तर: ${v_1} = 7.5{\text{MHz}} = 7.5 \times {10^6}$ से$- 1$ के संगत तरंगदैर्घ्य ${\lambda _1} = \dfrac{c}{v} = \dfrac{{3.0 \times {{10}^8}{\text{ m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}}}{{7.5 \times {{10}^6}{\text{ }}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}{\text{ }}}} = 40$ मी
${v_2} = 12{\text{MHz}} = 12 \times {10^6}$ $s^{ - 1}$  के संगत तरंगदैर्घ्य ${\lambda _2} = \dfrac{c}{v} = \dfrac{{3.0 \times {{10}^8}\;{\text{m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}}}{{12 \times {{10}^6}{\text{ }}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}}} = 25$ मी${B_0} = 510{\text{ nT}}$${B_0} = 510 \times {10^{ - 9}}{\sin ^{ - 1}}\theta = 40$
अत: दिये गये आवृत्ति बैण्ड के संगत तरंगदैर्घ्य बैण्ड  मी से $25$ मी

6. एक आवेशित कण अपनी माध्य साम्यावस्था के दोनों ओर $10{\text{ }}Hz$ आवृत्ति से दोलन करता है। दोलक द्वारा जनित विधुत चुम्बकीय तरंगों की आवृत्ति कितनी है?
उत्तर:
हम जानते हैं कि त्वरित अथवा कम्पित आवेशित कण कम्पित विधुत  क्षेत्र उत्पन्न करता है। यह विधुत  क्षेत्र, कम्पित चुम्बकीय-क्षेत्र उत्पन्न करता है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर वैद्युतचुम्बकीय तरंग उत्पन्न करते हैं; जिसकी आवृत्ति, कम्पित कण के दोलनों की आवृत्ति के बराबर होती है।
तरंगों की आवृत्ति $v{\text{ }} = {\text{ }}{10^9}\;{\text{Hz}}$

7. निर्वात में एक आवर्त विधुत चुम्बकीय तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र वाले भाग का आयाम  है। तरंग के विधुत  क्षेत्र वाले भाग का आयाम क्या है?
उत्तर:दिया है,  टेस्ला
$c = 3 \times {10^8}$ मीटर / सेकण्ड
वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के लिए

8. कल्पना कीजिए कि एक विधुत चुम्बकीय तरंग के विधुत  क्षेत्र का आयाम ${E_0} = 120N/C$ है तथा इसकी आवृत्ति $v = 50.0MHz$  है।
(a) ${B_0},{\text{ }}\omega ,{\text{ }}k$ तथा $\lambda$ ज्ञात कीजिए,

उत्तर: $\because E_{0} / B_{0}=0$

$\Rightarrow B_{0}=E_{0} / c$

$\Rightarrow B_{0}=\left(\frac{120}{3 \times 10^{8}}\right) \text { टेस्ला }$

$=40 \times 10^{-8} \text { टेस्ला }$

$=4.0 \times 10^{-7} \text { टेस्ला }$

$=400 \times 10^{-9} \mathrm{~T}$

$=400 \mathrm{nT}$

$\omega=2 \pi v$

$=2 \times 3.14 \times 50.0 \times 10^{6} \text { रेडियन/से }$

$=3.14 \times 10^{8} \text { रेडियन } / \text { से }$

$\text { अत: } \quad \lambda=\frac{c}{v}=\left(\frac{3 \times 10^{8}}{50 \times 10^{6}}\right) \text { मी }$

$=6 \text { मी }$

$\text { तथा } \quad k=\frac{2 \pi}{\lambda}=\left(\frac{2 \times 3.14}{6}\right) \text { रे-मी }^{-1}$

$=1.05 \text { रे/मी }$

(b) $E$ तथा $B$ के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।

उत्तर: $\because{\vec{E}}=E_{0}\sin(k x-\omega t) \cdot \hat{j}$

तथा $\overrightarrow{\mathrm{B}}=B_{0} \sin (k x-\omega t) \cdot \hat{k}$

${\therefore \quad \overrightarrow{\mathrm{E}}=120 \sin \left(1.05 x-3.14 \times 10^{8} t\right) \cdot \hat{j}}$

तथा Vector $B,=400 \times 10^{-7}\left(1.05 \times-3.14 \times 10^{8} t\right)K$

9. विधुत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों की पारिभाषिकी पाठ्यपुस्तक में दी गई है। सूत्र $E{\text{ }} = {\text{ }}h\nu$ (विकिरण के एक क्वांटम की ऊर्जा के लिए : फोटॉन) का उपयोग कीजिए तथा $em$ वर्णक्रम (विधुत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम) के विभिन्न भागों के लिए $ev$ के मात्रक में फोटॉन की ऊर्जा निकालिए। फोटॉन ऊर्जा के जो विभिन्न परिमाण आप पाते हैं वे विधुत चुम्बकीय विकिरण के स्रोतों से किस प्रकार सम्बन्धित हैं?
उत्तर:सूत्र $E = hv$ में,

$v\;\; = \dfrac{c}{\lambda }\;$रखने पर

$\;E\;\; = \dfrac{{hc}}{\lambda }\;$

(S.I. पद्धति में)
यहाँ $c = 3 \times {10^8}\;m/s$
(निर्वात् में वै॰ चु० तरंगों की चाल) (प्लांक का नियतांक)
$h\;\; = 6.62 \times 10\;\;$

इलेक्ट्रॉन वोल्ट में

$E\; = \dfrac{{hc}}{{\lambda \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}eV\;$
(प्लांक का नियतांक) ....(1)
वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भाग निम्नवत् हैं

1. $\gamma$ किरणें-तरंगदैर्घ्य परास ${10^{ - 10}}\;m$ से ${10^{ - 14}}\;m$ से कम तक होती है। अत: यदि $\lambda = {10^{ - 10}}\;m$ तो समीकरण (1) से,
ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{{{10}^{ - 10}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 124 \times {10^3}eV\;\;\; \approx {10^4}eV\;$
यदि $\lambda = {10^{ - 14}}\;m$ हो, तो
ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{{{10}^{ - 14}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; \approx {10^8}eV\;$

इस प्रकार किरणों की ऊर्जा ${10^4}$ से ${10^8}eV$ के परिसर में होती है।
2. X-किरणें-तरंगदैर्घ्य परास ${10^{ - 8}}\;m$ से ${10^{ - 13}}\;m$ तक होती है।
अत: $\lambda = {10^{ - 8}}\;m$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{{{10}^{ - 8}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 124eV\;\;\; \approx {10^2}eV\;$

$\lambda = {10^{ - 13}}\;m$ के लिए

$E \approx {10^7}eV$

इस प्रकार X-किरणों की ऊर्जा ${10^2}$ से ${10^7}eV$ तक परिसर में होती है।

3. पराबैंगनी किरणें-तरंगदैर्घ्य परास $4 \times {10^{ - 7}}\;m$ से $6 \times {10^{ - 10}}\;m$ तक होती है। अत: $\lambda = 4 \times {10^{ - 7}}\;m$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{4 \times {{10}^{ - 7}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 3.1eV\;\;\; \approx {10^0}\;$

$\lambda = 6 \times {10^{ - 10}}\;m$ के लिए

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{4 \times {{10}^{ - 10}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 21 \times {10^3}eV\;\;\; \approx {10^3}eV\;$

इस प्रकार पराबैंगनी किरणों की ऊर्जा ${10^ \circ }$ से ${10^3}eV$ तक परिसर में होती है।
4. दृश्य विकिरण-तरंगदैर्घ्य परास $4 \times {10^{ - 7}}\;m$ से $7 \times {10^{ - 7}}\;m$ तक होती है। $\lambda = 4 \times {10^{ - 7}}\;m$ के लिए ऊर्जा
$E = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{4 \times {{10}^{ - 7}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}$ $= 3.1eV$

$\lambda = 7 \times {10^{ - 7}}\;m$ के लिए ऊर्जा
$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{7 \times {{10}^{ - 7}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 1.77eV\;$

5. इस प्रकार दृश्य विकिरण की ऊर्जा $1.8eV$ से $3.1eV$ तक परिसर में होती है।
अवरक्त विकिरण-तरंगदैर्घ्य परास $7 \times {10^{ - 7}}\;m$ से $7 \times {10^{ - 4}}\;m$ तक होती है। $\lambda = 7 \times {10^{ - 7}}\;m$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{7 \times {{10}^{ - 7}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 1.77eV\;\;\; \approx {10^0}eV\;$

$\lambda = 7 \times {10^{ - 4}}\;m$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{7 \times {{10}^{ - 4}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 1.77 \times {10^{ - 3}}eV\;\;\; \approx {10^{ - 3}}eV\;$

6. इस प्रकार अवरक्त विकिरण की ऊर्जा ${10^{ - 3}}eV$ से ${10^0}eV$ तक के परिसर में होती है।

सूक्ष्म तरंगें-तरंगदैर्घ्य परास $1\;mm$ से $0.3\;m$ तक होती है। $= 1\;mm$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{{{10}^{ - 3}} \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 1.24 \times {10^{ - 3}}eV \approx {10^{ - 3}}eV\;$

$\lambda = 0.3\;m$ के लिए ऊर्जा

$E\;\; = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{0.3 \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}}\;\;\; = 1.24 \times {10^{ - 6}}eV \approx {10^{ - 6}}eV\;$

इस प्रकार सूक्ष्म तरंगों की ऊर्जा ${10^{ - 3}}eV$ से ${10^{ - 6}}eV$ तक के परिसर में होती है।$\lambda = 1\;{\text{m}}$
7. रेडियो तरंगें-तरंगदैर्घ्य परास $1\;m$ से कुछ किलोमीटर तक होती है।  के लिए ऊर्जा

$E = \dfrac{{6.62 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{1 \times 1.6 \times {{10}^{ - 19}}}} = 1.24 \times {10^{ - 6}}{\text{eV}} \approx {10^{ - 6}}{\text{eV}}$

$\lambda =$कुछ किलोमीटर के लिए ऊर्जा  $E \approx {10^{ - 11}}\;{\text{eV}}$

इस प्रकार रेडियो तरंगों की ऊर्जा ${10^{ - 6}}\;{\text{eV}}$ से ${10^{ - 11}}\;{\text{eV}}$ तक के परिसर में होती है। एक फोटोन की ऊर्जा, स्रोत के ऊर्जा-स्तरों में अन्तराल प्रदर्शित करती है। $\lambda = {10^{ - 12}}\;{\text{m}}$ तरंगदैर्घ्य, $1.24\;{\text{MeV}}$ ऊर्जा के संगत है। यह प्रदर्शित करता है कि नाभिकीय ऊर्जा स्तरों (जिनके बीच संक्रमण से -किरणें उत्पन्न होती हैं) में ऊर्जा-स्तर अन्तराल $1\;{\text{MeV}}$ के लगभग ही होता है। इसी प्रकार $\lambda = 5 \times {10^{ - 7}}\;{\text{m}}$ (दृश्य प्रकाश) तरंगदैर्घ्य $2.5\;eV$ ऊर्जा के संगत है। यह प्रदर्शित करता है कि ऊर्जा-स्तरों, जिनके बीच संक्रमण से दृश्य प्रकाश उत्सर्जित होता है।, का ऊर्जा स्तर अन्तराल कुछ $eV$ ही होता है।

10. एक समतल em (विधुत चुम्बकीय) तरंग में विधुत  क्षेत्र, $2.0 \times {10^{10}}\;{\text{Hz}}$ आवृत्ति तथा $48{\text{ V}}{{\text{m}}^{{\text{ - 1}}}}$ आयाम से ज्यावक्रीय रूप से दोलन करता है।
(a) तरंग की तरंगदैर्घ्य कितनी है?
(b) दोलनशील चुम्बकीय-क्षेत्र का आयाम क्या है?
(c) यह दर्शाइए $\vec E$ क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व, $\vec B$ क्षेत्र के औसत ऊर्जा घनत्व के बराबर है।
$\left( {c = 3 \times {{10}^8}\;{\text{m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 1}}}}} \right)$
उत्तर:दिया है, ${E_0} = 48\;{\text{V}}{{\text{m}}^{{\text{ - 1}}}}$ विधुत  क्षेत्र की आवृत्ति $= 2.0 \times {10^{10}}\;{\text{Hz}}$
(a) तरंग की आवृत्ति $v =$ विधुत  क्षेत्र की आवृत्ति $= 2.0 \times {10^{10}}\;{\text{Hz}}$
तरंग की तरंगदैर्घ्य $\lambda = \dfrac{c}{v} = \dfrac{{3 \times {{10}^8}}}{{2 \times {{10}^{10}}}} = 1.5 \times {10^{ - 2}}\;{\text{m}}$

(b) $c = \dfrac{{{E_0}}}{{{B_0}}}$ से,
चुम्बकीय-क्षेत्र का आयाम ${B_0} = \dfrac{{{E_0}}}{c} = \dfrac{{48}}{{3 \times {{10}^8}}} = 1.6 \times {10^{ - 7}}\;{\text{T}}$

(c) विधुत  क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व

${u_E} = \dfrac{1}{2}{\varepsilon _0}E_{rms}^2 = \dfrac{1}{2}{\varepsilon _0}{\left( {\dfrac{{{E_0}}}{{\sqrt 2 }}} \right)^2} = \dfrac{1}{4}{\varepsilon _0}E_0^2$

जबकि चुम्बकीय-क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व

$\begin{gathered} {u_B} = \dfrac{1}{2}\dfrac{{B_{r,m \cdot s}^2}}{{{\mu _0}}} = \dfrac{1}{{2{\mu _0}}}{\left( {\dfrac{{{B_0}}}{{\sqrt 2 }}} \right)^2} \hfill \\ = \dfrac{1}{{4{\mu _0}}}B_0^2 = \dfrac{1}{{4{\mu _0}}}{\left( {\dfrac{{{E_0}}}{c}} \right)^2}\left[ {\because {c^2} = \dfrac{1}{{{\mu _0}{e_0}}} \Rightarrow \dfrac{1}{{{\mu _0}{c^2}}} = {\varepsilon _0}} \right] \hfill \\ = \dfrac{{E_0^2}}{{4{\mu _0}{c^2}}}{u_B} = \dfrac{1}{4}{\varepsilon _0}E_0^2 \Rightarrow {u_B} = {u_E} \hfill \\ \end{gathered}$

## NCERT Solutions for Class 12 Physics Chapter 8 Electromagnetic Waves In Hindi

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