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Important Questions for CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 5 - Ek Kam, Satya

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Last updated date: 23rd May 2024
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CBSE Class 12 Hindi Antra Important Questions Chapter 5 - Ek Kam, Satya - Free PDF Download

Free PDF download of Important Questions with solutions for CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 5 - Ek Kam, Satya prepared by expert Hindi teachers from latest edition of CBSE(NCERT) books.

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Study Important Questions for Class 12 Hindi Antra Chapter 05 - एक कम/सत्य

अति लघु उत्तरीय प्रश्न                                                                         (1 अंक)

1.कवि ने कब से लोगो को आत्मनिर्भर , मालामाल और गतिशील होते देखा है?

उत्तर: 1947 के बाद के लोगो को कवि ने लोगो को आत्मनिर्भर , मालामाल और गतिशील होते देखा है।


2.निमा का विलोम शब्द लिखिए।

ईमानदार, संकल्प, विरोध।

उत्तर: ईमानदार – बेईमान 

संकल्प – विकल्प 

विरोध – समर्थन


3.निम्न शब्दो का अर्थ लिखिए।

आश्रित, निर्लज्ज, निनिर्मेश

उत्तर: आश्रित – किसी पर निर्भर होना।

निर्लज्ज – जिसे खुद कि परवाह ना हो।

निनीर्मेश – एक टक देखना।


4.निम्न का पर्यायवाची लिखिए।

घने, सत्य, स्वामी।

उत्तर: घने  - घनिष्ठ, सघन 

सत्य – सच, सच्चाई , हकीकत

स्वामी – मालिक, राजा


5.आत्मनिर्भर ………………. होते देखा है।रिक्त स्थान की पूर्ति करो।

उत्तर: आत्मनिर्भर, मालामाल और गतिशील होते देखा है।


लघु उत्तरीय प्रश्न                                                                                        (2 अंक)

1.कविता ' एक कम ' से कवि का क्या अभिप्राय हैं?

उत्तर: स्वतंत्रयोत्तर भारतीय समाज में प्रचलित हो रही जीवनशैली को कवि ' एक कम ' कविता के माध्यम से रेखांकित किया है।


2.कवि के अनुसार लोगो ने अमीर बनने के लिए क्या किया?

उत्तर:1947 में आज़ादी मिलने पश्चात अमीर का और अमीर होने का कारण बताते हुए कहते हैं लोग अमीर बनने की होड़ में अपना स्वाभिमान खोते जा रहे हैं।


3.कविता ' एक कम ' की विशेषता को लिखो।

उत्तर: कविता की विशेषता निम्न प्रकार है – 

1.कवि ने भ्रष्टाचारी लोगो की निंदा की है।

2.जिन लोगो ने धोखाधड़ी और गलत तरीके से धन अर्जित किया है उसकी भी निंदा की हैं।


4.हाथ फैलाने वाले व्यक्ति को कवि ने ईमानदार क्यों कहा है?

उत्तर: हाथ फैलाने वाले व्यक्ति को कवि ने ईमानदार इसलिए कहा हैं क्योंकि वह जानते हैं कि यदि वह अमीर होता तो उससे बात फैलाने की कोई आवश्यकता नहीं होती।


5.कवि ने स्वंय  लाचार, कामचोर और धोखेबाज क्यों कहा हैं?

उत्तर: कवि को पता है को ईमानदार हैं और को बेईमान यह सब जानते हुए भी वह कुछ नहीं कर सकता इसलिए कवि ने स्वंय को लाचार, धोखेबाज और कामचोर कहा हैं।


लघु उत्तरीय प्रश्न                                                                              (3 अंक)

1.की अब जब आगे……तो जान लेता हूं। पंक्तियों का भावार्थ लिखो।

उत्तर: इन पंक्तियों के माध्यम से कवि ने अमीर और गरीब के बीच के अंतर को बताया गया है कि को व्यक्ति हाथ फैलाकर मांगता है वह सच्चा और ईमानदार हैं क्योंकि अगर वह बेईमान होता तो वह भी अमीर होता।


2.मानता हुआ कि हां………एक मामूली धोखेबाज। पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: पंक्तियों की मदद से कवि खुद की स्तिथि को बता रहे हैं कि वह सब जानते हैं कि को ईमानदार हैं और को बेईमान फिर भी वह उनकी कोई मदद नहीं कर पा रहे और उन्हें अनदेखा करना पड़ रहा है इस स्तिथि में कवि खुद को लाचार और मजबूर महसूस करते हैं।


3.मैंने अपने को हटा लिया है हर होड़ से…..में तुम्हारा विरोधी प्रतिद्वंदी या हिस्सेदार नहीं।पंक्तियों का अर्थ बताए।

उत्तर:  कवि पंक्तियों के माध्यम से गरीबों को विश्वास दिलाते हैं कि में जानता हूं तुम लोग ईमानदार हो पर में तुम्हारी कोई मदद नहीं का पा रहा लेकिन तुम लोग बेफिक्र रहो अगर में तुम्हारा साथ नहीं दे रहा तो मैं तुम लोगो का विरोध भी नहीं कर रहा।


4.जब हम सत्य को…….घने जंगलों में।पंक्तियों का अर्थ बताए।

उत्तर: कवि बताते हैं की सत्य केवल पुस्तकों से प्राप्त नहीं होता उसके लिया ताप भी करना पड़ता हैं।विदुर को सत्य का प्रतीक और युधिष्ठिर को सत्यवान का प्रतीक बताया हैं। युधिष्ठिर सत्य को पाने के लिए विदुर को पुकार रहे हैं।


5.सत्य शायद………भटक सकते हैं।पंक्तियों का अर्थ बताइए।

उत्तर: पंक्तियों में बताया हैं की जब युधिष्ठिर विदुर से मिलने जाते हैं तो वह अपना मुंह छिपाकर जंगल में भाग जाते हैं। अर्थात सत्य यह जानने का प्रयास करता है कि वह उसके पीछे कितें दूर तक भाग सकते हैं।सच हमारी परीक्षा लेता की और यह ज्ञात करता की हम उसके प्रति कितने निष्ठावान हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न                                                                                    (5 अंक)

1.विमुद्रिकरण से समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: 1947 में आज़ादी के बाद भ्रष्टाचार  बढ गया थाजिस्के करें लोग भारी मात्रा में अमीर हो रहे थे और पैसे नकदी k रूप में था। विमुद्रीकरण से गरीक लोग जो बचत के रूप में नकदी रखते थे वह प्रभावित हुए। समाज विमुद्रिकरान से प्रभावित हुआ और भ्रष्ट लोग परेशान हो गए। इससे आम आदमी भी प्रभावित हुए क्योंकि इसके बाद भी प्रक्रिया ठीक से संरखित नहीं हो सकी।


2.' में तुम्हारा प्रतिद्वंदी, विरोधी या हिस्सेदार नहीं हूं ' पंक्ति का अर्थ बताइए।

उत्तर: कवि पंक्ति अनैतिक और भ्रथ लोगों को संबोधित कर रहे हैं। अनैतिक और भ्रष्ट लोगो की कवि को कोई आवश्यकता नहीं क्योंकि उनके साथ उसकी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं हैं। कवि उनका विरोध नहीं कर रहे तो कवि उनका किसी प्रकार का साथ भी नहीं दे रहे।हम अनैतिक और भ्रष्ट लोगो को अपना प्रतिद्वंदी या समर्थक नहीं मानना चाहिए।


3.कवि ऐसा क्यूं कहते हैं कि ' युधिष्ठिर जैसा संकल्प लो ' ?

उत्तर: कवि ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि कवि हम सिखाना चाहते हैं की हम अपने चुने हुए मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। युधिष्ठिर ने सत्य का मार्ग चुना और उनके सामने सभी को झुकना पड़ा। सत्य को उन्होंने अपने चरित्र में आत्मसात किया जिससे कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। हमें चाहे जितने कष्ट हो सच्चाई का मार्ग ही चुनना चाहिए । इसलिए कविं ने युधिष्ठिर को धर्मराज कहा हैं।


4.कवि ऐसा क्यूं कहते हैं सत्य दिखना और ओझल होना?

उत्तर: कवि बताते हैं की सत्य एक प्रकार की शक्ति जो दिखाई देती हैं परन्तु जब वह विरोधियों के बीच जाती हैं तो वह ओझल हो जाती हैं अर्थात दिखाई नहीं देती। सत्य कोई वस्तु नहीं है जिसके कारण वह हर समय किसी के सामने नहीं  आती। सत्य को लोग अपने फायदे या स्वार्थ अनुसार पेश करते हैं। इसी कारण सत्य ओझल हो जाता है। सच्चे आचरण में केवल सत्य दिखाई देता है इसलिए कवि कहते हैं कि सत्य दृश्य होता है और ओझल भी हो जाता है।


5.कविता में बार – बार प्रयोग होने वाला ' हम ' को हैं और उसकी क्या चिंता हैं?

उत्तर: ' हम ' शब्द का प्रयोग कविता में सत्य की खोज करने वाले लोगों के लिए किया गया है। खोज करने वाले की मूल परेशानी यह हैं कि वह सत्य की खोज करने में समर्थ नहीं हैं। उनके मन में प्रश्न हैं कि सत्य का मूल रूप जानने पर वह उसे समाज में स्थापित के पाएंगे। परंतु लोग हमेशा सत्य की खोज में असफल हो जाते हैं।

FAQs on Important Questions for CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 5 - Ek Kam, Satya

1. How many questions are there in Chapter 5-Ek Kam and Satya of Class 12 Hindi (Antra)?

This chapter comprises six Ek Kam practice questions and six Satya practice questions. For the NCERT Class 12 Hindi Antra-Ek Kam and Satya answers, you can easily get the PDF for free from the vedantu website. You can see that the answers are based on the revised curriculum and test pattern. You can have the whole material at one location which will help you with your board exam preparation. Get yourself well prepared with the help of Vedantu. 

2. What has the poet tried to convey from the poem Ek Kam of Chapter 5 of Class 12 Hindi (Antra)?

Through the poem Ek Kam, the poet has discussed the way of life that prevailed in post-independence Indian society. Everything changed, and the delicate public attraction became disrupted, no longer resembling what the liberation fighting parties had envisaged, the entire country or the faithfulness, honesty. As a result, mutual trust, fraternity, and collectivity among a large number of the public have all been replaced by the use of deception and mutual struggle.

3. What does the poet say about truth and reality?

There may not be any static structure or sense of reality that can make it everlasting today. Despite the poet's living in a kingdom where he no longer has to accomplish anything, he no longer has to put himself in the lives of such people. The domain of truth has been shifting in accordance with objects, events, positions, and personalities, and what is true for one person is likely no longer true for another. To know more students can download the vedantu app.

4. What has the poet tried to convey from the poem Satya of Chapter 5 of Class 12 Hindi (Antra)?

The poet wanted to show the importance of reality in people's lives via his poem Satya. He utilized mythical allusions and Mahabharata letters that were entirely based on the historical story. This shows that the poem is a reflection of the period and society in which it was written. It's been tough to perceive and preserve realism in it, as evidenced by this poetry. The truth appears and vanishes at random intervals. To know more about this poem, visit the page-Important questions for Class 12 Hindi and download the PDF free of cost.

5. What are the ways the poet has indicated for the people to become self-reliant, prosperous, and dynamic? 

The poet has given many ways for people to become self-reliant, wealthy, and dynamic. After independence, everyone has lost their faith in the race to move forward. They can adopt any wrong method to earn money. All these people have remained self-sufficient, rich, and dynamic by not working hard but by selling their faith, lying and deceit. They don't care about others’ suffering. To get a clearer understanding of this chapter, visit Vedantu website (vedantu.com).