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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 - Vaigyanik Chetana K Bahak Chandrasekhar Venkat Raman

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Last updated date: 01st Mar 2024
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IVSAT 2024

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 4 - Vaigyanik Chetana K Bahak Chandrasekhar Venkat Raman PDF Download

We, at Vedantu, provide NCERT Solutions for Hindi. With the help of NCERT Solutions for Class 9, students can now excel in Hindi. NCERT Solutions for students are also available for Chapter 4 Sparsh Class 9. The solutions for Chapter 4 Sparsh are easy to understand and follow. NCERT Solutions are a great help, especially for last-minute exam preparations. The instructions are simple and easy to follow by students. Remember that these solutions consist of summaries and questions and answers that are prepared by subject experts which makes NCERT Solutions reliable and credible. 


Class:

NCERT Solutions For Class 9

Subject:

Class 9 Hindi Sparsh

Chapter Name:

Chapter 4 - Vaigyanik Chetana K Bahak Chandrasekhar Venkat Raman

Content Type:

Text, Videos, Images and PDF Format

Academic Year:

2023-24

Medium:

English and Hindi

Available Materials:

Chapter Wise

Other Materials

  • Important Questions

  • Revision Notes


You can also download NCERT Solutions for Class 9 Maths and NCERT Solution for Class 9 Science to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations.

Access NCERT Solutions for Class 9 Hindi स्पर्श पाठ 4 : वैज्ञानिक चेतना के वाहक चंद्रशेखर वेंकट रामन्

मौखिक

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक- दो पंक्ति में दीजिए:

1. रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी के अलावा और क्या थे?

उत्तर: रामन् भावुक प्रकृति प्रेमी होने के अलावा एक जिज्ञासु वैज्ञानिक और सुयोग्य शोधकर्ता थे।


2. समुद्र को देखकर रामन् के मन में कौन-कौन सी दो जिज्ञासाएँ उठी?

उत्तर: समुद्र को देखकर  रामन् के मन में निम्न दो जिज्ञासाएँ उठी:

(क) समुद्र का पानी रंगीन ही क्यों होता है?

(ख) समुद्र के पानी का रंग नीला ही क्यों होता है?


3. रामन्  के पिता ने उन में किन विषयों की सशक्त नींव डाली?

उत्तर: उनके पिता ने उन्हें भौतिकी एवं गणित की उत्तम शिक्षा दी,जो उनके लिए बाद में बहुत कारगर साबित हुई।


4. वाद्य यंत्रों की ध्वनि के अध्ययन के द्वारा रामन् क्या करना चाहते थे?

उत्तर: वाद्य यंत्रों की ढाणी के अध्ययन के द्वारा रमन उनके पीछे के वैज्ञानिक रहस्यों पर्दा उठाना चाहते थे, और दुनिया को यह बताना चाहते थे कि भारत के वाद्य यंत्र भी विदेशी वाद्य यंत्रों से किसी भी मायने में कम नहीं है।


5. सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे रमन की क्या भावना थी?

उत्तर: सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे रमन की एक उत्कृष्ट सोच शामिल थी, जो उन्हें किसी भी सुख सुविधा से परे राष्ट्र को एक उत्तम ज्ञान देने के लिए आकर्षित कर रही थी।


6. रामन् प्रभाव की खोज के पीछे कौन सा सवाल हिलोरा ले रहा था?

उत्तर: रामन् प्रभाव की खोज के पीछे रावण की खुद की जिज्ञासा से उत्पन्न सवाल हिलोरा ले रहा था के पानी का रंग नीला ही क्यों होता है।


7. प्रकाश तरंगों के बारे में आइंस्टाइन ने क्या बताया?

उत्तर: प्रकाश तरंगों के बारे में आइंस्टाइन ने बताया था कि यह सूक्ष्म कणों "फोटॉन" से मिलकर बनी है जो बहुत तीव्र गति से गतिशील है।


8. रामन्  की खोज ने किन अध्ययनों को सहज बनाया?

उत्तर: रामन् की खोज ने पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं के बारे में खोज के अध्ययन को सहज बनाया।


प्रश्न अभ्यास (लिखित)

प्रश्नों के उत्तर (25 - 30 शब्दों में)लिखिए।

9. कॉलेज के दिनों में  रामन् की दिली इच्छा क्या थी?

उत्तर: कॉलेज के दिनों में रामन् की दिली इच्छा थी कि वह नए- नए वैज्ञानिक प्रयोग करें एवं अपना पूरा जीवन शोध कार्यों में लगा दे। परंतु उस समय भारत में शोध कार्यों को करने के लिए व्यवस्थित अनुसंधान केंद्र नहीं थे इसलिए वह उसे कैरियर के रूप में ना चुन सके।


10. वाद्य यंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन-सी भ्रांतियों को तोड़ने की कोशिश की?

उत्तर: रामन्  ने देशी एवं विदेशी दोनों वाद्य यंत्रों पर अपने प्रयोग किए एवं उन्होंने इसके माध्यम से पश्चिमी देशों की इस भांति को तोड़ने की कोशिश की कि उनके वाद्ययंत्र भारतीय वाद्य यंत्रों से अधिक उत्तम हैं।


11. रामन् के लिए नौकरी संबंधी कौन-सा निर्णय कठिन था?

उत्तर: रामन् से जब आशुतोष मुखर्जी ने उनसे सरकारी नौकरी को छोड़कर कोलकाता विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर का पद लेने के लिए आग्रह किया तो यह उनके लिए कठिन समस्या बन गई। उस समय रामन् जिस सरकारी पद पर थे उसकी हैसियत बहुत अधिक थी और वहां पर सुविधाएं भी बहुत मिलती थी परंतु कोलकाता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की पद की ना तो उतनी उस समय हैसियत थी ना ही इतनी सुविधाएं मिलती थी अतः उनके लिए बहुत ही कठिन निर्णय था।


12. सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?

उत्तर: सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है-

  • 1924 में उन्हें रॉयल सोसाइटी की सदस्यता प्रदान की गई।

  • 1920 में उन्हें सर की उपाधि दी गई।

  • 1930 में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

  • 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया

  • रॉयल सोसाइटी का ह्यूज पदक प्रदान किया गया।

  • सोवियत संघ का अंतरराष्ट्रीय लेनिन पुरस्कार मिला।


13. रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतीय चेतना को जागृत किया गया ऐसा क्यों कहा गया है?

उत्तर: रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतीयों के अंदर से अवधारणा को निकाल दिया कि वे अंग्रेजों से किसी मायने में कम है। उन्होंने विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को भी एक मार्ग दिखाया। रामन् को मिलने वाले पुरस्कारों ने भारतीय चेतना को जागृत किया।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में)लिखिए।

14. रामन् के प्रारंभिक शोध कार्य को आधुनिक हठयोग क्यों कहा गया है?

उत्तर: रामन् के प्रारंभिक शोध कार्य को आधुनिक हठयोग इसलिए कहा गया है क्योंकि वह एक सरकारी अफसर थे इस कारण उनकी दिनचर्या बहुत ही व्यस्त थी। लेकिन वे जब भी फुर्सत पाते तो इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस की प्रयोगशाला में काम करते। उपकरणों का अभाव में उन्हें उनकी वैज्ञानिक एवं अनुसंधान रुचि से वंचित न कर सका। उनके प्रारंभिक शोध कार्य को आधुनिक हठयोग कहा गया है।


15. रामन् की खोज रामन् प्रभाव क्या है ?स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: रामन् प्रभाव वह प्रभाव है जो रावण के उस प्रश्न के उत्तर के रूप में आया था जो उनके मस्तिष्क में तब कौन था जब वे समुद्र की यात्रा पर थे किस समुद्र के पानी का रंग नीला ही क्यों होता है? इस प्रभाव के अनुसार प्रकाश एकवर्णीय किरण है यदि वह इसी तरह लिया ठोस रावेदार पदार्थ से गुजरती है तो वह या तो ऊष्मा को ग्रहण करती है या उसका त्याग करती हैं इस प्रकार उसके वर्ण में परिवर्तन आ जाता है।


16. "रामन् प्रभाव" की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य संभव हो सके?

उत्तर: "रामन् प्रभाव" की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य संभव हो सके-

  • विभिन्न पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन सहज हो गया।

  • पदार्थों की आंतरिक संरचना जानने के बाद अब उनका प्रयोगशाला में कृत्रिम उत्पादन संभव हो सका।

  • रामन् स्पेक्ट्रोस्कोपी का विकास हुआ जो एक अत्याधुनिक त्रुटि रहित तकनीक है।


17. देश को वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन प्रदान करने में सर चंद्रशेखर वेंकट रामन‌् के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के शोध पत्रों एवं उन्हें मिले पुरस्कारों से भारतीयों में भी विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जागी अब लोगों को भरोसा हो गया कि भारतीय भी कुछ कर सकते हैं। उनका जीवन विज्ञान के प्रति एक समर्पित कहानी के रूप में उभरा, जिसने कई युवाओं को आकर्षित किया। उन्होंने बेंगलुरु में शोध संस्थान की स्थापना की जिसे रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट के नाम से जाना जाता है। भौतिक शास्त्र में अनुसंधान के लिए इंडियन जनरल ऑफ फिजिक्स नामक शोध पत्र का आरंभ किया।करंट साइंस नामक पत्रिका भी शुरू की। भारत में वैज्ञानिक चेतना और दृष्टिकोण के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिये।


18. सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से हमें यह संदेश प्राप्त होता है कि परिस्थिति चाहे जो भी हो हमें अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए और पूर्ण मेहनत से उसे प्राप्त करने का उपयोग करना चाहिए।किसी भी सुख सुविधा से बढ़कर हमारे लिए देश हित होना चाहिए। हमें एक उत्कृष्ट दृष्टा होना चाहिए एवं इसके साथ ही एक जिज्ञासु मनुष्य भी होना चाहिए जो अपने आसपास हो रही घटनाओं पर प्रश्न उठा सके।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए

19. उनके लिए सरस्वती की साधना सरकारी सुख सुविधाओं से कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी।

उत्तर: सर वेंकट रामन् के विषय में इस कथन का इस्तेमाल किया गया है जिसका आशय यह है कि उन्होंने अपनी सारी सुख सुविधाएं छोड़कर बच्चों को विद्यादान देना उचित समझा। जो उनकी विद्या अर्थात माता सरस्वती में आस्था का प्रमाण है।


20. हमारे पास ऐसी न जाने कितनी ही चीजें बिखरी पड़ी है जो अपने पात्र की तलाश में हैं।

उत्तर: सर रामन् ने वाद्य यंत्रों पर शोध किया, उनके पीछे की विज्ञान को उजागर किया एवं जल पर रामन् प्रभाव की खोज कर दुनिया को यह संदेश दिया कि जो भी हमारे आस पास हो रहा है उसके पीछे कोई ना कोई विज्ञान अवश्य है।जिसे हमें उजागर करना है और विश्व को एक नया ज्ञान प्रदान करना है।


21. यह अपने आप में एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।

उत्तर: यह कथन सर रामन् के शुरुआती शोध कार्यों के बारे में कहा गया है। हट का मतलब होता है किसी चीज पर जब तक अडिग रहना जब तक वह पूर्ण न हो जाए। रामन् ने भी अपने शुरुआती शोध कार्यों में मान लो या हट ही कर ली हो कि चाहे उपकरणों का कितना भी अभाव में यह कार्य कर कर ही रहूंगा चाहे मुझे कैसे भी समय निकालना पड़े मैं शोध करूंगा ही।


22. उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।

इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कॉपी, इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ़ इंडिया साइंस, फिलॉसफिकल मैगजीन, भौतिकी ,रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट

1. रामन् का पहला शोध पत्र ____ में प्रकाशित हुआ था।

उत्तर: रामन् का पहला शोध पत्र फिलोसॉफिकल मैगजीन में प्रकाशित हुआ था।


2. रामन् की खोज ___ के क्षेत्र में क्रांति के समान थी।

उत्तर: रामन् की खोज भौतिकी के क्षेत्र में एक क्रांति के समान थी।


3. कोलकाता की मामूली सी प्रयोगशाला का नाम_____ था।

उत्तर: कोलकाता की मामूली सी प्रयोगशाला का नाम इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस था।


4. रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान ____ नाम से जाना जाता है।

उत्तर: रामन् द्वारा स्थापित शोध संस्थान रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट नाम से जाना जाता है।


5. पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए____ का सहारा लिया जाता था।

उत्तर: पहले पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी का सहारा लिया जाता था।


भाषा अध्ययन

23. नीचे को समान दर्शी शब्द दिए जा रहे हैं जिनका अपने वाक्य में इस प्रकार प्रयोग करें कि उनके अर्थ का अंतर स्पष्ट हो सके।

क) प्रमाण 

उत्तर: प्रमाण - प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या आवश्यकता है?


ख) प्रणाम 

उत्तर: प्रणाम - अपने से बड़ों को प्रणाम करें।


ग) धारणा 

उत्तर: धारणा - किसी के विषय में पहले से बनाई गई धारणा हमेशा सच नहीं होती।


घ) धारण 

उत्तर: धारण - सन्यासी हमेशा गेरुआ वस्त्र धारण करते हैं।


ड़) पूर्वर्ती 

उत्तर: पूर्ववर्ती - भारत के पूर्ववर्ती इलाके संवेदनशील हैं।


च) परावर्ती 

उत्तर: परवर्ती - इस अध्यापक के परवर्ती अध्यापक इतने अच्छे नहीं थे।


छ) परिवर्तन 

उत्तर: परिवर्तन - समाज में परिवर्तन आना उसके विकास के लिए अत्यधिक आवश्यक है।


ज) प्रवर्तन

उत्तर: प्रवर्तन - सम्राटों ने अपने-अपने समय में मुद्राओं का प्रवर्तन किया।


24. शब्द के विलोम शब्द का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-

1. मोहन के पिता मन से सशक्त होते हुए भी तन से____ हैं।

उत्तर: मोहन के पिता मन से सशक्त होते हुए भी तन से अशक्त हैं।


2. अस्पताल के अस्थाई कर्मचारियों ____ को रूप से नौकरी दे दी गई है।

उत्तर: अस्पताल के अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई रूप से नौकरी दे दी गई है।


3. रामन् ने अनेक ठोस रवों और ____ पदार्थों पर प्रकाश की किरण के प्रभाव का अध्ययन किया।

उत्तर: रामन् ने अनेक को श्रवण और तरल पदार्थों पर प्रकाश की किरण के प्रभाव का अध्ययन किया।


4. आज बाजार में देसी और______ दोनों प्रकार के खिलौने उपलब्ध हैं।

उत्तर: आज बाजार में देशी और विदेशी दोनों प्रकार के खिलौने उपलब्ध हैं।


5. सागर की लहरों का आकर्षण उनके विनाशकारी रूप को देखने के बाद ____ में परिवर्तित हो जाता है।

उत्तर: सागर की लहरों का आकर्षण उसके विनाशकारी रूप को देखने के बाद विकर्षण में परिवर्तित हो जाता है।


25. नीचे दिए उदाहरण में रेखांकित अंश में शब्द एवं का प्रयोग हुआ है-

उदाहरण - चाऊतान को गाने बजाने में आनंद आता है।

उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द युग्मो का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

सुख-सुविधा -

अच्छा-खासा -

प्रचार-प्रसार -

आस-पास -

उत्तर: 

  • सुख-सुविधा- सुख-सुविधा ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं है।

  • अच्छा-खासा- हमारे नेताओं का विश्व में अच्छा खासा सम्मान है।

  • प्रचार-प्रसार- एक कंपनी अपने उत्पाद का हमेशा प्रचार-प्रसार करती है।

  • आस-पास-अपने आसपास अच्छे लोगों को ही बैठने दें।


26. प्रस्तुत पाठ में आए अनुस्वार और अनुनासिक शब्दों को निम्न तालिका में लिखिए-

अनुस्वार 

अनुनासिक

अंदर 

ढूंढते 




उत्तर: 

अनुस्वार 

अनुनासिक

अंदर 

ढूंढते 

रंग 

जहां

प्रेसीडेंसी संस्था

जाएं

संस्था

पहुंचना 

वेंकट रामन्

सुविधाएं




27. पाठ में निम्नलिखित विशिष्ट भाषा प्रयोग आए हैं‌ सामान्य शब्दों में इन का आशय स्पष्ट कीजिए:

घंटों खोए रहते, स्वाभाविक रुझान बनाए रखना,अच्छा- खासा काम किया, हिम्मत का काम था, सटीक जानकारी, काफी ऊंचे अंक हासिल किए, कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया था,मोटी तनख्वाह

उत्तर: 

  • घंटों खोए रहते- बहुत देर तक ध्यान में लीन रहते।

  • स्वाभाविक रुझान बनाए रखना -किसी चीज में अपनी सहज रुचि को बनाए रखना।

  • हिम्मत का काम था- बहुत ही कठिन कार्य था।

  • सटीक जानकारी-बिल्कुल सही जानकारी।

  • काफी ऊंचे अंक हासिल किए- बहुत ही अच्छे अंक लाए।

  • कड़ी मेहनत के बाद खड़ा किया था- बहुत ही मेहनत के बाद संस्थान की स्थापना की थी।

  • मोटी तनख्वाह -बहुत अधिक आमदनी होना।


28. पाठ के आधार पर मिलान कीजिए-

नीला                                                                               कामचलाऊ

पिता                                                                                रव 

तैनाती                                                                             भारतीय वाद्य यंत्र

उपकरण                                                                         वैज्ञानिक रहस्य

घटिया                                                                             समुद्र 

फोटॉन                                                                            नींव

भेदन                                                                               कलकत्ता

उत्तर: 

नीला                                                                              समुद्र 

पिता                                                                               नींव

तैनाती                                                                            कलकत्ता

उपकरण                                                                        कामचलाऊ

घटिया                                                                            भारतीय वाद्य यंत्र

फोटॉन                                                                           रव 

भेदन                                                                              वैज्ञानिक रहस्य


29. पाठ में आए रंगों की सूची बनाइए। इनके अतिरिक्त दस रंगों के नाम और लिखिए।

उत्तर: 

  • पाठ में आए रंग: बैंजनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल

  • दस रंगों के नाम: काला, सफेद, गुलाबी, कत्थई, फिरोजी, भूरा, लाल, खाकी, मोंगिया, स्लेटी


30. नीचे दिए गए उदाहरण "ही" का प्रयोग करते हुए पॉंच वाक्य बनाइए।

उदाहरण - उनके ज्ञान की सशक्त ने उनके पिता ने ही तैयार की थी।

उत्तर: 

  1. यह तुम्हारा ही काम है।

  2. उसका नाम ही जीवन है।

  3. जो है सो ईश्वर का ही है।

  4. उसकी टीचर ने ही उसे सही मार्ग दिखाया है।

  5. उसने ही अपना नुकसान किया है।


NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 4

NCERT Class 9 Hindi Sparsh Chapter 4 - Free PDF Download

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi

Chapter 6 - Sparsh

Chapter 6 in Hindi for Class 9 Sparsh comes with all important points. NCERT has compiled questions and answers for this chapter that makes it easier for students to revise during their examinations. With the help of NCERT Solutions Class 9 Hindi Sparsh Ch 4 from our website or app, a student can quickly read through the important key points of this chapter. Summary along with questions and answers makes it easier for students to follow and understand. This also strengthens the foundation of learning and revising for students. 

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Class 9 Hindi Chapter Wise Marks Weightage

CBSE board has divided the chapter-wise marks for Hindi. The question paper is conducted for 80 marks and covers 100% of the syllabus. The internal assessment covers the remaining marks, i.e, 20 marks. This weightage of marks is important as it can help you prepare for examinations more smartly and carefully. Below is a more detailed distribution of marks for Hindi Chapters Class 9 that is used for CBSE examinations across India.

खंड

प्रश्न

अंक

क – अपठित अंश

1-2

15

ख –  व्यवहारिक व्याकरण

3-5

15

ग –  पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक

6-10

25

घ – लेखन

11-15

25


Why are NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 Sparsh Important?

  • The simplified summaries of Sparsh Ch 4 Class 9 make it easy for students to get a brief understanding of the chapter in a short duration.

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FAQs on NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 4 - Vaigyanik Chetana K Bahak Chandrasekhar Venkat Raman

1. Who is the author of Class 9 Chapter 4 Sparsh?

Chapter 4 Vaigyanik Chetana K Bahak Chandrasekhar Venkat Raman Sparsh of Class 9 has been penned down by a renowned Indian author CV Raman. Although he is a famous author, he was also a scientist. He was born in the early 1880s in a small town in Tamil Nadu called Tirruchipalli. For his great work in the field of Science, CV Raman has been awarded the Nobel prize in 1930 crediting his revolutionary work in the scattering of light. This chapter is another popular and great work by Chandrasekhar Venkat Raman that he has contributed to the Indian literature.

2. What did Raman think of when he saw the waters of the ocean?

The story revolves around the character named Raman. In this story, Raman has discontinued his government job. Raman had various thoughts regarding leaving his roles and responsibility at his current government job. He wanted to pursue and devote his time to research and eventually hold a professor’s job in a university. Continuing from this incident, Raman while viewing the waters of the ocean had two thoughts in his mind: the first thought is: why is the ocean water blue; and the second thought was why doesn't water have any other colour except for blue.

3. Why are NCERT Solutions of Chapter 4 of Hindi Textbook Sparsh of Class 9 important for students?

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4. What help will NCERT Solutions give in Chapter 4 of Hindi Textbook Sparsh of Class 9?

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5. Where can you read Chapter 4 of Hindi Textbook Sparsh of Class 9?

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6. Which is the best online web portal to find NCERT Solutions for Chapter 4 of Hindi Textbook Sparsh of Class 9?

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