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NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 5 - Mithaeevaala

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Last updated date: 28th May 2024
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Class 7 Hindi Vasant NCERT Solutions for Chapter - 5 Mithaeevaala

Every literary work produced by authors has some deep inner meanings that are difficult for the students to comprehend. If the students can understand these deep meanings, they will enjoy Hindi literature more. The problem increases with increasing complexities of higher standards. NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 5 Mithaiwala provides the best solution to prepare the chapter for any examination. Eminent teachers from different institutes have sat down together to formulate the best reference note for such chapters. These reference notes are available on this page and the students can download these references on their laptops or smartphone. Download NCERT Class 7 Hindi Chapter Mithaiwala for understanding the chapter precisely.


Class:

NCERT Solutions for Class 7

Subject:

Class 7 Hindi

Subject Part:

Hindi Part 2 - Vasant

Chapter Name:

Chapter 5 - Mithaeevaala

Content-Type:

Text, Videos, Images and PDF Format

Academic Year:

2024-25

Medium:

English and Hindi

Available Materials:

  • Chapter Wise

  • Exercise Wise

Other Materials

  • Important Questions

  • Revision Notes



You can also download NCERT Solutions for Class 7 Maths and NCERT Solution for Class 7 Science to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations.

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Access NCERT Solutions for Class 7 Hindi वसंत पाठ 5 - मिठाईवाला

1. मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था?

उत्तर: मिठाईवाला अलग-अलग चीजें इसलिए बेचता था क्योंकि उसके बच्चों और पत्नी की मृत्यु असमय हो गई थी। वह उन बच्चों में अपने बच्चों की झलक देखता था और उनकी  निकटता पाना चाहता था। उसको पैसे का कोई लालच न था इसलिए वह महीनों बाद आता था और वह बच्चों की रुचि की चीजें बेचा करता था। इन चीजों को बनाने के लिए उसे समय लगता था। वह बदल बदल कर चीजें लाता था ताकि बच्चों में उत्सुकता बनी रहे।

2. मिठाई वाले में वह कौन से गुण थे जिसकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी और खींचे चले आते थे?

उत्तर: कई कारण थे जिनके कारण बच्चे तथा बड़े मिठाई वाले की ओर खिंचे चले आते थे। मिठाईवाला मधुर ढंग से गाकर अपनी चीजों की विशेषता बताता था और बेचता था। वह बच्चों से बहुत प्यार करता था उन बच्चों में अपने बच्चों की झलक देखता था तथा कम लाभ में बच्चों को खिलौने तथा मिठाईयां दे जाता था और हर बार नई चीज लाता था और बच्चों पर कभी गुस्सा नहीं करता था। उसके मधुर आवाज को सुनकर सभी बच्चों और बड़ों के बीच में हलचल मच जाती थी और बांसुरी मधुर आवाज में बजाता था जिस कारण बड़े भी उस की ओर खींचे चले आते थे।

3. विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरली वाला एक विक्रेता। दोनों अपने-अपने पक्ष के समर्थन में क्या तर्क पेश करते हैं?

उत्तर: एक ग्राहक के तौर पर विजय बाबू तर्क देते हैं की दुकानदार को झूठ बोलने की आदत होती है वह सभी को समान एक ही कीमत पर देते हैं पर उसका भाव अधिक बढ़ाकर कह देते हैं कि ‘मैंने सबको यह ज्यादा पैसे में दी है आपको कम पैसे में दे रहा हूँ’। यह कह कर वे ग्राहक पर एहसान का बोझ डाल देते हैं। दूसरी तरफ विक्रेता के तौर पर मुरलीवाला तर्क देता है कि चाहे दुकानदार हानी उठाकर समान क्यों ना बेचे पर ग्राहक को लगता है कि दुकानदार उसे लूट ही रहा है क्योंकि उसे समान की असली लागत का पता नहीं होता। क्योंकि मैंने यह मुरली 1000 बनवाई थी तब मुझे इस भाव पड़ी है।

4. खिलौने वाले के आने पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी?

उत्तर: खिलौने वाले को देख कर बच्चे पुलकित हो जाते हैं। वे पैसे लाकर खिलौने का मोलभाव करने लगते हैं। गलियों और छोटे छोटे उद्यानो में खेलते हुए बच्चों का झुंड उसे घेर लेता है और वह खिलौने वाला वहीं बैठकर खिलौने की पेटी खोल देता है। खिलौने वाला बच्चों की नन्हीं- नन्हीं उंगलियों से पैसे ले लेता है और बच्चों को इच्छा अनुसार उन्हें खिलौने दे देता है। खिलौने लेकर फिर बच्चे उछलने कूदने लगते हैं। जब खिलौने वाला आता है तो किसी बच्चे की टोपी गली में गिर पड़ती है, किसी का जूता पार्क में छूट जाता है और  किसी का पजामा ही ढीला होकर लटक जाता है। इस तरह दौड़ते हुए बच्चों का झुंड खिलौने वालों को घेर लेता है।

5. रोहिणी को मुरली वाले के स्वर से खिलौने वाले का स्मरण क्यों हो आया?

उत्तर: रोहनी को मुरली वाले की आवाज जानी पहचानी लगी। उसे स्मरण हो आया कि खिलौने वाला भी इसी मधुर आवाज में गाकर खिलौने बेचा करता था और इसी तरह मुरली वाले की आवाज भी मधुर थी। यह भी मधुर आवाज में गाकर मुरलियाँ बेच रहा था इसलिए रोहनी को मुरली वाले के स्वर से खिलौने वाले का स्मरण हो आया।

6. किसकी बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया था? उसने इन व्यवसायों को अपनाने का क्या कारण बताया?

उत्तर: रोहिणी की बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया था। उसने बताया कि उसकी पत्नी और बच्चों की असमय मृत्यु हो गई थी। वह इन बच्चों में अपने बच्चों की झलक देखता है बच्चों के साथ रहकर उसे बहुत अच्छा लगता है। बच्चों के चेहरे की खुशी देखकर उसे असीम  संतोष मिलता है। धैर्य और असीम सुख की प्राप्ति होती है इसलिए उसने इन व्यवसाय को अपनाया है। उसे पैसे का कोई लालच नहीं है वह बच्चों के साथ समय व्यतीत करना चाहता है और उन्हें खुश देख कर खुश होता है।

7. ‘अब इस बार ये पैसे न लँगा’-कहानी के अंत में मिठाईवाले ने ऐसा क्यों कहा?

उत्तर: पहली बार किसी ने उसके प्रति इतनी आत्मीयता दिखाई और उसके दुख को समझने का प्रयास किया और पहली बार किसी ने उसके परिवार के बारे में पूछा था और पहली बार ही उसने अपने बीवी बच्चों के बारे में किसी को बताया था और जब चुन्नू मुन्नू ने आकर मिठाई मांगी तो उसे ऐसा लगा कि मानो वह उसके खुद के बच्चों को मिठाई दे रहा है। इसलिए कहानी के अंत में मिठाई वाले ने, "अब इस बार यह पैसे ना लूंगा ' कहा।

8. इस कहानी में रोहिणी चिक के पीछे से बात करती है। क्या आज भी औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं? यदि करती हैं तो क्यों? आपकी राय में क्या यह सही है?

उत्तर: हमारी राय में यह पूर्णतया गलत है क्योंकि स्त्री पुरुष दोनों समाज के आधार हैं और दोनों को समान दर्जा मिलना चाहिए। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात संविधान ने स्त्री पुरुष को समान अधिकार दिए हैं। बड़े शहरों में कोई भी औरत ऐसे बात नहीं करती, सभी सामने से ही बात करती हैं। परंतु आज भी कुछ पिछड़े हुए ग्रामीण रूढ़ीवादी और कुछ जाति विशेष परिवारों में पर्दा प्रथा का चलन है। यह प्रथा न केवल स्त्रियों की स्वतंत्रता का हनन करती हैं बल्कि उनकी प्रगति में रुकावट उत्पन्न करती है। इस प्रकार की प्रथाएं हमारी देश की प्रगति को रोकती हैं और देश की छवि को विश्व पटल पर धूमिल करती हैं। इसलिए ये प्रथा हमारी राय में बिल्कुल उचित नहीं है।

9. मिठाईवाले के परिवार के साथ क्या हुआ होगा? सोचिए और इस आधार पर एक और कहानी बनाइए?

उत्तर: मिठाई वाले का परिवार किसी दुर्घटना का शिकार  हुआ होगा। कहानी - एक गांव में एक केमिस्ट की दुकान थी। वह दवाइयां बहुत महंगी बेचता था और किसी पर दया नहीं करता था। उसका छोटा सा परिवार था जिस में उसकी पत्नी और उसका एक बेटा था। वह किसी जरूरतमंद को भी कम रेट में दवाई नहीं देता था। अगर किसी के पास पैसे नहीं होते थे तो वह कहता था पहले पैसे लेकर आओ फिर दवाई दूंगा। इस तरह उसने बहुत सारा पैसा इकट्ठा कर लिया। एक दिन उसकी पत्नी और बेटा दोनों बहुत बीमार हो गए जितना पैसा दवाई वाले ने कमाया था, सारा उनके इलाज में चला गया पर वह अपनी पत्नी और बेटे को ना बचा पाया। अब उसको बहुत पछतावा हुआ कि उसने गलत तरीके से पैसा इक्टठा किया और वह इतने वर्षों के बाद भी इस हादसे को भूल नहीं पाया उसने अपने घर को एक अनाथ आश्रम में बदल दिया और वह अनाथ बच्चों को पालने लगा अनाथ बच्चों को पालने में उसको बहुत खुशी प्राप्त होने लगी। इन बच्चों में वह अपने बेटे की खुशी ढूंढता था। इन बच्चों को खुश देखकर उसको असीम संतोष की प्राप्त होती थी।

10. हाट-मेले, शादी आदि आयोजनों में कौन-कौन-सी चीजें आपको सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं? उनको सजाने बनाने में किसका हाथ होगा? उन चेहरों के बारे में लिखिए।

उत्तर: हाट मेले, शादी आदि आयोजनाओं में हमें गोलगप्पे, चाट, छोले भटूरे, मिठाइयां, फ्रूट चाट,   जलेबियाँ, समोसे, गन्ने का जूस, झूले, जादूगर का खेल, रंग-बिरंगे गुब्बारे, आइसक्रीम, खिलौने, जुदाई, तमाशे आदि सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं। इनको बनाने में विभिन्न लोगों का हाथ होता है जैसे मिठाई बनाने में हलवाई का हाथ होता है। झूले बनाने में श्रमिकों और कारीगरों का और उसके परिवार का हाथ होता है। उनके चेहरे के पीछे उनकी मेहनत, पसीना, पैसे कमाने की इच्छा, थकान, कारीगरी छुपी होती है।

11. इस कहानी में मिठाईवाला दूसरों को प्यार और खुशी देकर अपना दुख कम करता है? इस मिज़ाज की और कहानियाँ, कविताएँ ढूंढ़िए और पढ़िए।

उत्तर: मिठाईवाले की कहानी हमें पिता के प्रेम के बारे में बताती है। इस  मिज़ाज की और कहानियां है जैसे कि 'बेस्ट पापा' और 'अच्छी सीख'।

12. आपकी गलियों में कई अजनबी फेरीवाले आते होंगे। आप उनके बारे में क्या-क्या जानते हैं? अगली बार जब आपकी गली में कोई फेरीवाला आए तो उससे बातचीत कर जानने की कोशिश कीजिए।

उत्तर: हमारी गली में मौसम के अनुसार कई फेरीवाले आते हैं जैसे सर्दियों में मूंगफली वाला आता है और गर्मियों में आइसक्रीम वाला, कुल्फी वाला, बर्फ का बर्फ के गोले वाला, गन्ने के रस वाला आता है। हर मौसम में जैसे चाट वाला, फल वाला, सब्जी वाला, खिलौने वाला, कपड़े बेचने वाला जैसे चादरें, लेडीजसूट बेचने वाला आदी आते हैं। उनसे बातचीत के दौरान मुझे यह मालूम हुआ कि यह लोग पूंजी के अभाव में घूम घूम कर कम दामों पर अपनी चीजें भेजते हैं और अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं। अगर इनके पास पूंजी होती तो  यह भी बड़े दुकानदार होते।

13. आपके माता-पिता के जमाने से लेकर अब तक फेरी की आवाज़ों में कैसा बदलाव आया है? बड़ों से पूछकर लिखिए।

उत्तर: पहले जमाने में स्त्रियां बाजार जा कर सामान नहीं खरीदती थी और हर जगह सभी वस्तुएं उपलब्ध नहीं होती थी। इसलिए प्रत्येक वस्तु फेरी वाला ही बेचने आया करता था। वह मधुर स्वर में गागा कर अपना समान बेचा करते थे। लेकिन आज कल फेरी वालों की संख्या में काफी कमी आ गई है लोग ब्रांडेड सामान खरीदना पसंद करते हैं और वे ज्यादातर दुकानों से ही सामान खरीदते हैं। या लोग समानऑनलाइन ही मंगवा लेते हैं।

14. आपको क्या लगता है-वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हुए हैं? कारण लिखिए।

उत्तर: लोगों की रूचि फेरी वालों से सामान खरीदने में कम होती जा रही है क्योंकि फेरीवाले के पास ज्यादा विकल्प नहीं होता और उसका सम्मान अच्छी किस्म का भी नहीं होता। वक्त के साथ फेरीवाला के स्वर कम हुए हैं क्योंकि अब लोग दुकानों पर जा कर सामान खरीदते हैं और दुकानों में उन्हें ज्यादा विकल्प मिलते हैं और फेरीवाले के पास सीमित विकल्प होते हैं। करोना महामारी के कारण भी अब लोग समान ऑनलाइन खरीदते हैं।

15. मिठाईवाला बोलनेवाली गुड़िया ऊपर वाला’ का प्रयोग है। अब बताइए कि

(क) ‘वाला’ से पहले आनेवाले शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि में से क्या हैं?

उत्तर: ‘वाला’ से पहले आने वाले शब्द जैसे मिठाई शब्द संज्ञा है तथा बोलना क्रिया है।

(ख) ऊपर लिखे वाक्यांशों में उनका क्या प्रयोग है?

उत्तर: यह शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के बारे में है। मिठाईवाला शब्द विशेषण है जबकि बोलने वाली गुड़िया में गुड़िया संज्ञा है जबकि बोलने वाला शब्द विशेषण है जो गुड़िया की विशेषता बता रहा है।

16. “अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।”

  • उपर्युक्त वाक्य में ‘ठो’ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे, भोजपुरी में-एक ठो लइका, चार ठे आलू, तीन ते बटुली।

  • ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं/ बोलियों में भी होता है। कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है। इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए।

उत्तर: झारखंड के हिंदी, बंगला तथा असमी भाषा में ठो का प्रयोग होता है ।

17. “वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”

‘‘क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली?”

“दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”

भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते आप ये बातें कैसे कहेंगे?

उत्तर: 

  1. "लगता है वे भी पार्क में खेलने निकल गए हैं ?"

  2. क्यों भाई मुरली किस भाग भेजते हो?

  3. "दादी चुन्नू मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। जरा कमरे में चलकर भाव तो कीजिए।"

18. फेरीवालों की दिनचर्या कैसी होती होगी? उनका घर-परिवार कहाँ होगा? उनकी जिंदगी में किस प्रकार की समस्याएँ और उतार-चढ़ाव आते होंगे? यह जानने के लिए दो-दो के समूह में छात्र-छात्राएँ कुछ तैयार करें और फेरीवालों से बातचीत करें। प्रत्येक समूह अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े फेरीवाले से बात करें।

उत्तर: फेरीवाले का जीवन काफी कठिन होता है। वह अपना समान बेचने के लिए सुबह से शाम तक गलियों में चक्कर लगाते रहते हैं और चाहे उनका सामान बीके या ना बीके। उनका घर निकट किसी गांव में होता है उनके जीवन में अनेक समस्याएं होती होगी जैसे समान ना बिकना, समान का खराब हो जाना या खराव हो जाना। गलियों में घूमते घूमते तबीयत खराब हो जाना। अधिक बारिश होने पर भी उनका सामान का खराब हो जाना और अधिक गर्मी पड़ने से घर से बाहर निकल पाना या घर से बाहर निकलने पर तबीयत का खराब हो जाना। कभी-कभी फेरी वालों को अपना बचा हुआ सामान जो खराब हो चुका है उनको फेंकना पड़ता होगा कभी-कभी खरीद से भी कम कीमत  में भी माल बेचना पड़ता होगा जिससे इनका मूलधन डूब जाता होगा और इनको कई समस्या का सामना करना पड़ता होगा जैसेअपने बच्चों के ख्वाहिशें पूरी ना कर पाते होंगे। हो सकता है कि उनको दो समय की रोटी का इंतजाम भी ना होता होगा और उनको सोने की व्यवस्था भी शायद ना होती होगी। हो सकता है बारिश के दिनों में उनके घर की छत पर से पानी टपकता होगा क्योंकि वह बहुत गरीब होते हैं इन सब सभी समस्याओं का उनको सामना करना ही पड़ता होगा।

19. इस कहानी को पढ़कर क्या आपको यह अनुभूति हुई कि दूसरों को प्यार और खुशी देने से अपने मन का दुख कम हो जाता है? समूह में बातचीत कीजिए।

उत्तर: फेरी  वाले के जीवन से हमें इस बात का पता लगता है कि दूसरों को प्यार और खुशी देने से अपने मन का दुख कम हो जाता है जैसे मिठाई वाले के बच्चे और पत्नी की मृत्यु असमय हो गई थी वह दूसरों के बच्चों को दूसरों में अपने बच्चों की झलक देखता था और उनको उनके मनपसंद का समान ला कर बेचता था जब बच्चे समान लेकर खुशी में उछल कूद करते थे तो उन्हें देखकर उसे संतोष धैर्य और सुख की अनुभूति होती थी वह  उन्हीं बच्चों में अपने बच्चों की झलक देखता था और उनको सामान  कम कीमतों में देकर अपने गम को भुलाने की कोशिश करता था इसलिए कहा भी है कि दुख बांटने से कम होता है।

20. अपनी कल्पना की मदद से मिठाईवाले का चित्र शब्दों के माध्यम से बनाइए।

उत्तर: मिठाई वाले का स्वर बहुत मधुर था। वह दुबले पतले शरीर वाला और उसकी आंखों का रंग भूरा था। सिर पर टोकरी रखे हुए गली गली अपना सामान बेचते  हुए पैरों में चप्पल पहने हुए गली - गली, पजामा कुर्ता पहनने और कंधे पर गमछा लिए चलता होगा। उसके कंधों को फेरी का समान होता होगा और वह सिर पर पगड़ी बांधता होगा। फेरी के सम्मान में खिलौने, मिठाईयां आदि और जिसमें खट्टी मीठी स्वादिष्ट सुगंधित गोलियां होगी और वह जब मीठे स्वर में आवाज लगाते हुए गली में आता होगा तो बच्चे दौड़ कर उसे घेर लेते होंगे।

NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 5 Mithaeevaala

Class 7 Hindi Vasant Chapter - 5 Mithaiwala Summary

The storyline of Chapter 5 Mithaiwala of Class 7 Hindi Vasant by Bhagwati Prasad Bajpai depicts the love of a father towards his children. The story takes the readers through an emotional journey of a Mithaeevaala who has lost his children but who tries to find happiness in other children by changing his business again and again to sell the things that children like. Sometimes he became a toy seller, sometimes a murli seller and finally as a sweet seller. 

He just wanted children’s happiness, so the Mithaeewala was famous for selling things at very low prices and treating children very lovingly. This special thing used to draw groups of children, as well as elders to him.

In the story it is revealed that Mithaeewala was once a rich man who lived in a city with his wife and two children, all of whom he lost. Therefore, he started selling such cheap items to get a glimpse of his children from other children. He gave Rohini's children Chunnu-Munnu sweets in paper bags and went on singing songs without taking any money.

Thus, Chapter - 5 Mithaeevaala teaches us that we should be kind to other people as we do not know what they might be going through and its kind to ask others about their condition sometimes.


Why Should you Download a Solution for Ch 5 Hindi Class 7 Vasant?

Like other subjects, Hindi also has a vast syllabus. Therefore, students might feel  issues in completing the syllabus before the examination. They would look for reference notes which present the entire chapter in a concise manner. NCERT solutions Class 7 Hindi Vasant Chapter 5 is one such reference note which provides all the details necessary for the students to pass in the examination. The note provides details of every meaning of the chapter. Class 7 is a transition period for every student, and they must learn how to comprehend the inner meanings of a literary work. The Mithaiwala chapter in Hindi Class 7 is one such example. By studying the reference notes, you will learn how to understand the chapter. The following aspects make NCERT solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 5 easy for students.

CBSE Specified Rules

The Central Board of Secondary Education (CBSE) has set down a specific rules list for answering. The students have to follow these rules if they want to score more in the examination. Moreover, Hindi literature is such a subject where the examiners can cut marks if the answers do not match their expectation level. However, they will not be able to do so if the answers are written following the CBSE guidelines. Therefore, the students must practice writing the answers in CBSE prescribed format. If you want to learn or practice such formats, study Hindi Vasant Class 7 Chapter 5 solutions prepared by expert teachers at Vedantu. These professionals know how to impress the examiners and have provided the right solution for the students.

Exam-Oriented Study Material

Students study Hindi Vasant Class 7 Chapter 5 to score well in the examination. To help them in this endeavor, our teachers have prepared to the point exam-oriented notes that will help them understand the topic and train them on how to write the answers. If you follow these notes, you no longer need to worry about the quality of the answer that you produce. The NCERT Class 7 Hindi Chapter Mithaiwala follows a format that is easier for the students to memorize and understand. If the students study these notes, they will be able to easily score high in the examination.

Less Time-Consuming Notes for Revision

As mentioned earlier, the syllabus for Hindi Class 7 is huge. You might not complete revising the entire syllabus the night before the examination if you read the main textbook. Rather, this revision notes for the Mithaiwala Class 7 chapter prepared by our experts are extremely concise and to the point, thus saving your valuable time while revising the chapter. You will need to study just the salient points and the way of presenting your answers. As a result, you can cover more topics the night before the examination and complete the Hindi syllabus.

Why Should You Opt for Vedantu?

Vedantu is one of the best places for exam-oriented study notes for Hindi. These notes are being prepared by eminent teachers from different CBSE schools across India. For example, the notes for Vasant Bhag 2 Chapter 5 Mithaiwala are concise, and the answer qualities are commendable. The students no longer need to worry about any examination if they prepare from Vedantu notes.


NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant - All Chaterwise Solutions

FAQs on NCERT Solutions for Class 7 Hindi Chapter 5 - Mithaeevaala

1. How can you extract maximum benefits from the mithaiwala class 7solution?

If you study Vedantu notes for Class 7 Mithaiwala chapter, you will develop the right concepts about the topic. You will also develop excellent writing skills when you study these notes. These skills will help you get wonderful marks in your examination. 

2. What will be your preparation method for Class 7 chapter 5?

If you want to score maximum marks for your exam, complete your preparation from NCERT Class 7 Hindi Chapter Mithaiwala solutions. Such solutions will help you to develop the concepts and make you understand how to present answers in any examination.

3. How can you better your answer by referring to a Hindi solution guide?

The Hindi language has several intricate meanings. It isn't easy to follow all the concepts in classrooms. Therefore, it is better to learn these inner meanings in NCERT Class 7 Hindi chapter Mithaiwala solution presented in simple language.

4. In what forms of disguise did the protagonist visit the children?

In Class 7 Hindi Chapter 5, the protagonist appeared to the kids as various sellers. Firstly, he came to them as a Khilonawala to sell beautiful and cheap toys. The second time he came as Baansuriwala, playing a melodious tune of the flute. And finally, he came as a 'Mithaiwala, selling delicious sweets. The kids used to get excited the moment they used to see him.

5. What reason did the Mithaiwala give to Rohini about his selling various products?

In Class 7 Hindi Chapter 5, when Rohini approached him and inquired as to why he sold so many cheap items to kids, the Mithaiwala replied that he was a wealthy guy with a wife and two children. Crying bitterly he told that at present, he has got nothing and has lost everything he owned. And therefore, he tries to find happiness among these young children by selling them their favourite things at a cheap rate.  

6. Why did the children love Mithaiwala?

In Class 7 Hindi Chapter 5, the arrival of Mithaiwala used to bring happiness and joy among all the children. They loved him because of his kind and humble nature. He used to sing in a melodious voice that drew the attention of both children and adults. He had great affection for the kids and used to sell them things at a very cheap rate and because of these reasons, children used to love him.

7. How can I write good answers?

Preparing well for the exams is not the only factor that assures good grades. Students need to know that the quality of answers also matters. To write impressive answers, there are few things you should keep in mind. 

  • First off, be clear with the ideas and concepts. 

  • Maintain a good vocabulary throughout your answers. 

  • Make your answers concise and informative. 

  • And lastly, practise makes a man perfect.

8. Why should I choose Vedantu for my exam preparation?

Choosing Vedantu for your exam prep could be the best decision you ever make. Everyone wants a learning partner that provides them with necessary study guides and materials and improves their performance. That is what Vedantu brings to you. You'll get study materials prepared by our expert team that strictly sticks to the CBSE curriculum. You don't have to worry about your marks as long as you opt for Vedantu. The solutions provided are free of cost. They are also accessible on vedantu Mobile app.