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NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 4 - Jayashankar Prasad

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Last updated date: 17th Apr 2024
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NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 - Jayashankar Prasad PDF Download

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 are available in the PDF format for free. It consists of answers to all the questions given in the textbook exercises. To score the highest possible marks in the subject, it is mandatory and important to have a good hold on the textbook material. Chapter 4 Hindi Class 10 Kshitij is crucially instrumental in laying a strong foundation for every student going to appear CBSE 10th exams.


Class:

NCERT Solutions for Class 10

Subject:

Class 10 Hindi

Subject Part:

Hindi Part 2 - Kshitij

Chapter Name:

Chapter 4 - Jayashankar Prasad

Content-Type:

Text, Videos, Images and PDF Format

Academic Year:

2024-25

Medium:

English and Hindi

Available Materials:

  • Chapter Wise

  • Exercise Wise

Other Materials

  • Important Questions

  • Revision Notes



In the free PDF of Class 10 Hindi Chapter 4 question answer, you will find step by step solutions to all the questions from the textbook. These responses are fairly explained by expert teachers of Hindi as per the N.C.E.R.T. guidelines dictated by CBSE All the solutions are designed in a way so that the study becomes simple yet interesting for the learners. Subjects like Science, Maths, English will become easy to study if you have access to NCERT Solution for Class 10 Science, Maths solutions and solutions of other subjects. You can also download NCERT Solutions for Class 10 Maths to help you to revise complete syllabus and score more marks in your examinations.

Access NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij क्षितिज Chapter - 4 आत्मकथ्य

1. कवि आत्मकथा लिखने से क्यों बचना चाहता है?

उत्तर: कवि आत्मकथ्य लिखने से इसलिए बचना चाहते है क्योंकि उन्हें ऐसा नहीं लगता कि उनके जीवन में कोई आंनदित घटना हुई है जिसे वे लोगों को बता सकें। उन्हें लगता है कि उनका जीवन केवल कष्टों से भरा हुआ है अतः वे अपने कष्टों को लोगों में बाटना नहीं चाहते तथा उन्हें अपने तक ही सीमित रखना चाहते हैं।


2. आत्मकथा सुनाने के संदर्भ में "अभी समय भी नहीं" कवि ऐसा क्यों कहता है?

उत्तर: 'अभी समय भी नहीं' कवि ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि कवि को लगता है कि उसने जीवन में अब तक कोई भी ऐसी उपलब्धि हासिल नहीं की है जो दूसरों को बताने योग्य हो तथा उसके जीवन में उसे सुख की प्राप्ति नहीं हुई है। कवि इस समय अपने दुख और पीड़ा को कुछ सीमा तक भूल गया है और उसे याद करके वह दुखी नहीं होना चाहता है।


3. स्मृति को ‘पाथेय’ बनाने से कवि का क्या आशय है?

उत्तर: ‘पाथेय’ अर्थात् रास्ते का भोजन या सहारा। स्मृति को पाथेय बनाने से कवि का आशय अपनी प्रिय की स्मृति के सहारे जीवन जीने से है। कवि की प्रेमिका उससे दूर चली गई है। कवि के पास केवल उसकी ही यादें है। इन्हीं यादों को कवि अपने जीवन का एकमात्र सहारा बनाना चाहता है।


4. भाव स्पष्ट कीजिए

(क) मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया।

आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।

(ख) जिसके अरुण कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।

अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में। 

उत्तर:  (क) उक्त पंक्तियों का भाव यह है कि कवि भी दूसरे लोगों के जैसा सुखमय तथा आनंदरूपी जीवन व्यतीत करना चाहता था पर उसकी सुखमय जीवन की यह अभिलाषा उसकी मात्र एक अपूर्ण इच्छा बनकर ही गई। उसे सुख पाने का अवसर भी मिला पर वह हाथ आते-आते चला गया अर्थात् उसकी पत्नी की मृत्यु हो जाने से वह सुखद जिंदगी अधिक समय तक व्यतीत न कर सका।

(ख) कवि की प्रिय अत्यंत सुंदर थी। उसके कपोल अर्थात गाल इतने लाल, सुंदर और मनोहर थे कि प्रात:कालीन उषा भी अपना सौंदर्य बढ़ाने के लिए लालिमा इन्हीं कपोलों से लिया करती थी। अर्थात् उसकी पत्नी के लाल-लाल गाल सूर्य की लालिमा से भी बढ़कर सुंदर थे।


5. ‘उज्ज्वल गाथा कैसे गाऊँ, मधुर चाँदनी रातों की’ – कथन के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

उत्तर: कवि यह कहना चाहता है कि उसने जो अपनी प्रेमिका के साथ चाँदनी रातों में बिताए सुख के क्षण वह उज्ज्वल गाथा की तरह ही पवित्र है जो उसके लिए अब अपने अकेलेपन के जीवन को व्यतीत करने का एकमात्र सहारा बनकर रह गया है। ऐसी स्मृतियों को वह सबके सामने प्रस्तुत कर अपने आप को शर्मिंदा नहीं करना चाहता है। इसलिए कवि स्वयं के जीवन की मधुर स्मृतियों को किसी से बाँटना नहीं चाहता बल्कि अपने तक ही सीमित रखना चाहता है।


6. ‘आत्मकथ्य’ कविता की काव्यभाषा की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर: ‘जयशंकर प्रसाद’ द्वारा रचित कविता ‘आत्मकथ्य’ की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

1) कविता में खड़ी बोली हिंदी भाषा का उपयोग किया है।

2) अपने मनोभावों को व्यक्त कर उसमें सजीवता लाने के लिए कवि ने ललित, सुंदर एवं नवीन बिंबों का प्रयोग किया है; जैसे -“जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में। अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।” 

3) प्रस्तुत कविता में कवि ने नवीन शब्दों का प्रयोग किया है।

4) मानवीकरण शैली का प्रयोग किया है।

5) अलंकारों के प्रयोग से काव्य सौंदर्य बढ़ गया है। जैसे -: 

खिल-खिलाकर, आते-आते - पुनरुक्ति अलंकार

अरुण – कपोलों - रुपक अलंकार

मेरी मौन, अनुरागी उषा - अनुप्रास अलंकार 


7. कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे कविता में किस रूप में अभिव्यक्त किया है ?

उत्तर: कवि ने जो सुख का स्वप्न देखा था उसे वह अपनी प्रेयसी नायिका के माध्यम से व्यक्त किया है। कवि कहता है कि नायिका स्वप्न में उसके पास आते-जाते मुस्कुरा कर चली गई। कवि कहना चाहता है कि जो सपने उसने और उसकी प्रेमिका ने मिलकर देखे थे वो तो उसे कभी प्राप्त नहीं हुआ। उसने जिस सुख की कल्पना की थी वह उसे कभी प्राप्त न हुआ और उसका जीवन हमेशा उस सुख से वंचित ही रहा। इस दुनिया में सुख छलावा मात्र है। हम जिसे सुख समझते हैं वह अधिक समय नहीं रहता है, किसी स्वप्न की भांति जल्दी ही गायब हो जाता है।


रचना और अभिव्यक्ति

8. इस कविता के माध्यम से प्रसाद जी के व्यक्त्तित्व की जो झलक मिलती है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: इस कविता को पढ़कर प्रसाद जी के व्यक्तित्व की ये विशेषताएँ हमारे सामने आती हैं –

1) प्रसाद जी एक सीधे-सादे व्यक्तित्व वाले मनुष्य थे। वे दिखावा नहीं करते थे। उनके मित्रों ने उनके साथ धोखा किया था परन्तु फिर भी वे भोलेपन में जीते रहें।

2) वे अपने जीवन के सुख-दुख को लोगों में बाटना नहीं चाहते थे, अपनी समस्याओं को अपने तक ही सीमित रखना चाहते थे। अपनी दुर्बलताओं को समाज में प्रस्तुत कर वे स्वयं को शर्मिंदा नहीं करना चाहते थे।

3) प्रसाद जी का स्वयं को दुर्बलताओं से भरा सरल दुर्बल व्यक्ति कहना उनकी विनम्रता को प्रकट करता हैं।


Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Summary

Let us throw some light into the Chapter 4 Kshitij Class 10 by the name “Aathmakathya” written by Jayashankar Prasad. Jayashankar Prasad was approached by Munshi Premchand to co-write an autobiography he wanted to print in his magazine called “Hans”. But Jayashankar Prasad refused to take it up. He instead wrote the poem “Aathmakathya” that went on to be printed in “Hans” in the year 1932. The poet talks about all the realities he suffered from in his life in this poem.


Why Download Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Solution PDF?

You should download Class 10 Hindi chapter 4 question answer PDF for free if you wish to make yourself understand the questions in the textbook properly. You would also develop a strong understanding of the patterns of questions, weightage distribution of marks or to learn how to even answer a particular type of question. As mentioned repeatedly, the benefits of following Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Explanation are many. Preparing the answers for the questions from Aathmakathya by Jayashankar Prasad with the help of NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 is going to boost the confidence of the students as well.


Are NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 so Special?

In order to describe how the NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 are much important for the final exam preparation, we need to understand how the Solutions are prepared. In-house textbook knowledge experts with years of experience in the pertinent industry have drafted the NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4. The latest curriculum and guidelines from CBSE are properly paid attention to. The step by step format of answering in a concise manner given in the Solutions enables a student to score well. The students inculcate answer writing skills that project the perspective of the examination efficiently. Every student then finds it easy to have a command string enough over all the concepts of the subject matter.


Why Prefer Vedantu for NCERT Solutions Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4?

Vedantu is the clear winner when it comes to providing solutions for not only Hindi but all of the other subjects across classes. You get the convenience of downloading the Solutions and study as per your convenience and timings. Vedantu‘s PDF format also makes it easy to get the printouts of the materials. Studying at home becomes extremely convenient as the PDF NCERT Solutions are easily available to access online and offline through Vedantu. Besides Hindi, Vedantu has NCERT Solutions for all of the other subjects. You are free to download all of them and prepare and practice well to score better than before marks in the board exams.

FAQs on NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 4 - Jayashankar Prasad

1. What will you Learn in Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Solution?

You get to learn of the failures and difficulties that Jayashankar Prasad suffered and his feelings about those realities in Class 10 Hindi Kshitij Chapter 4 Solution. He has tried to explain how the story of his life was nothing different from any normal person despite being a renowned poet.

2. What are the Benefits of Class 10 Hindi Chapter 4 question answer?

As a student, you would receive many benefits after practising Class 10 Hindi chapter 4 question answer for your CBSE exams.

  • You would be clear with every concept behind the questions from Kshitij Chapter 4.

  • You would have a stronghold over the chapters by solving the questions.

  • You would be able to thoroughly prepare Chapter 4 of the Kshitij textbook of Class 10th.

  • You would be able to find the easiest possible ways to answer the questions.

3. How can you Become Better by Using a Hindi Solution Guide?

The NCERT Hindi Solution guide will help you gain apt knowledge regarding the subject matter of the chapters. And, how to use that knowledge to appropriately answer the questions while following CBSE guidelines.

4. What is Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij about? 

NCERT Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij is a poem on Jayshankar Prasad’s life. He was approached by Munshi Premchand to write an autobiography for the magazine ‘Hans’, but Jaishankar Prasad refused to write an autobiography. But instead, he wrote a poem - Aatmakathya - that described some of his happy and sad memories. In the poem, he talked about how ordinary his life was - full of ups and downs. He also mentioned his happy times with his beautiful wife. 

5. Why didn't Jaishankar Prasad want to write an autobiography according to Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij?

Jaishankar Prasad felt that he was an extremely ordinary man with an ordinary life. He believed that he was not that interesting and renowned person that every reader will enjoy his life. The poet’s life has been full of painful memories and has very few memorable memories, which he keeps recollecting to move forward in his life. He has kept these happy memories inside him deeply and he does not want to share these memories with anyone else. 

6. What is the difference between Atmakatha and Atmakathya according to Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij? 

Atmakatha in simple words is an autobiography that is very descriptive and informative in nature. It has all the happy and sad incidents that a man has suffered in his life. But Atmakathya is different. It is very selective. It does not cover all incidents that have occurred in one’s life. The writer chooses the incidents that he wants the readers to read. He may choose sad incidents or happy incidents or both. But he will not depict all incidents.

7. What are some of the renowned works of Jaishankar Prasad, on whose life story Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij is based? 

Some of the renowned poems of Jaishankar Prasad are - Kamayani, Jharna, Leher, Aansu, Chitradhar, etc. Some of his popular dramas are Ajatshatru, Chandragupta, Skandgupta, and Dhruvswamini. Some popular novels that he wrote are Kankaal, Titli, and Iravati. He has also written volume books like that of Aandhi, Akashdeep, Chaaya, and Indrajaal. To get more answers from the NCERT Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij, you can check out Vedantu’s NCERT Solutions of Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij on Vedantu’s website (vedantu.com). 

8. How to solve questions from NCERT Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij?

You can solve all the questions that have been mentioned in the NCERT Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij by using the best NCERT solutions that are available in the market - Vedantu’s NCERT Solutions for Chapter 4 of Class 10 Hindi Kshitij. This solution has covered all the questions descriptively. The solution has a very precise summary of the chapter along with all the meanings. If you practice these questions, you will be able to get a better hang of the chapter. The solutions can be downloaded absolutely free of cost.