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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 - Mere Sang Ki Auratein

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Last updated date: 21st May 2024
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 - Mere Sang Ki Auratein PDF Download

Students can feel the pressure building as they enter senior classes such as Class 9.  However, our Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 explanation is so easy to comprehend that students will sail smoothly in higher classes.  Furthermore, Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF makes the language subject really easy.  Here, students will find Extra Questions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 along with NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 Short Answer. The concise Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 Summary will save students time drastically. Below you will find Mere Sang Ki Aurtein Full Chapter Summary with Mere Sang Ki Auraten PDF Solutions.


Class:

NCERT Solutions For Class 9

Subject:

Class 9 Hindi Kritika

Chapter Name:

Chapter 2 - Mere Sang Ki Auratein

Content Type:

Text, Videos, Images and PDF Format

Academic Year:

2024-25

Medium:

English and Hindi

Available Materials:

Chapter Wise

Other Materials

  • Important Questions

  • Revision Notes


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Access NCERT Solutions for Class 9 Hindi पाठ २: मेरे संग की औरतें

1. लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे क्यों प्रभावित थीं?

उत्तर : लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे इसलिए प्रभावित थीं क्योंकि उनकी नानी, पारंपरिक, अनपढ़, परदानशीं औरत थीं, जिनके पति शादी के तुरंत बाद उन्हें छोड़कर बैरिस्ट्री पढ़ने विलायत चले गए थे। कैंब्रिज विश्वविद्यालय से डिग्री लेकर जब वे लौटे और विलायती रीति-रिवाज के संग ज़िन्दगी बसर करने लगे तो नानी ने अपने रहन-सहन पर उसका कोई असर नहीं पड़़ने दिया, न उन्होंने अपनी किसी इच्छा-आकांक्षा या पसंद-नापंसद का इज़हार पति पर कभी किया पर जब कम-उम्र में नानी ने खुद को मौत के करीब पाया तो, पंद्रह वर्षीय इकलौती बेटी ‘लेखिका की माँ’ की शादी की फ़िक्र में वे मुँहज़ोर एवं बेपरदा होकर अपने पति के दोस्त से मिलीं। इतना ही नहीं जो बात उन्होंने अपने पति के दोस्त से कही, वह साबित करती है कि वे अपनी निजी ज़िन्दगी में कितनी स्वतंत्र और आज़ाद ख्यालों वाली महिला थी जो अपने देश से बेइंतहा प्रेम करती थीं और देश के सिपाहियों के प्रति गज़ब का आदर भाव रखती थीं और शायद अपनी ज़िंदगी भी अपनी ही शर्तों पर जीती थीं।



2. लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में किस प्रकार की भागीदारी रही?

उत्तर : लेखिका की नानी की आज़ादी के आंदोलन में वैसे तो प्रत्यक्ष रूप से कोई भूमिका नहीं थी परंतु अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने बेहद ख़ास भूमिका आज़ादी के आंदोलन में निभाई। उनके पति ने 'कैंब्रिज विश्वविद्यालय' से विलायती डिग्री हासिल की थी परंतु फिर भी उन्होंने कभी भी अंग्रेजी शासन को नहीं अपनाया। उनके पति अंग्रेजी साहब थे शायद इसलिए उन्होंने कभी अपने पति से अपनी इच्छाएँ ज़ाहिर नहीं की क्योंकि उनके मन में देश के लिए अटूट प्रेम और श्रद्धा थी, वह स्वयं में एक देश-भक्त थी। अपने जीवन के अंतिम दिनों में उन्होंने मुँहजोर और बेपर्दा होकर अपने दोस्त के पति से अपनी बेटी की शादी देश के किसी सिपाही से करने की इच्छा व्यक्त की जोकि यह दर्शाता है कि वे अंग्रेजों की कितनी खिलाफ थी और उनका झुकाव अपने देश के प्रति कितना अधिक था। उनके इस कदम ने उनके साहसी व्यक्तित्व को भी उजागर किया।



3. लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी इस कथन के आलोक में-

क) लेखिका की माँ के व्यक्तित्व की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर : लेखिका की माँ के व्यक्तित्व की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

१) उनमें खूबसूरती, नज़ाकत, गैर-दुनियादारी के साथ ईमानदारी और निष्पक्षता कुछ इस तरह घुली-मिली थी कि वे परीजात से कम जादुई नहीं मालूम पड़ती थीं।

२)  वे कभी झूठ नहीं बोलती थीं। 

३) वे एक की गोपनीय बात को दूसरे पर ज़ाहिर नहीं होने देती थीं। 

४) वे सामान्य भारतीय माँ से बेहद अलग थीं। उन्होंने कभी अपने बच्चों को लाड नहीं किया, न उनके लिए खाना पकाया और न अच्छी पत्नी-बहू होने की सीख दी।

५) वे किताबें पढ़ने, साहित्य-चर्चा व संगीत सुनने की शौकीन थीं।

६) हर ठोस और हवाई काम के लिए उनकी ज़बानी राय ज़रूर माँगी जाती थी और पत्थर की लकीर की तरह निभाई भी जाती थी।

७) उनमें आज़ादी का जुनून कम था पर वह भरपूर था और अपने तरीके से वे उसे भरपूर निभाती रही थीं। ज़ाहिर है कि जब जुनून आज़ादी का हो तो, उसे निभाना भी आज़ादी से चाहिए जिस-तिस से पूछकर, उसके तरीके से नहीं, खुद अपने तरीके से|


ख) लेखिका की दादी के घर के माहौल का शब्द-चित्र अंकित कीजिए। 

उत्तर : लेखिका की दादी के घर का माहौल सामान्य घर के माहौल से बेहद अलग व प्रभावी था। संयुक्त परिवार होने के बावजूद भी हर व्यक्ति को अपना निजत्व बनाए रखने की छूट थी। घर में बेटे व बेटी, दोनों को हो समान अधिकार प्राप्त थे। इतना ही नहीं लेखिका की परदादी ने मंदिर में जाकर मन्नत माँगी थी कि उनकी पतोहू का पहला बच्चा लड़की हो, यह घर के माहौल व उसमें रहने वाले लोगों की स्वतंत्र सोच का ही परिचायक है। लेखिका की माँ किसी प्रचारित पत्नी, बहु या माँ के कर्तव्य का पालन नहीं करती थी फिर भी उनके परंपरागत दादा-दादी या उनकी ससुराल के अन्य सदस्य उनकी माँ को  न नाम धरते थे, न उनसे आम औरत की तरह होने की अपेक्षा रखते थे अपितु उनकी माँ में सबकी बहुत श्रद्धा थी।


4. आप अपनी कल्पना से लिखिए कि परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने की मन्नत क्यों माँगी?

उत्तर : परदादी ने पतोहू के लिए पहले बच्चे के रूप में लड़की पैदा होने की मन्नत इसलिए माँगी क्योंकि वे एक स्वतंत्र ख्यालों की बहादुर महिला थी। वे लड़कियों को लड़कों के समान ही मानती थी जो कि उनकी मन्नत से साबित हो गया। उस समय उन्होंने समाज में लड़कियों के प्रति सम्मान की भावना जगाने हेतु व समान हक दिलवाने हेतु ही स्वयं के घर से शुरुआत की।


5. डराने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है-पाठ के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिए |

उत्तर : डराने-धमकाने, उपदेश देने या दबाव डालने की जगह सहजता से किसी को भी सही राह पर लाया जा सकता है। यह कथन इस पाठ ने बिलकुल सत्य कर दिखाया है। पाठ में माँ जी को जब पता चला कि उनके कमरे में चोर है तो भी उन्होंने उसके साथ बहुत सामान्य व अच्छा व्यवहार किया। उन्होंने चोर के हाथ से पानी पिया व उसे भी पिलाया जो कि किसी व्यक्ति के बुरे से अच्छे में बदलने के लिए काफ़ी है। चोर ने कभी भी अपने जीवन में इतना सम्मान नहीं पाया होगा जो कि उसे माँ जी ने दिया। माँ जी ने उसे इतना ही कहा था कि "तुम चोरी करो या खेती, यह तुम्हारी मर्जी" बस इतना कहने से ही चोर का हृदय परिवर्तन हो गया। उसने हमेशा के लिए चोरी छोड़ दी और खेती अपना ली।


6. ‘शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है’- इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए |

उत्तर : "शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है।" लेखिका ने अपने प्रयासों से साबित कर दिया है। लेखिका विवाह के बाद कर्नाटक के एक छोटे कस्बे, बागलकोट में पहुँच गई तब उनके दो बच्चे भी थे, जो स्कूल जाने लायक उम्र पर पहुँच रहे थे पर वहाँ कोई ढंग का स्कूल नहीं था इसलिए लेखिका ने कैथोलिक बिशप से प्राइमरी स्कूल खोलने की दरख्वास्त की। यह प्राइमरी स्कूल उन्होंने क्रिश्चियन और गैर- क्रिश्चियन दोनों ही समुदायों के बच्चों के लिए खोलने के लिए कहा पर उनसे सहयोग न मिलने पर लेखिका ने स्वयं ही अंग्रेज़ी-हिंदी-कन्नड़, तीन भाषाएँ पढ़ाने वाला, प्राइमरी स्कूल खोला और कर्नाटक सरकार से उसे मान्यता भी दिलवाई ताकि किसी भी समुदाय का बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह पाए।



7. पाठ के आधार पर लिखिए कि जीवन में कैसे इंसानों को अधिक श्रद्धा भाव से देखा जाता है?

उत्तर : पाठ के आधार पर यह कहा जा सकता है कि दृढ़ संकल्प रखने वाले, परंपरागत व रूढ़िवादी सोच से अलग सोचने वाले, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले, बदलाव की पहल स्वयं से करने वाले लोगों को ही श्रद्धा भाव से देखा जाता है। जो लोग कभी झूठ नहीं बोलते, जो किसी की बात को इधर-उधर नहीं करते, जिनका व्यक्तित्व सहज, सरल, परोपकार की भावना से भरा हुआ होता है, उन्हें ही श्रद्धा भाव से देखा जाता है।


8. ‘सच, अकेलेपन का मज़ा ही कुछ और है’-इस कथन के आधार पर लेखिका की बहन एवं लेखिका के व्यक्तित्व के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |

उत्तर : लेखिका और उनकी बहन दोनों ही दृढ़- निश्चयी व्यक्ति थी। वे स्वयं में ही सम्पूर्ण थीं। वे दोनों ही ज़िद्दी थी पर यहाँ यह 'ज़िद्दी' विशेषण उनके लिए सकारात्मक रूप में प्रयोग हुआ है। यह जिद्दी शब्द उनकी दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जो यह बताता है कि यह दोनों ही जब कुछ ठान लेती हैं तो उसे पूरा करके ही दम लेतीं हैं। ये दोनों ही हमेशा अपनी राह खुद तलाशती हैं और उस पर मंजिल तक पहुँचने तक चलती हैं। वे दोनों ही स्वयं की साथी, हमदर्द खुद ही होती हैं। पाठ में अनेक घटनाओं द्वारा उनके अकेले चलने की व्याख्या बहुत खूबसूरती से की गई है। चाहे वह लेखिका की डालमिया नगर की घटना हो या बागलकोट की। उसी प्रकार लेखिका की बहन के विद्यालय पहुँचने की घटना ने तो अलग ही मुकाम पर पहुँचा दिया है इस पाठ को


NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 - Mere Sang Ki Auratein

Class 9 Hindi Kritika Class 9 Chapter 2 PDF

Even students who are not fond of studying the Hindi language as one of their subjects will find the story fascinating from NCERT Hindi Class 9 Kritika Chapter 2. Mere Sang Ki Aurte Chapter is not tricky if students read the following Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 Summary with concentration. Students who study from the Mere Sang Ki Auratein Notes and learn Question Answers will excel in their half-yearly examination.  Students can take advantage of this effortless downloading of Mere Sang Ki Aurtein Chapter PDF.


Mere Sang Ki Aurte Summary

The story Mere Sang Ki Aurte is the second chapter in Class 9 Hindi book - Kritika.  Mridula Garg, the author of Mere Sang Ki Auratein Chapter PDF narrates the story beautifully from the viewpoint of the girl who has heard stories about her grandmother but never met her personally. The author’s grandmother had passed away even before her mother’s marriage. 

The story of Mere Sang Ki Aurte Class 9 revolves around the author’s childhood and the urge for women empowerment. NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF is set in India’s pre-independence struggle backdrop. In Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 Summary, the author’s grandmother holds a pivotal role, as she was a bold lady who defied the conventional order of society. Though she struggled through her life, she dared to stand up for the rights of her daughter.   

Mere Sang Ki Aurtein Chapter PDF explains that when grandmother was counting her last days, she expressed the desire to meet the famous revolutionary, Mr Pyarelal Sharma.  Without any fear of grandfather, grandmother courageously spoke out that she does not want her daughter to marry a man who possessed the qualities of her husband.  She wanted her daughter to marry a revolutionary like Pyarelal Sharma.

Mere Sang Ki Aurte Summary describes the author’s household situation. After marriage, the author’s mother did not follow the similar trends of other women of her age. She lived with the virtues that grandmother had taught her. Apart from being a good mother, wife and daughter-in-law, she utilises her time productively in reading books, learning music and participating in other such activities.

After reading the Mere Sang Ki Auratein Full Chapter Summary, students can attempt to do the Extra Questions Answers independently without any difficulties.  


शब्द - अर्थ (Word - Meaning) of Chapter 2 Kritika

परदानशीं - परदा  करने वाली स्त्री 

मुँहज़ोर - बहुत बोलने वाली

फ़रमाबरदार -  आज्ञाकारी 

मुस्तैद - तैयार, तत्पर

फ़ज़ल - दया

बदस्तूर - नियम से 

अकबकाया - घबराया

मिराक -   मानसिक रोग

मोहलत - फुर्सत, अवकाश

खरामा-खरामा - धीरे-धीरे

इसरार - आग्रह 

माकूल - अच्छा 


Marks Weightage for CBSE Class 9 Hindi Chapter 2 Kritika Question Answer

Kritika Class 9 Chapter 2 PDF is based on CBSE guidelines. Class IX students can choose Hindi as one of the compulsory subjects for their board examination. However, CBSE allows students to choose any two language subjects in Class IX.  There are two Hindi syllabi, namely Hindi Course A and Hindi Course B.

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF is a helpful tool for students to score exceptionally well in their exam. Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 Summary is aligned to CBSE guidelines to help students gain extra marks in the examination.  Students can get assured marks if they practice CBSE Class 9 Hindi Chapter 2 Kritika Question Answer.


Benefits of Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF

Here is the list of benefits of downloading NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF.

  • Professional teachers with high calibre have curated NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kritika Chapter 2 PDF.  

  • Mere Sang Ki Auratein Full Chapter Summary is explained to save student’s time.

  • Students will highly benefit from Mere Sang Ki Aurte MCQ.

  • Mere Sang Ki Auratein Chapter PDF aids students to secure desired marks.


NCERT Class 9 Hindi Kritika Chapterwise Solutions


Along with this, students can also view additional study materials provided by Vedantu, for Class 9

FAQs on NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 2 - Mere Sang Ki Auratein

1. Did the Author’s Grandmother Participate in the Independence Struggle?

The author’s grandmother was not an active participant of India’s freedom struggle, yet she was a true Indian. She did not support her husband, who adopted a foreign lifestyle. She was in favour of getting her daughter married to a revolutionary. She requested Pyarelal Mohan, a famous revolutionary, to find a suitor for her daughter. Grandmother was the least influenced by the foreign style and kept close to her Indian culture. She wanted to preserve Indian culture by getting her fifteen-year-old daughter married to a man who is a loyal nationalist.   

2. Describe the Author’s Childhood.

The author did not lead a traditional lifestyle like her peer groups. She did not have a dominating mother who overshadowed her children. Her carefree mother gave plenty of space to her. She let her children blossom naturally. The family never showed prejudice against the girl-child. Unlike other traditional families where mothers cooked, the author’s father usually contributed towards household chores. During those days, women were confined to their home, but her mother participated in the independence celebration while her father stayed at home.

3. What was the last wish of the grandmother?

In Chapter 2 of Class 9 Hindi Kritika, you will read about the story Mere Sang ki Auratein, where the author’s grandmother is shown in an important position. It is told in the story by the author, that before her grandmother passed away she had made a wish to meet in person with a famous revolutionary named Pyarelal Sharma. She said fearlessly to her husband that she would like her daughter to marry some revolutionary and not someone of her own husband’s nature and virtues.

4. Who is the author of Chapter 2 of Class 9 Hindi Kritika?

Chapter 2 of Class 9 from the Hindi textbook Kritika is Mere Sang ki Auratein. The author of this Chapter is Mridula Garg. She beautifully puts up the real-life story of her grandmother and mother and explains how things were for women pre-independence in India. She simultaneously shows us how her mother and grandmother did not abide by the conventional norms of the society and made a statement of their own individuality.

5. What is the main theme behind the story Mere Sang ki Auratein?

When you read the story of Mere Sang Ki Auratein, and you dig deeper into the meaning of the story, then you will realise that the main theme behind this beautiful story is Women empowerment. This holds such significance since the entire story backdrop is shown in the times of pre-independence when the very basic rights of women were also difficult to establish and accept let alone the concept of worm empowerment. A student reading this story will definitely feel inspired and motivated.

6. What hobbies of the author's mother set her apart?

The author describes her mother as a strong woman who had been imbibed with the virtues and principles of her mother, who is the author’s bold grandmother. Though the grandmother’s life was not as smooth, still she managed to fight for the rights of her daughter. And this taught the author’s mother to never compromise or stoop down due to her gender. Even after marriage, the author’s mother continued with her hobbies of reading, listening to music, other part-time hobbies apart from her duties as a mother, wife or daughter in law.

7. How to score well in Chapter 2 of Class 9 Hindi?

Hindi being a language subject, needs extensive reading and writing practice for you to be able to score well. What you have to do is:

  • Read the chapter thoroughly.

  • Understand its concept and theme.

  • Practice writing answers.

  • Refer to Vedantu for revision notes and explanations.

  • Download the NCERT Solutions PDF from the Vedantu website or from the Vedantu app at free of cost.