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# NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 5 - In Hindi

Last updated date: 11th Aug 2024
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## NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 5 Law of Motion in Hindi PDF Download

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Table of Content
1. NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 5 Law of Motion in Hindi PDF Download
2. Access NCERT Solutions for Science Chapter 5 – Laws of Motion
2.1अतिरिक्त अभ्यास
3. ERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 5 Law of Motion in Hindi

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## Access NCERT Solutions for Science Chapter 5 – Laws of Motion

1 .निम्नलिखित पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी aदिशा लिखिए –

(a) एकसमान चाल से नीचे गिरती वर्षा की कोई बूंद

उत्तर:

∵ त्वरण शून्य है; अत: नेट बल भी शून्य होगा।

(b) जल में तैरता $\mathbf{10{\text{ g}}}$संहति का कोई कॉर्क

उत्तर (b

∵ उपरिमुखी गति के समय कॉर्क जल पर स्थिर तैर रहा है अर्थात् गति नहीं हो रही है,

अत : त्वरण शून्य है,

∴नेट बल भी शून्य है।

(c) कुशलता से आकाश में स्थिर रोकी गई कोई पतंग

उत्तर (c)

∵ पतंग को स्थिर रोका गया है; अत: त्वरण ${\text{a }} = {\text{ }}0$

∴ नेट बल भी शून्य है।

(d) $\mathbf{30{\text{ km}}{{\text{h}}^{{\text{ - 1}}}}{\text{}}}$के एकसमान वेग से ऊबड़-खाबड़ सड़क पर गतिशील कोई कार

उत्तर (d)

∵ कार का वेग एकसमान है; अतः त्वरण ${\text{a }} = {\text{ }}0$

∴ नेट बल भी शून्य होगा।

(e) सभी गुरुत्वीय पिण्डों से दूर तथा वैद्युत और चुम्बकीय क्षेत्रों से मुक्त, अन्तरिक्ष में तीव्र चाल वाला इलेक्ट्रॉन।

उत्तर (e

∵ इलेक्ट्रॉन गुरुत्वीय पिण्डों, वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों से दूर है; अतः उस पर कोई बल नहीं लगेगा।

2. $\mathbf{0.05{\text{ kg}}}$ संहति का कोई कंकड़ ऊर्ध्वाधर ऊपर फेंका गया है। नीचे दी गई प्रत्येक परिस्थिति में कंकड़ पर लग रहे नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा लिखिए –
(a) उपरिमुखी गति के समय।

उत्तर :

(a) उपरिमुखी गति के समय कंकड़ पर बल = कंकड़ का भार = ${\text{mg }} = {\text{ }}0.05{\text{ kg }} \times {\text{ }}10{\text{ m}}{{\text{s}}^{ - 2}}\; = {\text{ }}0.5{\text{ N}}$

(b) अधोमुखी गति के समय।

उत्तर :

(b) अधोमुखी गति के समय भी कंकड़ पर बल उसके भार के बराबर अर्थात् $0.5{\text{ N}}$लगेगा।

(c) उच्चतम बिन्दु पर जहाँ क्षण भर के लिए यह विराम में रहता है। यदि कंकड़ को क्षैतिज दिशा से $45^\circ$कोण पर फेंका जाए, तो क्या आपके उत्तर में कोई परिवर्तन होगा? वायु-प्रतिरोध को उपेक्षणीय मानिए।

उत्तर :

(c) इस स्थिति में भी कंकड़, पर वही बल $0.5{\text{ N}}$ही लगेगा।
कंकड़ को क्षैतिज से$45^\circ$ के कोण पर फेंकने पर भी कंकड़ पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र में गति करता है; अतः इस स्थिति में भी, प्रत्येक दशा में कंकड़ पर बल $0.5{\text{ N}}$ ही लगेगा।

3. ${\mathbf{0}}.{\mathbf{1}}{\text{ kg}}$संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व सकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियों में ज्ञात कीजिए –

(a) पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरन्त पश्चात्

उत्तर : स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने पर, पत्थर पर एकमात्र बल उसका भार नीचे की ओर कार्य करेगा।

∴ पत्थर पर बल = ${\text{mg }} = {\text{ }}0.1{\text{ kg }} \times {\text{ }}10{\text{ m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 2}}}}$

$= {\text{ }}1{\text{N}}$ ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।

(b) पत्थर को $36{\text{ km}}{{\text{h}}^{{\text{ - 1}}}}$के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरन्त पश्चात्,

उत्तर : ऐसी स्थिति में भी पत्थर को गाड़ी से गिराने पर गाड़ी की गति के कारण उस पर लगने वाले बल का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और केवल उसका भार ही पत्थर पर कार्य करेगा।

∴ पत्थर पर बल $= {\text{ }}1{\text{N}}$ ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।

(c) पत्थर को $1{\text{ m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 2}}}}$के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरन्त पश्चात्,

उत्तर : ∵ पत्थर गाड़ी से नीचे गिरा दिया गया है; अतः अब उस पर केवल उसका भार कार्य करेगा।

∴ पत्थर पर बल $= {\text{ }}1{\text{N}}$ ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर

(d) पत्थर $1{\text{ m}}{{\text{s}}^{{\text{ - 2}}}}$ के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी के फर्श पर पड़ा है तथा वह रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है।उपर्युक्त सभी स्थितियों में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।

उत्तर : ∵ पत्थर रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है,

∴ पत्थर का त्वरण ${\text{a }} =$रेलगाड़ी का त्वरण $= {\text{ }}1{\text{ m}}{{\text{s}}^{ - 2}}$

∴ ${\text{F = m a}}$से, गाड़ी की त्वरित गति के कारण पत्थर पर नेट बल
${\text{F = m a}}$ $= {\text{ }}0.1{\text{ kg }} \times {\text{ }}1{\text{ m}}{{\text{s}}^{ - 2}}$

$= {\text{ }}0.1{\text{ N}}$(क्षैतिज दिशा में)।

पत्थर पर कार्यरत अन्य बल उसका भार तथा फर्श की अभिलम्ब प्रतिक्रिया परस्पर सन्तुलित हो जाते हैं।

4. $l$ लम्बाई की एक डोरी का एक सिरा $m$ संहति के किसी कण से तथा दूसरा सिरा चिकनी क्षैतिज मेज पर लगी बँटी से बँधा है। यदि कण चाल से वृत्त में गति करता है तो कण पर (केन्द्र की ओर निर्देशित) नेट बल है-

(i) ${\text{ T, }}$
(ii) $T - \dfrac{{m{v^2}}}{l}$
(iii) $T + \dfrac{{m{v^2}}}{{{l^2}}}$
(iv) $0$

$T$ डोरी में तनाव है। सही विकल्प चुनिए।

उत्तर : (i) ${\text{ T, }}$सही विकल्प है। कण को वृत्तीय गति देने के लिए अभिकेन्द्र बल $\dfrac{{m{v^2}}}{l}$चाहिए जो उसे डोरी में तनाव T से मिलता है। अर्थात $\left( {T = \dfrac{{m{v^2}}}{l}} \right)$

अत: कण पर नेट बल $= {\text{T}}$

5. $\mathbf{15{\text{ }}m{s^{ - 1}}}$ की आरम्भिक चाल से गतिशील $20{\text{ kg}}$ संहति के किसी पिण्ड पर $50{\text{ N}}$का स्थायी मन्दन बल आरोपित किया गया है। पिण्ड को रुकने में कितना समय लगेगा?

उत्तर :मंदक बल ${\text{F}} = - 50$ न्यूटन, पिण्ड का द्रव्यमान ${\text{m}} = 20$ किग्रा
अत: पिण्ड में अवमन्दन, ${\text{a}} = \dfrac{{\text{F}}}{{\text{m}}} = \dfrac{{ - 50}}{{20\;{\text{kg}}}} = - 2.5\;{\text{m}}{{\text{s}}^{ - 2}}$

## ERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 5 Law of Motion in Hindi

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