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NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 4 - In Hindi

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Last updated date: 18th Apr 2024
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NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 4 Motion in a Plane pdf download

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Competitive Exams after 12th Science

NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 4 Motion in a Plane in Hindi

1. निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बताइए कि कौन-सी सदिश हैं और कौन-सी अदिश-आयतन, द्रव्यमान, चाल, त्वरण, घनत्व, मोल संख्या, वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय वेग।

उत्तर: सदिश राशियाँ: त्वरण, वेग, विस्थापन तथा कोणीय वेग।
अदिश राशियाँ: आयतन, द्रव्यमान, चाल, घनत्व, मोल-संख्या तथा कोणीय आवृत्ति।


2. निम्नांकित सूची में से दो अदिश राशियों को छाँटिए
बल, कोणीय संवेग, कार्य, धारा, रैखिक संवेग, विद्युत क्षेत्र, औसत वेग, चुम्बकीय आघूर्ण, आपेक्षिक वेग।

उत्तर: दो अदिश राशियाँ कार्य तथा धारा हैं।


3. निम्नलिखित सूची में से एकमात्र सदिश राशि को छाँटिए
ताप, दाब, आवेग, समय, शक्ति, पूरी पथ-लम्बाई, ऊर्जा, गुरुत्वीय विभव, घर्षण गुणांक, आवेश।

उत्तर: दी गई राशियों में एकमात्र सदिश राशि आवेग है।


4. कारण सहित बताइए कि अदिश तथा सदिश राशियों के साथ क्या निम्नलिखित बीजगणितीय संक्रियाएँ अर्थपूर्ण हैं
(a) दो अदिशों को जोड़ना,

उत्तर: नहीं, दो अदिशों को जोड़ना केवल तभी अर्थपूर्ण हो सकता है, जबकि दोनों एक ही भौतिक राशि को प्रदर्शित करते हों।


(b) एक ही विमाओं के एक सदिश व एक अदिश को जोड़ना,

उत्तर: नहीं, सदिश को केवल सदिश के साथ तैथा अदिश को केवल अदिश के साथ ही जोड़ा जा सकता है।,


(c) एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना,

उत्तर: अर्थपूर्ण है, एक सदिश को एक अदिश से गुणा करने पर एक नया सदिश प्राप्त होता है, जिसका परिमाण सदिश व अदिश के परिमाण के गुणन के बराबर होता है तथा दिशा अपरिवर्तित रहती है।


(d) दो अदिशों का गुणन,

उत्तर: अर्थपूर्ण है, दो अदिशों के गुणन से प्राप्त नए अदिश का परिमाण दिए गए अदिशों के परिमाण के । गुणन के बराबर होता है।


(e) दो सदिशों को जोड़ना,

उत्तर: नहीं, केवल तभी अर्थपूर्ण होगा जबकि दोनों एक ही भौतिक राशि को प्रदर्शित करते हों।


(f) एक सदिश के घटक को उसी सदिश से जोड़ना?

उत्तर: चूँकि किसी सदिश का घटक एक सदिश होता है जो मूल सदिश के समान भौतिक राशि को निरूपित करता है (जैसे-बल का घटक भी एक बल ही होता है); अत: दोनों को जोड़ना अर्थपूर्ण है।


5. निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि यह सत्य है या असत्य

(a) किसी सदिश का परिमाण सदैव एक अदिश होता है।

सत्य, किसी भी भौतिक राशि का परिमाण एक धनात्मक संख्या है, जिसमें दिशा नहीं होती; अतः यह एक अदिश राशि है।


(b)किसी सदिश का प्रत्येक घटक सदैव अदिश होता है।

असत्य, किसी सदिश का प्रत्येक घटक एक सदिश राशि होता है।


(c) किसी कण द्वारा चली गई पथ की कुल लम्बाई सदैव विस्थापन सदिश के परिमाण के बराबर होती है।

असत्य, उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति R त्रिज्या के वृत्त की परिधि पर चलते हुए एक चक्कर पूर्ण करता है तो उसके द्वारा तय किए गए पथ की लम्बाई 2π R होगी जबकि विस्थापन का परिमाण शून्य होगा।


(d) किसी कण की औसत चाल (पथ तय करने में लगे समय द्वारा विभाजित कुल पथ-लम्बाई) समय के समान-अन्तराल में कण के औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है।

सत्य, क्योंकि औसत चाल पूर्ण पथ की लम्बाई पर तथा औसत वेग कुल विस्थापन पर निर्भर करता है। जबकि पूर्ण पथ की लम्बाई सदैव ही विस्थापन के परिमाण से अधिक अथवा बराबर
होती है।


(e) उन तीन सदिशों का योग जो एक समतल में नहीं हैं, कभी भी शून्य सदिश नहीं होता।सत्य, शून्य सदिश प्राप्त करने के लिए तीसरा सदिश पहले दो सदिशों के परिणामी के विपरीत दिशा में तथा परिमाण में उसके बराबर होना चाहिए। यह इस दशा में सम्भव नहीं है, चूँकि तीनों सदिश एक समतल में नहीं हैं।\[\]\[\]$\left| {a + b} \right| \leqslant \left| a \right| + \left| b \right|$


6. निम्नलिखित असमिकाओं की ज्यामिति या किसी अन्य विधि द्वारा स्थापना कीजिए

(a) \[\left| {\vec a + \vec b} \right| \leqslant \left| {\vec a} \right| + \left| {\vec b} \right|\]

उत्तर: 


vector sum rule of triangle


माना $\overrightarrow {\text{a}}  = \overrightarrow {{\text{OA}}} \quad $ तथा $\quad \overrightarrow {\text{b}}  = \overrightarrow {{\text{AB}}} $ तब $\quad |\overrightarrow {\text{a}} | = OA\quad $ तथा $\quad |\overrightarrow {\text{b}} | = AB$

(a) सदिश योग के त्रिभुज नियम से,

$\vec a + \vec b = \overrightarrow {OA}  + \overrightarrow {AB}  = \overrightarrow {OB} $अर्थात् $\vec a + \vec b,\vartriangle OAB$ की तीसरी भुजा $O B$ द्वारा दिशा व परिमाण में निरूपित होगा।

तथा

$\because \vartriangle OAB$ में,

$|\vec a + \vec b| = OB$

$OB \leqslant OA + AB$

या

$|\vec a + \vec b| \leqslant |\vec a| + |\vec b|$


(b) $\left| {\vec a + \vec b} \right| \leqslant \left| {\vec a} \right| + \left| {\vec b} \right|$

उत्तर:  $\because $ किसी त्रिभुज में प्रत्येक भुजा शेष दो भुजाओं के अन्तर से बड़ी होती है; अत:

$OB \geqslant OA - AB$

$|\vec a + \vec b| \geqslant |\vec a| - |\vec b|$

(c) $\left| {\vec a - \vec b} \right| \leqslant \left| {\vec a} \right| + \left| {\vec b} \right|$

उत्तर: इनमें समिका (समता) का चिह्न कब लागू होता है?
तथा ; \[OB \geqslant AB - OA\;\] या  \[\left| {\vec a + \vec b} \right| \geqq \left| {\vec b} \right| - \left| {\vec a} \right|\left| {\vec a + \vec b} \right| \geqslant \parallel \vec a\left|  -  \right|\vec b||\]

अर्थात् \[\left| { - \vec b} \right| = \left| {\vec b} \right| = AB\]
तब सदिश योग के त्रिभुज नियम से,

\[\vec a - \vec b = \vec a + \left( { - \vec b} \right)\;\;\;\]

\[ = \overrightarrow {OA}  + \overrightarrow {AB}  = \overrightarrow {OB} \]

\[\left| {\overrightarrow a  - \overrightarrow b } \right| = OB\]’ 

अर्थात् सदिश \[\overrightarrow a  - \overrightarrow b ,\Delta OAB^\prime\] की भुजा \[OB^\prime\] से निरूपित होगा (चित्र)


(d) \[\left| {\vec a - \vec b} \right| \geqslant \left| {\vec a} \right| - \left| {\vec b} \right|\]
उत्तर:  ∵ किसी त्रिभुज में प्रत्येक भुजा शेष दो भुजाओं के अन्तर से बड़ी होती है।
\[OB^\prime = OA - AB^\prime\]  या  \[\left| {a - b} \right| \geqslant \left| b \right| - \left| a \right|\;\] तथा   \[AB^\prime \geqslant AB^\prime - OA\] या

\[\left| {\overrightarrow a  - \overrightarrow b } \right| \geqslant \left| {\overrightarrow b } \right| - \left| {\overrightarrow a } \right|\] ---- (1)
\[AB^\prime = \left| { - \overrightarrow b } \right| = \left| {\overrightarrow b } \right|\] ---- (2)
समीकरण (1) व (2) को एक साथ समायोजित करने पर,

\[\left| {\vec a - \vec b} \right| \geqslant \left| {\vec a} \right| - \left| {\vec b} \right|\]

उपर्युक्त सभी में समिका का.चिह्न केवल तभी लागू होगा जबकि सदिश \[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow b \] समदिश होंगे।

7. दिया है \[\overrightarrow a  + \overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d  = 0\] नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है

(a) \[\overrightarrow a ,\overrightarrow b ,\overrightarrow c ,\overrightarrow d \] में से प्रत्येक शून्य सदिश है।

उत्तर:

यह कथन सही नहीं है क्योंकि सदिश \[\overrightarrow a ,\overrightarrow b ,\overrightarrow c \] तथा \[\overrightarrow d \] का योग शून्य है, जिससे यह परिणाम
प्राप्त नहीं होता है कि प्रत्येक शून्य सदिश है। अत: कथन (a) सत्य नहीं है।


(b) \[\overrightarrow a  + \overrightarrow c \]का परिमाण \[\overrightarrow b  + \overrightarrow d \] के परिमाण के बराबर है।

उत्तर:

\[\therefore \overrightarrow a  + \overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d  = 0\]

\[\therefore \overrightarrow a  + \overrightarrow c  =  - \left( {\overrightarrow b  + \overrightarrow d } \right)\]

\[\therefore \left| {\overrightarrow a  + \overrightarrow c } \right| = \left| {\overrightarrow b  + \overrightarrow d } \right|\]

\[\therefore \left| { - \left( {\overrightarrow b  + \overrightarrow d } \right)} \right| = \left| {\overrightarrow b  + \overrightarrow d } \right|\]

अत: कथन (b) सत्य है।


(c) \[\overrightarrow a \] का परिमाण \[\overrightarrow b ,\overrightarrow c \] तथा \[\overrightarrow d \] के परिमाणों के योग से कभी-भी अधिक नहीं हो सकता।

उत्तर:

\[\therefore \overrightarrow a  + \overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d  = 0\]

\[\therefore \left| {\overrightarrow a } \right| = \left| {\overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d } \right|\] 

परन्तु \[\left| {\overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d } \right| \leqslant \left| {\overrightarrow b } \right| + \left| {\overrightarrow c } \right| + \left| {\overrightarrow d } \right|\]

\[\therefore \left| {\overrightarrow a } \right| \leqslant \left| {\overrightarrow b } \right| + \left| {\overrightarrow c } \right| + \left| {\overrightarrow d } \right|\]


(d) यदि \[\overrightarrow a \] तथा \[\overrightarrow d \] संरेखीय नहीं हैं तो  \[\overrightarrow b  + \overrightarrow c \] अवश्य ही \[\overrightarrow a \] तथा \[\overrightarrow d \] के समतल में होगा और । यह \[\overrightarrow a \] तथा \[\overrightarrow d \] के अनुदिश होगा यदि वे संरेखीय हैं।

उत्तर:

∴ कथन (c) सत्य है
\[\therefore \overrightarrow a  + \overrightarrow b  + \overrightarrow c  + \overrightarrow d  = 0\]

\[\therefore \overrightarrow a  + \overrightarrow c  =  - \left( {\overrightarrow b  + \overrightarrow d } \right)\] 

\[\therefore \overrightarrow b  + \overrightarrow d  =  - \left( {\overrightarrow a  + \overrightarrow c } \right)\]

यदि \[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow d \] संरेखीय नहीं हैं तो \[\overrightarrow a  + \overrightarrow d \],\[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow d \] के समतल में होगा; अत: \[\therefore \overrightarrow b  + \overrightarrow d  =  - \left( {\overrightarrow a  + \overrightarrow d } \right)\] भी \[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow d \] के समतल में होगा।
यदि \[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow d \] संरेखीय हैं तो \[ - \left( {\overrightarrow a  + \overrightarrow d } \right)\] भी \[\overrightarrow a \]\[\overrightarrow d \] के साथ संरेखीय होगा; अत: \[\overrightarrow b  + \overrightarrow c \] भी \[\overrightarrow a \] व  \[\overrightarrow d \] के अनुदिश होगा।
अत: कथन (d) सत्य है।


8. तीन लड़कियाँ \[200\] in त्रिज्या वाली वृत्तीय बर्फीली सतह पर स्केटिंग कर रही हैं। वे सतह के किनारे के बिन्दु \[P\] से स्केटिंग शुरू करती हैं तथा \[P\] के व्यासीय विपरीत बिन्दु \[Q\]पर विभिन्न पथों से होकर पहुँचती हैं, जैसा कि संलग्न चित्र में दिखाया गया है। प्रत्येक लड़की के विस्थापन सदिश का परिमाण कितना है? किस लड़की के लिए यह वास्तव में स्केट किए गए पथ की लम्बाई के बराबर है?


circular motion of three girls on an icy surface


हल:
दिया है : वृत्तीय पथ की त्रिज्या (R) \[ = 200\] m
∵ प्रत्येक लड़की का विस्थापन सदिश = \[\overrightarrow {PQ} \]
∴ विस्थापन सदिश का परिमाण = व्यास \[\overrightarrow {PQ} \] की लम्बाई
\[ = 2R\]

\[ = 2 \times 200\] m
\[ = 400\] m
∵ लड़की \[B\] द्वारा तय पथ \[\overrightarrow {PQ} \] की लम्बाई 

\[ = 2R\]

\[ = 400\] m
∴ लड़की \[B\] के लिए विस्थापन संदिश का परिमाण वास्तव में स्केट चित्र \[4.2\] किए गए पथ की लम्बाई के बराबर है।


9. कोई साइकिल सवार किसी वृत्तीय पार्क के केन्द्र से चलना शुरू करता है तथा पार्क के किनारे \[P\] पर पहुँचता है। पुनः वह पार्क की परिधि के अनुदिश साइकिल चलाता हुआ \[{Q_o}\] के रास्ते (जैसा कि चित्र \[4.3\] में दिखाया गया है) केन्द्र पर वापस आ जाता है। पार्क की त्रिज्या \[1\] \[km\] है। यदि पूरे चक्कर में \[10\] मिनट लगते हों तो साइकिल सवार का 

(a) कुल विस्थापन, 

हल:

दिया है : वृत्तीय पार्क की त्रिज्या \[ = 1\]km
चूंकि साइकिल सवार केन्द्र० से चलकर पुनः केन्द्र0 पर ही पहुँच जाता है, अतः कुल विस्थापन \[ = 0\]

(b) औसत वेग तथा 

हल:

औसत वेग \[\overrightarrow v  = \] कुल विस्थापन /  कुल समय 

\[ = \dfrac{0}{{10\min }}\]

\[ = 0\]

(c) औसत चाल क्या होगी?


cyclist motion on a circle


हल:

(c) साइकिल सवार द्वारा तय कुल दूरी

\[{O_0} = \] त्रिज्या OP+ परिधि खण्ड PQ+ त्रिज्या QO   

\[ = 1km \times \dfrac{1}{4} \times 2\pi R + 1km\] (∵ त्रिज्या \[R = 1\] km)   

\[ = 2km + 12 \times 3.14 \times 1km\]

\[ = 3.57\] km  

जबकि लगा समय \[t = 10\] min 

∴  औसत चाल   = कुल तय दूरी  लगा समय 

\[ = 3.57\] km \[10\] min

\[ = 0.357\] km/min. 


10. किसी खुले मैदान में कोई मोटर चालक एक ऐसा रास्ता अपनाता है जो प्रत्येक \[500\] m के बाद उसके बाईं ओर \[{60^o}\] के कोण पर मुड़ जाता है। किसी दिए मोड़ से शुरू होकर मोटर चालक का तीसरे, छठे व आठवें मोड़ पर विस्थापन बताइए। प्रत्येक स्थिति में मोटर चालक द्वारा इन मोड़ों पर तय की गई कुल पध-लम्बाई के साथ विस्थापन के परिमाण की तुलना कीजिए।
हल:

मोटर चालक द्वारा अपनाया गया मार्ग एक समषट्भुज \[ABCDEF\]आकार का होगा।

(a) माना कि मोटर चालक शीर्ष A से चलना प्रारम्भ करता है।
तो वह शीर्ष \[D\] पर तीसरा मोड़ लेगा। प्रश्नानुसार,
\[AB = BC = CD = DE = EF = FA = 500\] m
∴ तीसरे मोड़ पर विस्थापन ,
\[ = AD = 2 \times AB\] (समषट्भुज के गुण से)

\[ = 2 \times 500\]

\[ = 1000\]

\[ = 1\] km
जबकि कुल पथ की लम्बाई
\[ = {\text{ }}AB + BC + CD\]

\[ = 500 + 500 + 500\] m

\[ = 1500\]

\[ = 1.5\] km

∴ विस्थापन : पथ-लम्बाई 

\[ = 1\] km \[:1.5\] km 

\[ = 2:3\]


speed of any motorist in open field


(b) मोटर चालक छठा मोड़ शीर्ष \[A\] पर लेगा अर्थात् इस क्षण मोटर चालक अपने प्रारम्भिक बिन्दु पर पहुँच चुका होगा।
∴ विस्थापन = शून्य।
जबकि कुल पथ-लम्बाई \[ = AB + BC + CD + DE + EF + FA\]

\[ = 6 \times AB\]

\[ = 6 \times 500\] m

\[ = 3000\] m

\[ = 3\] km
विस्थापन : पथ-लम्बाई \[ = 0:3\] km \[ = 0\]


(c) मोटर चालक आठवाँ मोड़ शीर्ष \[C\] पर लेगा।∴  विस्थापन \[AC\; = \sqrt {A{B^2} + B{C^2} + 2AB.BCcos60{\;^o}} \;\]  

\[ = \sqrt {{{500}^2} + {{500}^2} + 2 \times 500 \times 500 \times 12} \]

\[ = {500^3}\] m

\[ = 32\]

 जबकि   कुल पथ-लम्बाई 

 \[ = 8 \times AB\]

 \[ = 8 \times 500\]m

 \[ = 4\] km 

∴  विस्थापन : पथ-लम्बाई 

\[ = \dfrac{{\sqrt 3 }}{2}\] km \[:4\] km

\[ = \sqrt 3 :8\]


11. कोई यात्री किसी नए शहर में आया है और वह स्टेशन से किसी सीधी सड़क पर स्थित किसी होटल तक जो \[10\] km दूर है, जाना चाहता है। कोई बेईमान टैक्सी चालक \[23\] km के चक्करदार रास्ते से उसे ले जाता है और \[28\] min में होटल में पहुँचता है।
(a) टैक्सी की औसत चाल, और

हल:

दिया है : टैक्सी द्वारा तय कुल दूरी \[ = 23\] km,
लगा समय \[ = 28\] min
टैक्सी का विस्थापन = स्टेशन से होटल तक सरल रेखीय दूरी
\[ = 10\] km

∴ टैक्सी की औसत चाल 

= कुल तय दूरी / लगा समय 

\[ = \dfrac{{23km}}{{28\min }}\]

\[ = 0.82\] km/min

(b) औसत वेग का परिमाण क्या होगा? क्या वे बराबर हैं।

टैक्सी का औसत वेग = कुल विस्थापन / लगा समय   

\[ = \dfrac{{10km}}{{28\min }}\]

\[ = 0.36\] km/min 

उपर्युक्त से स्पष्ट है कि टैक्सी की चाल तथा औसत वेग बराबर नहीं हैं।


12. वर्षा का पानी \[30\] \[m{s^{ - 1}}\] की चाल से ऊर्ध्वाधर नीचे गिर रहा है। कोई महिला उत्तर सेदक्षिण की ओर \[10\] \[m{s^{ - 1}}\]  की चाल से साइकिल चला रही है। उसे अपना छाता किस दिशा में रखना चाहिए?

हल: 

माना वर्षा का वेग \[\overrightarrow {{v_r}} \] तथा महिला का वेग \[\overrightarrow {{v_w}} \] है।
तब \[\overrightarrow {{v_r}}  = 30\]\[m{s^{ - 1}}\] तथा \[\overrightarrow {{v_w}} \]= \[10\] \[m{s^{ - 1}}\]  
महिला को, स्वयं को वर्षा के पानी से बचाने के लिए
छाता, वर्षा के, महिला के सापेक्ष वेग \[\overrightarrow {{v_{rw}}} \] की दिशा में
करना होगा।
\[ = \overrightarrow {{v_r}}  + \left( { - \overrightarrow {{v_w}} } \right)\] 

अर्थात् vrw का मान ज्ञात करने के लिए हमें \[\overrightarrow {{v_w}} \] की
दिशा उलटकर vr में जोड़ना होगा, जैसा कि चित्र \[4.5\] में प्रदर्शित किया गया है।
माना वेग \[\overrightarrow {{v_{rw}}} \] ऊर्ध्वाधर से  कोण बनाता है तो

\[\tan \theta  = \dfrac{{{v_w}}}{{{v_r}}}\]

\[ = \dfrac{{10m{s^{ - 1}}}}{{30m{s^{ - 1}}}}\]

\[ = \dfrac{1}{3}\]

\[ = 0.333\theta \]

\[ = {\tan ^{ - 1}}\left( {0.333} \right)\]

\[ = {18^o}26'\] 

अत: महिलाकोछाताऊर्ध्वाधरतलमें,ऊध्वाधरसे \[{18^o}26'\] केकोणपरदक्षिणकीओररखनाचाहिए।


13.  कोई व्यक्ति स्थिर जल में \[4.0\] km/h की चाल से तैर सकता है। उसे \[1.0\] km चौड़ी नदी को पार करने में कितना समय लगेगा? यदि नदी \[3.0\] km/h की स्थिर चाल से बह रही हो और वह नदी के बहाव के लम्ब तैर रहा हो। जब वह नदी के दूसरे किनारे पहुँचता है तो वह नदी के बहाव की ओर कितनी दूर पहुँचेगा?

हल: ∵ तैराक नदी के लम्ब दिशा में तैर रहा है; अतः तैराक का अपना वेग नदी के लम्ब दिशा में कार्य करेगा जब इस दिशा में नदी के अपने वेग का कोई प्रभाव नहीं होगा।

swimmer's velocity representation


अतः नदी के लम्ब दिशा में नेट वेग = तैराक का अपना वेग
\[ = {v_a} = 4.0{\text{ }}km/{\text{ }}h\]

नदी पार करने के लिए नदी की लम्ब दिशा में तय दूरी \[ = 1\]km

नदी पार करने में लगा समय= लम्ब दिशा में तय दूरी / लम्ब दिशा में वेग 

\[ = 15{\text{ }}min\]

 तय दूरी \[BC\; = \] बहाव का वेग \[ \times \] लगा समय    

\[ = {v_b} \times \dfrac{1}{4}h\]

\[ = 3.0\] km/h \[ \times 14h\]

\[ = 0.75\] km 

14. किसी बन्दरगाह में \[72\] km/h की चाल से हवा चल रही है और बन्दरगाह में खड़ी किसी नौका के ऊपर लगा झण्डा \[N - E\] दिशा में लहरा रहा है। यदि वह नौका उत्तर की ओर \[51\] km/h की चाल से गति करना प्रारम्भ कर दे तो नौको पर लगा झण्डा किस दिशा में लहराएगा?

हल:
माना वायु का वेग \[ = \overrightarrow {{v_a}} \] तथा नौका का वेग \[ = \overrightarrow {{v_b}} \] तब \[{v_a} = \dfrac{{72km}}{h}\],\[N - E\] दिशा में \[\overrightarrow {{v_b}}  = 51\] km

उत्तर दिशा में माना वायु का नौका के सापेक्ष वेग \[\overrightarrow {{v_{ab}}} \] है 

तो स्पष्ट है कि \[\overrightarrow {{v_{ab}}} \] वायु वेग \[\overrightarrow {{v_a}} \] तथा नौका के विपरीत दिशा वेग \[\overrightarrow {{v_b}} \] के परिणामी के बराबर

है तथा

झण्डा,वेग vab की दिशा कें ह हील हराएगा।

चित्र \[4.7\] मानावेग \[\overrightarrow {{v_{ab}}} \],वेग \[\overrightarrow {{v_a}} \] से कोणबनाताहै, जबकिवेगों \[\overrightarrow {{v_a}} \] तथा \[ - \overrightarrow {{v_b}} \] केबीचकाकोण

\[ = 135\]है।

∴  सूत्र \[{H_M} = \left( {\dfrac{{{u^2}.{{\sin }^2}{\theta _0}}}{{2g}}} \right)\] से  

\[\therefore 25 = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times {{\sin }^2}{\theta _0}}}{{2 \times 9.8}}} \right]\]

\[\therefore {\sin ^2}{\theta _0} = \left[ {\dfrac{{25 \times 2 \times 9.8}}{{{{\left( {40} \right)}^2}}}} \right]\]

\[ = 0.30625\]अथवा  

\[\sin {\theta _0} = 0.30625\]

\[ = 0.5534\]

∴ उक्तप्रक्षेप्यवेगतथाप्रक्षेप्यकोणकेलिएअधिकतमक्षैतिजदूरी

= क्षैतिज परास R 

\[ = \dfrac{{{u^2}.\sin 2{\theta _0}}}{g}\]

\[ = \dfrac{{{u^2}\left( {2\sin {\theta _0}.\cos {\theta _0}} \right)}}{g}\]

\[ = \dfrac{{{u^2}2\sin {\theta _0} \times \sqrt[4]{{1 - {{\sin }^2}{\theta _0}}}}}{g}\]

\[ = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times 2 \times 0.5534\sqrt {1 - 0.30625} }}{{9.8}}} \right]\] मी  

\[ = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times 2 \times 0.5534\sqrt {0.83299.8} }}{{9.8}}} \right]\] मी    

\[ = 150.5\] मी  


15. किसी लम्बे हॉल की छत \[25\] m ऊँची है। वह अधिकतम क्षैतिज दूरी कितनी होगी जिसमें \[40\]\[m{s^{ - 1}}\] की चाल से फेंकी गई कोई गेंद छत से टकराए बिना गुजर जाए?

हल: 

यहाँ प्रक्षेप्य वेग \[u = 40\] मी/से, 

महत्तम ऊँचाई \[HM = 25\] मी
∴  सूत्र \[{H_M} = \left( {\dfrac{{{u^2}.{\theta _0}}}{{2g}}} \right)\] से  

\[\therefore 25 = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times {{\sin }^2}{\theta _0}}}{{2 \times 9.8}}} \right]\]

\[\therefore {\theta _0} = \left[ {\dfrac{{25 \times 2 \times 9.8}}{{{{\left( {40} \right)}^2}}}} \right]\]

\[ = 0.30625\]  अथवा  

\[\sin {\theta _0} = 0.30625\]

\[ = 0.5534\]

∴ .उक्तप्रक्षेप्यवेगतथाप्रक्षेप्यकोणकेलिएअधिकतमक्षैतिजदूरी

= क्षैतिज परास R

\[ = \dfrac{{{u^2}.\sin 2{\theta _0}}}{g}\]

\[ = \dfrac{{{u^2}\left( {2\sin {\theta _0}.\cos {\theta _0}} \right)}}{g}\]

\[ = \dfrac{{{u^2}2\sin {\theta _0} \times \sqrt[4]{{1 - {{\sin }^2}{\theta _0}}}}}{g}\]

\[ = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times 2 \times 0.5534\sqrt {1 - 0.30625} }}{{9.8}}} \right]\]मी  

\[ = \left[ {\dfrac{{{{\left( {40} \right)}^2} \times 2 \times 0.5534\sqrt {0.83299.8} }}{{9.8}}} \right]\] मी    

\[ = 150.5\] मी  


16.  क्रिकेट का कोई खिलाड़ी किसी गेंद को \[100\] m की अधिकतम क्षैतिज दूरी तक फेंक सकता है। वह खिलाड़ी उसी गेंद को जमीन से ऊपर कितनी ऊँचाई तक फेंक सकता है?

हल:

यहाँ अधिकतम क्षैतिज परास \[{R_{max}}\; = {\text{ }}100\] मी

\[\dfrac{{{u^2}}}{g} = 100\] मीपरन्तुकिसीप्रक्षेप्यकीअधिकतमऊँचाई,

\[{H_M} = \dfrac{{{u^2}{\theta _0}}}{{2g}}\] 

अतः \[{H_M}\]काउच्चतममान,

\[H = \dfrac{{{u^2}}}{{2g}}\] जबकि

\[{\theta _0} = {90^o}\]

\[H = 50\]m

17. \[80\] cm लम्बे धागे के एक सिरे पर एक पत्थर बाँधा गया है और इसे किसी एकसमान चाल के साथ किसी क्षैतिज वृत्त में घुमाया जाता है। यदि पत्थर \[25\] s में \[14\] चक्कर लगाता है तो पत्थर के त्वरण का परिमाण और उसकी दिशा क्या होगी?

हल:

पत्थर द्वारा अपनाए गए वृत्तीय मार्ग की त्रिज्या 

\[R{\text{ }} = {\text{ }}80{\text{ }}cm{\text{ }} = {\text{ }}0.8{\text{ }}m\]

पत्थरकाआवर्तकालT= कुल समय / चक्करों की संख्या 

\[ = \dfrac{{25s}}{{14}}\]

∴ पत्थरकीरेखीयचाल 

\[v = \dfrac{{2\pi R}}{T}\]

\[ = \dfrac{{2 \times \dfrac{{22}}{7} \times 0.8m}}{{\dfrac{{25}}{{14}}s}}\]

\[ = 2.80\] m/s

∴ पत्थर का त्वरण (अभिकेन्द्र त्वरण) 

\[{a_c} = \dfrac{{{v^2}}}{R}\]

\[ = {\dfrac{{\left( {2.80m{s^{ - 1}}} \right)}}{{0.8m}}^2}\]

\[ = 9.80\]\[m{s^{ - 2}}\] इस त्वरण की दिशा वृत्त के केन्द्र की ओर होगी।


18. कोई वायुयान \[900\] \[km{h^{ - 1}}\] की एकसमान चाल से उड़ रहा है और \[1.00\] km त्रिज्या का कोई क्षैतिज लूप बनाता है। इसके अभिकेन्द्र त्वरण की गुरुत्वीय त्वरण के साथ तुलना कीजिए।

हल: 

-वायुयानकीचाल \[v = 900\]\[km{h^{ - 1}}\]

\[ = 900 \times \dfrac{5}{{18}}\] \[m{s^{ - 1}}\]

\[ = 250\] \[m{s^{ - 1}}\]

वृतीयमार्गकीत्रिज्या \[R = 1.00\] km

\[ = 1000\]m

वायुयानकाअभिकेन्द्रत्वरण

\[{d_c} = \dfrac{{{v_2}}}{R}\]

\[ = \dfrac{{250m{s^{ - 1}}}}{{1000m}}\]

\[ = 62.5\] \[m{s^{ - 2}}\]

\[\dfrac{{{a_c}}}{g} = 6.38\]

\[{a_c} = 6.38 \times g\]

19. नीचे दिए गए कथनों को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य

(a) वृत्तीय गति में किसी कण का नेट त्वरण हमेशा वृत्त की त्रिज्या के अनुदिश केन्द्र की ओर होता है।

उतर:

असत्य है क्योंकि यह कथन केवल एकसमान वृत्तीय गति के लिए सत्य है।


(b) किसी बिन्दु पर किसी कण का वेग सदिश सदैव उस बिन्दु पर कण के पथ की स्पर्श रेखा के अनुदिश होता है।

उतर:

सत्य है क्योंकि यदि कण की गति में त्वरण, वेग के अनुदिश है तो कण सरल रेखीय पथ पर गति करता है और यदि गति में त्वरण किसी अन्य दिशा में है तो कण वक्र पथ पर गति करता है तथा वेग
की दिशा पथ के स्पर्श रेखीय रहती है।


(c) किसी कण को एकसमान वृत्तीय गति में एक चक्र में लिया गया औसत त्वरण सदिश एक शून्य सदिश होता है।

उतर:

सत्य है क्योंकि एक अर्द्धचक्र में त्वरण; दूसरे अर्द्धचक्र में त्वरण के ठीक बराबर व विपरीत होता है।


20. किसी कण की स्थिति सदिश निम्नलिखित है

समय t सेकण्ड में है तथा सभी गुणकों के मात्रक इस प्रकार से हैं \[\overrightarrow r \] कि मीटर में व्यक्त हो जाए।
(a) कण का \[\dfrac{{\overrightarrow v }}{{\overrightarrow a }}\] निकालिए,
हल: 

अर्थात्   मी/सेतथाकणकात्वरणसदिश

\[\overrightarrow a \; = \dfrac{{\overrightarrow {du} }}{{\overrightarrow {dt} }}\]

 मी / से\[^2\] 


(b) \[t = 2.0\] s पर कण के वेग का परिमाण तथा दिशा कितनी होगी?

हल: 

उपर्युक्तसमीकरण1से \[t = 2.0\] सेकण्डपरकणकावेग

\[\overrightarrow u \; = (3.0\overrightarrow i  - 4.0 \times 2\overrightarrow j )\;\] मी/से    

\[\overrightarrow u \; = (3.0\overrightarrow i  - 8.0\overrightarrow j )\;\] मी/से  

\[{u_x} = 3.0\] मी/से तथा 

\[{u_y} =  - 8.0\] मी/से  

वेगकापरिमाण

\[ = \sqrt {73} \] मी/से 

\[ = 8.544\] मी / से 

\[\overrightarrow u \] की दिशा \[\theta  = {\tan ^{ - 1}}\left( {\dfrac{{{u_x}}}{{{u_y}}}} \right)\]

\[ = {\tan ^{ - 1}}\left( {\dfrac{{ - 8.0}}{{3.0}}} \right)\] मी/से 

\[ = {\tan ^{ - 1}}\left( { - 2.67} \right)\]

\[ =  - {70^o}\]

अर्थात् X-अक्ष से \[{70^o}\] कोण पर नीचे की ओर अर्थात् दक्षिणावर्त।


21. कोई कण \[t = 0\] क्षण पर मूलबिन्दु से \[10\] \[m{s^{ - 2}}\]के वेग से चलना प्रारम्भ करता है।
तथा \[x - y\] समतल में एकसमान त्वरण \[8.0 + 20\] ms-2 से गति करता है।
(a) किस क्षण कण का x-निर्देशांक \[16\] m होगा? इसी समय इसका y-निर्देशांक कितना होगा?
हल:

\[x = {x_0} + {\left( {{u_0}} \right)_x}t + \dfrac{1}{2}{a_x}{t^2}\]

\[y = {y_0} + {\left( {{u_0}} \right)_y}t + \dfrac{1}{2}{a_y}{t^2}\]

अत:\[\overrightarrow a  = {a_x}\overrightarrow i  + {a_y}\overrightarrow j \]

सेतुलनाकरनेपर,

\[{a_x} = 8.0\]मीसे / तथा ay

\[ = 2.0\] मी / स\[^2\]किसा क्षण 't पर 

\[ = 16\] मी;अत:समीकरण 1  से 16

\[ = 0 + 0 \times t + 12 \times 8 \times {t^2}\]

\[ = 4{t^2}\]

\[{t^2} = 4\]

\[t = \sqrt 4 \]

\[t = 2\] सेकण्ड इस क्षण

y-निर्देशांक समी०(2)से,

\[y = \left[ {0 + {{\left( {10.0} \right)}^2} + \dfrac{1}{2}{{(2.0)}^2}} \right]\]

\[y = 24\] मी 

(b) इसी क्षण किसी कण की चाल कितनी होगी?

हल:

क्षण 't पर स्थिति सदिश :\[\overrightarrow r  = \overrightarrow {{r_0}}  + \overrightarrow {{u_0}}  \times t + \dfrac{1}{2}\overrightarrow a {t^2}\]

∴इसक्षणवेगसदिश,

\[\overrightarrow u  = \dfrac{{\overrightarrow {dr} }}{{dt}}\]

\[ = \dfrac{d}{{dt}}\left( {\overrightarrow {{r_0}}  + \overrightarrow {{u_0}}  \times t + \dfrac{1}{2}\overrightarrow a {t^2}} \right)\]

\[\overrightarrow u  = \overrightarrow {{u_0}}  + \overrightarrow a .t\]

परन्तु \[\overrightarrow {{u_0}}  = 10\overrightarrow j \] तथा 

\[\overrightarrow a  = 8.0\overrightarrow i  + 2.0\overrightarrow j \] एवं \[t = 2\] सेकण्ड

\[\overrightarrow u  = 10\overrightarrow j  + \left( {8.0\overrightarrow i  + 2.0\overrightarrow j } \right) \times 2\] 

अथवा \[\overrightarrow u  = 10\overrightarrow j  + 14\overrightarrow j \] \[{u_x} = 16\]मीसे / तथा uy

\[ = 14\] मी / से

\[\therefore {\text{ }}\left| {\overrightarrow u } \right| = u = \sqrt {{u_x}^2 + {u_y}^2} \]

\[ = \sqrt {{{\left( {16} \right)}^2} + {{\left( {14} \right)}^2}} \]

\[ = \sqrt {452} \]

\[ = 21.26\] 


22.  \[\widehat i\] तथा \[\widehat j\] क्रमशः x-व y-अक्षों के अनुदिशएकांक सदिश हैं। सदिशों \[\widehat i + \widehat j\] तथा – \[\widehat j\] का परिमाण तथा दिशाएँ क्या होंगी? सदिशों \[A = 2\widehat i + 3\widehat j\]  के \[\widehat i + \widehat j\] व \[ - \widehat j\] की दिशाओं के अनुदिश घटक निकालिए (आप ग्राफी विधि का उपयोग कर सकते हैं)।

हल:

\[\widehat i\] तथा \[\widehat j\] परस्पर लम्ब एकांक सदिश हैं; अर्थात् इनके बीच का कोण \[\theta  = {90^o}\] है।

सदिशों $\vec a$$\vec b$ के परिणामी $\vec R = \vec a + \vec b$ के परिमाण के सूत्र $R = \sqrt {{a^2} + {b^2} + 2ab\cos \theta } $ से,

$\widehat {\text{i}} + \widehat {\text{j}}$ का परिमाण,

$|\hat i + \hat j| = \sqrt {{{(1)}^2} + {{(1)}^2} + 2 \times 1 \times 1 \times \cos {{90}^\circ }} $

$ = \sqrt {1 + 1 + 0}  = \sqrt 2 {\text{ }}$

जबकि इसकी दिशा' द्वारा, $x$-अक्ष की धन दिशा से बना कोण

$$\theta  = {\tan ^{ - 1}}\left( {\dfrac{{\hat j{\text{ }}}}{{\hat i}}} \right) = {\tan ^{ - 1}}\left( {\dfrac{1}{1}} \right) =  + {45^\circ }$$

इसी प्रकार सदिश $(\widehat {\text{i}} - \widehat {\text{j}})$ का परिमाण

$$|\hat i - \hat j|{\text{ }} = \sqrt {{{(1)}^2} + {{(1)}^2} + 2 \times 1 \times 1 \times \cos {{90}^\circ }}  = \sqrt {1 + 1 + 0}  = \sqrt 2 {\text{ }}$$

जबकि इसकी दिशा द्वारा $x$-अक्ष की धन दिशा से बनाया गया कोण

$\theta  = {\tan ^{ - 1}}\left( {\dfrac{{ - 1}}{1}} \right) = {\tan ^{ - 1}}( - 1) =  - {\tan ^{ - 1}}(1) =  - {45^\circ }$

पुन: $\overrightarrow {\text{A}}  = 2\widehat {\text{i}} + 3\widehat {\text{j}}$ तथा माना $\overrightarrow {\text{B}}  = \widehat {\text{i}} + \widehat {\text{j}}$

सूत्र $\overrightarrow {\text{A}}  \cdot \overrightarrow {\text{B}}  = AB\cos \theta  = (A\cos \theta )B$ से

$A\cos \theta  = \dfrac{{\vec A \cdot \vec B}}{B}$

सदिश $\overrightarrow {\text{A}} $ का सदिश $(\widehat {\text{i}} + \widehat {\text{j}})$ की दिशा में घटक

$(A\cos \theta ) = \dfrac{{\vec A \cdot \vec B}}{B} = \dfrac{{(2\hat i + 3\hat j) \cdot (\hat i + \hat j)}}{{\sqrt {{1^2} + {1^2}} }}$

$[\because B = |\vec B|]$

$ = \dfrac{{2\widehat {\text{i}} \cdot \widehat {\text{i}} + 2\widehat {\text{i}} \cdot \widehat {\text{j}} + 3\widehat {\text{j}} \cdot \widehat {\text{i}} + 3\widehat {\text{j}} \cdot \widehat {\text{j}}}}{{\sqrt 2 }},(\overrightarrow {\text{A}}  \cdot \overrightarrow {\text{B}}  = {\text{AB}}\cos \theta )$

$ = \dfrac{{2 + 3}}{{\sqrt 2 }} = \dfrac{5}{{\sqrt {\mathbf{2}} }}{\text{  }}[\because {\text{i}} \cdot \widehat {\text{i}} = \widehat {\text{j}} \cdot \widehat {\text{j}} = 1{\text{ &  }}\widehat {\text{i}} \cdot \widehat {\text{j}} = \widehat {\text{j}} \cdot \widehat {\text{i}} = 0]$

इसी प्रकार सदिश $\vec A$ का सदिश $\hat i - \hat j$ की दिशा में घटक

$ = \dfrac{{(2\widehat {\text{i}} + 3\widehat {\text{j}}) \cdot (\widehat {\text{i}} - \widehat {\text{j}})}}{{\sqrt {{1^2} + {{( - 1)}^2}} }} =  - \dfrac{1}{{\sqrt 2 }}{\text{ }}$


23. किसी दिकस्थान पर एक स्वेच्छ गति के लिए निम्नलिखित सम्बन्धों में से कौन-सा सत्य है?\[\]

(a) \[\overrightarrow v \] औसत \[ = \left( {\dfrac{1}{2}} \right)\left[ {\overrightarrow v \left( {{t_1}} \right) + \overrightarrow v \left( {{t_2}} \right)} \right]\]

उत्तर: असत्य,


(b) \[\overrightarrow v \] औीसत \[ = \dfrac{{\left[ {\overrightarrow r \left( {{t_2}} \right) - \overrightarrow r \left( {{t_1}} \right)} \right]}}{{\left( {{t_2} - {t_1}} \right)}}\]

उत्तर: सत्य,


(c)  \[\overrightarrow v \left( t \right) = \overrightarrow v \left( 0 \right) + \overrightarrow a t\]

उत्तर: असत्य,


(d)  \[\overrightarrow r \left( t \right) = \overrightarrow r \left( 0 \right) + \overrightarrow v \left( 0 \right)t + \dfrac{1}{2}\overrightarrow a {t^2}\]

उत्तर: असत्य,


(e) \[\overrightarrow a \] जससत \[ = \dfrac{{\left[ {\overrightarrow v \left( {{t_2}} \right) - \overrightarrow v \left( {{t_1}} \right)} \right]}}{{\left( {{t_2} - {t_1}} \right)}}\]

यहाँ औसत की आशय समयान्तराल t2 व t1 से सम्बन्धित भौतिक राशि के औसत मेन से है।
उत्तर: सत्य।


24. निम्नलिखित में से प्रत्येक कथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण एवं उदाहरण सहित बताइए कि क्या यह सत्य है या असत्य अदिश वह राशि है जो

(a) किसी प्रक्रिया में संरक्षित रहती है,

उत्तर: असत्य है, क्योंकि किसी अदिश का किसी प्रक्रिया में संरक्षित रहना आवश्यक नहीं है। उदाहरण के लिए, ऊपर की ओर फेंके गए पिण्ड की गतिज ऊर्जा (अदिश राशि) पूरी यात्रा में बदलती रहती है।


(b) कभी ऋणात्मक नहीं होती,

उत्तर: असत्य है, क्योंकि अदिश राशि ऋणात्मक, शून्य या धनात्मक कुछ भी मान ग्रहण कर सकती है; जैसे किसी वस्तु का ताप एक अदिश राशि है, जो धनात्मक, शून्य या ऋणात्मक कुछ भी हो सकता है।


(c) विमाहीन होती है,

उत्तर: असत्य है, उदाहरण के लिए, किसी वस्तु का द्रव्यमान अदिश राशि है परन्तु इसकी विमा (M1) है।


(d) किसी स्थान पर एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु के बीच नहीं बदलती,

उत्तर: असत्य है, उदाहरण के लिए ताप एक अदिश राशि है, किसी छड़ में ऊष्मा के एकविमीय प्रवाह  में, प्रवाह की दिशा में ताप बदलता जाता है।


(e) उन सभी दर्शकों के लिए एक ही मान रखती है चाहे अक्षों से उनके अभिविन्यास भिन्न-भिन्न क्यों न हों?

उत्तर: सत्य है, क्योंकि अदिश राशि में दिशा नहीं होती; अतः यह प्रत्येक विन्यास में स्थित दर्शक के लिए समान मान रखती है। उदाहरण के लिए, किसी वस्तु के द्रव्यमान का मान प्रत्येक दर्शक के लिए समान होगा।


25. कोई वायुयान पृथ्वी से \[3400\] m की ऊँचाई पर उड़ रहा है। यदि पृथ्वी पर किसी अवलोकन बिन्दु पर वायुयान की \[10.0\] s की दूरी की स्थितियाँ \[{30^o}\] का कोण बनाती हैं तो वायुयान की चाल क्या होगी?

हल:

माना \[10\] s के अन्तराल पर वायुयान की दो स्थितियाँ क्रमशः \[P\] तथा \[Q\] हैं जबकि 0 प्रेक्षण बिन्दु है।

∴  वायुयान की चाल = तय की गई दूरी / लगा समय 

\[ = \dfrac{{1822.4m}}{{10s}}\]

\[ = 182.2\]\[m{s^{ - 1}}\]


अतिरिक्त अभ्यास
26. किसी सदिश में परिमाण व दिशा दोनों होते हैं। क्या दिक़स्थान में इसकी कोई स्थिति होती है? क्या यह समय के साथ परिवर्तित हो सकता है? क्या दिकस्थान में भिन्न स्थानों पर दो बराबर सदिशों \[\overrightarrow a \] व  \[\overrightarrow b \]  का समान भौतिक प्रभाव अवश्य पड़ेगा? अपने उत्तर के समर्थन में उदाहरण दीजिए।

उत्तर:सभी सदिशों की स्थिति नहीं होती। किसी बिन्दु के स्थिति सदिश के समान कुछ सदिशों की स्थिति होती है जबकि वेग सदिश के समान कुछ सदिशों की कोई स्थिति नहीं होती। हाँ, कोई सदिश समय के साथ परिवर्तित हो सकता है, जैसे- गतिमान कण की स्थिति सदिश । आवश्यक नहीं है, उदाहरण के लिए दो अलग-अलग बिन्दुओं पर लगे बराबर बल अलग-अलग आघूर्ण उत्पन्न करेंगे।


27. किसी सदिश में परिमाण व दिशा दोनों होते हैं। क्या इसका यह अर्थ है कि कोई राशि जिसका परिमाण व दिशा हो, वह अवश्य ही सदिश होगी? किसी वस्तु के घूर्णन की व्याख्या घूर्णन-अक्ष की दिशा और अक्ष के परितः घूर्णन-कोण द्वारा की जा सकती है। क्या इसका यह अर्थ है कि कोई भी घूर्णन एक सदिश है?

उत्तर:किसी राशि में परिमाण तथा दिशी होने पर उसका सदिश होना आवश्यक नहीं है। सदिश होने के लिए किसी राशि में परिमाण तथा दिशा के साथ-साथ उसे सदिश नियमों का पालन भी करना 

चाहिए। उदाहरण के लिए प्रत्येक घूर्णन कोण एक सदिश राशि नहीं हो सकता। केवल सूक्ष्म घूर्णन को ही सदिश राशि माना जा सकता है।


28. क्या आप निम्नलिखित्व के साथ कोई संदिश सम्बद्ध कर सकते हैं-

(a) किसी लूप में मोड़ी गई तार की लम्बाई,

उत्तर: नहीं, क्योंकि वृत्तीय लूप में मोड़े गए तार की कोई निश्चित दिशा नहीं होती।


(b) किसी समतल क्षेत्र,

उत्तर: हाँ, दिए गए समतल पर एक निश्चित अभिलम्ब खींचा जा सकता है; अत: समतल क्षेत्र के साथ एक सदिश सम्बद्ध किया जा सकता है जिसकी दिशा समतल पर अभिलम्ब के अनुदिश हो सकती


(c) किसी गोले के साथ? व्याख्या कीजिए।

उत्तर: नहीं, क्योंकि किसी गोले का आयतन किसी विशेष दिशा के साथ सम्बद्ध नहीं किया जा सकता।


29. कोई गोली क्षैतिज से 30° के कोण पर दागी गई है और वह धरातल पर 3:0km दूर गिरती है। इसके प्रक्षेप्य के कोण का समायोजन करके क्या 5.0 km दूर स्थित किसी लक्ष्य का भेद किया जा सकता है? गोली की नालमुखी चाल को नियत तथा वायु के प्रतिरोध को नगण्य मानिए।

हल:

यहाँ प्रक्षेप्य  कोण \[{\theta _0} = {30^o}\]
तथा क्षैतिज परास \[R = 3.0\] किमी
सूत्र \[R = \dfrac{{{u^2}\sin 2{\theta _0}}}{g}\] से,

\[3.0 = \dfrac{{{u^2}\sin 2 \times {{30}^o}}}{g}\]

\[3.0 = \dfrac{{{u^2}\sin {{60}^o}}}{g}\]

\[ = \left( {\dfrac{{{u^2}}}{g}} \right) \times \dfrac{{\sqrt 3 }}{2}\]

\[ = \left( {\dfrac{{{u^2}}}{g}} \right) \times \dfrac{{3 \times 2}}{{\sqrt 3 }}\]

\[ = 2\sqrt 3 \]किमी   

\[ = 2 \times 1.732\] किमी    

\[ = 3.464\] किमी  

परन्तु \[u\] के नियत मान के लिए \[\left( {\dfrac{{{u^2}}}{g}} \right)\] महत्तम क्षैतिज परास है। अत: प्रक्षेप्य के कोण को समायोजित करके \[5.0\] किमी दूर स्थित किसी लक्ष्य को नहीं भेदा जा सकता।


30. कोई लड़ाकू जहाज \[1.5\] km की ऊँचाई पर \[720\] km/h की चाल से क्षैतिज दिशा में उड़ रहा है और किसी वायुयान भेदी तोप के ठीक ऊपर से गुजरता है। ऊध्र्वाधर से तोप की नाल का क्या कोण हो जिससे \[600\] \[m{s^{ - 1}}\]  की चाल से दागा गया गोला वायुयान पर वार कर सके। वायुयान के चालक को किस न्यूनतम ऊँचाई पर जहाज को उड़ाना चाहिए जिससे गोली लगने से बच सके। \[\left( {g = 10m{s^{ - 2}}} \right)\]

हल:

लड़ाकू जहाज की ऊँचाई,

\[y = 1.5\] किमी 

\[ = 1500\] मी ज की चाल,

लड़ाकू जहाज की चाल, \[u = 720\]  किमी/घण्टा    

\[ = \left( {720 \times \dfrac{5}{{18}}} \right)\] मी/से  

\[ = 200\] मी / से    (क्षैतिज दिशा अर्थात् X-दिशा में ) 
माना गोले के वेग \[\overrightarrow {{u_0}} \] की दिशा क्षैतिज से \[0\] कोण पर है। माना \[O\] पर तोप से दागा गया गोला इसक ठीक ऊपर लड़ाकू जहाज की स्थिति \[A\] से \[t\] सेकण्ड में जहाज की स्थिति \[B\] में
तोप \[2{\text{ }}{u_0}cos\theta \overrightarrow X \]
चित्र 4.9
पहुँचने पर वार करता है। अत: जहाज द्वारा चली क्षैतिज दूरी = गोले का क्षैतिज दिशा में विस्थापन \[\therefore {\text{ }}u \times t = {v_0}cos{\theta _0} \times t\]
अथवा  \[cos{\theta _0} = \dfrac{u}{{{u_0}}}\]

\[ = \dfrac{{200}}{{600}}\] मी / से 

\[ = \dfrac{1}{3}\]

\[ = 0.333\]

\[\therefore {\text{ }}{\theta _0} = co{s^{ - 1}}\left( {0.3333} \right)\]

\[ = 70.5\]
अत: ऊध्वार्धर से तोप की नाल का कोण

\[\theta  = 90 - 70.5\]  circ

गोले के वार से बचने के लिए वायु यान चालक को वायुयान को गोले द्वारा

Y दिशा में प्राप्तअधिकतम ऊँचाई पर उड़ाना चाहिए।यही इसकी न्यूनतम ऊँचाई होगी।अतःन्यूनतमऊँचाई,

\[{H_M} = \dfrac{{{u_0}^2si{n^2}{\theta _0}}}{{2g}}\]

\[ = \dfrac{{{u_0}^2\left( {1 - co{s^2}{\theta _0}} \right)}}{{2g}}\;\;\]  

\[ = \dfrac{{{{\left( {600} \right)}^2}\left( {1 - {{\left( {\dfrac{1}{3}} \right)}^2}} \right)}}{{2 \times 10}}\;\;\]

\[ = 16000\] मी 

\[ = 16\] किमी  


31. एक साइकिल सवार \[27\] km/h की चाल से साइकिल चला रहा है। जैसे ही सड़क पर वह 80 m त्रिज्या के वृत्तीय मोड़ पर पहुँचता है, वह ब्रेक लगाता है और अपनी चाल को \[0.5\] m/s की एकसमान दर से कम कर लेता है। वृत्तीय मोड़ पर साइकिल सवार के नेट त्वरण का परिमाण और उसकी दिशा निकालिए।

हल:-

द्दियाहै,साइकिलसवारकीचाल 

\[v = \dfrac{{27}}{h}\]km

\[v = 27 \times \dfrac{5}{{18}}m{s^{ - 1}}\]

\[ = 7.5m{s^{ - 1}}\]

वृत्तीयपथकीत्रिज्या \[R = 80\]

ब्रेकलगानेपरसवारकास्पर्शरेखीयमन्दन

\[{a_T} =  = 0.5m{s^{ - 2}}\]

साइकिलसवारकाअभिकेन्द्रत्वरण,

\[{a_n} = 0.703m/{s^2}\]

∴ साइकिल सवार का नेट त्वरण 

\[a\; = \sqrt {{a_N}^2 + {a_T}^2\;\;} \]

\[a\; = \sqrt {{{\left( {0.70} \right)}^2} + {{\left( {0.50} \right)}^2}\;\;} \]

\[ = 0.86m{s^{ - 2}}\] 

चित्र 4.10 माना परिणामी त्वरण कीदिशा स्पर्श रेखीयदिशासे कोणबनातीहै,तब

\[\tan \theta  = \dfrac{{{a_N}}}{{{a_T}}}\]

\[ = \dfrac{{0.70}}{{0.50}}\]

\[ = 1.4\theta \]

\[\theta  = {\tan ^{ - 1}}(1.40\]

\[ = 54.5'\] 


32. (a) सिद्ध कीजिए कि किसी प्रक्षेप्य के -अक्ष तथा उसके वेग के बीच के कोण को समय के फलन के रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते हैं

\[\theta \left( t \right) = ta{n^{ - 1}}\left( {\dfrac{{{v_{0y}} - gt}}{{{v_{0x}}}}} \right)\]

उत्तर:

माना कोई प्रक्षेप्य मूलबिन्दु से इस प्रकार फेंका जाता है कि उसके वेग के x-अक्ष तथा y-अक्षों की दिशाओं में वियोजित घटक क्रमश: \[{V_{ox}}\] तथा \[{V_{oy}}\] हैं।
माना \[t\] समय पश्चात् प्रक्षेप्य बिन्दु \[p\] पर पहुँचता है, जहाँ उसको स्थिति सदिश \[\overrightarrow r \left( t \right)\] है।
\[\overrightarrow r \left( t \right) = {\overrightarrow v _0}t + \dfrac{1}{2}\overrightarrow a {t^2}\]

\[ = \left( {{v_{0x}}\widehat i + {v_{0y}}\widehat j} \right)t + \dfrac{1}{2}(0\widehat i - g\widehat j){t^2}\]

\[\because {a_x} = 0\;\] तथा \[{a_y} =  - g\] 

∴  वेग \[\overrightarrow v  = \dfrac{{d\overrightarrow r }}{{dt}} = \left( {{v_{0x}}\widehat i + {v_{0y}}\widehat j} \right) + \dfrac{1}{2}( - g\widehat j) \times 2t\;\;\;\;\;\]

\[t\] समय पर प्रक्षेप्य के अक्षों की दिशाओं में वेग क्रमश: 

\[{v_{tx}} = {v_{0x}}\] तथा \[{v_{ty}} = {v_{0y}} - gt\] हैं। 

\[t\] समय पर वेग की दिशा द्वारा x-अक्ष से बनाया गया कोण

\[\theta \left( t \right) = ta{n^{ - 1}}\dfrac{{{v_y}}}{{{v_x}}}\]

\[ = ta{n^{ - 1}}\left( {\dfrac{{{v_{0y}} - gt}}{{{v_{0x}}}}} \right)\]


(b) सिद्ध कीजिए क्ति मूलबिन्दु से फेंके गए प्रक्षेप्य कोण का मान \[{\theta _0} = ta{n^{ - 1}}\left( {\dfrac{{4{h_m}}}{R}} \right)\] होगा। यहाँ प्रयुक्त प्रतीकों के अर्थ सामान्य हैं।

उत्तर: मूलबिन्दु से फेंके गए प्रक्षेप्य का परास

\[R = \dfrac{{{v_0}^2sin2{\theta _0}}}{g}\;\] जहाँ 0 प्रक्षेप्य कोण है। 

जबकि म्हत्तम ऊँचाई \[{h_m} = \dfrac{{{v_0}^2sin2{\theta _0}}}{{2g}}\]

\[\therefore {\text{ }}\dfrac{{4{h_m}}}{R} = \dfrac{{4{v_0}^2si{n^2}{\theta _0}}}{{2g}} \times \dfrac{g}{{{v_0}^2si{n^2}{\theta _0}}} = tan{\theta _0}\]

∴  प्रक्षेप्य कोण \[{\theta _0} = ta{n^{ - 1}}\left( {\dfrac{{4{h_m}}}{R}} \right)\]


NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 4 Motion in a Plane in Hindi

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These solutions are nothing but a compilation of all the answers to the questions of the textbook exercises. The answers/ solutions are given in a stepwise format and very well researched by the subject matter experts who have relevant experience in this field. Relevant diagrams, graphs, illustrations are provided along with the answers wherever required. In nutshell, NCERT Solutions for Class 11 Physics in Hindi come really handy in exam preparation and quick revision as well prior to the final examinations.

FAQs on NCERT Solutions for Class 11 Physics Chapter 4 - In Hindi

1. What type of questions is present in Chapter 4 Motion in a Plane of NCERT Solutions for Class 11 Physics?

The questions that are present in Chapter 4 Motion in a Plane of NCERT Solutions for Class 11 Physics include:

  • Short answer type questions

  • Long answer type questions 

  • Very long answer type questions 

  • Reasoning questions 

  • Correcting the given statements type questions

All these areas are covered in the NCERT Solutions with various exercises dealing with the same. The answers to these questions are also provided in a detailed and explanatory fashion helping the student get a better hold of the concept. These Solutions can be availed by the student on the website of Vedantu or on the Vedantu app for free.

2. What will we learn in Chapter 4 of NCERT Solutions for Class 11 Physics?

The chapter on Motions and Planes has the following topics for the students.

  • An Introduction on the topic, giving the student a basic idea about the contents of the chapter.

  • About scalars and vectors 

  • Multiplication of vectors by real numbers 

  • Addition and subtraction of vectors- graphical method

  • Resolution of vectors

  • Vector addition- analytical method

  • Motion in a plane

  • Motion in a plane with constant acceleration

  • Relative velocity in two dimensions

  • Projectile motion

  • Uniform circular motion.

3. Where can one get the NCERT Solutions for Chapter 4 Class 11 Physics?

The NCERT Solutions are sketched and designed by student matter experts keeping in mind the needs of the students. These solutions have various exercises for the student to practice and develop their knowledge and skills. Apart from this, the answers to these solutions are also provided, which makes it easier for the student to solve the problems step by step and clearing their doubts. Vedantu provides the students with free PDFs of NCERT Solutions that they can easily download and access. These PDFs are available for all the subjects covering all the chapters.

4. Is it important to practice all the exercises in Class 11 Chapter 4 Physics?

Yes, it becomes extremely important for the student to practice all the exercises and concepts that are present in the Class 11 Chapter 4 Physics in order to secure good grades. The NCERT Solutions have various exercises that help the students to practice and polish their skills and knowledge on the topic. This practice will also help them retain the concepts that will prove helpful in the examination. Moreover, it will not only aid them in their 11th examination, but it will go on to help them in the 12th boards and further in the competitive examinations as well.

5. Is it easy to understand Class 11 Physics?

With practice and concentration anyone can achieve perfection. The NCERT Solutions help the students with the different exercises present to provide them with the opportunity to practice and retain the different concepts that are taught in the chapter. These exercises are designed by experts keeping in mind the various needs of the students. The language used is easy to comprehend further aiding and developing the students’ intellect and knowledge. Furthermore, all these exercises have broad and detailed answers, which makes the concepts crystal clear to the student.