NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 9 Force and Laws of Motion in Hindi

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Access NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 9 – बल और गति का नियम part-1

Access NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 9 – बल और गति का नियम

प्र०1. निम्न में किसका जड़त्व अधिक है?

(a) एक रबर की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर  

(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी।

(c) पाँच रुपये का एक सिक्का एवं एक रुपये का सिक्का । 

उत्तर-चुकि द्रव्यमान जड़त्व के समानुपाती होता है |अत: जितना ज्यादा द्रव्यमान होगा जड़त्व उतना ही अधिक होगा |

(a) उसी आकार का पत्थर 

(b) एक रेलगाड़ी

(c) पाँच रुपये का एक सिक्का 


प्र० 2. नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें

"फुटबाल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुंचाता है। दूसरा खिलाड़ी उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुंचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।"

इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।

उत्तर-दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग चार बार बदलता है|जो इस प्रकार है- 

(i)जब पहला  खिलाडी गेंद पर  पहली बार किक लगाता है|

(ii)जब दूसरा खिलाडी  उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुंचाने का प्रयास करता है।

(iii)जब विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है|

(iv)जब गोलकीपर अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।


प्र० 3. किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तिया झड़ जाती हैं। क्यों?

उत्तर- जब पेड की शाखा को तीव्रता से हिलाते है तो पेड़ की शाखा हिलाने पर वे गति में आ जाती हैं, परंतु पत्तियाँ स्थिरावस्था में ही रहती हैं, जिसके कारण पत्तियाँ अवस्था परिवर्तन का विरोध करती हैं और झड़ जाती है| 


प्र० 4. जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब स्थिरावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर हो जाते हैं? क्यों?

उत्तर-जब गतिशील बस अचानक रुकती है, हमारा शरीर आगे की ओर झुक जाता है क्योंकि बस के साथ हमारा शरीर भी गतिमान रहता है।लेकिन जब बस रुक जाती है, तब भी  हमारा शरीर पुरानी अवस्था में ही बना रहता है। 

जब बस स्थिरावस्था से गतिशील होती है तो हम पीछे की ओर झुक जाते है क्योंकि बस के साथ हमारा शरीर भी विराम रहता है |लेकिन हमारा शरीर गतिशील बस में स्थिरावस्था में ही रहने की चेष्टा करता है|


प्र० 1. यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है?

उत्तर- चुकि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है| जब घोड़ा आगे की ओर झुककर जमीन की

ओर बल लगाता है तो यह बल दो घटकों में होता  है|एक बल का ऊर्ध्वाधर घटक जो  घोड़े को संतुलन देता है तथा दूसरा  क्षैत्तिज घटक जो  गाड़ी को आगे की ओर गति देता है।इस प्रकार घोडा गाड़ी को खीच पता है| 


प्र० 2. एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति से बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है? स्पष्ट करें।

उत्तर- न्यूटन के क्रिया- प्रतिक्रिया के  नियम के अनुसार जब पानी तेजी से पाइप से बाहर निकलता है तब  पीछे की ओर प्रतिक्रिया बल पाइप पर लगता है जिसके कारण अग्निशमन कर्मचारी को रबर की नली पकड़ने में कठिनाई होती है।


प्र० 3. एक 50g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की रायफल से 35 m/s के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है। रायफल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए।

उत्तर-राइफल का प्रतिक्षेपित वेग= ? 

दिया गया राइफल का द्रव्यमान= 4kg

गोली का द्रव्यमान =50g=0.05kg

गोली का वेग=35m/s

संवेग संरक्षण के नियमानुसार

राइफल का संवेग = गोली का संवेग      (संवेग=वस्तु काद्रव्यमानxवस्तु का वेग)

4xराइफल का प्रतिक्षेपित वेग = 0.05x 35

राइफल का प्रतिक्षेपित वेग=0.05x 35/4

                                           = 0.4375ms


प्र. 4. 100g और 200g द्रव्यमान की दो पिंड एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमश: 2m/s और 1m/s के वेग से गति कर रही हैं। दोनों पिंड टकरा जाती हैं। टक्कर के पश्चात् प्रथम पिंड का वेग 1.67 m/s हो जाता है, तो दूसरी पिंड का वेग ज्ञात करें।

उत्तर- पहले पिंड का द्रव्यमान m= 100g= 0.1kg

दुसरे पिंड का द्रव्यमान M = 200g=0.2kg

पहले पिंड का वेग =2m/s

दूसरे पिंड का वेग = 1m/s

टक्कर के बाद पहले पिंड का वेग=1.67m/s

टक्कर के बाद दूसरे पिंड का वेग=?

संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार 

टक्कर से पहले दोनों पिंडो का संवेग = टक्कर के बाद दोनों पिंडो का संवेग   

(संवेग=वस्तु का द्रव्यमानxवस्तु का वेग)

अत:

0.1x2 + 0.2x1 = 0.1x1.67 + 0.2xदूसरे पिंड का वेग 

0.2+0.2=0.167+0.2xदूसरे पिंड का वेग

0.4-0.167=0.2xदूसरे पिंड का वेग

0.233/0.2=दूसरे पिंड का वेग

 1.165m/s=दूसरे पिंड का वेग

अत: टक्कर के बाद दूसरी पिंड का वेग= 1.165m/s


पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न

प्र०1. कोई पिंड शून्य बाहय असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी पिंड के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो पिंड के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्ते का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।

उत्तर- हाँ, किसी पिंड के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है। शर्ते निम्नलिखित है-

(a) जब पिंड के चाल के परिमाण में कोई भी परिवर्तन न हो।अर्थात पिंड एकसमान चाल से चलती हो| 

(c) पिंड की गति की दिशा में कोई परिवर्तन न हो ।


प्र० 2. जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।

उत्तर- जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है| पीटने पर दरी में बल लगने के परिणाम स्वरुप कंपन हो जाता है और दरी गतिशील हो जाती है  परंतु धूलकण विराम में ही रहना चाहते हैं। परिणामस्वरूप धूल के कण बाहर आ जाते हैं।


प्र० 3. बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बांधा जाता है?

उत्तर- जब बस की छत पर सामान को रखा जाता है तो जड़त्व के नियमानुसार सामान  अपनी स्थिर अवस्था में रहना चाहता है |लेकिन जब बस चलती या रूकती है तो सामान के आगे या पीछे गिरने की सम्भावना बन जाती है| जिस कारण सामान को रस्सी से बाँधा जाता है|  


प्र० 4. किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि

(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।

(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।

(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है। 

(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है,अतः गेंद स्थिरवस्था में आने के लिए प्रयासरत है।

(सही विकल्प का चयन करें )

उत्तर- (c) , गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है। 


प्र० 5. एक ट्रक स्थिरावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20s में 400m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 मीट्रिक टन है तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें (1 मीट्रिक टन = 1000 kg)

उत्तर- ट्रक द्वारा तय की गई दूरी(s) = 400m

समय(t) = 20 s

प्रारंभिक वेग(u)=0

ट्रक का द्रव्यमान m=7 टन=7000kg   (1 मीट्रिक टन = 1000 kg)

गति के दूसरे समीकरण के अनुसार 

S = ut + 12at2

400 = 0x20 + 12xax(20)2 

a=2m/s2            

अत:ट्रक का त्वरण = 2m/s2

चुकि बल(F)=द्रव्यमानxत्वरण(a)

  F=7000x2

  F= 14000N

अत: ट्रक पर लगने वाला बल = 14000N


प्रo 6. 1kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 m/s के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है, पत्थर 50m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है, पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।

उत्तर-पत्थर का द्रव्यमान (m) = 1kg

तय कि गई दूरी(s)= 50m

पत्थर का प्रारंभिक वेग(u) = 20m/s

पत्थर का अंतिम वेग(v) = 0m/s

गति के तीसरे समीकरण से 

v2=u2+2as

02=(20)2 +2xax50

0=400+100a

-400 = 100a

a = -4 m/s2 

पत्थर और बर्फ़ के बीच लगने वाले घर्षण बल

F=mxa

F= 1x 4 = 4N

अत:पत्थर और बर्फ़ के बीच लगने वाले घर्षण बल=4N


प्र० 7. एक 8000kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000N का बल आरोपित करता है। तथा यदि पटरी 5000N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें

(a) नेट त्वरण बल

(b) रेल का त्वरण तथा

(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल।

उत्तर- रेल इंजन का द्रव्यमान =8000kg

पांच डिब्बो का द्रव्यमान =2000x5=10000kg

इंजन द्वारा आरोपित बल=40000N

घर्षण बल=5000N

(a) नेट त्वरण बल =इंजन द्वारा आरोपित बल- घर्षण बल

                 = 40000-5000

                 = 35000N

(b) नेट बल(F)= 35000N

कुल द्रव्यमान=8000+10000=18000 kg

F=ma

35000=18000 xa

a=35000/18000

 a = 1.9m/s 2

(c) डिब्बा 1 द्वारा डिब्बा 2 पर लगाया गया बल=डिब्बा 2 का द्रव्यमानxa

                                      =2000x1.9 (क्योंकि डिब्बा 1 के पीछे 4 डिब्बे हैं।)

        डिब्बा 1 द्वारा डिब्बा 2 पर लगाया गया बल =3800N


प्र० 8. एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500kg है। यदि गाड़ी को 1.7ms ? के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ स्थिरस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा ?

उत्तर- गाड़ी का द्रव्यमान(m)= 1500kg

त्वरण(a)=-1.7m/s 2

चुकि F=ma 

           = 1500x-1.7

           =-2550N

अत: गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल 2550N है,जो गाड़ी के चलने कि दिशा के विपरीत लगता है।


प्रo 9. किसी m द्रव्यमान की पिंड जिसका वेग v है, का संवेग क्या होगा?

(a) (mv) 2

(b) mv2

(c) ( ½ )mv 2

(d) mv

(उपरोक्त में से सही विकल्प चुनें।)

उत्तर-चूंकि संवेग द्रव्यमान x वेग होता है।

          अत: (d),mv 


प्र० 10. हम एक लकड़ी के बक्से को 200N बल लगाकर उसे नियत वेग से फ़र्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा ?

उत्तर- चुकि लकड़ी के बक्से को नियत वेग से फ़र्श पर धकेला जा रहा है। अतः घर्षण बल आरोपित बल के समान 200N होगा|


प्र० 11. दो पिंड, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5kg है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5m/s है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?

उत्तर -पहले पिंड का द्रव्यमान=1.5kg

दूसरे पिंड का द्रव्यमान=1.5kg

टक्कर से पूर्व पहले पिंड का वेग=2.5m/s

टक्कर से पूर्व दूसरे  पिंड का वेग=-2.5m/s (चुकि दोनों एक दूसरे के विपरीत गति करते है)

माना टक्कर के बाद दोनों का सम्मिलित वेग=v

संवेग संरक्षण के नियमानुसार

टक्कर से पहले का कुल संवेग= टक्कर के बाद का कुल संवेग (चुकि संवेग=द्रव्यमानxवस्तु का वेग)

1.5x2.5+1.5x(-2.5)=1.5xv+1.5v

0=3.0v

0/3=v

0m/s=v

अत: दोनों पिंडों का सम्मिलित वेग = 0m/s अर्थात दोनों टकराने के बाद रुक जाएँगे|


प्र० 12. गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी पिंड को धक्का देते हैं, तो पिंड उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह पिंड एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताए कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?

उत्तर- हम जानते है की जडत्व हमेशा द्रव्यमान के समानुपाती होता  है| ट्रक का द्रव्यमान अत्यधिक होने के कारण इसका जड़त्व बहुत अधिक होता है अतः ट्रक को गतिमान करने के लिए अत्यधिक असंतुलित बल की आवश्यकता होती है।


प्र० 13. 200g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10m/s की वेग से सीधी रेखा में चलती हुई 5kg द्रव्यमान के गुटके से संघट्ट करती है तथा उससे जुड़ जाती है। उसके बाद दोनों एक साथ उसी रेखा में गति करते हैं।संघट्ट के पहले और संघट्ट के बाद के कुल संवेगों की गणना करें। दोनों पिंड की जुड़ी हुई अवस्था में वेग की गणना करें।

उत्तर- हॉकी की गेंद का द्रव्यमान=200g=0.2kg

 लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान = 5kg

टक्कर से पूर्व  हॉकी की गेंद का  वेग= 10m/s 

टक्कर से पूर्व लकड़ी के गुटके का वेग= 0m/s

माना टक्कर के बाद दोनों का सम्मिलित वेग=v

टक्कर से पहले का कुल संवेग= 0.2x10+5 x 0=2 kgm/s

संवेग संरक्षण के नियमानुसार

टक्कर से पहले का कुल संवेग= टक्कर के बाद का कुल संवेग (चुकि संवेग=द्रव्यमानxवस्तु का वेग)

0.2x10+5x0=0.2xv+5xv

2=5.2xv

2/5.2=v

0.38m/s=v

अत:टक्कर के बाद दोनों का सम्मिलित वेग=0.38m/s

टक्कर के बाद कुल संवेग=5.2x0.38=2 kgm/s


प्र० 14. 10g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150ms के वेग से चल्लकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।

 उत्तर-  गोली का द्रव्यमान(m)= 10g= 0.01kg 

गोली का प्रारंभिक वेग (u) = 150m/s

 अंतिम वेग=0

 समय(t)=0.03s 

गति के प्रथम समीकरण से

v=u+at 

0= 150+a (0.03) 

-5000m/s2   =a 

गति के तीसरे समीकरण से 

V2=u2 +2as

02=1502 + 2x(-5000)xs

0=22500-10000xs

s = 2.25m

अत:गोली के द्वारा लकड़ी को भेदकर तय की गई दूरी 2.25m

लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल 

F=ma

   = 0.01x5000 

 F = 50N


प्र० 15. एक पिंड जिसका द्रव्यमान 1kg है, 10ms के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए स्थिरावस्था में रखे 5kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।

उत्तर- पिंड का द्रव्यमान=1kg 

टक्कर से पूर्व पिंड का वेग = 10m/s 

टक्कर से पूर्व लकड़ी के गुटके का वेग = 0 

लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान= 5kg

माना टक्कर के बाद दोनों का सम्मिलित वेग=v

टक्कर से पहले का कुल संवेग=1x10+5 x 0=10 kgm/s

संवेग संरक्षण के नियमानुसार

टक्कर से पहले का कुल संवेग= टक्कर के बाद का कुल संवेग (चुकि संवेग=द्रव्यमानxवस्तु का वेग)

1x10+5x0=1xv+5xv

10+0=6v

10/6=v

1.67m/s=v

अत:टक्कर के बाद दोनों का सम्मिलित वेग=1.67m/s

टक्कर के बाद कुल संवेग=6x1.67=10.02 kgm/s


प्र० 16. 100kg द्रव्यमान की एक पिंड का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6s में 5m/s से 8m/s हो जाता है। पिंड के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।

उत्तर- पिंड का द्रव्यमान=100kg 

पिंड का प्रारंभिक वेग =5m/s 

पिंड का अंतिम वेग=8m/s

समय=6s

पिंड का प्रारंभिक संवेग = द्रव्यमानxवस्तु का प्रारंभिक वेग

                             =100X5=500kgm/s

पिंड का बाद में संवेग=100x8=800 kgm/s

बल(F)=संवेग परिवर्तन/समय 

          =(800-500)/6

           =300/6  

           = 100/2

   बल  =50N


प्र० 17.अख्तर ,किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार है अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख्तर ने कहा कि चूंकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मात हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।

उत्तर-किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। उसका यह तर्क गलत है।

कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया अख्तर का तर्क भी गलत है।

राहुल का तर्क सही है। दोनों पर समान बल लगेगा क्योंकि क्रिया के विपरीत  प्रतिक्रिया होती है|   साथ ही, संवेग में परिवर्तन का परिमाण भी समान ही रहता है क्योकि टक्कर के दौरान संवेग संरक्षित रहता है।


प्र० 18. एक 10kg द्रव्यमान की घंटी 80cm की ऊँचाई से फ़र्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फ़र्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10ms 2 ।

उत्तर- घंटी का द्रव्यमान(m)=10kg

प्रारंभिक वेग(u)=0

तथा माना  अंतिम वेग= v

दूरी(s) = 80cm = 0.8m

त्वरण(a)= 10ms2

इसलिए, गति के तीसरे समीकरण के अनुसार 

v2=u2 + 2as 

 = 0 + 2x10x0.8

v2=16

v = 4m/s

अत: संवेग = mv

                   = 10x 4  

                    = 40 kgm/s

चूँकि फ़र्श को स्पर्श करने के ठीक पूर्व घंटी का संवेग 40 kgm/sहै, अत: घंटी द्वारा फ़र्श पर स्थानांतरित संवेग 40 kgm/s होगा|


NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 9 Force and Laws of Motion in Hindi

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FAQs (Frequently Asked Questions)

1. Explain the laws of motion covered in Chapter 9 of NCERT Solutions for Class 9 Science.

The motion of bodies is described by Newton's three laws of motion. The laws of motion are known as Newton's Laws. The first law tells about the law of inertia. The second law talks about momentum. The third law proves that there is a reaction to every action. All the laws define the link between the forces applied to a body and the motion it experiences as a result of those forces. 

2. Which concepts in the NCERT Solutions for Class 9 Science Chapter 9 are important from the exam perspective?

Balanced and Unbalanced Forces, First Law of Motion, Inertia and Mass, Second Law of Motion, Third Law of Motion, Conservation of Momentum are some of the themes addressed in the Chapter Force and Laws of Motion, which are also important from the exam perspective. However, Vedantu offers a comprehensive and well-organized concept-based learning solution designed to instil confidence in students as they prepare for the CBSE and competitive exams. For simplicity of use, NCERT Solutions of Chapter 9 for Class 9 Science are accessible in both PDF and online versions free of cost on the Vedantu website and mobile app.

3. Define force.

Aristotle defined a force as anything that causes an item to move in an “unnatural” way. One of the earliest scientists to investigate gravity and force was Sir Isaac Newton. Any force is just a push or a pull. A push or pull on an item can be expressed as it is. Force may cause a still body to move, or it can halt or slow down a moving body.

4. What is balanced force?

We call two forces operating on an item balanced when they are equal in magnitude yet operate in different directions. This is what occurs when the forces operating on an item are balanced (or there are no forces acting on it). A moving item continues to travel at the same pace and in the same direction as a stationary object. For more information on this topic, visit Vedantu.

5. Why is it advised to tie any luggage kept on the roof of a bus with a rope?

When some baggage is placed on the top of a bus that is originally at rest, the vehicle's forward acceleration will impose a force on the luggage (in the backward direction). Similarly, when a bus comes to a complete stop owing to the use of brakes, a force (in the forward direction) is imposed on the luggage.

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