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NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 5 - In Hindi

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Last updated date: 20th Apr 2024
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NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 5 States of Matter In Hindi PDF Download

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NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 5 States of Matter in Hindi

1. ${\mathbf{30}}^\circ {\mathbf{C}}$ तथा ${\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर वायु के ${\mathbf{50}}{\text{ }}{\mathbf{dm}}$ आयतन को $200{\text{ }}{\mathbf{dm}}$ तक संपीडित करने के लिए कितने न्यूनतम दाब की आवश्यकता होगी?

उत्तर: बॉयल के नियम के अनुसार, स्थिर ताप पर, ${P_1}{V_1} = {P_2}{V_2}$ माना कि आवश्यक दाब ${P_2}$ है।

$\therefore 1 \times 500 = {P_2} \times 200$

या ${P_2} = \frac{{1 \times 500}}{{200}} = 2.5$


2. ${\mathbf{35}}^\circ {\mathbf{C}}$ ताप तथा ${\mathbf{1}}.{\mathbf{2}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर ${\mathbf{120}}{\text{ }}{\mathbf{mL}}$ धारिता वाले पात्र में गैस की निश्चित मात्रा भरी है। यदि ${\mathbf{35}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर गैस को ${\mathbf{180}}{\text{ }}{\mathbf{mL}}$ धारिता वाले फ्लास्क में स्थानान्तरित किया जाता है तो गैस का दाब क्या होगा?

उत्तर: चूँकि ताप स्थिर रहता है; अत: बॉयल के नियमानुसार,

${P_1}{V_1} = {P_2}{V_2}$

या

$1.2 \times 120 = {P_2} \times 180$

या

${P_2} = \frac{{12 \times 120}}{{180}} = 0.8bar$


3. अवस्था-समीकरण का उफ्योग करते हुए स्पष्ट कीजिए कि दिए गए ताप पर गैस का घनत्व गैस के दाब के समानुपाती होता है।

उत्तर: आदर्श गैस समीकरण के अनुसार,

$\because {M = \frac{{dRT}}{P}}$

${\therefore \quad \ d = \frac{M}{RT} \cdot P}$

एक निश्चित गैस के लिए, एक स्थिर ताप पर, $\frac{M}{{RT}}$ स्थिर है।

$\therefore \quad d \propto P$

अर्थात् एक स्थिर ताप पर, गैस का घनत्व इसके दाब के समानुपाती होता है।


4. ${\mathbf{0}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर तथा${\mathbf{2}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर किसी गैस के ऑक्साइड का घनत्व ${\mathbf{5}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर डाइनाइट्रोजन के घनत्व के समान है तो ऑक्साइड का अणुभार क्या है?

उत्तर: नाइट्रोजन के लिए,$d\;\; = \frac{{M \cdot P}}{{RT}}\;\;\; = \frac{{28 \times 5}}{{R \times 273}}$

$\;\left( {\therefore {N_2} = 28} \right)\;$

गैसीय ऑक्साइड के लिए $\;d = \frac{{M.P}}{{RT}} = \frac{{M \times 2}}{{R \times 273}}$
चूँकि दोनों घनत्व समान हैं,

$\therefore \;\frac{{28 \times 5}}{{R \times 273}}\;\; = \frac{{M \times 2}}{{R \times 273}}\;M\;\; = \frac{{28 \times 5}}{2} = 70gmo{l^{ - 1}}\;$


5. $27^\circ {\mathbf{C}}$  पर एक ग्राम आदर्श गैस का दाब ${\mathbf{2}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ है। जब समान ताप एवं दाब पर इसमें दो ग्राम आदर्श गैस मिलाई जाती है तो दाब ${\text{3 }}{\mathbf{bar}}$हो जाता है। इन गैसों के अणुभार में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

उत्तर: माना आदर्श गैस $A$ का आण्विक द्रव्यमान ${M_A}$ है तथा $B$ का ${M_B}$ है। जब केवल आदर्श गैस $A$ उपस्थित है।
दोनों गैसों को मिलाने पर, मोलों की कुल संख्या $ = \frac{1}{{{M_A}}} + \frac{2}{{{M_B}}}$ अत: गैस समीकरण के अनुसार,

$PV\;\; = nRT\;3 \times V\;\; = \left[ {\frac{1}{{{M_A}}} + \frac{2}{{{M_B}}}} \right] \times R \times T\;$

समीकरण (ii) को (i) द्वारा भाग करने पर,

$\frac{,}{{\frac{3}{2}}} = \frac{{\frac{{{M_B} + 2{M_A}}}{{{M_A}{M_B}}}}}{{\frac{1}{{{M_A}}}}} = \frac{{{M_B} + 2{M_A}}}{{{M_B}}} = 1 + \frac{{2 \times {M_A}}}{{{M_B}}}$

या $2 \times \frac{{{M_A}}}{{{M_B}}} = \frac{3}{2} - 1 = \frac{1}{2}$

या $\frac{{{M_A}}}{{{M_B}}} = \frac{1}{2} \times \frac{1}{2} = \frac{1}{4}$


6. नाली साफ करने वाले ड्रेनेक्स में सूक्ष्म मात्रा में ऐलुमिनियम होता है। यह कॉस्टिक सोडा से क्रिया पर डाइहाइड्रोजन गैस देता है। यदि $1{\mathbf{bar}}$तथा $20^\circ C$ ताप पर $0.15g$ ऐलुमिनियम अभिक्रिया करेगा तो निर्गमित डाइहाइड्रोजन का आयतन क्या होगा?

उत्तर:    $\mathop {2Al + }\limits_{2 \times 26.98 = 53.96\;{{\text{g}}^{}}} 2{\text{NaOH}} + 2{{\text{H}}_2}{\text{O}}\xrightarrow{{}}2{\text{NaAl}}{{\text{O}}_2} + \mathop {3{{\text{H}}_2}}\limits_{3 \times 22.4 = 67.2\;{\text{L at STP}}} $

उपर्युक्त से यह स्पष्ट है कि $53.96\;{\text{g}}$  ऐलुमिनियम  ${\text{NaOH}}$ से क्रिया क्ररके ${\text{STP}}$ पर $67.2{\text{LH}}_2^\circ $ बनाता है।

$\therefore {\text{STP}}$  पर $0.15\;{\text{gAl}}$  द्वारा उत्पन्न ${{\text{H}}_2}$ का आयतन $ = \frac{{67.2}}{{53.96}} \times 0.15 = 0.1868\;{\text{L}}$

माना कि ${20^\circ }{\text{C}}(293\;{\text{K}})$ और  $1{\text{ }}bar$$(0.987\;{\text{atm}})$ पर इस हाइड्रोजन का आयतन ${V_2}$ है। गैस समीकरण के अनुसार,

$\frac{{{P_1}{V_1}}}{{{T_1}}} = \frac{{{P_2}{V_2}}}{{{T_2}}}$

$\frac{{1 \times 0.1868}}{{273}} = \frac{{0.987 \times {V_2}}}{{293}}$

${V_2}{\text{ }} = \frac{{0.1868 \times 293}}{{0.987 \times 273}} = 0.2031{\mathbf{L}} = {\mathbf{203}}.{\mathbf{1}}{\text{mL}}$ 


7. यदि $27^\circ {\mathbf{C}}$ पर ${\mathbf{9}}{\text{ }}{\mathbf{dm}}$ धारिता वाले फ्लास्क में $3.2gm$ मेथेन तथा $4.4gm$ कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण हो तो इसका दाब क्या होगा?

उत्तर: उत्तर गैसीय मिश्रण में उपस्थित कुल मोलों की संख्या

$n = \frac{{3.2}}{{16}} + \frac{{4.4}}{{44}} = 0.3$

$(\because C{H_4}$ का आणविक द्रव्यमान $ = 16$ तथा $C{O_2}$ का आणविक द्रव्यमान $ = 44$ ) गैस समीकरण के अनुसार,
$\therefore $$PV\;\; = nRT\;P \times 9\;\; = 0.3 \times 8.314 \times {10^3} \times 300\;$

$\left( {R = 8.314 \times {{10}^3}\;Pad{m^3}\;{K^{ - 1}}\;mo{l^{ - 1}}} \right)\;0.3 \times 8.314 \times {10^3} \times 300\;$


8. $27^\circ C$ ताप पर जब $1L$ के फ्लास्क में $0.7bar$ पर $2.0L$ डाइऑक्सीजन तथा $0.8bar$ पर $0 - 5L$ डाइहाइड्रोजन को भरा जाता है तो गैसीय मिश्रण का दाब क्या होगा?

उत्तर:   

माना कि गैस मिश्रणे में ${{\text{H}}_2}$ तथा ${{\text{O}}_2}$ के आंशिक दाब क्रमशः ${P_1}$ तथा ${P_2}$ हैं। 

${{\text{H}}_2}$ गैस के लिए : ${P_{\text{T}}}{V_1} = {P_2}{V_2}$

$0.8 \times 0.5 = {P_1} \times 1$      

${\dot P_1} = \frac{{0.8 \times 0.5}}{1} = 0.4{\text{bar}}$                         

${{\mathbf{O}}_2}$ गैस के लिए: $0.7 \times 2.0 = {P_2} \times 1$         

${P_2} = \frac{{0.7 \times 2.0}}{1} = 1.4{\text{bar}}$                                

अत: गैस मिश्रण का कुल दाब $P = 0.4 + 1.4 = 1.8$ bar


9. यदि $27^\circ C$ ताप तथा $2bar$ दाब पर एक गैस का घनत्व ${\mathbf{5}}.{\mathbf{46}}{\text{ }}{\mathbf{g}}/{\mathbf{dm}}$ है तो STP पर इसका घनत्व क्या होगा?

उत्तर:

एक गैस का आणविक द्रव्यमान $M = \frac{{dRT}}{P}$ चूँकि, दो भिन्न दशमओं में आणविक द्रव्यमान तापक्रम एवं दाब के साथ परिवर्तित नहीं होता है, अत:

$\;\frac{{{d_1}R{T_1}}}{{{P_1}}} = \frac{{{d_2}R{T_2}}}{{{P_2}}}$
(दी गई दशा) (STP पर) या $\;\frac{{5.46 \times R \times 300}}{2} = \frac{{{d_2} \times R \times 273}}{1}$

या $\;{d_2} = \frac{{5.46 \times 300}}{{2 \times 273}} = 3\;g/d{m^3}$


10. यदि ${\mathbf{546}}^\circ {\mathbf{C}}$ तथा ${\mathbf{0}}.{\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर ${\mathbf{34}}.{\mathbf{05}}{\text{ }}{\mathbf{mL}}$ फॉस्फोरस वाष्प का भार ${\mathbf{0}}.{\mathbf{0625}}{\text{ }}{\mathbf{g}}$ है तो फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर:

गैस समीकरण के अनुसार,

$PV = nRT$

या $\;\because PV = \frac{w}{M}RT$

दिया है, $P = 0.1$ bar, $V = 340.5\;mL = 340.5 \times {10^{ - 3}}d{m^3},w = 0.625\;g,R = 0.0831bard{m^3}$

${K^{ - 1}}\;mo{l^{ - 1}},T = {546^ \circ }C = 819\;K,M = ?\therefore \;M = \frac{{wRT}}{{PV}} = \frac{{0.0625 \times 0.0831 \times 819}}{{0.1 \times 340.5 \times {{10}^{ - 3}}}} = 124.92\;g\;mo{l^{ - 1}}$

अत: फॉस्फोरस का मोलर द्रव्यमान $124.92\;g\;mo{l^{ - 1}}$ है।

$R \times \frac{{300}}{2} = \frac{{{d_2} \times R \times 273}}{1}$

$\;{d_2} = \frac{{5.46 \times 300}}{{2 \times 273}} = 3\;g/d{m^3}$


11. एक विद्यार्थी ${\mathbf{27}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर गोल पेंदे के फ्लास्क में अभिक्रिया-मिश्रण डालना भूल गया तथा उस फ्लास्क को ज्वाला पर रख दिया। कुछ समय पश्चात उसे अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने उत्तापमापी की सहायता से फ्लास्क का ताप ${\mathbf{477}}^\circ {\mathbf{C}}$ पाया। आप बताइए कि वायु का कितना भाग फ्लास्क से बाहर निकला?

उत्तर: खुले फ्लास्क को गर्म करने की प्रक्रिया में उसके आयतन तथा दाब को स्थिर माना जा सकता है। मानते हुए कि फ्लास्क में हवा के मोलों की संख्या गर्म करने से पहले तथा बाद में, क्रमश: ${n_1}$ तथा ${n_2}$ है, आदर्श गैस समीकरण के अनुसार,

${PV = {n_1}R{T_1} = {n_1} \times R \times (273 + 27){\text{ (Before heating }}) \ldots {\text{ (i) }}}$ 

${\text{ and, }}$

$PV = {n_2}R{T_2} = {n_2} \times R \times (273 + 477){\text{ (After heating) }}...{\text{ (ii) }}$ 

On dividing (i) by (ii) we get,

$1 = \frac{{{n_1} \times 300}}{{{n_2} \times 750}}$

$\therefore \quad {n_2} = \frac{{300}}{{750}} \times {n_1} = \frac{2}{5}{n_1}$ 

अत: गर्म करने पर निष्कासित हंका के मोलों की संख्या  $ = {n_1} - {n_2} = {n_1} - \frac{2}{5}{n_1} = \frac{3}{5}{n_1}$

अत: निष्कासित हवा का भाग   $ = \frac{3}{{\frac{3}{5}{n_1}}}{n_1} = \frac{3}{5}$


12. ${\mathbf{3}}.{\mathbf{32}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$पर ${\mathbf{5}}{\text{ }}{\mathbf{dm}}$आयतन घेरने वाली ${\mathbf{4}}.{\mathbf{0}}{\text{ }}{\mathbf{mol}}$गैस के ताप की गणना कीजिए। (${\mathbf{R}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}.{\mathbf{083}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}{\text{ }}{\mathbf{d}}{{\mathbf{m}}^{\mathbf{3}}}{{\mathbf{K}}^{ - {\mathbf{1}}}}{\mathbf{mo}}{{\mathbf{l}}^{ - {\mathbf{1}}}}$)

उत्तर:

गैस समीकरण के अनुसार,

$PV = nRT$

या

$T = \frac{{PV}}{{nR}} = \frac{{3.32 \times 5}}{{4.0 \times 0.083}} = 50K$


13. ${\mathbf{1}}.{\mathbf{4g}}$ डाइनाइट्रोजन गैस में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर:

${N_2}$ के मोल $ = \frac{{1.4}}{{28}} = 0.05$

उपस्थित अणुओं की संख्या $ = 0.05 \times 6.022 \times {10^{23}}$

उपस्थित इलेक्ट्रॉन्स की संख्या = $0.05 \times 6.022 \times {10^{23}} \times 14$

$(\therefore {N_2}$ के एक अणु में $14$ इलेक्ट्रॉन होते हैं)  $ = 4.215 \times {10^{23}}$इलेक्ट्रॉन

 

14. यदि एक सेकण्ड में ${\mathbf{1}}00$ गेहूँ के दाने वितरित किए जाएँ तो आवोगाद्रो संख्या के बराबर दाने वितरित करने में कितना समय लगेगा?

उत्तर: आवोगाद्रो की संख्या $ = {\text{ }}6.022 \times {10^{23}}$। चूँकि ${10^{10}}$ दाने प्रति सेकण्ड वितरित होते हैं,  दाने वितरित होने में लगा समय 

$= \frac{{6.022 \times {{10}^{23}}}}{{{{10}^{10}}}}{\text{ sec }}$

$= \frac{{6.022 \times {{10}^{23}}}}{{{{10}^{10}}}} \times \frac{1}{{3.156 \times {{10}^7}}}{\text{ sq}}{\text{. }}$

$= 1.908 \times {10^6}{\text{ sq}}{\text{. }}\quad \left( {\because 1{\text{ sq}}{\text{.}} = 3.156 \times {{10}^7}\;{\text{s}}} \right)$ 


15. ${\mathbf{27}}^\circ {\mathbf{C}}$ ताप पर ${\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{d}}{{\mathbf{m}}^{\mathbf{3}}}$ आयतन वाले फ्लास्क में $8$ ग्राम डाइऑक्सीजन तथा $4gm$ डाइहाइड्रोजन के मिश्रण का कुल दाब कितना होगा?

उत्तर: मिश्रण में उपस्थित कुल मोलों की संख्या $ = \frac{8}{{32}} + \frac{4}{2} = 2.25$ $\left( {{{\text{O}}_2}} \right.$ का आणविक द्रव्यमान   का आणविक द्रव्यमान $ = 32,{{\text{H}}_2}$) आदर्श गैस समीकरण के अनुसार,

PV = nRT

$P \times 1 = 2.25 \times 0.083 \times 300$

$P = 2.25 \times 0.083 \times 300 = 56.025{\text{ bar }}$ 


16. गुब्बारे के भार तथा विस्थापित वायु के भार के अन्तर को ‘पेलोड कहते हैं। यदि ${\mathbf{27}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर ${\mathbf{10}}{\text{ }}{\mathbf{m}}$ त्रिज्या वाले गुब्बारे में ${\mathbf{1}}.{\mathbf{66}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ पर ${\mathbf{100}}{\text{ }}{\mathbf{kg}}$ हीलियम भरी जाए तो पेलोड की गणना कीजिए। (वायु का घनत्व $ = {\text{ }}{\mathbf{1}}.{\mathbf{2}}{\text{ }}{\mathbf{kg}}{\text{ }}{{\mathbf{m}}^{\mathbf{3}}}$ तथा ${\mathbf{R}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}.{\mathbf{083}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}{\text{ }}{\mathbf{d}}{{\mathbf{m}}^{\mathbf{3}}}{{\mathbf{K}}^{ - {\mathbf{1}}}}{\mathbf{mo}}{{\mathbf{l}}^{ - {\mathbf{1}}}}$)

उत्तर:

गुब्बारे का आयतन $ = \frac{4}{3}\pi {r^3} = \frac{4}{3} \times \frac{{22}}{7} \times {(10)^3} = 4190.5\;{m^3} = 4190.5 \times {10^3}d{m^3}$

गुब्बारे में भरी हीलियम का भार

$PV\;\; = \frac{m}{M} \times R \times T\;1.66 \times 4190.5 \times {10^3}\;\; = \frac{m}{4} \times 0.083 \times 300\;$

या

$m = \frac{{1.66 \times 4190.5 \times {{10}^3} \times 4}}{{0.083 \times 300}} = 1117466.7\;g = 1117.47\;kg$

$\therefore $ 

गुब्बारे का कुल द्रव्यमान $ = 100 + 1117.47 = 1217.47\;kg$  

गुब्बारे के द्वारा विस्थापित वायु का आयतन $ = 4190.5\;{m^3}$  

विस्थापित वायु का भार $ = $ आयतन $ \times $ घनत्व $ = 4190.5 \times 1.2 = 5028.6\;kg$ 

गुब्बारे का पेलोड  $ = 5028.6 - 1217.47 = 3811.1\;kg$


17. ${\mathbf{31}}.{\mathbf{1}}^\circ {\mathbf{C}}$ तथा ${\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर ${\mathbf{8}}.{\mathbf{8}}{\text{ gm}}$$C{O_2})$ द्वारा घेरे गए आयतन की गणना कीजिए। (${\mathbf{R}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}.{\mathbf{083}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}{\text{ }}{\mathbf{L}}{{\mathbf{K}}^{ - {\mathbf{1}}}}{\mathbf{mo}}{{\mathbf{l}}^{ - {\mathbf{1}}}}$)

उत्तर:  आदर्श गैस समीकरण के अनुसार,

PV = nRT = $\frac{m}{M} \times R \times T$

$1 \times V = \frac{{8.8}}{{44}} \times 0.083 \times (273 + 31.1)$

$V{\text{ }} = \frac{{8.8 \times 0.083 \times 304.1}}{{44}} = 5.05{\text{d}}{{\text{m}}^3}$ 


18. समान दाब पर किसी गैस के ${\mathbf{2}}.{\mathbf{9}}gm$ द्रव्यमान का ${\mathbf{95}}^\circ {\mathbf{C}}$ तथा ${\mathbf{0}}.{\mathbf{184}}gm$ डाइहाइड्रोजन का ${\mathbf{17}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर आयतन समान है। बताइए कि गैस का मोलर द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर: माना कि गैस का मोलर द्रव्यमान $M$ है।

आदर्श गैस समीकरण के अनुसार, $PV = nR{T_1}$ चूँकि $P$ तथा $V$ दोनों समान हैं,

गैस के लिए:

$P \times V = \frac{{2.9}}{M} \times R \times (273 + 95)$     …(i)

$P \times V = \frac{{0.184}}{2} \times R \times (273 + 17)$  …(ii)

समीकरण (i) तथा (ii) से

$\frac{{2.9}}{M} \times 368 = \frac{{0.184}}{2} \times 290$

$M = \frac{{2.9 \times 368 \times 2}}{{0.184 \times 290}} = 40\;{\text{g}}\;{\text{mo}}{{\text{l}}^{ - 1}}$

19. ${\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{bar}}$ दाब पर डाइहाइड्रोजन तथा डाइऑक्सीजन के मिश्रण में ${\mathbf{20}}\% $ डाइहाइड्रोजन (भार से) रखा जाता है तो डाइहाइड्रोजन का आंशिक दाब क्या होगा?

उत्तर:

माना, मिश्रण का सम्पूर्ण द्रव्यमान $100\;g$ है।

$\therefore {H_2}$ का द्रव्यमान $ = 20\;g;{O_2}$ का द्रव्यमान $ = 100 - 20 = 80\;g$

${H_2}$ के मोलों की संख्या $ = \frac{{20}}{2} = 10$ तथा ${O_2}$ के मोलों की संख्या $ = \frac{{80}}{{32}} = 2.5$

मिश्रण में मोलों की संख्या $ = 10 + 2.5 = 12.5$

$\therefore \;{H_2}$ का आंशिक दाब $ = \frac{{10}}{{12.5}} \times 1 = 0.8$ bar


20. $\frac{{P{V^2}{T^2}}}{n}$ राशि के लिए S.I. इकाई क्या होगी?

उत्तर: $\frac{{P{V^2}{T^2}}}{n} = \frac{{\left( {{\text{N}}{{\text{m}}^{ - 2}}} \right){{\left( {{{\text{m}}^3}} \right)}^2}{{({\text{K}})}^2}}}{{{\text{mol}}}} = {\text{N}}{{\text{m}}^4}{{\mathbf{K}}^2}{\text{mo}}{{\text{l}}^{ - 1}}$


21. चार्ल्स के नियम के आधार पर समझाइए कि न्यूनतम सम्भव ताप $-{\mathbf{273}}^\circ {\mathbf{C}}$ होता है।

उत्तर: जिस प्रकार गैस को गर्म करने पर उसका आयतन बढ़ता है ठीक उसी प्रकार उसे ठण्डा करने पर अर्थात् उसका ताप घटाने पर उसका आयतन घटता भी है। ऐसी स्थिति में,

$ {1^ \circ }C\;\left( {{V_{ - 1}}} \right) = {V_0}\left( {1 - \frac{1}{{273}}} \right)\; - {10^ \circ }C\;$

$\left( {{V_{ - 10}}} \right) = {V_0}\left( {1 - \frac{{10}}{{273}}} \right)\;\;\; - {273^ \circ }C\;\left( {{V_{ - 273}}} \right) = {V_0}\left( {1 - \frac{{273}}{{273}}} \right) = 0\;$

अतः $ - {\mathbf{273}}^\circ {\mathbf{C}}$ पर गैस का आयतन शून्य हो जाना चाहिए।

इससे कम ताप पर आयतन ऋणात्मक हो जाएगा जो कि अर्थहीन है। वास्तव में सभी गैसें इस ताप पर पहुँचने से पउत्तरे ही द्रवित हो जाती हैं। इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि $ - {\mathbf{273}}^\circ {\mathbf{C}}$ (0K) ही न्यूनतम सम्भव ताप है।


22. कार्बन डाइऑक्साइड तथा मेथेन का क्रान्तिक ताप क्रमशः ${\mathbf{31}}.{\mathbf{1}}^\circ {\mathbf{C}}$ एवं $ - {\mathbf{81}}.{\mathbf{9}}^\circ {\mathbf{C}}$ है। इनमें से किसमें प्रबल अन्तर-आण्विक बल है तथा क्यों?

उत्तर:

क्रान्तिक ताप जितना अधिक होगा, गैस को उतनी ही सरलता से द्रवीभूत किया जा सकता है। यह केवल तब सम्भव है जब अन्तर आणविक बल मजबूत हो। अत: $C{O_2}$ में, $C{H_4}$ की तुलना में प्रबल अन्तराणविक बल है।


23. वाण्डरवाल्स प्राचल की भौतिक सार्थकता को समझाइए।

उत्तर: 

  1. वाण्डरवाल्स प्राचल -इसका मान गैस के अणुओं में विद्यमान आकर्षण बलों के परिमाण की माप होता है। अत:  का मान अधिक होने का तात्पर्य, अन्तर-आण्विक आकर्षण बलों का अधिक होना है।

  2. वाण्डरवाल्स प्राचल -इसका मान गैस-अणुओं के प्रभावी आकार की माप है। इसका मान गैस-अणुओं के वास्तविक आयतन का चार गुना होता है। यह अपवर्जित आयतन कउत्तराता है।


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