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NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 - In Hindi

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NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 Structure of Atom In Hindi PDF Download

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Competitive Exams after 12th Science

NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 Structure of Atom in Hindi

प्रश्नोत्तर

1. (i) एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

उत्तर: एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $ = 9.10941 \times {0^{ - 31}}{\text{ }}kg = 9.1094 \times {10^{ - 28}}{\text{ }}g$

∴ एक ग्राम भार में इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = \frac{1}{{9.1094\; \times {{10}^{ - 28}}}} = 1.098 \times {10^{27}}$

(ii) एक मोल इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमान और आवेश का परिकलन कीजिए।

उत्तर:  एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = 6022 \times {10^{23}}$

 एक इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $ = 9.1094 \times {10^{ - 31}}kg$

 एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश  $ = 1.6022 \times {10^{ - 19}}C$

∴ एक मोल इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान  $ = 9.1094 \times {10^{ - 31}} \times 6.022 \times {10^{23}}$

$ = 5.48 \times {10^{ - 7}}kg$

एक मोल इलेक्ट्रॉन का आवेश  $ = 1.6022 \times {10^{ - 19}} \times 6.022 \times {10^{23}} = 9.65 \times {10^4}{\text{C}}$


2. (i) मेथेन के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या का परिकलन कीजिए।

उत्तर: (i) $C{H_4}$ के एक मोल में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = 6 + (1 \times 4) = 10$मेथेन के एक मोल में $6.022 \times {10^{23}}$अणु होते हैं। अत: मेथेन के एक मोल में उपस्थित कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या

$ = 10 \times 6.022 \times {10^{23}} = 6.022 \times {10^{24}}$

(ii) ${\mathbf{7mg14C}}$ में न्यूट्रॉनों की

(क) कुल संख्या तथा

उत्तर:  (ii) (क)  ${\;^{14}}C\left( {14\;g} \right)$के एक मोल में $6.022 \times {10^{23}}$ परमाणु उपस्थित हैं। $\therefore 7mg\left( {0.007{\text{ }}g} \right)$ ${\;^{14}}C$ में उपस्थित परमाणुओं की संख्या

$ = \frac{{6.022 \times {{10}^{23}}}}{{14}} \times 0.007 = 3.01 \times {10^{20}}$

${\;^{14}}C$ के एक परमाणु में $8$ न्यूट्रॉन होते हैं।

$\therefore 7mg$ ${\;^{14}}C$ में न्यूट्रॉनों की संख्या $ = {\mathbf{3}}.{\mathbf{01}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{20}} \times {\mathbf{8}} = {\mathbf{2}}.{\mathbf{4088}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{21}}$


(ख) कुल द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (न्यूट्रॉन का द्रव्यमान $ = {\mathbf{1}}.{\mathbf{675}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 27}}{\mathbf{kg}}$ मान लीजिए।)

उत्तर:  (ख) $7mg$ ${\;^{14}}C$ में उपस्थित न्यूट्रॉनों का द्रव्यमान

$ = 2.4088 \times {10^{21}} \times 1.675 \times {10^{ - 27}} = 4.034 \times {10^{ - 6}}\;kg$

(iii) मानक ताप और दाब(STP) पर ${\mathbf{34mg}}{\text{ }}{\mathbf{NH3}}$ में प्रोटॉनों की

  1. कुल संख्या और

  2. (ख) का कुल द्रव्यमान बताइए।

  3. दाब और ताप में परिवर्तन से क्या उत्तर परिवर्तित हो जाएगा?

उत्तर:  (iii) (क) $N{H_3}$ के एक अणु में प्रोटॉनों की संख्या

$ = 7 + \left( {1 \times 3} \right) = 10$

S.T.P. पर एक मोल अमोनिया ($17{\text{ }}g$) में $6.022 \times {10^{23}}$  अणु उपस्थित रहते हैं। $\therefore 34mg\left( {0.034{\text{ }}g} \right)$ अमोनिया में उपस्थित अणुओं की संख्या

$ = \frac{{6.022 \times {{10}^{23}}}}{{17}} \times 0.034 = 1.2044 \times {10^{21}}$

अत:  अमोनिया में प्रोटॉनों की संख्या

(ख) $34mg$ अमोनिया में प्रोटॉनों का कुल द्रव्यमान

$ = 2.0145 \times {10^{ - 5}}{\text{ }}kg$ ($1$ प्रोटॉन का द्रव्यमान $ = \;1.67262 \times {10^{ - 27}}kg$)

गणना किये गये मानों पर ताप एवं दाब में परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।


3. निम्नलिखित नाभिकों में उपस्थित न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बताइए-

$_6^{13}{\mathbf{C}}\;_8^{16}{\mathbf{O}}\;_{12}^{24}\;{\mathbf{Mg}}\;_{26}^{56}{\mathbf{Fe}}\;_{38}^{88}{\mathbf{Sr}}$

उत्तर:

स्पीशीज

परमाणु क्रमांक (Z)

द्रव्यमान संख्या (A)

प्रोटॉनों की संख्या (Z)

न्यूट्रॉनों की संख्या 

(A - Z)

${}_{6}^{13}C$

6

13

6

13-6=7

${}_{8}^{16}O$

8

16

88

16-8=8

${}_{12}^{24}Mg$

12

24

12

24-12=12

${}_{26}^{56}$

26

56

26

56-26=30

${}_{38}^{88}C$

38

88

38

88-38=50


4. नीचे दिए गए परमाणु द्रव्यमान (A) और परमाणु संख्या (Z) वाले परमाणुओं का पूर्ण प्रतीक लिखिए-

(i) ${\mathbf{Z}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},{\text{ }}{\mathbf{A}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{35}}$

उत्तर: $_{17}^{35}Cl$

(ii) ${\mathbf{Z}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{92}},{\text{ }}{\mathbf{A}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{233}}$

उत्तर: $_{92}^{233}U$

(iii) ${\mathbf{Z}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}},{\text{ }}{\mathbf{A}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{9}}$

उत्तर: $_4^9Be$


5. सोडियम लैम्प द्वारा उत्सर्जित पीले प्रकाश की तरंगदैर्घ्य (λ) 580 mm है। इसकी आवृत्ति (v) और तरंग-संख्या (V) की परिकलन कीजिए।

उत्तर: दिया है, \[{\mathbf{\lambda }} = {\mathbf{580nm}} = {\mathbf{580x1}}{{\mathbf{0}}^{ - 9}}{\mathbf{m}},{\text{ }}{\mathbf{c}} = {\mathbf{3}}.{\mathbf{0x1}}{{\mathbf{0}}^8}{\mathbf{m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}\]

आवृति, \[\left( v \right) = \frac{c}{\lambda } = \frac{{3.0\; \times \;{{10}^8}}}{{580\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 5.17 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}\]

तरंग संख्या, $(\overline v ) = \frac{1}{\lambda } = \frac{1}{{580\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 1.72 \times {10^6}{m^{ - 1}}$


6. प्रत्येक ऐसे फोटॉन की ऊर्जा ज्ञात कीजिए-

(i) जो ${\mathbf{3}} \times {\mathbf{1016}}{\text{ }}{\mathbf{Hz}}$ आवृत्ति वाले प्रकाश के संगत हो।

उत्तर: $E = hv = 6.626 \times {10^{ - 34}} \times 3 \times {10^{15}} = 1.988 \times {10^{18}}{\text{ }}J$

(ii) जिसकी तरंगदैर्घ्य ${\mathbf{0}}:{\mathbf{50}}{\text{ }}{\mathbf{A}}$ हो।

उत्तर:  $\lambda  = 0.50{A^o} = 0.50 \times {10^{ - 10}}m$

$E = \frac{{hc}}{\lambda } = \frac{{6.626 \times {{10}^{ - 34}}\; \times \;3\; \times {{10}^8}}}{{0.50\; \times \;{{10}^{ - 10}}}} = 3.98 \times {10^{ - 15}}J$


7. $2.0 \times 10^{-10} \mathrm{~s}$ काल वाली प्रकाश तरंग की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और तरंग-संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: आवृत्ति $(v)=\frac{1}{\text { आवतेकल }}{2.0 \times 10^{-10}}=5.0 \times 10^{9} s^{-1}$ तरंगदैर्घ्य $(\lambda)=\frac{c}{\lambda}=\frac{3.0 \times 10^{8}}{5 \times 10^{9}}=6.0 \times 10^{-2} \mathrm{~m}$

तरंग-संख्या ${ }^{-\bar{v})}=\frac{1}{\lambda}=\frac{1}{6.0 \times 10^{-2}}=16.67 \mathrm{~m}$ -


8. ऐसा प्रकाश, जिसकी तरंगदैर्घ्य ${\mathbf{4000}}{\text{ }}{\mathbf{pm}}$ हो और जो ${\mathbf{1J}}$  ऊर्जा दे, के फोटॉनों की संख्या बताइए।

उत्तर:  $\lambda=4000 \mathrm{pm}=4000 \times 10^{-12} \mathrm{~m}$

$(v)=\frac{c}{\lambda}=\frac{3.0 \times 10^{8}}{4000 \times 10^{-12}}=7.5 \times 10^{6} \mathbf{s}^{-1}$

एक फोटॉन से सम्बन्धित ऊर्जा $=E=h v=6.626 \times 10^{-34} \times 7.5 \times 10^{16}$ $\left(\therefore h=6.626 \times 10^{-34} J \mathrm{~S}\right)$

अत: प्रोटॉन्स की वह संख्या जो $1 \mathrm{~J}$ ऊर्जा उत्पत्र करती है

$=\frac{1}{4.97 \times 10^{-17}}=2.01 \times 10^{16}$


9. यदि ${\mathbf{4}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 7}}{\mathbf{m}}$ तरंगदैर्घ्य वाला एक फोटॉन  ${\mathbf{2}}.{\mathbf{13}}{\text{ }}{\mathbf{ev}}$ कार्यफलन वाली धातु की सतह स’ टकराता है तो-

(i) फोटॉन की ऊर्जा (${\mathbf{ev}}$ में)

(ii) उत्सर्जन की गतिज ऊर्जा और

(iii) प्रकाशीय इलेक्ट्रॉन के वेग का परिकलन कीजिए। (${\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{eV}} = {\mathbf{1}}.{\mathbf{6020}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 19}}{\mathbf{J}}$)

उत्तर: आइन्स्टीन की प्रकाश वैद्युतीय समीकरण के अनुसार,

$hv{\text{ }} = {\text{ }}W + \frac{1}{2}m{v^2}$

इस स्थिति में, 

$v = \frac{c}{\lambda } = \frac{{3\; \times \;{{10}^8}}}{{4\; \times \;{{10}^{ - 7}}}} = 7.5 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}$

$W = 2.13{\text{ }}eV = 2.13 \times 1.6020 \times {10^{ - 19}}J = 3.41 \times {10^{ - 19}}J$

$m{\text{ }} = $ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान $ = 9.109 \times {10^{ - 31}}kg$

(i) फोटॉन की ऊर्जा $\; = {\text{ }}hv = 6.626 \times {10^{ - 34}} \times 7.5 \times {10^4} = 4.97 \times {10^{ - 19}}J$

 $ = \frac{{4.97\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}{{1.6020\; \times \;{{10}^{ - 19}}}} = 3.102{\text{ }}ev$ 

(ii) उत्सर्जन की गतिज ऊर्जा 

$ = 1.56 \times {10^{ - 19}}J = 0.97ev$

(iii) $\frac{1}{2}m{v^2} = 1.56 \times {10^{ - 19}}$

$v\; = \;{\left[ {\frac{{2\; \times \;1.56\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}{m}} \right]^{1/2}}$

\[ = \;{\left[ {\frac{{2\; \times \;1.56\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}{{9.109\; \times \;{{10}^{ - 13}}}}} \right]^{1/2}} = 5.85 \times {10^5}m{s^{ - 1}}\]


10. सोडियम परमाणु के आयनंन के लिए ${\mathbf{242}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ तरंगदैर्ध्य की विद्युत-चुम्बकीय विकिरण पर्याप्त होती है। सोडियम की आयनन ऊर्जा $kJ{\text{ }}mo{l^{ - 1}}$ में ज्ञात कीजिए।

उत्तर: प्रति परमाणु सोडियम की आयनन ऊर्जा = प्रयुक्त प्रकाश की ऊर्जा

$ = \frac{{hc}}{\lambda } = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}\; \times \;3\; \times \;{{10}^8}}}{{242\; \times \;{{10}^{ - 9}}}}$ $\left( {\lambda  = 242nm = 242 \times {{10}^{ - 19}}m} \right)$

$ = 8.214 \times {10^{ - 19}}J\;ato{m^{ - 1}}$

∴ प्रति मोल सोडियम की आयनन ऊर्जा  

$ = 4.946 \times {10^5}{\text{ }}J{\text{ }}mo{l^{ - 1}} = 494.6{\text{ }}kJ{\text{ }}mo{l^{ - 1}}$


11.  ${\mathbf{25}}$वाट का एक बल्ब ${\mathbf{0}}.{\mathbf{57um}}$ तरंगदैर्घ्य वाले पीले रंग का एकवर्णी प्रकाश उत्पन्न करता है। प्रति सेकण्ड क्वाण्टा के उत्सर्जन की दर ज्ञात कीजिए।

उत्तर: एक फोटोन की ऊर्जा  $ = hv = \frac{{hc}}{\lambda } = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}\; \times \;3\; \times \;{{10}^8}}}{{242\; \times \;{{10}^{ - 9}}}}$

$ = 3.487 \times {10^{ - 19}}J$

$\therefore $$25W = 25J{s^{ - 1}}$

∴ प्रति सेकण्ड उत्सर्जित होने वाले फोटोन की संख्या

$ = \frac{1}{{13.487 \times {{10}^{ - 19}}}}\; \times 25 = 7.17 \times {10^{19}}$फोटोन प्रति सेकण्ड


12. किसी धातु की सतह पर ${\mathbf{6800}}{\text{ }}{\mathbf{A}}$ तरंगदैर्ध्व वाली विकिरण डालने से शून्य वेग वाले इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। धातु की देहली आवृत्ति (${\mathbf{v}}^\circ $) और कार्यफलन (${\mathbf{W}}^\circ $) ज्ञात कीजिए।

उत्तर: 

चूँकि इलेक्ट्रॉन्स शून्य वेग से उत्सर्जित होते हैं, अत: $\nu {\text{ }} = {\text{ }}0$

इसलिए, $h\nu {\text{ }} = {\text{ }}{W_0}$

${W_0} = h\nu  = \frac{{hc}}{\lambda } = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}\; \times \;3\; \times \;{{10}^8}}}{{242\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 2.923 \times {10^{ - 19}}\;J$

यदि देहली आवृत्ति है, तो $W{\text{ }} = {\text{ }}h{\nu _0}$

अथवा ${V_0}{\text{ }} = \frac{W}{h} = \frac{{2.923\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}} = 4.412 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}$


13. जब हाइड्रोजन परमाणु के ${\mathbf{n}} = {\text{ }}{\mathbf{4}}$ ऊर्जा स्तर से ${\mathbf{n}} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$ ऊर्जा स्तर में इलेक्ट्रॉन जाता है तो किस तरंगदैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?

उत्तर: हाइड्रोजन में ${n^{th}}$ कोश को दी गई ऊर्जा

${E_n} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{n^2}}}Jato{m^{ - 1}}$

इसी प्रकार, ${E_2} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 2 \right)}^2}}}$

तथा ${E_4} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 4 \right)}^2}}}$

∴ ∆E = E\[_{4}\] - E\[_{2}\] = 2.178 x 10\[^{-18}\](\[\frac{1}{2^{2}}\] - \[\frac{1}{4^{2}}\])

= 4.08 x 10\[^{-19}\]J atom\[^{-1}\]

$\Delta E = hv = \frac{{hc}}{\lambda }$

∴ λ = \[\frac{hc}{\Delta E}\] = \[\frac{6.626 \times 10^{-34} \times 3 x 10^{8}}{4.08 \times 10^{-19}}\] = 4.87 x 10\[^{-7}\]m

$ = {\text{ }}487{\text{ }}nm$


14. यदि इलेक्ट्रॉन ${\mathbf{n}} = {\mathbf{5}}$ कक्षक में उपस्थित हो तो H-परमाणु के आयनन के लिए कितनी ऊर्जा की आवश्यकता होगी? अपने उत्तर की तुलना हाइड्रोजन परमाणु के आयनन एन्थैल्पी से कीजिए। (आयनन एन्थैल्पी ${\mathbf{n}} = {\mathbf{1}}$ कक्षक से इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा होती है।)

उत्तर: प्रस्तुत स्थिति में, आयनन प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉन का स्थानान्तरण ${\mathbf{n}} = {\mathbf{5}}$ कोश से $n = \infty $ कोश में होगा।

${E_5} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 5 \right)}^2}}} =  - 8.72 \times {10^{ - 20}}J\;ato{m^{ - 1}}$

और $E\infty  =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( \infty  \right)}^2}}} =  - 0\;J\,ato{m^{ - 1}}$

अत: आयनन के लिये आवश्यक ऊर्जा

$\Delta E = E\infty  - {E_5} = 0 - \left[ { - 8.712 \times {{10}^{ - 20}}} \right]$

$ = 8.712 \times {10^{ - 20}}J{\text{ }}ato{m^{ - 1}}$

H परमाणु की आयनन एन्थैल्पी  

\[ = 0 - \left[ {\frac{{2.178{ \times }}{{10}^{ - 18}}}{{{{(1)}^2}}}} \right]\]

$ = 2.178 \times {10^{ - 18}}\;J{\text{ }}ato{m^{ - 1}}$

$\therefore \frac{{\Delta E'\;}}{{\Delta E}} = \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{8.712\; \times \;{{10}^{ - 20}}}} = 25$

∴ \[\frac{\delta E’}{\delta E}\] = \[\frac{2.178 \times 10^{-18}}{8.712 \times 10^{-20}}\] = 25

अत: आयनन एन्थैल्पी (वह ऊर्जा जो इलेक्ट्रॉन को ${\mathbf{n}} = {\mathbf{1}}$  कोश से निकालने के लिए ज़रूरी होती है) इलेक्ट्रॉन को ${\mathbf{n}} = {\mathbf{1}}$ कक्षक से निकालने के लिए ज़रूरी ऊर्जा का $25$ गुना है।


15. जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन $ = {\text{ }}{\mathbf{6}}$  से मूल अवस्था में जाता है तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?

उत्तर: उत्सर्जित रेखाओं की प्राप्त संख्या $15$ होगी। यह निम्न संक्रमणों के कारण प्राप्त होंगी-

$6{\text{ }} \to {\text{ }}5$

$6{\text{ }} \to {\text{ }}4$

$6{\text{ }} \to {\text{ }}3$

$6{\text{ }} \to {\text{ }}2$

$6{\text{ }} \to {\text{ }}1$

($5$ रेखाएं)

$5{\text{ }} \to {\text{ }}4$

$5{\text{ }} \to {\text{ }}3$

$5{\text{ }} \to {\text{ }}2$

$5{\text{ }} \to {\text{ }}1$

($4$ रेखाएं)

$4{\text{ }} \to {\text{ }}3$

$4{\text{ }} \to {\text{ }}2$

$4{\text{ }} \to {\text{ }}1$

($3$ रेखाएं)

$3{\text{ }} \to {\text{ }}2$

$3{\text{ }} \to {\text{ }}1$

($2$ रेखाएं)

$2{\text{ }} \to {\text{ }}1$

($1$ रेखा)


16. (i) हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से सम्बन्धित ऊर्जा $--{\text{ }}{\mathbf{2}}.{\mathbf{18}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 18}}{\mathbf{J}}\;ato{m^{ - 1}}$ है पाँचवें कक्षक से सम्बन्धित ऊर्जा बताइए।

उत्तर: $\because {E_n} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{n^2}}}Jato{m^{ - 1}}$

$\therefore {E_5} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 5 \right)}^2}}} =  - 8.72 \times {10^{ - 20}}J\;ato{m^{ - 1}}$

(ii) हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।

उत्तर:  बामर श्रेणी में अधिकतम तरंवदेह्य वाले संक्रमण के लिए

$n_{1}=2$ 

और $\mathrm{n}_{2}=3$

$\because \bar{v}=R\left[\frac{1}{n_{1}^{2}}-\frac{1}{n_{2}^{2}}\right]$

$\therefore \bar{v}=1.09679 \times 10^{7} \times\left(\frac{1}{2^{2}}-\frac{1}{3^{2}}\right) \quad\left(\therefore R=1.09679 \times 10^{7} \mathrm{~m}^{-1}\right)$

$=1.09679 \times 10^{7} \times 0.139=1.525 \times 10^{6} \mathrm{~m}^{-1}$


17. हाइड्रोजन परमाणु की ‘बामर श्रेणी में अधिकतम तरंगदैर्घ्य वाले संक्रमण की तरंग-संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: बामर श्रेणी में अधिकतम तरंगदैर्घ्य वाले संक्रमण के लिए

${n_{1\;}} = \;2\;$ और ${{\mathbf{n}}_2} = {\mathbf{3}}$

\[\because \overline v \; = \;R\;\left[ {\frac{1}{{n_1^2}}\; - \;\frac{1}{{n_2^2}}} \right]\]

∴ v̅ = 1.09679 x 10\[^{7}\] x (\[\frac{1}{2^{2}}\] - \[\frac{1}{3^{2}}\])

$\left( {\therefore R\; = 1.09679\; \times \;{{10}^7}\;{m^{ - 1}}\;} \right)$

= 1.09679 x 10\[^{7}\] x 0.139 = 1.525 x 10\[^{6}\] m\[^{-1}\]


18. हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है तो किस तरंगदैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा? (इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा erg है)।

उत्तर: $\Delta E = hv = h\frac{c}{\lambda }$

∴ λ = \[\frac{hc}{\Delta E}\] = \[\frac{}{}\]

$\therefore \lambda  = \frac{{hc}}{{\Delta E}} = \frac{{6.626 \times {{10}^{ - 34}} \times 3 \times {{10}^8}}}{{2.091 \times {{10}^{ - 18}}}} = 9.51 \times {10^{ - 8}}m = 951{A^o}$


19. हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा $En = \frac{{\left( { - 2.18 \times {{10}^{ - 18}}} \right)}}{{{n^2}}}J$ द्वारा दी जाती है। ${\mathbf{n}} = {\mathbf{2}}$ कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लम्बी तरंगदैर्घ्य (${\mathbf{cm}}$में) क्या होगी जिसका प्रयोग इस | संक्रमण में किया जा सके?

उत्तर: ${E_n} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{n^2}}}J$

${E_2} =  - \frac{{2.178\; \times \;{{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 2 \right)}^2}}}$ तथा $E\infty  = 0$

इलेक्ट्रॉन को $n = 2$ कक्षक से निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा

$\Delta E = E\infty  - {E_2}$

$ = 0 =  - \left[ { - \frac{{2.18 \times {{10}^{ - 18}}}}{4}} \right] = 5.45 \times {10^{ - 19}}J$

$\therefore \Delta E = hv = \frac{{hc}}{\lambda }$

$\therefore \lambda  = \frac{{hc}}{{\Delta E}} = \frac{{6.626 \times {{10}^{ - 34}} \times \;3\; \times \;{{10}^8}}}{{5.45\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}$

$ = 3.647\; \times \;{10^{ - 7}}\;m\; = \;3.647\; \times \;{10^{ - 5}}\;cm$


20. ${\mathbf{2}}.{\mathbf{05}}{\text{ }}{\mathbf{x}}{\text{ }}{\mathbf{107m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}$ वेगं से गंति कर रहे किसी इलेक्ट्रॉन का तरंगदैर्ध्य क्या होगी?

उत्तर: दे-ब्रॉग्ली समीकरण के अनुसार,

$\lambda  = \frac{h}{{mv}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{9.109\; \times \;{{10}^{ - 31}}\; \times \;2.05\; \times \;{{10}^7}}} = 3.55\; \times \;{10^{ - 11}}m$


21. इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान ${\mathbf{9}}.{\mathbf{1}} \times {\mathbf{10}} - {\mathbf{31kg}}$ है। यदि इसकी गतिज ऊर्जा ${\mathbf{3}}.{\mathbf{0}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 25}}{\text{ }}{\mathbf{J}}$ हो तो इसकी तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।

उत्तर: गतिज ऊर्जा $ = \frac{1}{2}m{v^2}\; = \;3.0\; \times {10^{ - 25}}\;J$

$\therefore v\; = \;{\left( {\frac{{2\; \times \;3.0\; \times \;{{10}^{ - 25}}}}{m}} \right)^{\frac{1}{2}}}$

$ = {\left( {\frac{{2\; \times \;3.0\; \times \;{{10}^{ - 25}}}}{{9.1\; \times \;{{10}^{ - 31}}}}} \right)^{\frac{1}{2}}}\; = \;8.12\; \times \;{10^2}\;m{s^{ - 1}}$

इलेक्ट्रॉन की तरंगदैर्घ्य

$\lambda \; = \;\frac{h}{{mv}}\; = \;\frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{9.1\; \times \;{{10}^{ - 31}}\; \times \;8.12\; \times \;{{10}^2}}}\; = \;8.967\; \times \;{10^{ - 7}}\;m\; = \;8967\;{A^o}$


22. निम्नलिखित में से कौन सम-आयनी स्पीशीज हैं, अर्थात् किनमें इलेक्ट्रॉनों की समान संख्या है?

${\mathbf{N}}{{\mathbf{a}}^ + }$ , ${K^ + }$, , , ,${\mathbf{Ar}}$

उत्तर: दी गई स्पीशीज में इलेक्ट्रॉन्स की संख्या निम्नलिखित है-

$N{a^ + } = 11 - 1 = 10$, ${K^ + } = 19 - 1 = 18$,

, $Ar = 18$

अतः सम-आयनी स्पीशीज  हैं (इनमें प्रत्येक में $18$ इलेक्ट्रॉन हैं)।

सम-आयनी स्पीशीज $N{a^ + }$ तथा  हैं (इसमें प्रत्येक में $10$ इलेक्ट्रॉन हैं)।


23. (i) निम्नलिखित आयनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए

(क) ${{\mathbf{H}}^ - }$

उत्तर: $\mathrm{H}^{-}: \mathrm{s}^{2}$

(ख) ${\mathbf{N}}{{\mathbf{a}}^ + }$

उत्तर: $\mathrm{Na}^{+}: \mathrm{ls}^{2} 2 s^{2} 2 p^{6}$

(ग)  $\mathrm{O}^{2-}$

उत्तर: $\mathrm{O}^{2-}: \mathrm{Ls}^{2} 2 s^{2} \cdot 2 p^{6}$

(घ) ${{\mathbf{F}}^ - }$

उत्तर:  $F^{-}: 1 s^{2} 2 s^{2} 2 p^{6}$

(ii) उन तत्वों की परमाणु संख्या बताइए, जिनके सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉनों को निम्न्निखेत रूप में दर्शाया जाता है -

(क) $3 \mathrm{~s}^{1}$ 

उत्तर: $Z=11: \mathrm{Ls}^{2} 2 s^{2} 2 p^{6} 3 s^{1}$

(ख) $2 \mathrm{p}^{3}$

उत्तर:  $\mathrm{Z}=7: \mathrm{ls}^{2} 2^{2}{ }^{2} 2 p^{3}$

(ग) $3 \mathrm{p}^{5}$ 

उत्तर: $\mathrm{Z}=17: \mathrm{Ls}^{2} 2 s^{2} 2 p^{6} 3 s^{2} 3 p^{5 Q}$

(iii) निम्नलिखित विन्यासों वाले परमाणुओं के नाम बताइए -

(क) $[\mathrm{He}]{2 s}^{1}$ 

उत्तर: $1 s^{2} 2 s^{1}$ इलेक्ट्रोनिक विन्यास युक्त परमाणु $\mathrm{Li}$ (लीथियम) है।

(ख) $[\mathrm{Ne}] 3 \mathrm{~s}^{2} 3 \mathrm{p}^{3}$

उत्तर: $1 s^{2} 2 s^{2} 2 p^{6} 3 s^{2} 3 p^{3}$ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास युक्त परमाणु $P$ है।

(ग) $[\mathrm{Ar}] 4 \mathrm{~s}^{2} 3 \mathrm{~d}^{1}$

उत्तर: $\mathrm{ls}^{2} 2 s^{2} 2 p^{6} 3 s^{2} 3 p^{6} 3 d^{1} 4 s^{2}$ इलेक्ट्रॉनिक विन्यास युक्त परमाणु $\mathrm{Sc}$ है।


24. किस निम्नतम $n$  मान द्वारा $g$-कक्षक का अस्तित्व अनुमत होगा?

उत्तर: $g$ उपकोश के लिए, $1{\text{ }} = {\text{ }}4$

चूँकि । का मान $0$ तथा ($n - 1$) के बीच होता है, g-कक्षक के अस्तित्व के लिए ॥ का निम्नतम मान $n{\text{ }} = {\text{ }}5$ होगा।


25. एक इलेक्ट्रॉन किसी ${\mathbf{3d}}$-कक्षक में है। इसके लिए ${\mathbf{n}},{\text{ }}{\mathbf{1}}$ और $m_l$  के सम्भव मान दीजिए।

उत्तर: $3d$  कक्षक के लिए, $n = 3$

$l = 2$

$m_l = -l से +l$ के लिए, 

अतः $m_l = -1, 0, 1, 2$


26. किसी तत्व के परमाणु में ${\mathbf{29}}$  इलेक्ट्रॉन और ${\mathbf{35}}$  न्यूट्रॉन हैं-

(i) इसमें प्रोटॉनों की संख्या बताइए।

(ii) तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बताइए।

उत्तर: एक उदासीन परमाणु के लिए

$Z = $प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या

इसलिए, दिये गये तत्त्व का परमाणु क्रमांक $\left( Z \right) = 29$

(i) इसमें उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या $ = {\text{ }}29$

(ii) दिये गये तत्त्व को इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न है- $1 s^{2} 2 s^{2} 2 p^{6} 3 s^{2} 3 p^{6} 3 d^{10} 4 s^{1} \text { or }[A r] 3 d^{10} 4 s^{1}$


27. $\mathbf{H}_{\mathbf{2}}^{+}, \mathbf{H}_{2}$ और $\mathbf{O}_{2}^{+}$  स्पीशीज में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए।

उत्तर:  ${H}_{\mathrm{2}}^{+}$ में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = 1 + 1 = 2$

$\mathbf{H}_{2}$ में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = 2 - 1 = 1$

$\mathrm{O}_{2}^{+}$ में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या  $ = \left( {8 + 8} \right) - 1 = 15$


28. (i) किसी परमाणु कक्षक का ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}}$ है। उसके लिए। और   के सम्भव मान क्या होंगे ?

उत्तर: (i) जब $n = 3,\;l = 0,1,2$

$l = 0$  के लिए, $ml = 0$

$1 = 1$ के लिए, $ml =  - 1,0, + 1$

(ii) ${\mathbf{3d}}$-कक्षक के इलेक्ट्रॉनों के लिए  और क्वाण्टम संख्याओं के मान बताइए।

उत्तर: $l{\text{ }} = {\text{ }}2$ कक्षक के लिए, $ml =  - 2,\; - 1,{\text{ }}0,{\text{ }} + 1,{\text{ }} + 2$

$\therefore {\text{ }}3d$ कक्षक के लिए,

$n = 3,l = 2,ml =  - 2, - 1,0, + 1, + 2$

(iii) निम्नलिखित में से कौन-से कक्षक सम्भव हैं

${\mathbf{lp}},{\text{ }}{\mathbf{2s}},{\text{ }}{\mathbf{22}}$ और ${\mathbf{3f}}$

उत्तर:$1p$: सम्भव नहीं है क्योंकि $n = 1,l = {\text{ }}0$ केवल ($p$ के लिए $,{\text{ }}l{\text{ }} = {\text{ }}1$)

$2s$ : सम्भव है, क्योंकि जब $n{\text{ }} = {\text{ }}2,1 = {\text{ }}0,1$(s के लिए, $l{\text{ }} = {\text{ }}0$)

$2p$ : सम्भव है, क्योंकि जब $n = {\text{ }}2,1 = {\text{ }}0,1$(p के लिए, $l{\text{ }} = {\text{ }}1$)

$3f$ : सम्भव नहीं है, क्योंकि जब $n{\text{ }} = {\text{ }}3,l = {\text{ }}0,1,{\text{ }}2$ (f के लिए, $l = 3$)


29. ${\mathbf{s}},{\text{ }}{\mathbf{p}},{\text{ }}{\mathbf{4}}$संकेतन द्वारा निम्नलिखित क्वाण्टम संख्याओं वाले कक्षकों को बताइए–

(क) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}};{\text{ }}{\mathbf{l}} = {\text{ }}{\mathbf{0}}$

उत्तर: $as$

(ख) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}}:{\mathbf{l}} = {\mathbf{1}}$

उत्तर: $3p$

(ग) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}};{\mathbf{1}} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$

उत्तर: $4d$

(घ) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}}:{\mathbf{1}} = {\text{ }}{\mathbf{3}}$

उत्तर: $4f$


30. कारण देते हुए बताइए कि निम्नलिखित क्वाण्टम संख्या के कौन-से मान सम्भव नहीं हैं-

(क) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}$, ${\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}}$, ${\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{1}{2}$

उत्तर:  सम्भव नहीं है, क्योंकि n का मान कभी शून्य नहीं होता।

(ख) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} - \frac{1}{2}$

उत्तर: सम्भव है।

(ग) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{{\mathbf{1}}}{2}$

उत्तर: यह सम्भव नहीं है, क्योंकि जब $n = 1,{\text{ }}l = {\text{ }}0$ केवल सम्भव है|

(घ) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{2}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} - \frac{{\mathbf{1}}}{2}$

उत्तर: सम्भव है।

(ङ) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}},{\mathbf{I}}\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }} - {\mathbf{3}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{{\mathbf{1}}}{2}$

उत्तर: सम्भव नहीं है, क्योंकि जब $n = {\text{ }}3,l = {\text{ }}0,{\text{ }}1,{\text{ }}2$

(च) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{I}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{{\mathbf{1}}}{2}$

उत्तर:  सम्भव है।


31. किसी परमाणु में निम्नलिखित क्वाण्टम संख्याओं वाले कितने इलेक्ट्रॉन होंगे (क) $\mathbf{n}=\mathbf{4}, \mathbf{m}_{2}=-\frac{1}{2}$

उत्तर: $=4$ कक्षक के लिए, इलेक्ट्रॉनों की सम्पूर्ण संख्या $=2 n^{2}=2 x(4)^{2}=32$

इनमें से आधे इलेक्ट्रॉनों के लिए $m_{5}=+\frac{1}{2}$ तथा शेष आधे के लिए $m_{s}=-\frac{1}{2}$ होगा। अत: $n=4$ तथा $m_{s}=-\frac{1}{2}$ युक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या 16 होगी।

(ख) $\mathbf{n}=3,1=0$

उत्तर: $n=3$ तथा $l=0$ युक्त कक्षक के लिए

$\mathrm{ml}=0$ तथा ${ }^{m_{5}=+\frac{1}{2}}$ तथा $-\frac{1}{2}$

इस प्रकार केवल दो इलेक्ट्रॉन होंगे।


32. यह दर्शाइए कि हाइड्रोजन परमाणु की बोर कक्षा की परिधि उस कक्षा में गतिमान इलेक्ट्रॉन की दे-ब्राग्ली तरंगदैर्घ्य को पूर्ण गुणक होती है।

उत्तर: बोर सिद्धान्त के अनुसार,

${\mathbf{mvr}} = {\mathbf{n}}\frac{h}{{2\pi }}$ ...(i)

दे ब्रॉग्ली की समीकरण के अनुसार,

$\lambda \; = \;\frac{h}{{mv}}$ ...(ii)

समीकरण (i) और (ii) से,

$2\pi r\; = \;n\frac{h}{{mv}}\; = \;n\lambda $


$2\pi r$ बोर कक्षक की परिधि को इर्शाता है। इस प्रकार, हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर कक्षक की परिधि दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य की पूर्ण गुणांक होगी।


33. ${\mathbf{H}}{{\mathbf{e}}^ + }$ स्पेक्ट्रम के $ +  = {\text{ }}{\mathbf{4}}$  से ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$ बामर संक्रमण से प्राप्त तरंगदैर्घ्य के बराबर वाला संक्रमण हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में क्या होगा?

उत्तर: $\overline v  = R{Z^2}\left[ {\frac{1}{{n_1^2}} - \frac{1}{{n_2^2}}} \right]$

$H{e^ + }$ स्पेक्ट्रम के लिए, $Z{\text{ }} = {\text{ }}2$

$\therefore $$\overline v  = R \times 4 \times \left[ {\frac{1}{{n_1^2}} - \frac{1}{{n_2^2}}} \right]$

He+ स्पेक्ट्रम मी बामर संक्रमण के लिए ${n_2} = 4$ तथा $\;$${n_1} = 2$

$\therefore $ $\overline v  = R \times 4 \times \left[ {\frac{1}{{{2^2}}} - \frac{1}{{{4^2}}}} \right] = \;R \times 4 \times \frac{3}{{16}} = \frac{3}{4}R$

$H{e^ + }$  स्पेक्ट्रम में समान तरंगदैर्घ्य के लिए संगत संक्रमण

$\overline v  = R\left[ {\frac{1}{{n_1^2}} - \frac{1}{{n_2^2}}} \right] = \frac{3}{4}R$

या $\frac{1}{{n_1^2}} - \frac{1}{{n_2^2}} = \frac{3}{4}$

यह तभी सम्भव है जब ${n_1} = 1$ तथा $ny{\text{ }} = {\text{ }}2$ हो।

अत: $H$ स्पेक्ट्रम में समान तरंगदैर्घ्य के लिए संगत संक्रमण $n = 2$ से $n = 1$ होगा।


34. ${\mathbf{H}}{{\mathbf{e}}^ + }{\text{ }}\left( {\mathbf{g}} \right){\text{ }} \to {\text{ }}{\mathbf{H}}{{\mathbf{e}}^ + }{\text{ }}\left( {\mathbf{g}} \right){\text{ }} + {\mathbf{e}}--$प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए।

हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा   है।

उत्तर: हाइड्रोजन जैसी स्पीशीज के लिए, $nth$ कक्षक की ऊर्जा निम्नलिखित व्यंजक से प्राप्त की जा सकती है-

${E_n} =  - \frac{1}{{{{\left( {4\pi {\varepsilon _0}} \right)}^2}}} \times \;\frac{{2{\pi ^2}m{e^4}{Z^2}}}{{{n^2}{h^2}}} =  - \frac{{2.18\; \times {{10}^{ - 18}}{Z^2}}}{{{n^2}}}J\;ato{m^{ - 1}}$

$H{e^ + }\left( g \right)$ आयन के लिए, $Z = 2$

$\therefore $${E_n} =  - \frac{{2.18\; \times {{10}^{ - 18}} \times {{\left( 2 \right)}^2}}}{{{n^2}}} =  - \frac{{8.72 \times {{10}^{ - 18}}}}{{{n^2}}}J\;ato{m^{ - 1}}$

${E_n} =  - \frac{{2.18\; \times {{10}^{ - 18}}}}{{{{\left( 1 \right)}^2}}} =  - 8.72 \times {10^{ - 18}}J\;ato{m^{ - 1}}$

$E\infty {\text{ }} = {\text{ }}0$

अत: प्रक्रम $\mathrm{He}^{+}(\mathrm{g}) \rightarrow \mathrm{He}^{2^{+}}(\mathrm{g})+e^{-}$के लिए आवश्यक ऊर्जा

$\Delta E=E \infty-E_{1}=0-\left(-8.72 \times 10^{-18}\right)=8.72 \times 10^{-18} J \text { atom }^{-1}$


35. यदि कार्बन परमाणु का व्यास ${\mathbf{0}}.{\mathbf{15}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ है तो उन कार्बन परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए जिन्हें ${\mathbf{20}}{\text{ }}{\mathbf{cm}}$ स्केल की लम्बाई में एक-एक करके व्यवस्थित किया जा सकता है।

उत्तर: कार्बन परमाणु का व्यास $ = {\text{ }}0.15{\text{ }}nm{\text{ }} = {\text{ }}1.5 \times 10{ - ^{10}}m = 1.5 \times 10 < sup - 8 + {\text{ }}cm$ स्केल की लम्बाई जिसमें कार्बन परमाणु व्यवस्थित हैं $ = {\text{ }}20cm$

∴ कार्बन परमाणुओं की संख्या जों स्केल की लम्बाई में एक-एक करके व्यवस्थित होंगे-

$ = \frac{{20}}{{1.5 \times {{10}^{ - 8}}}} = 1.33 \times {10^9}$


36. कार्बन के  ${\mathbf{2}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^8}$ परमाणु एक कतार में व्यवस्थित हैं। यदि इस व्यवस्था की लम्बाई  ${\mathbf{2}}.{\mathbf{4}}{\text{ }}{\mathbf{cm}}$ है तो कार्बन परमाणु के व्यास की गणना कीजिए।

उत्तर: कार्बन के $2x{10^8}$ परमाणु एक कतार में $2.4{\text{ }}cm$ की लम्बाई में व्यवस्थित हैं। अत: कार्बन परमाणु का व्यास

$ = \frac{{2.4}}{{2\; \times \;{{10}^8}}} = 1.2 \times {10^{ - 8}}cm$

एक कार्बन परमाणु की त्रिज्या  $ = \frac{{1.2\; \times \;{{10}^{ - 8}}}}{2} = 6.0 \times {10^{ - 9}}cm$

$ = 6.0\; \times \;{10^{ - 11}}m = 0.06\;nm$


37. जिंक परमाणु का व्यास  ${\mathbf{2}}.{\mathbf{6}}$Å है—(क) जिंक परमाणु की त्रिज्या pm में तथा (ख) ${\mathbf{1}} - {\mathbf{6}}{\text{ }}{\mathbf{cm}}$ की लम्बाई में कतार में लगातार उपस्थित परमाणुओं की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: (क) जिंक परमाणु का व्यास  $ = 2.6{\text{ }}{A^o} = 2.6 \times {10^{ - 10}}m = 260pm$

जिंक परमाणु की त्रिज्या 

(ख) दी गई लम्बाई  $ = 1.6cm = 1.6 \times {10^{ - 2}}$

एक परमाणु का व्यास  

$\therefore $ दी गई लम्बाई में उपस्थित परमाणुओं की  संख्या $ = \frac{{1.6\; \times \;{{10}^{ - 2}}}}{{2.6\; \times \;{{10}^{ - 10}}}} = 6.154 \times {10^7}$


38. किसी कण का स्थिर विद्युत आवेश ${\mathbf{2}}.{\mathbf{5}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 16}}{\mathbf{c}}$ है। इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: एक इलेक्ट्रॉन का स्थिर विद्युत आवेश = $1.6022 \times {10^{ - 19}}C$

∴ दिये गये कण में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या

 $ = \frac{{2.5\; \times \;{{10}^{ - 16}}}}{{1.6022\; \times \;{{10}^{ - 19}}}} = {\text{ }}1560.35{\text{ }} = {\text{ }}1560$ 


39. मिलिकन के प्रयोग में तेल की बूंद पर चमकती x-किरणों द्वारा प्राप्त स्थैतिक विद्युत-आवेश प्राप्त किया जाता है। तेल की बूंद पर यदि स्थैतिक विद्युत-आवेश

$ - {\mathbf{1}}.{\mathbf{282x1}}{{\mathbf{0}}^{ - 18}}{\mathbf{c}}$है तो इसमें उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: इलेक्ट्रॉन द्वारा लिया गया आवेश $ =  - 1.6022 \times {10^{ - 19}}C$

∴ तेल की बूंद पर उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या  $ = \frac{{ - 1.282\; \times \;{{10}^{ - 16}}}}{{ - 1.6022\; \times \;{{10}^{ - 19}}}} = {\text{ }}8$ 


40. रदरफोर्ड के प्रयोग में सोने, प्लैटिनम आदि भारी परमाणुओं की पतली पन्नी पर ए-कणों द्वारा बमबारी की जाती है। यदि ऐलुमिनियम आदि जैसे हल्के परमाणु की पतली पन्नी ली जाए तो उपर्युक्त परिणामों में क्या अन्तर होगा?

उत्तर: हल्के परमाणुओं जैसे एलुमिनियम के नाभिक छोटे तथा कम धन आवेश युक्त होते हैं। यदि इनका प्रयोग रदरफोर्ड के प्रयोग में $0$-कणों द्वारा बमबारी के लिए किया जाये तो नाभिकों के छोटे होने के कारण अधिकतर -कण लक्ष्य परमाणुओं से बिना टकराये ही बाहर निकल जायेंगे। जो कण नाभिक से टकरायेगें वे भी कम नाभिकीय आवेश के कारण अधिक विचलित नहीं होंगे।


41. $_{35}^{79}Br$ तथा $^{79}Br$ प्रतीक मान्य हैं, जबकि $_{79}^{35}{\mathbf{Br}}$ तथा $^{35}{\mathbf{Br}}$ मान्य नहीं हैं। संक्षेप में कारण बताइए।

उत्तर: एक तत्त्व के लिए परमाणु संख्या को मान स्थिर होता है, लेकिन द्रव्यमान संख्या का मान तत्त्व के समस्थानिक की प्रकृति पर निर्भर करता है। अतः द्रव्यमान संख्या को प्रतीक के साथ दर्शाना ज़रूरी हो जाता है। परम्परा के अनुसार तत्त्व के प्रतीक में द्रव्यमान संख्या को ऊपर बायें तथा परमाणु संख्या को नीचे दायें ओर इस प्रकार लिखा जाता है- $AXZ$,


42. एक ${\mathbf{81}}$ द्रव्यमान संख्या वाले तत्व में प्रोटॉनों की तुलना में ${\mathbf{31}}.{\mathbf{7}}\% $ न्यूट्रॉन अधिक हैं। इसका परमाणु प्रतीक लिखिए।

उत्तर: दिये गये तत्त्व की द्रव्यमान संख्या = ${\mathbf{81}}$

माना कि तत्त्व में $p$ प्रोटॉन हैं।

∴ न्यूट्रॉन्स की संख्या $\left( n \right) = {\text{ }}p{\text{ }} + \left[ {\frac{{p\; \times \;31.7}}{{100}}} \right] = \;1.317p$

$\therefore {\text{ }}p + n = 81$

अत: $p + 1.317p = 81$

$p{\text{ }} = \frac{{81}}{{2.317}} = {\text{ }}34.96{\text{ }} = {\text{ }}35$ 

इस प्रकार, तत्त्व का परमाणु क्रमांक $ = {\text{ }}p{\text{ }} = {\text{ }}35$, अर्थात् तत्त्व ब्रोमीन है।

अत: परमाणु प्रतीक  $_{35}^{81}Br$ है।


43.  ${\mathbf{37}}$ द्रव्यमान संख्या वाले एक आयन पर ऋणावेश की एक इकाई है। यदि आयन में इलेक्ट्रॉन की तुलना में न्यूट्रॉन ${\mathbf{11}}.{\mathbf{1}}\% $ अधिक है तो आयन का प्रतीक लिखिए।

उत्तर: माना कि आयन में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या x है।

$\therefore $ आयन में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या $ = x = \frac{{x \times 11.1}}{{100}} = 1.111x$ 

$\because $ आयन में एक इकाई ऋणात्मक आवेश है। अत: पितृ परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या

$ = x - 1$ और पितृ परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या $ = x - 1$

$\therefore $ प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या

$\therefore \;\;\;\;\;\;\left( {x - 1} \right) + 1.111x = {\text{ }}37$

या $x = \frac{{38}}{{2.111}} = 18$

$\therefore $ प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु क्रमांक  $ = \left( {x - 1} \right) = {\text{ }}18 - 1 = 17$

अत: आयन का प्रतीक $_{17}^{35}C{l^ - }$ है।


44.  ${\mathbf{56}}$ द्रव्यमान संख्या वाले एक आयन पर धनावेश की ${\mathbf{3}}$ इकाई हैं और इसमें इलेक्ट्रॉन की तुलना में ${\mathbf{30}}.{\mathbf{4}}\% $ न्यूट्रॉन अधिक हैं। इस आयन का प्रतीक लिखिए।

उत्तर: माना कि आयन में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या x है।

$\therefore $ आयन में उपस्थित न्यूट्रॉनों की संख्या  $ = x\; + \;\left[ {\frac{{x\; \times \;30.4}}{{100}}} \right]\; = 1.304\;x$ 

$\because $ आयन में $3$ इकाई धनात्मक आवेश है, अत: पितृ परमाणु में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = x + 3$

और पितृ परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या  $ = x{\text{ }} + 3$

$\therefore $ प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या

$\therefore \;\;\;\;\;\;\left( {x + 3} \right) + 1.304x = 56$

या $2.304{\text{ }}x{\text{ }} = {\text{ }}53$

या  $\;x = \;\frac{{53}}{{2.304}}\; = \;23$

प्रोटॉनों की संख्या = परमाणु क्रमांक $ = x + 3 = 23 + 3 = 26$

अतः आयन का प्रतीक  $_{26}^{56}F{e^{3 + }}$ है।


45. निम्नलिखित विकिरणों के प्रकारों को आवृत्ति के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए

(क) माइक्रोवेव ओवन (oven) से विकिरण

(ख) यातायात-संकेत से त्रणमणि (amber) प्रकाश

(ग) एफ०एम० रेडियो से प्राप्त विकिरण

(घ) बाहरी दिक् से कॉस्मिक किरणें ।

(ङ) x-किरणें।

उत्तर: 

एफ०एम० < माइक्रोवेव < त्रणमणि प्रकाश <X-किरणें < कॉस्मिक किरणें।


46. नाइट्रोजन लेजर  ${\mathbf{337}}.{\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ की तरंगदैर्ध्य पर एक विकिरण उत्पन्न करती है। यदि उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या   हो तो इस लेजर की क्षमता की गणना कीजिए।

उत्तर: विकिरण की तरंगदैर्घ्य

$\lambda  = 337.1nm = 337.1 \times {10^{ - 9}}m$

या $E = hv = h\frac{c}{\lambda }$

$E = \frac{{\left( {6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}} \right)\; \times \;\left( {3\; \times \;{{10}^8}} \right)}}{{337.1\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 5.89 \times {10^{ - 19}}J$

लेजर की क्षमता  

$ = 32.98 \times {10^5}{\text{ }}J{s^{ - 1}} = 32.98 \times {10^5}$


47. निऑन गैस को सामान्यतः संकेत बोर्डों में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यह ${\mathbf{616}}nm$ पर प्रबलता से विकिरण-उत्सर्जन करती है तो

(क) उत्सर्जन की आवृत्ति,

उत्तर: $\lambda  = 616nm = 616 \times {10^{ - 9}}$

आवृत्ति $(v) = \frac{c}{\lambda } = \;\frac{{3.0\; \times \;{{10}^8}}}{{616\; \times \;{{10}^{ - 9}}}}\; = \;4.87\; \times \;{10^{14}}{s^{ - 1}}$


(ख)  ${\mathbf{30}}$ सेकण्ड में इस विकिरण द्वारा तय की गई दूरी,

उत्तर:  विकिरण का वेग (c) $ = 3.0 \times 10^\circ m{s^{ - 1}}$

$\therefore \;30$ सेकण्ड में तय की गई दूरी  $ = 30 \times 3.0 \times {10^8} = 9.0 \times {10^9}{\text{ }}m$


(ग) क्वाण्टम की ऊर्जा तथा

उत्तर:  एक क्वाण्टम की ऊर्जा 

$ = 3.227 \times {10^{ - 19}}J$


(घ) उपस्थित क्वाण्टम की संख्या की गणना कीजिए। (यदि यह ${\mathbf{2J}}$ की ऊर्जा उत्पन्न करती है)।

उत्तर:  उपस्थित क्वाण्टम की संख्या = $\frac{कल उत्पन्न ऊर्जा}{एक काण्टम की ऊर्जा}$

$ = \frac{2}{{3.227\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}\; = \;6.2\; \times \;{10^{18}}$


48. खगोलीय प्रेक्षणों में दूरस्थ तारों से मिलने वाले संकेत बहुत कमजोर होते हैं। यदि फोटॉन संसूचक ${\mathbf{600}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ के विकिरण से कुल ${\mathbf{3}}.{\mathbf{15}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 18}}{\mathbf{J}}$ प्राप्त करता है तो संसूचक द्वारा प्राप्त फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए।

उत्तर: एक फोटॉन कि ऊर्जा $ = hv = \frac{{hc}}{\lambda }$

$ = \frac{{\left( {6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}} \right)\; \times \;\left( {3.0\; \times \;{{10}^8}} \right)}}{{600\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = \;3.313\; \times \;{10^{ - 19}}\;J$

$\therefore \text { प्राप्त फोटॉनों की संख्या = } \frac{\text { कूल प्राप्त ऊर्जा }} {एक फोटॉनों की ऊर्जा }= \frac{3.15 \times 10^{-18}}{3.313 \times 10^{-19}}=9.51=10$


49. उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकण्ड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल  ${\mathbf{2ns}}$ और स्पन्दित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या  ${\mathbf{2}}.{\mathbf{5}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^{ - 15}}$ है तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।

उत्तर: एक फोटॉन की ऊर्जा $ = hv = 6.626 \times {10^{ - 34}} \times 5.0 \times {10^8} = 3.313 \times {10^{ - 25}}J$

$\therefore $स्रोत की ऊर्जा = उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या x एक फोटॉन की ऊर्जा

$ = 2.5 \times {10^{15}} \times 3.313 \times {10^{ - 25}} = 8.282 \times {10^{ - 10}}J$


50. सबसे लम्बी द्विगुणित तरंगदैर्घ्य जिंक अवशोषण संक्रमण ${\mathbf{589}}$ और ${\mathbf{589}}.{\mathbf{6}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$पर देखा ‘. जाता है। प्रत्येक संक्रमण की आवृत्ति और दो उत्तेजित अवस्थाओं के बीच ऊर्जा के अन्तर की गणना कीजिए।

उत्तर: प्रथम संक्रमण के लिए :

$\therefore $${v_1} = \frac{c}{{{\lambda _1}}} = \frac{{3.0 \times {{10}^8}}}{{589 \times {{10}^{ - 9}}}} = 5.093 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}$

और 

दूसरे संक्रमण के लिए:

${v_2} = \frac{c}{{{\lambda _2}}} = \frac{{3.0 \times {{10}^8}}}{{589.6 \times {{10}^{ - 9}}}} = 5.088 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}$

और 

दोनों उत्तेजित अवस्थाओं के बीच ऊर्जा अन्तर 

$ = \left( {3.37462 \times {{10}^{ - 19}}} \right) - \left( {3.37131 \times {{10}^{ - 19}}} \right)$


51. सीजियम परमाणु का कार्यफलन ${\mathbf{1}}.{\mathbf{9}}{\text{ }}{\mathbf{ev}}$ है तो

(क) उत्सर्जित विकिरण की देहली तरंगदैर्घ्य,

(ख) देहली आवृत्ति की गणना कीजिए।

यदि सीजियम तत्व को ${\mathbf{500}}pm$  की तरंगदैर्घ्य के साथ विकीर्णित किया जाए तो निकले हुए फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और वेग की गणना कीजिए।

उत्तर: (क) कर्यफलन  $\left( {{W_0}} \right) = h{v_0}$ , जहां ${v_0}$ देहली आवृत्ति है।

$\therefore $${v_0} = \frac{{{W_0}}}{h} = \frac{{1.9\; \times \;1.6021\; \times \;{{10}^{ - 19}}}}{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}} = 4.594\; \times \;{10^{14}}\;{s^{ - 1}}$ $\left( {\therefore leV = 1.6021 \times {{10}^{ - 19}}J} \right)$

(ख) देहली तरंगदैर्घ्य ${\lambda _0} = \frac{e}{{{v_0}}} = \frac{{3.0\; \times \;{{10}^8}}}{{4.594\; \times \;{{10}^{14}}}} = 6.53\; \times \;{10^{ - 7}}m = \;653\;nm\;$   

$v = \frac{c}{\lambda } = \frac{{3.0\; \times \;{{10}^8}}}{{500\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 6.0 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}$

$\therefore $ उत्सर्जित होने वाले इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा

$ = h\left( {v - {v_0}} \right)$

$ = 6.626\; \times \;{10^{ - 34}}\left( {6.0\; \times \;{{10}^{14}} - 4.594\; \times \;{{10}^{14}}} \right) = 9.32\; \times \;{10^{ - 20}}\;J$

$\because $ गतिज ऊर्जा  $ = \frac{1}{2}m{v^2}$

$\therefore $ उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन का वेग v = $\left[\frac{2 \times \text { गतिज ऊर्जा }}{m}\right]^{\frac{1}{2}}$

$ = {\left[ {\frac{{2\; \times \;9.32\; \times \;{{10}^{ - 20}}}}{{9.11\; \times \;{{10}^{ - 31}}}}} \right]^{\frac{1}{2}}} = 4.523 \times {10^5}m{s^{ - 1}}$


52. जब सोडियम धातु को विभिन्न तरंगदैर्यों के साथ विकीर्णित किया जाता है तो निम्नलिखित परिणाम प्राप्त होते है-

${\mathbf{\lambda }}{\text{ }}\left( {{\mathbf{nm}}} \right){\text{ }}:{\text{ }}{\mathbf{500}}{\text{ }}{\mathbf{450}}{\text{ }}{\mathbf{400}}$

देहली तरंगदैर्घ्य तथा प्लांक स्थिरांक की गणना कीजिए।

उत्तर: माना कि, देहली तरंगदैर्घ्य ${\lambda _0}nm$  अर्थात् ${\lambda _0} \times {10^{ - 9}}m$ है। …(i)

$h\left( {v - {v_0}} \right) = \frac{1}{2}m{v^2}$

  • चुकी $v = \frac{c}{\lambda }$, समी० (i) को निम्न प्रकार लिख सकते है -

$hc\left[ {\frac{1}{\lambda } - \frac{1}{{{\lambda _0}}}} \right] = \frac{1}{2}m{v^2}$ …(ii)

तीनों प्रयोगों के दिए गए परिणामों को समी० (ii) में प्रतिस्थापित करने पर, 

$\frac{{hc}}{{{{10}^{ - 9}}}}\left[ {\frac{1}{{500}} - \frac{1}{{{\lambda _0}}}} \right] = \frac{1}{2}m \times {(2.55 \times {10^6})^2}$ …(iii)

$\frac{{hc}}{{{{10}^{ - 9}}}}\left[ {\frac{1}{{450}} - \frac{1}{{{\lambda _0}}}} \right] = \frac{1}{2}m \times {(4.35 \times {10^6})^2}$ …(iv)

$\frac{{hc}}{{{{10}^{ - 9}}}}\left[ {\frac{1}{{400}} - \frac{1}{{{\lambda _0}}}} \right] = \frac{1}{2}m \times {(5.35 \times {10^6})^2}$ …(v)

समी० (iv) को समी० (iii) से भाग देने पर,

$\frac{{{\lambda _0}\; - \;450}}{{450{\lambda _0}}} \times \frac{{500{\lambda _0}}}{{{\lambda _{0\; - \;500}}}} = {\left[ {\frac{{4.35}}{{2.55}}} \right]^2}$

या $\frac{{{\lambda _0}\; - \;450}}{{{\lambda _{0\; - \;500}}}} = {\left[ {\frac{{4.35}}{{2.55}}} \right]^2} \times \frac{{450}}{{500}} = 2.619$

या ${\lambda _0} - 450 = 2.619{\lambda _0} - \left( {500 \times 2.619} \right)$

या $1.619{\lambda _0} = 1309.5 - 450 = 859.5$

या ${\lambda _0} = \frac{{859.5}}{{1.619}} = 530.88 = 531\;nm$

प्लांक स्थिरांक h का मान, ${\lambda _0}$ के मान को तीनों सभिकणों में से किसी एक में प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त किया जा सकता है।


53. प्रकाश-विद्युत प्रभाव प्रयोग में सिल्वर धातु से फोटो इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन ${\mathbf{0}}.{\mathbf{35V}}$ की वोल्टता द्वारा रोका जा सकता है। जब ${\mathbf{256}}.{\mathbf{7}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ के विकिरण का उपयोग किया जाता है तो सिल्वर धातु के लिए कार्यफलन की गणना कीजिए।

उत्तर: आपतित विकिरण की ऊर्जा $ = {\text{ }}hv = \frac{{hc}}{\lambda }$

$ = \frac{{\left( {6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}} \right)\; \times \;\left( {3.0\; \times \;{{10}^8}} \right)}}{{256.7\; \times \;{{10}^{ - 9}}}}J$

$ = \;7.74 \times {10^{ - 9}}J\; = \;4.83eV$ $\left( {\therefore leV = 1.6021 \times {{10}^{ - 19}}J} \right)$

फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा = उत्सर्जन को रोकने के लिए लगाया गया विभव $ = {\mathbf{0}}.{\mathbf{35ev}}$

आपतित विकिरण की ऊर्जा = कार्यफलन + फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा

कार्यफलन  $\left( {{W_0}} \right)$= आपतित विकिरण की ऊर्जा - फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा

$ = \;\left( {4.83 - 0.35} \right)eV = \;4.48\;ev$


54. यदि ${\mathbf{150}}{\text{ }}{\mathbf{pm}}$ तरंगदैर्घ्य का फोटॉन एक परमाणु से टकराता है और इसके अन्दर बँधा हुआ इलेक्ट्रॉन  ${\mathbf{1}}.{\mathbf{5}} \times {\mathbf{107}}{\text{ }}{\mathbf{m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}$ वेग से बाहर निकलता है तो उस ऊर्जा की गणना कीजिए जिससे यह नाभिक से बँधा हुआ है।

उत्तर: आपतित विकिरण की ऊर्जा $ = {\text{ }}hv = \frac{{hc}}{\lambda }$

$ = \frac{{\left( {6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}} \right)\; \times \;\left( {3.0\; \times \;{{10}^8}} \right)}}{{150\; \times \;{{10}^{ - 12}}}}$ $\left( {\therefore 1pm = {{10}^{ - 12}}m} \right)$

$ = \;1.325 \times {10^{ - 15}}J$

उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा 

$ = \;1.025 \times {10^{ - 16}}J$

वह ऊर्जा जिससे इलेक्ट्रॉन नाभिक से बँधा हुआ है-

= आपतित विकिरण की ऊर्जा – उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा

$ = \left( {1.325 \times {{10}^{ - 15}}} \right) - \left( {1.025 \times {{10}^{ - 16}}} \right)$


55. पाश्चन श्रेणी का उत्सर्जन संक्रमण ॥ कक्ष से आरम्भ होता है। कक्ष n=3 में समाप्त होता है तथा इसे से दर्शाया जा सकता है। यदि संक्रमण ${\mathbf{1285}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ पर प्रेक्षित होता है तो के मान की गणना कीजिए तथा स्पेक्ट्रम का क्षेत्र बताइए।

उत्तर: प्रेक्षित संक्रमण की आवृति

$v = \frac{c}{\lambda } = \frac{{3.0\; \times \;{{10}^8}}}{{1285\; \times \;{{10}^{ - 9}}}} = 2.3346 \times {10^{14}}{s^{ - 1}}\left( {Hz} \right)$

$\therefore $$2.3346 \times {10^{14}} = 3.29 \times {10^{ - 9}}\left[ {\frac{1}{{{3^2}}} - \frac{1}{{{n^2}}}} \right]$

या $\left[ {\frac{1}{{{3^2}}} - \frac{1}{{{n^2}}}} \right] = \frac{{2.3346 \times {{10}^{14}}}}{{3.29 \times {{10}^{ - 9}}}} = 7.096 \times {10^{ - 2}}$

या$\frac{1}{{{n^2}}} = \frac{1}{9} - 7.096 \times {10^{{r^2}}} = 0.04015$

या${n^2} = \frac{1}{{0.04015}} = 24.9 = 25$

या$n = 5$

$1285$ नम का विकिरण अवरक्त छेत्र से सम्बन्धित है।


56. उस उत्सर्जन संक्रमण के तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए, जो ${\mathbf{1}}.{\mathbf{3225}}{\text{ }}{\mathbf{pm}}$ त्रिज्या वाले कक्ष से आरम्भ और ${\mathbf{211}}.{\mathbf{6}}{\text{ }}{\mathbf{pm}}$ पर समाप्त होता है। इस संक्रमण की श्रेणी का नाम और स्पेक्ट्रम का क्षेत्र भी बताइए।

उत्तर: मानते हुए कि निहित प्रतिदर्श एक $\mathrm{H}$ परमाणु है, $n t h$ कक्ष की त्रिज्या

$r n=0.529 n^{2} A=52.9 n^{2} p m$

मोना कि संक्रमणे में निहित कक्षक ${ }^{n_{1}}$ एवं ${ }^{n_{2}}$ हैं।

$\therefore \quad r n_{1}=1.3225 \mathrm{~nm}=1322.5 \mathrm{pm}=52.9 n_{1}^{2}$

या

$r_{\left(n_{2}\right)}=211.6 p m=52.9 n_{2}^{2}$

$n_{2}=\left[\frac{211.6}{52.9}\right]^{(1 / 2)}=2$

अत: $n_{1}=5$ तथा $n_{2}=2$ अर्थात् संक्रमण पाँचवें कक्षक से द्रसरे कक्षक में होता है। यह संक्रमण बामर श्रेणी से सम्बन्धित है। इस संक्रमण की तरंग संख्या $(\bar{v})$

$\bar{v}=1.09679 \times 10^{7}\left[\frac{1}{5^{2}}-\frac{1}{2^{2}}\right] m^{-1} \quad\left[\therefore R=1.09675 \times 10^{7} \mathrm{~m}^{-1}\right]$

$=1.09679 \times 10^{7} \times \frac{21}{100} \mathrm{~m}^{-1}=2.303 \times 10^{6} \mathrm{~m}^{-1}$

संक्रमण की तरंगदैह्य $=\frac{1}{\bar{\nu}}=\frac{1}{2.30310^{6}}=4.34 \times 10^{-7} \mathrm{~m}=434 \mathrm{~nm}$

यह रेखा टश्य क्षेत्र में रहेगी।


57. दे-ब्रॉग्ली द्वारा प्रतिपादित द्रव्य के दोहरे व्यवहार से इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज हुई, जिसे जैव अणुओं और अन्य प्रकार के पदार्थों की अति आवधित प्रतिबिम्ब के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस सूक्ष्मदर्शी में यदि इलेक्ट्रॉन का वेग  ${\mathbf{1}}.{\mathbf{6}} \times {\mathbf{1}}{{\mathbf{0}}^ - }{\mathbf{m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}$है। तो इस इलेक्ट्रॉन से सम्बन्धित दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।

उत्तर: इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य

$\lambda  = \frac{h}{{mv}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{\left( {9.11\; \times \;{{10}^{ - 31}}} \right)\; \times \;\left( {1.6\; \times \;{{10}^6}} \right)}}$

$ = 4.55 \times {10^{ - 10}}m = 455\;pm$


58. इलेक्ट्रॉन विवर्तन के समान न्यूट्रॉन विवर्तन सूक्ष्मदर्शी को अणुओं की संरचना के निर्धारण में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यहाँ ${\mathbf{800}}{\text{ }}{\mathbf{pm}}$ की तरंगदैर्घ्य ली जाए तो न्यूट्रॉन से सम्बन्धित अभिलाक्षणिक वेग की गणना कीजिए।

उत्तर: न्यूट्रॉन का द्रव्यमान  $ = 1.675 \times {10^{ - 27}}kg$

दे-ब्रॉग्ली समीकरण के अनुसार,

या $\lambda  = \frac{h}{{mv}}$

$v = \frac{h}{{\lambda m}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{\left( {800\; \times \;{{10}^{ - 12}}} \right)\left( {1.675\; \times \;{{10}^{ - 27}}} \right)}}$


59. यदि बोर के प्रथम कक्ष में इलेक्ट्रॉन का वेग ${\mathbf{2}}.{\mathbf{9}}{\text{ }}{\mathbf{x106}}{\text{ }}{\mathbf{m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}$ है तो इससे सम्बन्धित दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।

उत्तर: $\lambda  = \frac{h}{{mv}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{\left( {9.11\; \times \;{{10}^{ - 31}}} \right)\left( {2.19\; \times \;{{10}^6}} \right)}}$

$ = \;3.32\; \times \;{10^{ - 10}}\;m = \;332\;pm$


60. एक प्रोटॉन, जो ${\mathbf{1000v}}$ के विभवान्तर में गति कर रहा है, से सम्बन्धित वेग ${\mathbf{4}}.{\mathbf{37}} \times {\mathbf{10}} - {\text{ }}{\mathbf{m}}{{\mathbf{s}}^{ - 1}}$ है। यदि ${\mathbf{0}}.{\mathbf{1}}{\text{ }}{\mathbf{kg}}$ द्रव्यमान की हॉकी की गेंद इस वेग से गतिमान है तो इससे सम्बन्धित तरंगदैर्घ्य की गणना कीजिए।

उत्तर: $\lambda  = \frac{h}{{mv}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{0.1\; \times \;\left( {4.37\; \times \;{{10}^5}} \right)}} = 1.516 \times 1.516 \times {10^{ - 18}}{m^{}}$


61. यदि एक इलेक्ट्रॉन की स्थिति $ + {\text{ }}{\mathbf{0}}.{\mathbf{002}}{\text{ }}{\mathbf{nm}}$ की शुद्धता से मापी जाती है तो इलेक्ट्रॉन के संवेग में अनिश्चितता की गणना कीजिए। यदि इलेक्ट्रॉन का संवेग $\frac{{\mathbf{5}}}{{{\mathbf{4\pi m}}}}{\text{ }} \times {\text{ }}{\mathbf{0}}.{\mathbf{05pm}}$ है तो । क्या इस मान को निकालने में कोई कठिनाई होगी?

उत्तर: प्रश्नानुसार, 

हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता के सिद्धान्त के अनुसार,

$\Delta x\Delta p = \frac{h}{{4\pi }}$

$\Delta p = \frac{h}{{4\pi .\Delta x}} = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{4\; \times 3.14\; \times \;2\; \times \;{{10}^{ - 12}}}}$

$ = 2.638 \times {10^{ - 23}}kg\;m{s^{ - 1}}$ $\left( {\therefore h = 6.626 \times {{10}^{ - 34}}kg\;{m^2}{s^{ - 1}}or\;Js} \right)$

इलेक्ट्रॉन का वास्तविक संवेग     $ = \frac{h}{{4\pi \; \times \;0.05\;nm}}$

$ = \frac{{6.626\; \times \;{{10}^{ - 34}}}}{{4\; \times \;3.14\; \times \;5\; \times \;{{10}^{ - 11}}}}$

$ = 1.055 \times {10^{ - 24}}kg\;m{s^{ - 1}}$

वास्तविक संवेग को परिभाषित नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह संवेग में अनिश्चितता (Ap) से छोटा है।


62. छः इलेक्ट्रॉनों की क्वाण्टम संख्याएँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ऊर्जा के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए। क्या इनमें से किसी की ऊर्जा समान है?

1.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}}$, ${\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }} - {\mathbf{2}},\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} - \frac{1}{2}$

2.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}}$, ${\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{1}{2}$

3.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}}$, ${\mathbf{I}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{1}{2}$

4.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}}$, ${\mathbf{I}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{2}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }} - {\mathbf{2}},\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} - \frac{1}{2}$

5.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{3}}$, ${\mathbf{l}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }} - {\mathbf{1}},\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{1}{2}$

6.${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}}$, ${\mathbf{I}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{1}}$, ${\mathbf{ml}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{0}},\;\;\;\;\;\;\;{\mathbf{ms}}{\text{ }} = {\text{ }} + \frac{1}{2}$

उत्तर: दिये गये इलेक्ट्रॉन कक्षक 1.4d, 2. 3d, 3.4p, 4. 3d, 5. 3p तथा 6.4p से सम्बन्धित हैं। इनकी ऊर्जा इस क्रम में होगी-

$5 < 2 = 4 < 6 = 3 < 1$


63. ब्रोमीन परमाणु में ${\mathbf{35}}$ इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसके ${\mathbf{2p}}$ कक्षक में छः इलेक्ट्रॉन, ${\mathbf{3p}}$ कक्षक में छः इलेक्ट्रॉन तथा ${\mathbf{4p}}$ कक्षक में पाँच इलेक्ट्रॉन होते हैं। इनमें से कौन-सा इलेक्ट्रॉन न्यूनतम प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करता है?

उत्तर: $4p$ इलेक्ट्रॉन्स न्यूनतम प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करते हैं, क्योंकि ये नाभिक से सबसे अधिक दूर हैं।


64. निम्नलिखित में से कौन-सा कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा?

(i) ${\mathbf{2s}}$ और${\mathbf{3s}}$,

उत्तर:  $25$ कक्षक,  $3s$ कक्षक की तुलना में नाभिक के अधिक निकट होगा। अत: $25$ कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।


(ii) ${\mathbf{44}}$और ${\mathbf{4}}$ तथा

उत्तर: $d$ कक्षक, / कक्षकों की तुलना में अधिक भेदक (penetrating) होते हैं। इसलिए $44$ कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।


(iii) ${\mathbf{3d}}$ और ${\mathbf{3p}}$.

उत्तर: $p$ कक्षक, $4$ कक्षकों की तुलना में अधिक भेदक (penetrating) होते हैं। इसलिए, $3p$ कक्षक उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा।।


65. ${\mathbf{Al}}$ तथा ${\mathbf{Si}}$ में ${\mathbf{3p}}$ कक्षक में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं। कौन-सा इलेक्ट्रॉन नाभिक से अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेगा?

उत्तर: सिलिकॉन $\left( { + 14} \right)$ में, ऐलुमिनियम $\left( { + 13} \right)$ की तुलना में अधिक नाभिकीय आवेश होता है। अत: सिलिकॉन में उपस्थित अयुग्मित $3p$ इलेक्ट्रॉन अधिक प्रभावी नाभिकीय आवेश अनुभव करेंगे।


66. इन अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए|

(क) ${\mathbf{P}}$

उत्तर:  

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = {\text{ }}3$ 

(ख) ${\mathbf{Si}}$

उत्तर: 

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = {\text{ }}2$

(ग) ${\mathbf{Cr}}$

उत्तर:  

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = {\text{ }}6$

(घ) ${\mathbf{Fe}}$

उत्तर: 

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = {\text{ }}4$

(ङ) ${\mathbf{Kr}}$

उत्तर:  

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $ = {\text{ }}0$

(अक्रिय गैस, कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं है)


67. (क) ${\mathbf{n}}{\text{ }} = {\text{ }}{\mathbf{4}}$ से सम्बन्धित कितने उपकोश हैं?

उत्तर: (क) जब  $n{\text{ }} = {\text{ }}4,l = {\text{ }}0,1,2,3$ हैं। अत: चार उपकोश होंगे $s,{\text{ }}p,{\text{ }}d$ तथा $f$

(ख) उस उपकोश में कितने इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे जिसके लिए ${\mathbf{ms}}{\text{ }} =  - \frac{1}{2}$एवं ॥$ = {\text{ }}{\mathbf{4}}$  हैं?

उत्तर:  (ख) कक्षा $n = 4$ के लिए, उपस्थित कक्षकों की कुल संख्या 

प्रत्येक कक्षक में एक इलेक्ट्रॉन जिसके लिए ms = -½ है, उपस्थित है।

अत:  $ms{\text{ }} =  - \frac{1}{2}$ युक्त $16$ इलेक्ट्रॉन उपस्थित होंगे।


What Does the NCERT Class 12 Maths Chapter 7 Integrals Exercise 7.10 Contain?

Maths is an important subject. It doesn’t matter which stream or class you belong to. If you want to get high scores, all you need to do is understand the subject with utmost precision. 

The Exercise 7.10 Class 12 Maths is designed in a way so as to provide you with a clear understanding of the topic and the subject. Vedantu’s experts with years of experience in teaching and producing study materials have used very simple language to explain every concept to students. 

Once you have a clear understanding of what integrals actually are, no one can stop you from answering all the questions from this chapter in any examination. Class 12 Maths NCERT Solutions Chapter 7 Exercise 7.1 encompasses everything that’s there in the syllabus. The notes are prepared after extensive research according to the guidelines provided by NCERT.

Here are some of the important concepts that Exercise 7.10 Class 12 NCERT Solutions Contain:

  1. What are integrals?

  2. What are the functions of integrals?

  3. How to find an integral also known an anti-derivative from any function by the method of inspection?

Maths NCERT Solutions Class 12 Chapter 7 Exercise 7.10 explains several concepts related to integrals. The solutions to the different important questions from the chapter are very well written and students can get unmatched outcomes from studying these. This is not only because the notes have been written by experienced teachers but also because the notes are prepared after extensive research. The experienced teachers understand what students need to get a stronghold on the chapter and with the guidelines of the board have prepared the notes.

The main motive of Vedantu is to provide quality education to students. NCERT Solutions of Class 12 Maths Chapter 7 helps students to learn the concepts and understand the solutions very quickly. The syllabus of Maths is huge and students don’t get sufficient time to go through all the chapters again and again. Class 12 Maths EX 7.10 Solutions provided by Vedantu encourages students to indulge themselves in smart learning.

Vedantu believes that only hard work can never be of help. Hard works should be coupled with smart work. Also, if the notes are effective then no one can stop you from reaching your goal. NCERT Solutions for Class 12 Maths Chapter 7 Exercise 7.10 helps you understand the chapter fast and quickly. You need exactly this to shine as a student.

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Why Vedantu?

Vedantu is one of India's leading online education platforms that are helping students reach their goals. Vedantu is transforming the way in which students used to study and revise different topics before their examinations. The entire education system is experiencing a paradigm shift and Vedantu is playing key roles in that.

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FAQs on NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 - In Hindi

1. What type of questions are present in NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 Structure of Atom?

You can find every type of question in NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2 Structure of Atom. Be it numerical problems, configurations or just writing the theory for the answers, all these types of questions are given in the NCERT Solution. Some of the important questions present in the chapter are as follows:

  • Questions based on calculations of protons, electrons, neutrons

  • Questions based on writing down the electrons configurations

  • Questions based on solving the numericals related to wavelength and frequency.

2. Why should I opt NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2?

Students feel very delighted when they get the solutions for the questions they wanted. Each student faces difficulty in some or the other stage of study. When you are doing self-study and want to know the solutions, you can easily access the NCERT Solutions for Class 11 Chemistry Chapter 2, as these are easily accessible, easy to understand, free and are designed to benefit the students of Class 11.

3. What topics are covered under Chapter 2 of Class 11 Chemistry?

There are various topics covered in Chapter 2 of Class 11 Chemistry. From the entire chapter, a few of the most important topics include:

  • Subatomic particles like electrons, protons, and neutrons 

  • Different types of atomic models - Thomson’s model, Rutherford’s Nuclear model of atom, Bohr’s model, and lastly, the quantum mechanical model of the atom

  • Heisenberg’s Uncertainty principle

  • Isobars and Isotopes

  • Atomic and Mass Number

Students must focus on all the topics of Chapter 2 of Class 11 Chemistry, especially the ones mentioned above.

4. Is Chapter 2 of Class 11 Chemistry important?

Yes, Chapter 2 of Class 11 Chemistry is important. It covers a big weightage of marks in the exams. It is one of the difficult chapters also as it consists of both theory and practical questions, but numerical problems and formulas in excess. You should prepare this chapter very well for the exam. Read all the topics thoroughly and don’t miss out on any examples that are given for reference.

5. What are isotopes and isobars?

Isotopes are the kind of atoms that have the same element and also have the same atomic number too but have different mass numbers with the same chemical elements but in a distinct form. Isobars are just the opposite of Isotopes. Isobars are the kind of atoms that consist of different elements with the same mass number but have different atomic numbers and have different chemical elements. Learn more about this in the NCERT Solutions of Class 11 Chemistry Chapter 2 available on Vedantu and app as well.