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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 Ghar Ki Yaad 2026-27

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CBSE Hindi Class 9 Chapter 12 घर की याद NCERT Solutions - FREE PDF Download

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 घर की याद (Ghar Ki Yaad) provide clear, detailed answers to every question from this touching poem by कवि भवानी प्रसाद मिश्र.


Written from jail, the poem expresses the poet's deep longing for his home, his parents, and especially his father, as the rainy season (सावन) reminds him of family and belonging.


Prepared by Vedantu's subject experts as per the CBSE 2026-27 syllabus, each answer explains the भावार्थ, figures of speech, and emotions in simple language. Download the FREE PDF of NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga and revise all question-answers anytime, even offline.

Class 9 Ganga Chapter 12 घर की याद NCERT Questions with Detailed Answers

अभ्यास (पृष्ठ 199-204)

रचना से संवाद

मेरे उत्तर मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं?

प्रश्न 1. भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?
(क) विदेश से मित्र के लिए
(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए
(ग) जेल से परिवार के लिए
(घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए

उत्तर: (ग) जेल से परिवार के लिए

तर्क – कवि जेल में अपने घर और परिवार से दूर था। वर्षा के वातावरण ने उसके मन में माता-पिता, भाई-बहनों और घर से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को जगा दिया। कविता में “बँधा बैठा हूँ अभागा” जैसी अभिव्यक्ति से भी उसके जेल में होने का संकेत मिलता है।


प्रश्न 2. लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?
(क) उत्साह और आवेग
(ख) भय और क्रोध
(ग) साहस और उमंग
(घ) चिंता और बेचैनी

उत्तर: (घ) चिंता और बेचैनी

तर्क – लगातार होती वर्षा कवि के मन में घर की स्मृतियों और परिवार से दूर होने की पीड़ा को बढ़ा देती है। उसे अपने माता-पिता, भाई-बहनों और घर में बिताए पुराने दिनों की याद आती है। बारिश की निरंतरता उसकी बेचैनी, उदासी और भावनात्मक व्याकुलता को प्रकट करती है।


प्रश्न 3. कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
(क) कमजोर और निष्क्रिय
(ख) स्नेहमयी और दृढ़
(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(घ) सरल और उदासीन

उत्तर: (ख) स्नेहमयी और दृढ़।

तर्क – कवि की माँ अत्यंत स्नेहमयी होने के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत भी है। वह स्वयं पुत्र-वियोग का दुख सहती है, फिर भी कवि के पिता को धैर्य रखने के लिए समझाती है। वह मानती है कि कवि सत्य और देशहित के मार्ग पर चल रहा है, इसलिए उसके संघर्ष पर दुखी होने के बजाय गर्व करना चाहिए।


प्रश्न 4. “वज्र – भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?
(क) कर्मठ और सृजनशील
(ख) साहसी और पराक्रमी
(ग) दृढ़ और संवेदनशील
(घ) प्रसन्नचित्त और सक्रिय

उत्तर: (ग) दृढ़ और संवेदनशील।

तर्क – ‘वज्र-भुज’ से पिता की शारीरिक शक्ति, साहस और दृढ़ता प्रकट होती है, जबकि ‘नवनीत-सा उर’ से उनके कोमल तथा भावुक हृदय का परिचय मिलता है। वे बाहर से अत्यंत बलवान हैं, लेकिन परिवार के प्रति उनका मन मक्खन की तरह कोमल है।


प्रश्न 5. “एक पत्ता टूट जाए” बस कि धारा फूट जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है।
(क) पिता की कठोरता
(ख) पिता की भावुकता
(ग) वर्षा की तीव्रता
(घ) पिता की निर्बलता

उत्तर: (ख) पिता की भावुकता

तर्क – कवि ने परिवार की तुलना एक विशाल वृक्ष से की है, जिसकी प्रत्येक संतान एक पत्ते या शाखा के समान है। परिवार के किसी एक सदस्य को भी दुख पहुँचने पर पिता अत्यंत भावुक हो जाते हैं और उनकी आँखों से आँसू बहने लगते हैं। यह उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि परिवार के प्रति गहरे प्रेम का प्रमाण है।


प्रश्न 6. “बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?
(क) घर का समृद्ध होना
(ख) घर की सजावट
(ग) घर में दुख का वातावरण
(घ) घर की शांति

उत्तर: (ग) घर में दुख का वातावरण

तर्क – कवि की बहन मायके आई हुई है, लेकिन कवि के जेल में होने के कारण घर का आनंद दुख में बदल गया है। परिवार के सभी सदस्य उसकी कमी अनुभव कर रहे हैं। इसलिए ‘परिताप’ शब्द घर में फैली पीड़ा, चिंता और वियोगपूर्ण वातावरण की ओर संकेत करता है।


प्रश्न 7. “और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस शब्द की ओर संकेत करता है?
(क) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।
(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।
(ग) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।
(घ) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत है।

उत्तर: (ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।

तर्क – कवि जेल में अकेलापन, चिंता और परिवार से दूर होने की पीड़ा सह रहा है। फिर भी वह सावन से कहता है कि उसके परिवार को केवल यही बताया जाए कि वह प्रसन्न, स्वस्थ और अपने काम में व्यस्त है। वह अपनी वास्तविक स्थिति बताकर माता-पिता को दुखी नहीं करना चाहता।

प्रश्न 8. इस कविता में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?
(क) घर की शांति और सुरक्षा
(ख) घर के सदस्यों के बीच का संबंध
(ग) घर के निर्माण की प्रक्रिया
(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा

उत्तर: (घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा

तर्क – जेल में बंद कवि वर्षा के समय अपने घर, माता-पिता, भाई-बहनों और परिवार के साथ बिताए क्षणों को याद करता है। कविता में परिवार के प्रति उसका गहरा प्रेम, घर से दूर होने का अकेलापन और अपने परिजनों के दुख की चिंता प्रमुख रूप से व्यक्त हुई है।


मेरी समझ मेरे विचार

नीचे दिए गए प्रश्नों पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए-

प्रश्न 1. कविता में वर्णित पिता के व्यक्तित्व की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए जिनसे उनका बहुआयामी रूप सामने आता है।

उत्तर: कविता में कवि के पिता का व्यक्तित्व शारीरिक शक्ति, साहस, कर्मठता, सरलता और संवेदनशीलता से परिपूर्ण दिखाई देता है। उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

शारीरिक रूप से बलवान – कवि के पिता का शरीर पहाड़ के समान मजबूत है। वे वृद्धावस्था में भी प्रतिदिन व्यायाम करते हैं और दो सौ साठ दंड लगाते हैं। वे दौड़ने, हँसने और सक्रिय रहने में युवाओं जैसे हैं।

साहसी और निडर – वे मृत्यु और शेर जैसी कठिन परिस्थितियों से भी नहीं घबराते। उनके भीतर किसी भी चुनौती का सामना करने का साहस है।

कर्मठ और सक्रिय – उनकी वाणी में बादलों जैसी गर्जना और काम करने में आँधी जैसी तेजी है। वे आलस्य से दूर रहते हैं और जीवनभर कार्यशील बने रहते हैं।

धार्मिक और अनुशासित – वे नियमित रूप से गीता का पाठ और व्यायाम करते हैं। इससे उनके अनुशासित तथा आध्यात्मिक जीवन का परिचय मिलता है।

सरल और भोले – अत्यंत शक्तिशाली होने के बावजूद उनमें अहंकार नहीं है। कवि उन्हें ‘भोले बहादुर’ कहता है।

कोमल और संवेदनशील – उनका बाहरी शरीर वज्र जैसा कठोर है, लेकिन मन मक्खन जैसा कोमल है। वे अपने बच्चों से बहुत प्रेम करते हैं और किसी भी संतान का दुख सहन नहीं कर पाते।

परिवार के प्रति समर्पित – वे अपने पुत्रों, पुत्रवधुओं, बेटियों और अन्य परिजनों से गहरा लगाव रखते हैं। कवि के जेल में होने की बात याद आते ही वे भावुक होकर रो पड़ते हैं।

इस प्रकार कवि के पिता शरीर से शक्तिशाली, मन से भावुक, विचारों से दृढ़ और व्यवहार से स्नेहमयी व्यक्ति हैं।


प्रश्न 2. “दुख डटकर ठेलता हूँ” यह कथन मनुष्य के संघर्षशील स्वभाव को उजागर करता है। कविता के आधार पर बताइए कि कठिन परिस्थितियों में कवि किस प्रकार धैर्य, साहस और त्याग का परिचय देता है?

उत्तर: कवि जेल में बंद है और अपने परिवार से बहुत दूर है। वर्षा के कारण उसे घर, माता-पिता, भाई-बहनों और बीते दिनों की याद लगातार परेशान करती है। वह अकेलेपन और वियोग की गहरी पीड़ा सह रहा है, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानता।

कवि चाहता तो अपने संघर्ष से पीछे हटकर या क्षमा माँगकर जेल से बाहर आने का प्रयास कर सकता था, लेकिन उसने अपने सिद्धांतों और देशहित के मार्ग से समझौता नहीं किया। वह दुख का सामना दृढ़ता से करता है और अपनी जिम्मेदारियों को निभाता रहता है।

वह अपने परिवार को भी अपनी वास्तविक पीड़ा नहीं बताना चाहता। सावन से वह कहता है कि माता-पिता को बताया जाए कि वह प्रसन्न, स्वस्थ, सक्रिय और काम में व्यस्त है। इससे उसके त्याग और संवेदनशीलता का पता चलता है। वह स्वयं दुख सह लेता है, लेकिन अपने परिवार को दुखी नहीं करना चाहता।

इस प्रकार कवि धैर्यपूर्वक जेल का कष्ट सहकर, अपने उद्देश्य पर दृढ़ रहकर और परिवार की भावनाओं का ध्यान रखकर साहस, संघर्षशीलता तथा त्याग का परिचय देता है।


प्रश्न 3. कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को किस प्रकार व्यक्त करता है?

उत्तर: कविता में वर्षा केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि कवि की मनःस्थिति और उसके भीतर उमड़ती भावनाओं का प्रतीक है। लगातार बरसता पानी कवि की आँखों से बहने वाले आँसुओं, उसकी बेचैनी और घर से दूर होने की पीड़ा को व्यक्त करता है।

वर्षा के कारण कवि को घर के बाड़े में घूमना, लौकी के बीज लगाना और माँ के साथ नए फूल देखना याद आता है। उसे अपने पिता का स्नेह, भाई-बहनों का साथ और परिवार का आनंदपूर्ण वातावरण स्मरण होने लगता है।

बाहर वर्षा का पानी लगातार बरस रहा है और कवि के भीतर स्मृतियों तथा भावनाओं की धारा बह रही है। वर्षा कभी उसके अकेलेपन को गहरा करती है, तो कभी उसे घर से जोड़ने वाले आत्मीय साथी के रूप में दिखाई देती है।

अंत में कवि सावन को संदेशवाहक बनाकर अपने परिवार के पास भेजता है। वह सावन से कहता है कि वह स्वयं चाहे जितना बरसे, लेकिन उसके माता-पिता की आँखों से आँसू न बहने दे। इस प्रकार वर्षा कवि के प्रेम, वियोग, चिंता और संवेदनशीलता को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।


प्रश्न 4. कविता से उन पंक्तियों को चुनकर लिखिए और भाव स्पष्ट कीजिए जिनसे माँ की भावनात्मक मजबूती का परिचय मिलता है।

उत्तर: माँ की भावनात्मक मजबूती को प्रकट करने वाली पंक्तियाँ हैं—

“आँख में किस लिए पानी,
वहाँ अच्छा है भवानी,
पाँव जो पीछे हटाता,
कोख को मेरी लजाता।”

भाव – कवि कल्पना करता है कि उसकी माँ पिता को समझा रही होगी कि भवानी जेल में ठीक है और सही उद्देश्य के लिए संघर्ष कर रहा है। यदि वह डरकर अपने मार्ग से पीछे हट जाता, तो यह माँ के लिए लज्जा की बात होती।

माँ स्वयं पुत्र-वियोग का गहरा दुख सह रही है, लेकिन वह अपने पति के सामने कमजोर नहीं पड़ती। वह उन्हें आँसू रोकने, धैर्य बनाए रखने और दूसरे बच्चों को भी दुखी न करने की प्रेरणा देती है। इससे माँ की देशभक्ति, मानसिक दृढ़ता, साहस और त्यागपूर्ण व्यक्तित्व का परिचय मिलता है।


प्रश्न 5. कविता का कौन-सा अंश आपको सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है और क्यों?

उत्तर: मुझे कविता का अंतिम अंश सबसे अधिक भावनात्मक और प्रभावी लगता है। कवि सावन को कहता है—

कह न देना मौन हूँ मैं,
खुद न समझैं कौन हूँ मैं,
देखना कुछ बक न देना,
उन्हें कोई शक न देना,
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें।

इन पंक्तियों में कवि का परिवार के प्रति गहरा प्रेम, त्याग और संवेदनशीलता व्यक्त हुई है। वह स्वयं जेल में दुख, चिंता और अकेलापन सह रहा है, फिर भी अपने माता-पिता को अपनी वास्तविक स्थिति नहीं बताना चाहता।

कवि सावन से आग्रह करता है कि वह घरवालों को यह विश्वास दिलाए कि वह प्रसन्न और सुरक्षित है। “तुम बरस लो वे न बरसें” पंक्ति में कवि चाहता है कि वर्षा तो होती रहे, लेकिन उसके माता-पिता की आँखों से आँसू न बहें। इसी निस्वार्थ प्रेम और भावनात्मक संयम के कारण यह अंश सबसे अधिक प्रभावशाली लगता है।


विधा से संवाद

कविता का सौंदर्य

“गिर रहा पानी झरा झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर”

उपर्युक्त पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़िए। यहाँ शब्दों का चयन और संयोजन इस प्रकार किया गया है। कि कविता में ध्वन्यात्मकता और नाद सौंदर्य की सृष्टि हुई है। शब्दों के ऐसे प्रयोग से कविता आकर्षक बनती है। कविता में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे जीवंत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं। ऐसी कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है। कविता से ऐसी विशेषताओं वाली पंक्तियों को ढूँढ़कर लिखिए।

विशेषताएँ-

क्रम संख्या

विशेषताएँ

1.

स्मृति और दृश्य बिंब

2.

लोकभाषा की सहजता

3.

पंक्तियों का दोहराव

4.

अलंकारिक प्रयोग

5.

प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन

6.

संबोधनात्मकता

उत्तर:

1. स्मृति और दृश्य बिंब

कविता की पंक्तियाँ—

खुले सिर नंगे बदन वह,
घूमता फिरता मगन वह,
बड़े बाड़े में कि जाता,
बीज लौकी के लगाता।

स्पष्टीकरण – इन पंक्तियों में वर्षा के दौरान खुले सिर और नंगे बदन बाड़े में घूमते हुए युवा कवि का दृश्य उपस्थित हो जाता है। लौकी के बीज लगाते हुए कवि की स्मृति पाठक के सामने सजीव चित्र बना देती है।


2. लोकभाषा की सहजता

कविता की पंक्तियाँ—

और माँ बिन, पढ़ी मेरी
दुख में वह गढ़ी मेरी,
माँ कि जिसकी गोद में सिर,
रख लिया तो दुख नहीं फिर।

स्पष्टीकरण – इन पंक्तियों में सरल, बोलचाल के निकट और सहज भाषा का प्रयोग किया गया है। कठिन शब्दों के बिना कवि ने माँ के प्रेम, सुरक्षा और अपनापन को स्वाभाविक ढंग से व्यक्त किया है।


3. पंक्तियों का दोहराव

कविता की पंक्तियाँ—

आज पानी गिर रहा है,
बहुत पानी गिर रहा है,
रात भर गिरता रहा है,
प्राण मन घिरता रहा है।

स्पष्टीकरण – ‘पानी गिर रहा है’ की पुनरावृत्ति से लगातार होती वर्षा का प्रभाव उत्पन्न हुआ है। यह दोहराव कवि के मन में लगातार उठ रही घर की स्मृतियों, चिंता और बेचैनी को भी प्रकट करता है।


4. आलंकारिक प्रयोग

कविता की पंक्तियाँ—

एक पत्ता टूट जाए,
बस कि धारा फूट जाए,
एक हल्की चोट लग ले,
दूध की नद्दी उमग ले।

स्पष्टीकरण – इन पंक्तियों में पिता के व्यक्तित्व की तुलना एक विशाल और संवेदनशील वृक्ष से की गई है। परिवार का कोई सदस्य रूपी पत्ता टूटने या उसे हल्की-सी चोट लगने पर पिता की आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगती है।

‘दूध की नद्दी’ पिता के अत्यंत कोमल और स्नेहमयी हृदय का प्रतीक है। अतिशयोक्ति और रूपक के माध्यम से पिता की गहरी भावुकता को प्रभावपूर्ण बनाया गया है।


5. प्राकृतिक दृश्यों और भावों का संयोजन

कविता की पंक्तियाँ—

हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें।

स्पष्टीकरण – इन पंक्तियों में हरे-भरे सावन के प्राकृतिक रूप को कवि की पारिवारिक भावनाओं से जोड़ा गया है। सावन की वर्षा कवि को घर की याद दिलाती है। वह सावन से प्रार्थना करता है कि वह स्वयं बरसता रहे, लेकिन उसके माता-पिता की आँखों से आँसू न बहने दे।

प्रकृति और कवि की भावनाएँ एक-दूसरे में मिलकर वियोग, स्नेह तथा करुणा का प्रभाव उत्पन्न करती हैं।


6. संबोधनात्मकता

कविता की पंक्तियाँ—

हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन।

स्पष्टीकरण – कवि सावन को एक आत्मीय मित्र और संदेशवाहक मानकर सीधे संबोधित करता है। वह सावन से अपनी भावनाएँ साझा करता है और उसके माध्यम से परिवार तक अपना संदेश पहुँचाना चाहता है। इससे कविता में आत्मीयता, संवादात्मकता और भावनात्मक प्रभाव बढ़ता है।


7. ध्वन्यात्मकता और नाद-सौंदर्य

कविता की पंक्तियाँ—

गिर रहा पानी झरा-झर,
हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर,
काँपते हैं प्राण थर-थर।

स्पष्टीकरण – ‘झरा-झर’, ‘हरा-हर’, ‘सर-सर’ और ‘थर-थर’ जैसे शब्द वर्षा, पत्तों की हलचल, बहती हवा तथा कवि के काँपते मन की ध्वनियों का अनुभव कराते हैं। इन ध्वन्यात्मक शब्दों से कविता लयपूर्ण, चित्रात्मक और जीवंत बन गई है।


कविता की संरचना

‘घर की याद’ कवि के भीतर उठते भावों की यात्रा है। कविता में प्रकृति के माध्यम से व्यक्त इस यात्रा के प्रमुख चरणों का वर्णन करें।
(संकेत – पानी का गिरना, सबेरा होना)

उत्तर: ‘घर की याद’ कविता में कवि की भावनात्मक यात्रा वर्षा से आरंभ होकर परिवार की स्मृतियों और उनके प्रति चिंता तक पहुँचती है। इस यात्रा के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं—

1. पानी का लगातार गिरना

कविता के आरंभ में तेज वर्षा हो रही है। पानी की निरंतर ध्वनि कवि के मन में उदासी, अकेलापन और बेचैनी उत्पन्न करती है।


2. घर की स्मृतियों का जागना

वर्षा को देखकर कवि को अपने घर का वातावरण, बड़ा बाड़ा, लौकी के बीज लगाना और माँ के साथ फूलों को देखना याद आता है।


3. परिवार के सदस्यों का स्मरण

कवि को माता-पिता, भाई-बहन, भाभियों और घर के अन्य सदस्यों की याद आती है। वह कल्पना करता है कि उसके जेल में होने के कारण घर के सभी लोग दुखी होंगे।


4. पिता के व्यक्तित्व का स्मरण

कवि अपने पिता के शक्तिशाली शरीर, सक्रिय जीवन, साहस और कर्मठता को याद करता है। उसे पिता की गर्जना जैसी आवाज और कार्य करने की तीव्र गति का स्मरण होता है।


5. पिता की भावुकता

बाहरी रूप से मजबूत होने के बावजूद पिता का हृदय अत्यंत कोमल है। कवि सोचता है कि उसकी याद आते ही पिता की आँखों से आँसू बहने लगते होंगे।


6. माँ की भावनात्मक दृढ़ता

कवि कल्पना करता है कि माँ स्वयं दुखी होने के बावजूद पिता को धैर्य बँधाती होगी। वह उन्हें कवि के संघर्ष पर गर्व करने और आँसू न बहाने के लिए समझाती होगी।


7. भाई-बहनों और घर के दुख का स्मरण

कवि को अपनी बहन और अन्य परिजनों की भावनाएँ याद आती हैं। वह अनुभव करता है कि उसके बिना घर का वातावरण शोकपूर्ण हो गया होगा।


8. वर्षा का पुनः तीव्र होना

बाहर वर्षा झर-झर बरसती रहती है। इसके साथ ही कवि के मन में घर की याद और अधिक गहरी होती जाती है।


9. सबेरा होना

रातभर वर्षा और स्मृतियों के बीच बिताने के बाद सुबह होती है। फिर भी कवि का मन घर और परिवार की चिंता से मुक्त नहीं हो पाता।


10. अपनी कुशलता का संदेश देना

अंत में कवि सावन को संदेशवाहक बनाकर परिवार से अपनी वास्तविक पीड़ा छिपाना चाहता है। वह चाहता है कि घरवालों को बताया जाए कि वह प्रसन्न, स्वस्थ और अपने उद्देश्य पर दृढ़ है।

इस प्रकार कविता प्रकृति के एक दृश्य से शुरू होकर स्मृति, प्रेम, वियोग, चिंता, साहस और त्याग की गहरी भावनात्मक यात्रा बन जाती है।


विषयों से संवाद

प्रश्न 1. कविता में चित्रित ‘घर’ एक भौतिक स्थान से बढ़कर भावनाओं और संबंधों के केंद्र के रूप में चित्रित हुआ है। वर्तमान में एकल परिवारों के बढ़ते चलन के संदर्भ में संयुक्त परिवार और एकल परिवार की तुलना कीजिए और कारण सहित लिखिए कि दोनों की कौन-कौन-सी बातें आपको पसंद हैं और कौन-कौन सी नापसंद?

उत्तर: कविता में घर को केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि प्रेम, सहयोग, सुरक्षा और पारिवारिक संबंधों के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कवि का परिवार संयुक्त परिवार है, जिसमें सभी सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख से गहराई से जुड़े हुए हैं।

संयुक्त परिवार

संयुक्त परिवार में दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, भाई-बहन और अन्य सदस्य एक साथ रहते हैं।

पसंद आने वाली बातें—

  • परिवार के सदस्यों से भावनात्मक और व्यावहारिक सहयोग मिलता है।

  • बच्चे बड़ों के अनुभव और संस्कारों से सीखते हैं।

  • बीमारी, संकट या आर्थिक परेशानी में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं।

  • त्योहार और विशेष अवसर मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।

  • बच्चों और वृद्ध सदस्यों की देखभाल बेहतर ढंग से होती है।

नापसंद आने वाली बातें—

  • अधिक सदस्यों के कारण निजी जीवन और स्वतंत्रता कभी-कभी सीमित हो सकती है।

  • अलग-अलग विचारों के कारण विवाद होने की संभावना रहती है।

  • किसी निर्णय पर सभी सदस्यों की सहमति प्राप्त करना कठिन हो सकता है।

एकल परिवार

एकल परिवार में सामान्यतः माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे रहते हैं।

पसंद आने वाली बातें—

  • परिवार के सदस्यों को अधिक स्वतंत्रता और निजी स्थान मिलता है।

  • निर्णय जल्दी और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार लिए जा सकते हैं।

  • घर के खर्च और जिम्मेदारियों का प्रबंधन अधिक स्पष्ट रहता है।

  • नौकरी या शिक्षा के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना आसान होता है।

नापसंद आने वाली बातें—

  • संकट के समय सहायता करने वाले सदस्यों की संख्या कम होती है।

  • बच्चों को दादा-दादी और अन्य संबंधियों का नियमित स्नेह नहीं मिल पाता।

  • माता-पिता पर घर, बच्चों और नौकरी की सभी जिम्मेदारियाँ एक साथ आ जाती हैं।

  • वृद्धावस्था और बीमारी के समय अकेलेपन की समस्या हो सकती है।

मेरे विचार से दोनों परिवारों की अपनी विशेषताएँ और कठिनाइयाँ हैं। संयुक्त परिवार का सहयोग और अपनापन मुझे पसंद है, जबकि एकल परिवार की स्वतंत्रता और निजी स्थान भी महत्त्वपूर्ण हैं। सबसे अच्छा परिवार वह है जिसमें सदस्यों की संख्या चाहे जितनी हो, उनके बीच प्रेम, सम्मान, संवाद और सहयोग बना रहे।


प्रश्न 2. कविता में बार-बार पानी गिरने का वर्णन है। लगातार बारिश होती रहे तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किस प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?

उत्तर: वर्षा जीवन और कृषि के लिए आवश्यक है, लेकिन यदि लगातार बहुत अधिक बारिश होती रहे, तो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

शहरी क्षेत्रों में समस्याएँ—

  • सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हो जाता है।

  • यातायात बाधित होने से वाहन जाम में फँस जाते हैं।

  • विद्यालय, कार्यालय और बाजार तक पहुँचना कठिन हो जाता है।

  • नालियाँ भरने से गंदा पानी सड़कों और घरों में प्रवेश कर सकता है।

  • बिजली के तारों और खंभों के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

  • पीने के पानी में गंदगी मिलने से बीमारियाँ फैल सकती हैं।

  • मकानों की दीवारों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुँच सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएँ—

  • नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ सकती है।

  • खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो सकती हैं।

  • कच्चे घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

  • पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

  • गाँवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से टूट सकता है।

  • लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।

  • दूषित पानी के कारण मनुष्यों और पशुओं में बीमारियाँ फैल सकती हैं।

इस प्रकार संतुलित वर्षा लाभदायक होती है, जबकि अत्यधिक और लगातार बारिश जनजीवन, कृषि, स्वास्थ्य और यातायात के लिए संकट बन सकती है।


प्रश्न 3. कविता में सावन के बादल का प्रयोग एक संचार माध्यम के रूप में किया गया है जिसके द्वारा कवि अपने परिवार तक संदेश भेज रहा है। कक्षा में संचार के नए-पुराने माध्यमों में अंतर बताते हुए चर्चा कीजिए और लिखिए।

उत्तर: प्राचीन समय से मनुष्य अपने विचार, भावनाएँ और समाचार दूसरों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न माध्यमों का प्रयोग करता रहा है। समय और तकनीक के विकास के साथ संचार के साधनों में बहुत परिवर्तन आया है।

पुराने संचार माध्यम

  • पैदल संदेशवाहक

  • घुड़सवार दूत

  • कबूतरों द्वारा संदेश

  • पत्र और डाक सेवा

  • ढोल, नगाड़े और संकेत

  • तार सेवा

  • रेडियो

इन माध्यमों से संदेश पहुँचाने में अधिक समय लगता था। पत्र कई दिनों या महीनों में पहुँचते थे। संदेश के खो जाने या देर से मिलने की आशंका भी रहती थी। फिर भी पत्रों में आत्मीयता, भावनात्मक गहराई और व्यक्तिगत स्पर्श अधिक होता था।

नए संचार माध्यम

  • मोबाइल फोन

  • ई-मेल

  • वीडियो कॉल

  • संदेश भेजने वाले ऐप

  • सोशल मीडिया

  • ऑनलाइन बैठकें

  • समाचार वेबसाइट और डिजिटल मंच

आधुनिक संचार माध्यम बहुत तेज हैं। इनके द्वारा कुछ ही क्षणों में संसार के किसी भी भाग में संदेश, चित्र, वीडियो और दस्तावेज भेजे जा सकते हैं। लोग एक-दूसरे को देखकर और सुनकर बातचीत भी कर सकते हैं।

पुराने और नए माध्यमों में अंतर

  • पुराने माध्यम धीमे थे, जबकि आधुनिक माध्यम तुरंत संदेश पहुँचाते हैं।

  • पुराने माध्यमों में सीमित जानकारी भेजी जा सकती थी, जबकि डिजिटल माध्यमों से अनेक प्रकार की सामग्री भेजी जा सकती है।

  • पुराने माध्यम तकनीक और बिजली पर कम निर्भर थे, जबकि आधुनिक साधन इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर निर्भर हैं।

  • पत्रों में भावनात्मक जुड़ाव अधिक होता था, जबकि आधुनिक संदेश कई बार बहुत संक्षिप्त और औपचारिक हो जाते हैं।

  • आधुनिक संचार सरल और तेज है, लेकिन इससे गोपनीयता और गलत सूचना से संबंधित समस्याएँ भी उत्पन्न हो सकती हैं।

कविता में सावन को संदेशवाहक बनाना कवि की कल्पनाशीलता और प्रकृति से उसके गहरे संबंध को प्रकट करता है।


प्रश्न 4. भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में लिखी थी। अपने शिक्षक और पुस्तकालय की सहायता से ‘भारत का स्वतंत्रता संग्राम’ विषय पर लेख लिखिए।

उत्तर: भारत का स्वतंत्रता संग्राम

भारत का स्वतंत्रता संग्राम विदेशी शासन से मुक्ति प्राप्त करने के लिए किया गया एक लंबा और व्यापक संघर्ष था। अंग्रेज व्यापारी के रूप में भारत आए थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने देश के बड़े भाग पर अपना शासन स्थापित कर लिया। उनकी आर्थिक नीतियों, भेदभाव, अन्याय और दमन के कारण भारतीय जनता में असंतोष बढ़ता गया।

1857 का विद्रोह अंग्रेजी शासन के विरुद्ध पहला व्यापक सशस्त्र संघर्ष था। इसमें रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहब, तात्या टोपे, कुँवर सिंह, बेगम हजरत महल और अनेक सैनिकों तथा सामान्य नागरिकों ने भाग लिया। यह संघर्ष सफल नहीं हो सका, लेकिन इसने राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया।

इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन संगठित रूप से आगे बढ़ा। बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेताओं ने स्वराज्य और जनजागरण का संदेश दिया। अनेक क्रांतिकारियों ने भी सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ और अन्य युवाओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन बना दिया। उनके नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन चलाए गए। किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और सामान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में इनमें भाग लिया।

सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज के माध्यम से अंग्रेजी शासन को चुनौती दी। सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली, कस्तूरबा गांधी और अनेक महिलाओं ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

इस संघर्ष में लाखों भारतीयों ने जेल यात्राएँ कीं, अत्याचार सहे और अपने प्राणों का बलिदान दिया। लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।

भारत का स्वतंत्रता संग्राम हमें साहस, त्याग, एकता, सत्य और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के कारण मिली आजादी की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।


सृजन

प्रश्न 1. कल्पना कीजिए कि कवि की माँ को पत्र लिखना आता है। कविता में वर्णित उनकी छवि और अनुमान के आधार पर लिखिए कि वे कवि के लिए पत्र में क्या-क्या लिखतीं?

उत्तर:

स्थान: घर
दिनांक: 20 अगस्त, 1942

प्रिय पुत्र भवानी,

सदा सुखी रहो!

तुम्हारी याद हमें हर समय आती है। विशेषकर वर्षा के दिनों में घर का प्रत्येक कोना तुम्हारी स्मृतियों से भर उठता है। मुझे याद आता है कि तुम खुले सिर और नंगे बदन बाड़े में घूमते थे, लौकी के बीज लगाते थे और नए फूल खिलने पर मुझे उन्हें दिखाने ले जाते थे।

तुम्हारे पिताजी बाहर से बहुत मजबूत दिखाई देते हैं, लेकिन तुम्हारी याद आते ही अत्यंत भावुक हो जाते हैं। मैं उन्हें समझाती हूँ कि हमारा भवानी किसी गलत कार्य के कारण जेल में नहीं है। वह देश और सत्य के लिए संघर्ष कर रहा है। हमें तुम्हारे साहस पर गर्व होना चाहिए।

तुम्हारी बहन भी घर आई थी। तुम्हारे विषय में बात करते हुए सबकी आँखें भर आईं। घर में सभी लोग तुम्हें याद करते हैं, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि तुम्हारा मार्ग कठिन होने के बावजूद सही है।

बेटे, यहाँ की चिंता बिल्कुल मत करना। अपना स्वास्थ्य ठीक रखना और भोजन समय पर करना। जेल की कठिनाइयों से घबराना नहीं। तुम्हें अपने उद्देश्य पर दृढ़ रहना चाहिए। यदि तुम सत्य के मार्ग से पीछे हटोगे, तो तुम्हारी माँ को दुख होगा। तुम्हारा साहस ही हमारा सम्मान है।

हम सबका प्रेम और आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है। शीघ्र मिलने की आशा के साथ।

तुम्हारी माँ


प्रश्न 2. कविता में माँ और पिताजी के बीच कवि के विषय में की जाने वाली बातचीत का वर्णन है। उनकी इस बातचीत को संवाद लेखन के रूप में प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर:

पिता – आज वर्षा देखकर भवानी की बहुत याद आ रही है। वह यहाँ होता तो बाड़े में घूम रहा होता।

माँ – आप स्वयं को सँभालिए। भवानी वहाँ ठीक होगा।

पिता – मैं ठीक हूँ। मेरी आँखों में पानी वर्षा के कारण आ गया है।

माँ – आप मुझसे अपनी भावनाएँ मत छिपाइए। मैं जानती हूँ कि आप उसे बहुत याद कर रहे हैं।

पिता – वह मेरा होनहार बेटा है। पता नहीं जेल में उसे कितनी कठिनाइयाँ सहनी पड़ रही होंगी।

माँ – कठिनाइयाँ अवश्य होंगी, लेकिन वह किसी गलत कार्य के लिए जेल में नहीं है। वह देश और सत्य के लिए संघर्ष कर रहा है।

पिता – मेरा मन करता है कि वह अभी घर लौट आए।

माँ – उसे पीछे हटने के लिए मत कहिए। आपने ही तो अपने बच्चों को साहस, सत्य और देशसेवा की शिक्षा दी है।

पिता – हाँ, लेकिन पिता का हृदय बहुत कमजोर हो जाता है।

माँ – आपका हृदय कमजोर नहीं, स्नेह से भरा है। परंतु आप रोएँगे तो घर के दूसरे सदस्य भी दुखी हो जाएँगे।

पिता – तुम ठीक कहती हो। हमें उसकी हिम्मत बढ़ानी चाहिए।

माँ – हमारा पुत्र साहसी है। उसने हमारी कोख और परिवार का सम्मान बढ़ाया है।

पिता – मुझे उस पर गर्व है। जब वह लौटेगा, तो मैं उसे अपने हृदय से लगा लूँगा।

माँ – वह दिन अवश्य आएगा। तब तक हमें धैर्य रखना होगा।


प्रश्न 3. इस कविता में कवि ने सावन के बादल को संदेशवाहक बनाया है। अगर आपको किसी प्राकृतिक उपादान के माध्यम से अपने घर, मित्र या किसी संबंधी व्यक्ति को कोई संदेश भेजना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?

उत्तर: यदि मुझे किसी प्राकृतिक उपादान के माध्यम से संदेश भेजने का अवसर मिले, तो मैं हवा को अपना संदेशवाहक चुनूँगा। हवा निरंतर एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करती है। वह पर्वतों, मैदानों, नदियों, गाँवों और नगरों से होकर गुजरती है।

मैं हवा से कहूँगा कि वह मेरे प्रिय मित्र तक मेरी शुभकामनाएँ और स्नेह पहुँचाए। जब ठंडी हवा उसके चेहरे को छुए, तो उसे अनुभव हो कि मैं उसे याद कर रहा हूँ। हवा दिखाई नहीं देती, लेकिन उसकी उपस्थिति महसूस की जा सकती है। उसी प्रकार सच्चा प्रेम और मित्रता भी दूर रहकर अनुभव की जा सकती है।

हवा तेज, स्वतंत्र और निरंतर गतिशील होती है। वह किसी सीमा से बँधी नहीं होती। इसलिए वह मेरे संदेश को शीघ्र और सहज रूप से मेरे प्रिय व्यक्ति तक पहुँचा सकती है।


भाषा से संवाद

व्याकरण की बात

प्रश्न 1. “आज सबका मन चुआ होगा।”

उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द कवि की क्षेत्रीय / स्थानीय भाषा का शब्द है। कविता में स्थानीय भाषा के शब्दों का सहज प्रयोग हुआ है। कविता से कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। उनमें रेखांकित शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते हुए उनसे नए वाक्य बनाइए।

क्रम संख्या

पंक्तियाँ

1.

एक छिन सौ बरस है रे

2.

तुझे बतलाता कि बेला/ने फुलानी फूल झेला

3.

और भीजी और सरला, सहज पानी सहज तरला

4.

मन कि बाढ़ का झाड़ जैसे

उत्तर:

1. छिन

अर्थ – क्षण या बहुत थोड़े समय के लिए।

नया वाक्य – दुर्घटना का समाचार सुनते ही वह एक छिन के लिए स्तब्ध रह गया।

2. फलानी

अर्थ – किसी अनिश्चित अथवा नाम न बताए गए व्यक्ति के लिए प्रयुक्त शब्द।

नया वाक्य – माँ ने बताया कि आज बाजार में उन्हें मेरी फलानी सहेली मिली थी।

3. भौजी

अर्थ – बड़े भाई की पत्नी, अर्थात भाभी।

नया वाक्य – त्योहार पर भौजी ने सभी के लिए स्वादिष्ट पकवान बनाए।

4. बड़

अर्थ – बरगद का पेड़।

नया वाक्य – गाँव के पुराने बड़ के नीचे लोग शाम को बैठकर बातचीत करते हैं।


प्रश्न 2. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों में आए शब्दों की व्याकरणिक पहचान लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक उदाहरण नीचे दिया गया है।

(क) “बहुत पानी गिर रहा है”

  • ‘पानी’ शब्द है – संज्ञा

  • ‘बहुत’ शब्द है – विशेषण

  • ‘गिर रहा है’ है – क्रिया

उत्तर:

(ख) “पिताजी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा”

  • ‘बुढ़ापा’ शब्द है –

  • ‘व्यापा’ शब्द है –

  • ‘जिनको’ शब्द है –

उत्तर:

  • बुढ़ापा – भाववाचक संज्ञा

  • व्यापा – क्रिया

  • जिनको – संबंधवाचक सर्वनाम


(ग) “खुले सिर नंगे बदन वह, घूमता फिरती मगन वह”

  • ‘खुले’ शब्द है –

  • ‘वह’ शब्द है –

  • ‘बदन’ शब्द है –

  • ‘फिरता’ शब्द है –

उत्तर:

  • खुले – गुणवाचक विशेषण

  • वह – पुरुषवाचक सर्वनाम

  • बदन – जातिवाचक संज्ञा

  • फिरता – क्रिया


(घ) “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए

  • ‘एक’ शब्द है –

  • ‘फूट जाए’ है –

  • ‘पत्ता’ शब्द है –

उत्तर:

  • एक – निश्चित संख्यावाचक विशेषण

  • फूट जाए – क्रिया

  • पत्ता – जातिवाचक संज्ञा


(ङ) “हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन”

  • ‘सजीले’ शब्द है –

  • ‘मेरे’ शब्द है –

  • ‘सावन’ शब्द है –

उत्तर:

  • सजीले – गुणवाचक विशेषण

  • मेरे – सार्वनामिक विशेषण

  • सावन – व्यक्तिवाचक संज्ञा


गतिविधियाँ

प्रश्न 1. कवि ने कविता में अपने परिवार का उल्लेख किया है। आप भी अपना एक परिवार वृक्ष तैयार कीजिए और प्रत्येक सदस्य के व्यक्तित्व के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखिए।

उत्तर:

मेरा परिवार वृक्ष

दादा-दादी

पिता-माता

मैं और मेरी बहन

दादा – मेरे दादा परिवार के सबसे अनुभवी सदस्य हैं। वे हमें पुरानी कहानियाँ और जीवन से जुड़ी उपयोगी बातें बताते हैं। उनका शांत स्वभाव परिवार को स्थिरता प्रदान करता है।

दादी – मेरी दादी अत्यंत स्नेहमयी और धार्मिक हैं। वे सभी सदस्यों का ध्यान रखती हैं और हमें अच्छे संस्कार सिखाती हैं। उनकी कहानियाँ और आशीर्वाद मुझे बहुत प्रिय हैं।

पिता – मेरे पिता मेहनती, अनुशासित और जिम्मेदार हैं। वे परिवार की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हैं और मुझे कठिन परिस्थितियों में साहस बनाए रखने की सीख देते हैं।

माँ – मेरी माँ प्रेम, धैर्य और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। वे मेरी पढ़ाई, स्वास्थ्य और प्रत्येक छोटी-बड़ी आवश्यकता का ध्यान रखती हैं। वे मेरी सबसे अच्छी मार्गदर्शक भी हैं।

मैं – मैं परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करता हूँ और अपनी पढ़ाई तथा जिम्मेदारियों को ईमानदारी से पूरा करने का प्रयास करता हूँ।

बहन – मेरी बहन चंचल, मिलनसार और समझदार है। कभी-कभी हम दोनों में छोटी-मोटी नोकझोंक होती है, लेकिन हम एक-दूसरे की बहुत चिंता करते हैं।

मेरा परिवार मेरे लिए प्रेम, सुरक्षा, सहयोग और प्रसन्नता का सबसे बड़ा स्रोत है।


प्रश्न 2. कविता में प्रयुक्त ध्वनि-आधारित शब्द (जैसे-झरा-झर, थर-थर सर सर) को पढ़कर एक छोटी-सी ऑडियो रिकॉर्डिंग या मौखिक पाठ तैयार कीजिए। बताइए कि ये शब्द कविता में कैसे वातावरण का निर्माण करते हैं?

उत्तर: ऑडियो या मौखिक पाठ के लिए विद्यार्थी कविता की निम्नलिखित पंक्तियों का भावपूर्ण वाचन कर सकते हैं—

“गिर रहा पानी झरा-झर,
हिल रहे पत्ते हरा-हर,
बह रही है हवा सर-सर,
काँपते हैं प्राण थर-थर।”

वाचन करते समय—

  • ‘झरा-झर’ को वर्षा की निरंतर ध्वनि की तरह पढ़ें।

  • ‘सर-सर’ को धीमी हवा की आवाज के समान बोलें।

  • ‘थर-थर’ में भय, ठंड और भावनात्मक कंपन का प्रभाव उत्पन्न करें।

इन ध्वनि-आधारित शब्दों से पाठक को ऐसा अनुभव होता है मानो वह स्वयं वर्षा, पत्तों की हलचल और बहती हवा के बीच उपस्थित हो। ‘झरा-झर’ वर्षा की ध्वनि, ‘सर-सर’ हवा की गति और ‘थर-थर’ कवि के काँपते मन तथा शरीर को व्यक्त करता है।

इन शब्दों से कविता में नाद-सौंदर्य, लय और जीवंत वातावरण उत्पन्न होता है। प्रकृति की ध्वनियाँ कवि के भीतर की बेचैनी और घर की याद को अधिक प्रभावशाली बनाती हैं।


भाषा संगम

“घर कि घर में सब जुड़े हैं”

नीचे ‘घर’ शब्द के लिए संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्दों की सूची दी गई है।

मकान, गृह, निवास (हिंदी); गृहम् (संस्कृत); घर (पंजाबी); घर (उर्दू); गॅरु (कश्मीरी); घरु (सिंधी): घर (मराठी); घर (गुजराती); घर (कोंकणी); घर आवास (नेपाली); घर, बाड़ी (बांग्ला) घर (असमिया ) युम (मणिपुरी); घर, गृह, आलय आवास (ओड़िआ); इल्लु (तेलुगु); वीडु, इल्लम् (तमिल) वीडु, इल्लम (मलयालम); गृह, मने (कन्नड़)।

इनके अतिरिक्त यदि आप ‘घर’ शब्द को किसी और भाषा में भी जानते है तो उस भाषा में भी लिखिए।
उपर्युक्त वाक्य को अपनी मातृभाषा में भी लिखिए।
https://shabd.education.gov.in/lexicon.jsp

उत्तर: अन्य भाषाओं और बोलियों में ‘घर’ के लिए प्रयुक्त शब्द—

  • भोजपुरी – घर अथवा घरे

  • मैथिली – घर

  • राजस्थानी – घर

  • हरियाणवी – घर

  • अवधी – घर

“घर कि घर में सब जुड़े हैं” का विभिन्न भाषाओं में रूप—

पंजाबी – घर ਦੇ ਸਾਰੇ ਜੀਅ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਹਨ।

अर्थ – घर के सभी सदस्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

भोजपुरी – घर के सभे लोग एक-दूसरा से जुड़ल बाड़ें।

कन्नड़ – ಮನೆಯ ಎಲ್ಲ ಸದಸ್ಯರೂ ಪರಸ್ಪರ ಒಂದಾಗಿ ಬೆಸೆದುಕೊಂಡಿದ್ದಾರೆ।

अर्थ – घर के सभी सदस्य आपस में जुड़े हुए हैं।

विद्यार्थी इस वाक्य को अपनी मातृभाषा में परिवार के किसी सदस्य अथवा शिक्षक की सहायता से लिख सकते हैं।


खोजबीन

शिक्षक की सहायता से ऐसी किसी अन्य कविता अथवा कहानी के बारे में जानकारी एकत्रित कीजिए जिसमें घर, परिवार की याद जैसी भावनाएँ चित्रित हों। साथ ही पुस्तकालय अथवा इंटरनेट की सहायता से उस रचना को कक्षा में पढ़कर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दीजिए।

उत्तर: घर, परिवार और प्रियजनों की याद से संबंधित रचना के रूप में कालिदास द्वारा रचित ‘मेघदूत’ का अध्ययन किया जा सकता है।

‘मेघदूत’ में एक यक्ष अपने घर और पत्नी से दूर रहता है। वह वर्षा के बादल को संदेशवाहक बनाकर अपनी पत्नी के पास संदेश भेजता है। रचना में वियोग, प्रेम, स्मृति और घर लौटने की इच्छा का सुंदर वर्णन किया गया है।

प्रस्तुति के मुख्य बिंदु—

  • रचना का नाम – मेघदूत

  • रचनाकार – कालिदास

  • प्रमुख पात्र – यक्ष और उसकी पत्नी

  • संदेशवाहक – मेघ अर्थात बादल

  • मुख्य भाव – प्रियजन से वियोग और उसकी स्मृति

  • ‘घर की याद’ से समानता – दोनों रचनाओं में दूर रह रहा व्यक्ति बादल के माध्यम से अपने परिवार अथवा प्रियजन तक संदेश पहुँचाना चाहता है।

विद्यार्थी ‘मेघदूत’ के अतिरिक्त प्रवासी जीवन, घर की स्मृति और पारिवारिक प्रेम पर आधारित अन्य कविताएँ तथा कहानियाँ भी खोज सकते हैं।


‘घर की याद’ कविता में कवि सावन के बादलों को दूत बनाकर अपने परिवार के पास संदेश ले जाने का आग्रह करता है। प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में करने के अनेक उदाहरण साहित्य में मिलते हैं। शिक्षक, पुस्तकालय और इंटरनेट की सहायता से ऐसी कुछ रचनाओं के बारे में पता लगाइए और बताइए कि इनमें प्रकृति के किन उपादानों को संदेशवाहक बनाया गया है?

उत्तर: भारतीय साहित्य में प्रकृति के अनेक उपादानों को संदेशवाहक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुछ प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं—

1. मेघदूत – कालिदास

इस रचना में विरह से पीड़ित यक्ष मेघ को अपनी पत्नी तक संदेश पहुँचाने के लिए दूत बनाता है।

संदेशवाहक – मेघ


2. पवनदूत

विभिन्न काव्य-रचनाओं में हवा या पवन को प्रिय व्यक्ति तक संदेश पहुँचाने वाला माना गया है।

संदेशवाहक – पवन


3. भ्रमरगीत – सूरदास

इस काव्य-प्रसंग में गोपियाँ भँवरे को माध्यम बनाकर कृष्ण के प्रति अपने प्रेम, शिकायत और विरह की भावनाएँ व्यक्त करती हैं।

संदेशवाहक अथवा माध्यम – भ्रमर


4. लोकगीतों में कौआ

अनेक लोकगीतों में कौए को अतिथि के आगमन की सूचना देने वाला अथवा प्रियजन तक संदेश पहुँचाने वाला माना गया है।

संदेशवाहक – कौआ


5. कबूतर से संबंधित लोककथाएँ और गीत

कबूतरों का प्रयोग वास्तविक जीवन और साहित्य दोनों में पत्र तथा संदेश पहुँचाने के लिए किया गया है।

संदेशवाहक – कबूतर


6. ‘घर की याद’ – भवानीप्रसाद मिश्र

कवि सावन के बादल से अपने परिवार तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है।

संदेशवाहक – सावन का बादल

इन रचनाओं में प्रकृति को मनुष्य की भावनाओं से जोड़कर जीवंत बनाया गया है। बादल, हवा, पक्षी और भँवरे मनुष्य के प्रेम, स्मृति और वियोग के साथी बन जाते हैं।


घर की याद कविता का भावार्थ और मुख्य भाव

जेल में बंद कवि भवानी प्रसाद मिश्र को लगातार बरसते सावन में अपने घर, माता-पिता और भाई-बहनों की याद आती है। कविता में पिता के वज्र-समान शरीर और मक्खन-से कोमल हृदय, माँ की भावनात्मक दृढ़ता और कवि के त्याग का मार्मिक चित्रण है। अंत में कवि सावन को संदेशवाहक बनाकर अपनी पीड़ा छिपाते हुए परिवार को कुशलता का संदेश भेजता है। इन भावों पर आधारित प्रश्नों के लिए Vedantu के Chapter 12 Important Questions का अभ्यास करें।


CBSE Class 9 Hindi Chapter 12 Ghar Ki Yaad Other Study Materials

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Important Links for Chapter 12 Class 9 Hindi

1

Class 9 Ghar Ki Yaad Important Questions

2

Class 9 Ghar Ki Yaad Revision Notes



Chapter-Specific NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga

Given below are the chapter-wise NCERT Solutions for Class 9 Hindi. Go through these chapter-wise solutions to be thoroughly familiar with the concepts.


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NCERT Solutions Class 9 Chapter-wise Hindi PDF

1

Chapter 1 - Do Bailon Ki Katha Solutions

2

Chapter 2 - Kya Likhun? Solutions

3

Chapter 3 - Samvaadheen Solutions

4

Chapter 4 - Aisi Bhi Baatein Hoti Hein Solutions

5

Chapter 5 -  Aakhri Chataan Tak Solutions

6

Chapter 6 - Reedh Ki Haddi Solutions

7

Chapter 7 - Main Aur Mera Desh Solutions

8

Chapter 8 - Pad Solutions

9

Chapter 9 - Ram-Lakshman-Parshuram-Sanvaad Solutions

10

Chapter 10 - Bharati Jai Vijay Kare Solutions

11

Chapter 11 - Jhansi Ki Rani Solutions



Additional Study Materials for Class 9 Hindi

FAQs on NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 Ghar Ki Yaad 2026-27

1. CBSE Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 घर की याद कविता के कवि कौन हैं और यह कविता कहाँ लिखी गई थी?

घर की याद कविता के कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं। उन्होंने यह कविता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में लिखी थी। सावन की लगातार वर्षा कवि के मन में घर, माता-पिता और भाई-बहनों की याद जगा देती है, और कविता में परिवार से दूर रहने की पीड़ा व्यक्त हुई है।

2. NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter 12 कविता में कवि के पिता का व्यक्तित्व कैसा है?

कविता में कवि के पिता बाहर से वज्र के समान शक्तिशाली और साहसी हैं, पर भीतर से मक्खन-से कोमल और भावुक हैं। वे वृद्धावस्था में भी व्यायाम करते हैं और गीता का पाठ करते हैं, लेकिन परिवार के किसी सदस्य को दुख पहुँचने पर तुरंत भावुक होकर रो पड़ते हैं — यही उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

3. Where can I download NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 घर की याद PDF for free?

You can download the FREE PDF of NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 12 घर की याद from Vedantu. The PDF includes detailed answers to all exercises - रचना से संवाद, विधा से संवाद, विषयों से संवाद, and भाषा से संवाद — and can be used offline for revision anytime.

4. Why did Bhavani Prasad Mishra write the poem घर की याद from jail in NCERT Solutions for Class 9 Hindi?

The poet was imprisoned during India's freedom struggle, far from his family. The continuous rain (saawan) reminded him of his home, parents, and the happy days spent there. The poem expresses his loneliness, his love for his family, and his concern for their sorrow during his absence.

5. What does the line "वज्र-भुज नवनीत-सा उर" mean in Hindi Ganga Class 9 Chapter 12?

The line means that the father has arms strong like a thunderbolt (वज्र) but a heart soft like butter (नवनीत). It captures his dual nature — physically powerful and courageous on the outside, yet deeply gentle and emotional towards his family on the inside.

6. How is the mother portrayed in NCERT Class 9 Hindi poem घर की याद?

The mother is shown as loving yet emotionally strong. Despite suffering the pain of separation, she consoles the father, urging him not to weep. She believes their son is walking the path of truth and the nation, so the family should feel proud of his struggle rather than grieve.

7. Is Chapter 12 घर की याद important for Class 9 Hindi exams?

Yes. घर की याद is a high-weightage poem, with questions on the bhaavarth, the characters of the father and mother, the saawan-messenger device, sound words, and the poet's emotions. Its key lines also appear frequently in extract-based and value-based questions.

8. Why does the poet ask saawan (the rain) to deliver a message?

The poet uses saawan as a messenger to send word to his family that he is happy and well. He wants to hide his real pain and loneliness so his parents do not worry. The line "तुम बरस लो वे न बरसें" expresses his wish that the rain may pour, but his parents' eyes should not shed tears.

9. Are these NCERT Solutions for Chapter 12 free and based on the latest 2026-27 syllabus?

Yes. Vedantu's solutions are completely free and based on the new NCERT Ganga textbook and the latest CBSE 2026-27 syllabus. They cover all exercise question-answers, the bhaavarth, figures of speech, and grammar, prepared by expert Hindi teachers.