Class 8 Hindi Durva Chapter 17 Summary Notes PDF Download
FAQs on CBSE Notes Class 8 Hindi Durva Chapter 17 - Woh Subah Kabhi Toh Aayegi (वह सुबह कभी तो आएगी) - 2025-26
1. कक्षा 8 की हिंदी कहानी 'वह सुबह कभी तो आएगी' का सारांश क्या है?
यह कहानी भोपाल गैस त्रासदी से प्रभावित सलमा और उसके परिवार के जीवन पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि त्रासदी के कारण सलमा को बचपन से ही शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ा। उसके पिता की मृत्यु के बाद, उसकी माँ ने हिम्मत और मेहनत से परिवार को संभाला। यह पाठ कठिन परिस्थितियों में भी आशा, धैर्य और पारिवारिक एकता के महत्व को दर्शाता है।
2. पाठ 'वह सुबह कभी तो आएगी' के अनुसार, भोपाल गैस त्रासदी का सलमा के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
भोपाल गैस त्रासदी के कारण सलमा का जीवन पूरी तरह बदल गया। इस त्रासदी के जहरीले प्रभाव से उसे बचपन में ही पैरों में सूजन, दर्द और साँस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो गईं। इस घटना ने न केवल उसका बचपन छीन लिया, बल्कि उसके परिवार पर भी गहरा आर्थिक और भावनात्मक संकट ला दिया।
3. इस कहानी में सलमा की माँ की भूमिका का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
सलमा की माँ इस कहानी में साहस और दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। पति की मृत्यु के बाद, उन्होंने अकेले ही परिवार की सारी जिम्मेदारियाँ उठाईं। उन्होंने घर चलाने के लिए सिलाई-कढ़ाई जैसे काम किए और हर मुश्किल में अपने बच्चों, खासकर सलमा, को भावनात्मक सहारा दिया। उनका चरित्र हमें सिखाता है कि कठिन समय में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
4. सलमा का पहला कदम बीमारी में ही क्यों बढ़ा था? इस घटना का क्या महत्व है?
सलमा का पहला कदम बीमारी में इसलिए बढ़ा क्योंकि भोपाल गैस त्रासदी के कारण वह जन्म से ही बीमार थी। उसकी माँ उसे गोद में उठाकर जहांगीराबाद के चक्कर लगाती थीं। यह घटना उसके जीवन की कठिन शुरुआत और त्रासदी के दीर्घकालिक प्रभावों को दर्शाती है, जिससे वह कभी पूरी तरह उबर नहीं पाई।
5. पाठ का शीर्षक 'वह सुबह कभी तो आएगी' कहानी के मूल भाव से कैसे जुड़ता है?
यह शीर्षक कहानी के आशावादी संदेश को दर्शाता है। 'सुबह' यहाँ एक बेहतर भविष्य और दुखों के अंत का प्रतीक है। सलमा और उसका परिवार भयानक त्रासदी और निरंतर संघर्षों के बावजूद यह उम्मीद नहीं छोड़ते कि एक दिन उनके जीवन में भी खुशियाँ लौटेंगी और कठिनाइयों का यह अंधेरा छँटेगा। यह शीर्षक अटूट आशा को उजागर करता है।
6. क्या यह पाठ केवल भोपाल गैस त्रासदी की एक घटना का वर्णन है या इसका कोई गहरा संदेश है?
यह पाठ सिर्फ एक घटना का वर्णन नहीं है, बल्कि इसका एक गहरा और सार्वभौमिक संदेश है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में किसी भी प्रकार की आपदा या व्यक्तिगत संकट आने पर मानवीय भावना, पारिवारिक समर्थन और आंतरिक शक्ति का कितना महत्व होता है। यह कहानी जिजीविषा (जीने की इच्छा) और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने के जज्बे को रेखांकित करती है।
7. 'वह सुबह कभी तो आएगी' पाठ की त्वरित पुनरीक्षण (quick revision) के लिए किन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए?
इस पाठ के त्वरित पुनरीक्षण के लिए इन तीन मुख्य बिंदुओं को समझना आवश्यक है:
- भोपाल गैस त्रासदी का प्रभाव: सलमा और उसके परिवार पर पड़े शारीरिक, आर्थिक और भावनात्मक प्रभाव।
- संघर्ष और साहस: विशेष रूप से सलमा की माँ का संघर्ष और परिवार को एक साथ रखने की उनकी हिम्मत।
- आशा का संदेश: कहानी के शीर्षक में छिपी बेहतर कल की उम्मीद और मुश्किलों से हार न मानने की प्रेरणा।
8. सलमा की माँ के चरित्र से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
सलमा की माँ के चरित्र से हमें कई प्रेरणाएँ मिलती हैं। वह हमें सिखाती हैं कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस नहीं खोना चाहिए। उनका चरित्र निःस्वार्थ प्रेम और बलिदान का प्रतीक है, क्योंकि वह अपनी जरूरतों को भूलकर अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष करती हैं। वह हमें यह भी सिखाती हैं कि पारिवारिक एकता किसी भी संकट से उबरने की सबसे बड़ी ताकत है।





















